अमेरिका को बहुत भारी पड़ी ईरानी जंग
45 दिनों की जंग में भले ही अमेरिका, ईरान पर जीत के दावे कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि ईरान के साथ हुई इस जंग में कई मोर्चों पर अमेरिका को मुंह की खानी पड़ी है। सबसे ताज़ा उदाहरण तो अमेरिकी एयरफोर्स के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का है। इस अमेरिकी हेलीकॉप्टर को ईरान ने तब शॉट डाउन कर दिया था जब ये मार गिराये गये F-15 के पायलट को रेस्क्यू करने आया था। अमेरिका और इज़रायल ने जंग के शुरुआती दिनों में ही ईरान की एयर डिफेंस को तबाह करने का दावा किया था। अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के एयरस्पेस पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है लेकिन इसके बाद अमेरिकी एयरफोर्स को झटके पर झटके लगने शुरू हो गये। ट्रम्प के इस क्लेम के ठीक बाद अमेरिकी एयरफोर्स के दो जेट मार गिराये गये थे। अमेरिकी फाइटर जेट्स के मारे जाने की शुरुआत कुवैत से हुई थी। कुवैत में दो F-15 जेट्स शॉट डाउन हुए थे। अमेरिकी जेट्स को ज़मीन पर इस तरह से गिरते पहली बार देखा जा रहा था। इसके बाद से तो जैसे अमेरिकी वारप्लेन्स और ड्रोन्स से मार गिराये जाने का सिलसिला ही शुरू हो गया। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि अमेरिका के इस ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अब तक 15 वारप्लेन्स तबाह हो चुके हैं जबकि ईरान के हमलों में 10 प्लेन बुरी तरह से डैमेज हुए हैं।
सबसे ज्यादा MQ-9B Reaper शॉट डाउन हुए
द वार ज़ोन ने इस लड़ाई में अमेरिकी वारप्लेन्स के नुकसान का पूरा डेटा निकाल कर रख दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की ड्रोन फ्लीट को इस लड़ाई में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। इस जंग में अमेरिका को हुए कुल नुकसान का 60% केवल ड्रोन फ्लीट को हुआ है। ईरान के साथ जंग में अमेरिका के 24 MQ-9 Reaper ड्रोन्स शॉट डाउन हुए हैं। MQ-9 Reaper एक स्ट्राइक ड्रोन है। एक MQ-9 Reaper की कॉस्ट करीब 30 मिलियन डॉलर है। 720 मिलियन डॉलर का सीधे-सीधे नुकसान। सीधे-सीधे इसलिए क्योंकि ये नुकसान 100 परसेंट और अधिक का होगा क्योंकि हर MQ-9 Reaper पर गाइडेड बॉम्स और मिसाइल्स भी लैस रहती हैं। तो जब ड्रोन शॉट डाउन हुआ तो वो बम और मिसाइलें भी तबाह हुई होंगी। यानी ये नुकसान कम से कम 800 मिलियन डॉलर का तो रहा होगा।
F-15 ईगल भी मार गिराए गए
3 F-15 ईगल एक मार्च को कुवैत के ऊपर शॉट डाउन कर दिये गये थे। अमेरिका ने दावा किया था कि ये जेट्स फ्रेंडली फाइट का शिकार हो गये। इसके बाद चौथा F-15 3 अप्रैल को ईरान के हमले का शिकार हो गया था। यानी इस लड़ाई में अमेरिका के 4 F-15E शॉट डाउन हुए। एक F-15E की कीमत करीब 65 मिलियन डॉलर है तो नुकसान हुआ 260 मिलियन डॉलर का। मार्च के आखिरी दिनों में ईरान ने साउदी अरब के प्रिंस सुलतान एयरबेस पर हमला किया था। यहां उसके हमले की चपेट में अमेरिका के AWCAS आ गये थे। एक E-3 Sentry पूरी तरह तबाह हो गया जबकि दूसरा डैमेज हो गया था। बताया जा रहा है कि इस एक एयरक्राफ्ट की कीमत 700 मिलियन से 1 बिलियन डॉलर तक की है। अगर हम 700 मिलियन डॉलर भी मान लें तो 1000 मिलियन यानी 1 बिलियन डॉलर के आसपास का नुकसान अमेरिका को केवल इन दो एयरक्राफ्ट के तबाह होने और डैमेज से हुआ है। इस लड़ाई में अमेरिका के दो MC-130J Commando II भी तबाह हो गये हैं। स्पेशल ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले इन वारप्लेन्स की परयूनिट कॉस्ट कम से कम 114 मिलियन डॉलर है।

F-35 सहित दूसरे जहाज को भी भारी नुकसान
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकन एयरफोर्स के 2 एयर रिफ्यूलर टैंकर KC-135 Stratotanker भी तबाह हुए हैं। इसके साथ-साथ 6 बुरी तरह से डैमेज भी हुए हैं। KC-135 Stratotanker की पर यूनिट कॉस्ट करीब 40 मिलियन डॉलर की है यानी 80 मिलियन डॉलर तो पूरी तरह से अमेरिका के स्वाहा हो गये। बाकी 6 KC-135 Stratotanker भी ईरान के हमले में डैमेज हुए हैं तो इसका नुकसान अलग से।गजब की बात ये रही कि ईरान ने इस लड़ाई के दौरान अमेरिका के 5th जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट F-35A Lightning II को भी निशाना बना लिया था। हालांकि इस हमले में ये जेट शॉट डाउन नहीं हुआ लेकिन डैमेज ज़रूर हुआ है।1 F-35A Lightning II की कॉस्ट करीब 82 मिलियन डॉलर की होती हैअब ये तो अमेरिका ने अब तक नहीं बताया है कि उसके F-35 को कितना नुकसान हुआ है और शायद बताएगा भी नहीं लेकिन ये तो तय है कि F-35 तक ईरान की मिसाइल का पहुंचना उसके लिए बहुत बड़ा झटका है।
अमेरिका को ईरान जंग में भारी नुकसान
इस लड़ाई में अमेरिका का एक चिनूक CH-47F भी तबाह हुआ है। एक चिनूक की कीमत करीब-करीब 40 मिलियन डॉलर है…ईरान से जंग में अमेरिका के 4 MH-6M Little Bird हेलीकॉप्टर और 1 A-10C Warthog Combat Jet भी शॉट डाउन हुआ है। 1 MH-6M Little Bird की कीमत करीब 4.5 मिलियन डॉलर है। तो 4 की कीमत हो गई 18 मिलियन डॉलर। वहीं 1 A-10C Warthog की कीमत है करीब 18.8 मिलियन डॉलर। तो दोनों एयरक्राफ्ट का टोटल नुकसान हो गया करीब 36.8 मिलियन डॉलर। इसके अलावा अमेरिका के दो HH-60W Jolly Green II हेलीकॉप्टर भी डैमेज हुए हैं। तो देखा जाए तो अमेरिका के 49 वार प्लेन्स या तो तबाह हो चुके हैं या बुरी तरह से डैमेज और ये नुकसान बहुत बड़ा है। ये नुकसान इस बात को भी साबित करता है कि दुश्मन को कमजोर समझने की गलती करना, जंग के मैदान में हमेशा भारी पड़ता है।
कुल कितने नुकसान का अनुमान ?
अमेरिका को ईरान के साथ मौजूदा युद्ध (2026) में अनुमानित रूप से भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान हुआ है—लगभग 52 अरब डॉलर से अधिक प्रत्यक्ष खर्च और सैकड़ों सैनिक हताहत या घायल हुए हैं। इस ऑपरेशन में करीब 50 हजार अमेरिकी सैनिक शामिल हैं। नुकसान के आधिकारिक आंकड़े कम बताए जा रहे हैं, इनके मुताबिक केवल 13 सैनिकों की मौत और 303 घायल बताए गए हैं। लेकिन स्वतंत्र अनुमानों में 700+ अमेरिकी सैनिकों की मौत या गंभीर चोटें बताई गई हैं। इसी वजह से Pentagon पर आंकड़े छिपाने का आरोप लग रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर दिन ईरान से जंग में 1 अरब डॉलर का खर्च अमेरिका को उठाना पड़ रहा है। IMF ने चेतावनी दी है कि यह युद्ध अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है।








