पाकिस्तानियों की कतर में एंट्री हुई मुश्किल, मुस्लिम बिरादर ने वीज़ा ऑन अराइवल सुविधा रोकी

By Shilpi Sharma

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क़तर ने पाकिस्तानियों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी है। इसका मतलब ये हुआ कि अब तक पाकिस्तानियों को पहले से वीज़ा लगावाने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी, वो सीधे फ्लाइट से उतरते ही कतर में वीज़ा ले सकते थे। पर अब ये मुमकिन नहीं है, कतर की तरफ से कहा गया है कि फिलहाल पाकिस्तानियों को ये सुविधा नहीं दी जाएगी। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध और क्षेत्रीय तनाव है, जिसके चलते सुरक्षा और प्रवासी प्रबंधन को लेकर क़तर ने सख़्ती बढ़ाई है। हालांकि यह कदम अस्थायी है, लेकिन इससे पाकिस्तानी यात्रियों और प्रवासियों पर सीधा असर पड़ा है।

पाकिस्तानी दूतावास की सलाह

कतर में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास ने इसे लेकर एडवायज़री जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वर्तमान हालात के कारण क़तर में वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसलिए सभी पाकिस्तानी यात्रियों को यात्रा से पहले ही उचित वीज़ा प्राप्त करना ज़रूरी है, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। पाकिस्तान के लिए सिर्फ यही मुसीबत नहीं है बल्कि सऊदी अरब और यूएई पहले ही वीज़ा नियम सख़्त कर चुके हैं ऐसे में माना जा रहा है कि यह कदम गल्फ क्षेत्र में पाकिस्तानी यात्रियों पर बढ़ती निगरानी का हिस्सा है। मि़डिल ईस्ट वॉर में ईरान जिन देशों पर निशाना बना रहा है, उनमें कतर भी शामिल है। ऐसे में मध्यस्थता की भूमिका में आना चाह रहे पाकिस्तान के नागरिकों पर कतर की सख्ती से लगता है कि कहीं न कहीं दोहा का इस्लामाबाद पर से भरोसा टूटा हुआ है।

क्या फर्क है पहले और अब की स्थिति में

भारत समेत कई देशों ने बंद किए पाकिस्तान के लिए दरवाज़़े

पाकिस्तानियों के लिए यात्रा प्रतिबंध लगाने वाले प्रमुख देशों में भारत, क़तर, सऊदी अरब, UAE और कुछ अन्य पश्चिमी देश शामिल हैं।

  • भारत — 2025 में सुरक्षा कारणों से सभी वीज़ा सेवाएं पाकिस्तानियों के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई हैं
  • क़तर — वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
  • सऊदी अरब — वीज़ा नियमों में कड़ाई की गई है।
  • UAE (संयुक्त अरब अमीरात) — वीज़ा नियमों को सख़्त किया गया है।
  • अन्य कुछ पश्चिमी देश — सुरक्षा और आव्रजन नियंत्रण के कारण वीज़ा प्रक्रिया में कड़ाई की गई है

पाकिस्तानियों से परेशान है अरब वर्ल्ड

हाल ही में सउदी अरब ने संगठित भीख मांगने से जुड़ी चिंताओं के चलते लगभग 5,000 पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया, जबकि यूएई ने सामान्य वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया है। इससे पहले पिछले एक साल में खाड़ी देशों से लगभग 38,500 पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया गया है। इनमें से सबसे अधिक संख्या सऊदी अरब से 27,692, यूएई से 6,794, ओमान से 2,537, बहरीन से 786, क़तर से 644 और कुवैत से 163 है। डिपोर्टेशन के कारणों में आपराधिक मामलों में फरार होना, अवैध प्रवेश या वीज़ा की अवधि समाप्ति, जेल से रिहाई, ड्रग्स से संबंधित अपराध आदि शामिल हैं।ऐसे में पाकिस्तानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर वीज़ा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया, तो उसे वापस लेना बहुत मुश्किल होगा। इससे यह साफ होता है कि मौजूदा जांच और सख्ती का स्तर काफी गंभीर है।

दुनिया के सबसे खराब पासपोर्ट में एक पाकिस्तानी पासपोर्ट

पाकिस्तानी पासपोर्ट अभी भी दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में से एक माना जाता है। 2026 के हेनली पास्पोर्ट इंडेक्स के अनुसार पाकिस्तान का पासपोर्ट दुनिया में लगभग 98वें स्थान पर है। यह रैंक यमन के साथ टाई है। इससे नीचे मुख्य रूप से तीन देश इराक, सीरिया और अफगानिस्तान आते हैं। पाकिस्तानी पास्पोर्ट की 2025 में रैंक लगभग 103वीं थी जो 2026 में थोड़ा सुधर कर 98वीं हो गई लेकिन फिर भी यह निचले स्तर में ही बना हुआ है। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि इस्लामिक देशों के बीच भी पाकिस्तान की कोई औकात नहीं रह गयी है। क्योंकि वो भी समझ गए हैं कि पाकिस्तानी सिर्फ इस्लामिक चूरन देकर अपना फायदा देखता है, पर जब दूसरे देशों को ज़रूरत पड़ती है तो पाकिस्तान सबसे पहले धोखा देता है।

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