क्या पाकिस्तान ने ब्रह्मोस जैसी मिसाइल बना ली है ?

By Alok Ranjan

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पाक के पास ब्रह्मोस का जवाब ?

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने ब्रह्मोस के जवाब में नई मिसाइल बनाई है। पाकिस्तानी आर्मी के रॉकेट फोर्स कमांड ने 7 मई को अपने एक वीडियो में इस मिसाइल को दिखाया है। मुश्किल से गिनती के 3 फ्रेम और इन 3 फ्रेम में मिसाइल का कोई वीडियो नहीं है- बल्कि तस्वीर है, और इस तस्वीर में एक कोने पर लिखा है FATAH-3 Cruise Missile, तो पाकिस्तान ने क्या ब्रह्मोस के जवाब में इस तीन फ्रेम वाली तस्वीर को तैयार किया है? असल में पाकिस्तान ने इस मिसाइल के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं दी है। पाकिस्तान की मीडिया ने भी चुप्पी साधी हुई है। लेकिन सोशल मीडिया और मलेशिया की प्रो पाकिस्तानी वेबसाइट डिफेंस सिक्योरिटी एशिया में इस मिसाइल को लेकर रिपोर्ट पब्लिश हुई है। लेकिन इस रिपोर्ट ने भी पाकिस्तानी मिसाइल की पोल-पट्टी ही खोल दी है।

देखिये डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की ये हेडलाइन- Pakistan Unveils FATAH-3 Supersonic Missile Based on China’s HD-1, तो क्या वाकई पाकिस्तान ने चीन की HD-1 मिसाइल की कॉपी बनाई है, या फिर कहीं HD-1 को ही तो पेंट-वेंट करके- नया स्टीकर चिपका कर फतह 3 नाम तो नहीं दे दिया? क्योंकि मलेशिया ही नहीं पाकिस्तान के फास्ट फ्रेंड तुर्की से हैंडल होने वाले क्लैश रिपोर्ट नाम के X हैंडल ने भी कुछ ऐसा ही लिखा है कि पाकिस्तान ने आज सार्वजनिक रूप से अपनी नई ‘फतह-3’ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का अनावरण किया। इसे गुआंगडोंग होंगडा की चीन निर्मित HD-1 मिसाइल का एक स्थानीय रूप माना जा रहा है।

चीनी मिसाइल पर पाकिस्तानी पेंट

स्थानीय रूप, क्या मतलब हुआ स्थानीय रूप का? चीन से लाकर डेंटिंग-पेंटिंग की और नई मिसाइल तैयार- है ना। लेकिन अब पाकिस्तान के पीछे मत पड़िये। क्या हो गया कि उसने चीन से मिसाइल मंगवा कर उसे फतह 3 नाम दे दिया। भई, पाकिस्तान JF-17 जेट भी तो ऐसे ही बना रहा है ना। सारे पार्ट्स चीन से पाकिस्तान आते हैं, फिर पाकिस्तान में उन्हें असेंबल किया जाता है और फिर मेड इन पाकिस्तान का स्टीकर लगा दिया जाता है। ना रिसर्च की ज़रूरत, ना एक्सपेरिमेंट की, ना डेवलपमेंट की, बस पका-पकाया माल मंगवाया और तैयार हो गया फाइटर जेट। भला और क्या चाहिए पाकिस्तान को। अब जेट के बाद ये क्रूज मिसाइल। पाकिस्तान ने फतह 3 के बारे में केवल एक तस्वीर अपने वीडियो में लगाई है और लिखा है क्रूज मिसाइल। इस मिसाइल का डेवलपमेंट कब शुरू हुआ, कब-कब टेस्ट हुआ, इस बारे में कोई डिटेल शेयर नहीं की गई। तभी तो इस दावे को बल मिल रहा है कि पाकिस्तान ने इसे डेवलप ही नहीं किया है, इसे चीन से बना-बनाया लाया गया है।

क्या ब्रह्मोस भी रूसी मिसाइल की कॉपी है ?

अब कोई ये भी कह सकता है कि ब्रह्मोस भी तो रूस की मिसाइल P-800 पर बेस्ड है। बिल्कुल सही बात है। बेस्ड है लेकिन कॉपी नहीं है। ब्रह्मोस को बनाने के लिए बकायादा ब्रह्मोस एयरोस्पेस कंपनी बनाई हुई है। तीन-तीन प्रोडक्शन यूनिट हैं, लखनऊ, हैदराबाद, नागपुर, पिलानी जैसे सेंटर्स हैं। ब्रह्मोस के डेवलपमेंट से लेकर एक-एक टेस्ट की तस्वीरें, वीडियो और रिपोर्ट्स दुनिया के सामने हैं। लेकिन पाकिस्तान ने अचानक अपने एक प्रोपेगेंडा वीडियो में एक तस्वीर लगा दी और दावा किया कि उसने फतह 3 क्रूज़ मिसाइल डेवलप कर ली। ख़ैर, पाकिस्तान इसे भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का जवाब बता रहा है। डिफेंस सिक्योरिटी एशिया ने भी लिखा है- चैलेंजिंग इंडियाज़ ब्रह्मोस डॉमिनेन्स इस साउथ एशिया। पर क्या वाकई ऐसा है।

जैसा कि मैंने बताया अब तक पाकिस्तान की तरफ से इस मिसाइल की कोई डिटेल नहीं बताई गई है लेकिन अगर ये मिसाइल वाकई चीन की HD-1 की कॉपी है तो उसके आधार पर फतह 3 मिसाइल के बारे में बात कर लेते हैं। तो इस मिसाइल का वजन करीब 2200 किलोग्राम और लंबाई 8.3 मीटर तक होगी। इसमें 240 से 400 किलो तक का High Explosive या Cluster वारहेड हो सकता है। इस मिसाइल में Integrated Ramjet के साथ Solid Rocket Booster इंजन लगा हो सकता है। ये एक क्रूज मिसाइल है जिसकी अधिकतम फ्लाइट एल्टिट्यूड 15 किलोमीटर होगी लेकिन इसमें Sea Skimming Flight की भी कैपेब्लिटी है। है। इसमें Inertial Navigation System, Satellite Guidance के अलावा Terminal Radar और Infrared Guidance का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी स्पीड 2.5 मैक से 3.5 मैक तक बताई जा रही है जबकि ऑपरेशनल रेंज 290 किलोमीटर है। ध्यान रखियेगा। ये डिटेल्स चीन की HD-1 मिसाइल की है और माना जा रहा है कि पाकिस्तान की फतह 3 उसी HD-1 की नकल है।

यही वहीं ये साबित भी हो चुका है कि पाकिस्तान ने फतह 3 मिसाइल पर झूठ बोला है। क्योंकि वीडियो में जो फोटो पाकिस्तान ने लगायी है वो दरअसल चीनी मिसाइल के ब्रोशर में लगी फोटो है। द इंटेल 24×7 नाम के ट्विटर हैंडल ने इसके सबूत भी दिए हैं।

बैटल प्रूवन है ब्रह्मोस मिसाइल

अब ब्रह्मोस की स्पेसिफिकेशन्स के बारे में मैं क्या बताऊं। पाकिस्तान के PM शाहबाज़ शरीफ खुद पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद इस मिसाइल की कामयाबी की दास्तां सुना चुके हैं…इस मिसाइल ने पाकिस्तान के 11-11 एयरबेसेज़ को हिट किया है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया ने भारत की ब्रह्मोस के कारनामों को दुनिया भर में वायरल कर दिया था। पाकिस्तान के चकलाला, भोलारी, शाहबाज, नूरखान समेत और भी कई एयरबेसेज़ और किराना हिल्स जैसे स्ट्रैटेजिक पॉइन्ट्स पर ब्रह्मोस ने जो तबाही मचाई थी, पाकिस्तान आज तक उसे ठीक नहीं कर पा रहा है। और आज ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर वो फिर से झूठ पर झूठ बोल रहा है। मतलब पूरी दुनिया ने सारी तस्वीरें देखी। डैमेज रनवे से लेकर हैंगर तक, सबकी तस्वीरें और सेटेलाइट इमेजेज़ सामने आ चुके हैं लेकिन बेशर्मी देखिये पाकिस्तानियों की। अल्लाह का नाम लेकर भी झूठ बोलते हैं ये लोग।

अब बात करते हैं भारत की ब्रह्मोस और फतह 3 यानी HD-1 में की स्पेसिफिकेशन्स की। ब्रह्मोस और फतह 3 दोनों सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। ब्रह्मोस की 3 Mach की प्रूवन स्पीड है वहीं फतह 3 की 2.5 से 3.5 Mach की क्लेम्ड स्पीड है। ब्रह्मोस की रेंज 300 किलोमीटर, वहीं फतह 3 की 290 किलोमीटर। ब्रह्मोस अपने साथ न्यूक्लियर और कन्वेन्शनल वारहेड ले जा सकती है जबकि फतह 3 High Explosive और Cluster वारहेड कैरी कर सकती है। ब्रह्मोस ज़मीन से केवल 3 मीटर ऊपर उड़ान भर सकती है। फतह की सी स्कीमिंग 5 मीटर की है। ब्रह्मोस को ज़मीन, हवा और समुद्र से दागा जा सकता है जबकि फतेह 3 केवल मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च की जा सकती है। ब्रह्मोस के और भी कई वर्जन डेवलपमेंट के फाइनल स्टेज में पहुंच चुके हैं। ब्रह्मोस ER 900 किलोमीटर की रेंज वाला है। ब्रह्मोस NG और हाईपरसोनिक ब्रह्मोस 2 भी बनाए जा रहे हैं।

CategoryBrahMosFateh III (HD-1)
TypeCruise MissileCruise Missile
Speed3 Mach2.5-2.5 Mach
Range300 KM290 KM
WarheadNuclear/ConventionalHigh Explosive/Cl
Sea Skimming3 Meter 5 Meter
Launch PlatformLand, Air, SeaLand

दुनियाभर में ब्रह्मोस मिसाइल की ज़बरदस्त डिमांड

इसमें सबसे ज़रूरी जो बात है वो ये कि भारत की ब्रह्मोस ना केवल भारत में डेवलप की हुई है, टेस्ट की हुई है बल्कि बैटल प्रूवन भी है। और तो और फिलीपीन्स ने भारत से इस मिसाइल सिस्टम को खरीद कर चीन के खिलाफ तैनात किया हुआ है। इंडोनेशिया के साथ इस मिसाइल की डील फाइनल स्टेज में है और अब वियतनाम के साथ भी इस मिसाइल को लेकर बातचीत चल रही है। वैसे चीन की HD-1 भी टेस्टेड मिसाइल है लेकिन पाकिस्तान ने फतह 3 का टेस्ट कब किया इसकी कोई जानकारी नहीं है और बैटल प्रूवन की तो बात ही छोड़ दीजिए। बैटल प्रूवन तो चीन की मिसाइल भी नहीं है। वैसे हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की फतह मिसाइलों का जो हाल हुआ था, वो देख लिया था।पाकिस्तान ने अपनी फतह 2 मिसाइल को दिल्ली को निशाना बनाने के लिए दागा था।फतह 2 भी एक सुपरसोनिक स्पीड वाली मिसाइल है जिसकी रेंज 400 से 450 किलोमीटर बताई जाती है। पाकिस्तान ने पूरा दमखम लगाकर इसे दागा था लेकिन इंडियन एयर डिफेंस ने इसे सिरसा के पास मार कर गिरा दिया था। फतह 2 की नाकामी ने पाकिस्तान आर्मी के रॉकेट फोर्स के सारे सपनों को चूर-चूर कर दिया था। इसके बाद फतह 2 को अपग्रेड करने की कवायद शुरू की गई थी।और कुछ दिनों बाद फतह 2 का फिर से टेस्ट भी किया गया था।

पाकिस्तान की एयरफोर्स ने CM 400 एयर टू सरफेस मिसाइल से भारत के S-400 को टारगेट करने की कोशिश की थी। इस मिसाइल की स्पीड 5 Mach के करीब बताई जाती है यानी ये हाईपरसोनिक मिसाइल है। लेकिन इस मिसाइल को भी इंटरसेप्ट कर लिया गया था। क्योंकि भारत के पास ना केवल ब्रहोस मिसाइल की ताक़त है बल्कि S-400, और आकाश समेत कई कारगर एयर डिफेंस सिस्टम भी हैं।तो क्या पता कि फतह 3 का भी हाल फतह 2 जैसा हो। भई टेस्ट नहीं करोगे, टेस्ट के आधार पर सुधार नहीं करोगे तो मिसाइलें जंग के मैदान में दीवाली का रॉकेट बन जाएंगी जैसा पाकिस्तान के साथ हुआ था और सही टेस्ट करोगे, रिसर्च और डेवलपमेंट करोगे तो ब्रह्मोस जैसी तबाही मचाएंगी। लेकिन पाकिस्तानी को ख़याली पुलाव पकाने में मचा आता है, तो पकाते रहो- पकाते रहो

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