गुजरात को दहलाने की बड़ी साजिश ATS ने की नाकाम, 8 आतंकियों की गिरफ्तारी

By Alok Ranjan

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जैश-ए-मोहम्मद का स्लीपर सेल

पाकिस्तान के बॉर्डर से केवल 150 किलोमीटर दूर, गुजरात के बनासकांठा में आतंक का एक ख़तरनाक नेटवर्क तैयार हो रहा था। ऐसा आतंकी नेटवर्क जिसका लिंक पाकिस्तान से लेकर गुजरात के अलग-अलग शहरों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश तक पहुंच चुका था। नाम था दारुल इस्लाम गुजरात जैश ए मोहम्मद। और मक़सद था पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए एक ऐसा स्लीपर सेल तैयार करना जो वक्त आने पर भारत में खूनी खेल को अंजाम दे सके।लेकिन गुजरात ATS ने इस नेटवर्क के सारे सिग्नल काट डाले हैं। गुजरात ATS ने बनासकांठा समेत गुजरात और मध्य प्रदेश की अलग-अलग जगहों से 8 लोगों को गिरफ़्तार किया है। ये वही 8 लोग हैं जिन पर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए काम करने और गुजरात में उसका नया नेटवर्क तैयार करने का आरोप है। ATS ने इन सभी आरोपियों को मेहसाणा की कड़ी कोट में पेश किया जहां से इन्हें 14 दिनों की रिमांड पर भेज दिया गया है। ATS अब इनसे पूछताछ कर और जानकारियां हासिल करने की कोशिश में जुट गई हैं। लेकिन शुरुआत में जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक गुजरात के तीन ज़िलों के साथ-साथ ये नेटवर्क मध्य प्रदेश तक पहुंच चुका था। जिन 8 लोगों को पकड़ा गया है वो सारे के सारे बनासकांठा में पालनपुर के भागल के रहने वाले हैं।

कौन-कौन गिरफ्तार हुआ है ?

  • अहमद अब्दुला ग़ाज़ीवाला- उम्र 19 साल
  • इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा उर्फ अबु हमज़ा- उम्र 30 साल
  • मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू अया- उम्र 22 साल
  • जकारिया दुर्रानी मोहम्मद अम्मार घाघा- उम्र 21 साल- मदरसे से पकड़ा गया
  • मुफ्ती फौज़ान इस्माइल दौवा- 40 साल- उसी मदरसे से जुड़ा हुआ है
  • मोहम्मद अमीन शेरा- 21 साल- मदरसे से जुड़ा हुआ है
  • मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी- उम्र 22 साल जामिया रहमानिया खंभिया, अंबेठा, नवसारी
  • बिलाल दुर्रानी मोहम्मद अम्मार घाघा- उम्र 18 साल- वारसी नगर, देवास

लंबे वक्त से ट्रैकिंग हो रही थी

अब देखिये कि इन आठों आरोपियों को कहां-कहां से पकड़ा गया- अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला, इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा और मुदस्सिर को बनासकांठा के भागल से पकड़ा गया। मुफ्ती फौजान, ज़करिया दुर्रानी और मोहम्मद अमीन शेरा को पाटन में सिद्धपुर के खडियासन में एक मदरसे से पकड़ा गया। मोहम्मद अब्दुल रहमान साउदी को नवसारी के अंबेठा में जामिया रहमानिया खांबिया मदरसे से गिरफ्तार किया गया। और बिलाल दुर्रानी को मध्य प्रदेश में देवास के वारसी नगर से पकड़ा गया।यानी गिरफ़्तार किये गये 8 में से 4 का लिंक सीधे-सीधे दो मदरसों से भी जुड़ा है। हो सकता है पूछताछ में और मदरसों की जानकारी भी सामने आए। अब सवाल उठता है कि इन्हें पकड़ा कैसे गया और ये भारत के खिलाफ किस साज़िश की तैयारी कर रहे थे। गुजरात ATS ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि ATS को गुप्त सूचना मिली थी कि बनासकांठा में जैश से जुड़ा एक ग्रुप एक्टिव है। गुजरात ATS के DIG Sunil Joshi ने कहा-

गुजरात ATS के डीएसपी हर्ष उपाध्याय को एक इनफॉर्मेशन मिली थी कि बनासकाठा-पाटन के आसपास के एरिया के कुछ लोग पाकिस्तान के जैश-ए मोहम्मद नाम के संगठन से जुड़े हुए हैं और उसकी जो विचारधारा है उसका प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, एक्टिव नेटवर्क बना रहे हैं, उनका एक छोटा ग्रुप बना रहे हैं। इस इनफॉर्मेशन को शेयर किया गया। इस इनपुट को वेरिफाई किया, इस पर वर्कआउट करने पर ये फाइनली कुछ लोगों को आइडेंटिफाई कर पाए जो इस तरह की एक्टिविटी में जुड़े हुए हैं।
गुजरात ATS के DIG Sunil Joshi

ATS ने कैसे जाल बिछाया ?

जब ये कन्फर्म हो गया कि इन्फॉरमेशन सही है तो फिर ATS ने इस ग्रुप की प्रोफाइलिंग शुरू की। और इसी में ग्रुप से जुड़े आठों के चेहरे और ठिकाने सामने आ गये। इन सभी को पकड़ने के लिए ATS ने अलग-अलग टीमें बनाईं। SOG और डिस्ट्रिक्ट पुलिस की मदद ली गई और सभी आरोपियों को धर-दबोचा गया। ATS ने इन सभी आरोपियों के घरों, मदरसों और इनके दूसरे ठिकानों की तलाशी ली। इसमें इन्हें जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर की लिखी क़िताबें बरामद हुई। ये मसूद अज़हर की उर्दू में लिखी किताबों को गुजराती में ट्रांसलेट कर रहे थे। मक़सद साफ था- ज़्यादा से ज़्यादा गुजराती मुसलमानों को मसूद की आतंकी आइडियोलॉजी से जोड़ना।

बरामद किये गये फोन से साबित होता है कि ये जैश ए मोहम्मद से जुड़े हुए थे। जैश से अपना कनेक्शन जोड़ने के लिए इन्होंने मसूद अहज़र के नाम से लेटर भी लिखे हैं। बहुत सारे रैडिकल मैटेरियल्स जिनमें मसूद अज़हर की खुद की लिखी किताबें हैं, उनका गुजराती ट्रांसलेशन किया है ताकि इसका गुजरात में ज़्यादा से ज़्यादा प्रचार-प्रसार कर सकें। इनका मेन लीडर अहमद और इब्राहिम थे। इन्होंने अपने फोन से सब चीज़ें डिलीट कर दी थी लेकिन जो महत्वपूर्ण चीज़ें थी वो इन्होंने नोर्ड लॉकर में सेव कर के रखी हुई थी जहां से हमने उन्हें सीज़ किया है।
गुजरात ATS के DIG Sunil Joshi

जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में कैसे आए ?

30 साल का इब्राहिम और 19 साल का अहमद इस ग्रुप के लीडर थे। बाक़ि 6 को इन्होंने बाद में जोड़ा था। ATS के मुताबिक ये दोनों सोशल मीडिया पर आतंकी हमलों से जुड़े वीडियोज़ देखा करते थे। इसी दौरान पाकिस्तान में जैश के हैंडलर अब्दुल्ला ने इनसे संपर्क किया और फिर ये जैश से जुड़ गये। गुजरात में इसने अपने संगठन का नाम दारुल इस्लाम गुजरात जैश ए मोहम्मद रखा था। ये ग्रुप बहुत ही सीक्रेट तरीके से काम कर रहा था। इतना सीक्रेट कि ये किसी भी मुसलमान को अपने ग्रुप में शामिल नहीं कर लेता था। ये उनको ही अपने साथ जोड़ रहा था जिन्हें ये दोनों खुद अच्छी तरह से जानते थे। जो कट्टर जिहादी माइंडसेट के थे। ATS को पता चला है कि दो-तीन महीने पहले ये वडोदरा गये थे जहां एक शख्स ने इनसे मुलाकात की थी और मसूद अज़हर की किताबें इन्हें ट्रांसलेट करने के लिए दी थी। इसके अलावा इन्हें गाड़ी खरीदने और किराये का मकान लेने के लिए 3 लाख रुपये भी दिये गये थे।

अहमद और इब्राहिम से दो-तीन महीने पहले जैश से जुड़ा एक आदमी वडोदरा में भी मिला जिसने इन्हें कुछ किताबें मुहैया करवाई। इन लोगों को जैश की तरफ से 3 लाख रुपये दिये गये थे। एक गाड़ी खरीदने और छिपने की जगह बनाने के लिए एक छोटा घर किराये पर लेने के लिए भी कहा गया था।
गुजरात ATS के DIG Sunil Joshi

बड़ी आतंकी घटना की थी प्लानिंग

आशंका जताई जा रही है कि जैश ए मोहम्मद इन लोगों से गुजरात के किसी हिस्से में बड़ी आतंकी हमले को अंजाम देने की तैयारी करवा रहा था। गाड़ी और छिपने के लिए किराये पर मकान लेने के इंस्ट्रक्शन इस बात की तरफ भी इशारा कर रहे हैं कि इसका इस्तेमाल जैश की स्लीपर सेल के दूसरे आतंकी भी कर सकते थे। पिछले साल भी गुजरात ATS ने हैदराबाद के एक डॉक्टर अहमद मोहियूद्दीन सैयद और उसके दो साथियों को पकड़ा था। इन पर कैस्टर बीन्स से ख़तरनाक Ricin बनाने और केमिकल अटैक की साज़िश रचने का आरोप था। चौंकाने वाली बात ये है कि इस हैदराबादी डॉक्टर के दोनों साथी बनासकांठा से ही गिरफ्तार किये गये थे।यानी गुजरात में आतंकी नेटवर्क बनाने और बड़े हमले की साज़िश रचने की कोशिशें की जा रही हैं। गुजरात ATS समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसी साज़िशों को बेनकाब कर रही हैं, लेकिन ज़रूरत हमारे और आपके भी सतर्क रहने की है। तो अपनी आंखें खुली रखिये- सावधान रहिये।

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