- UAE के खिलाफ काम कर रहा है पाकिस्तान
- UAE के दुश्मन सऊदी अरब से किया डिफेंस पैक्ट
- पाकिस्तान के डबल गेम से UAE का गुस्सा आया
- पाकिस्तान को मजबूरी में करना पड़ रहा कर्जा वापस

पाकिस्तानी UAE को गालियां क्यों दे रहे हैं ?
आज पाकिस्तान UAE को गालियां दे रहा है। उसे नमक हराम बता रहा है। उसे भारत का यार और पाकिस्तान का गद्दार बता रहा है। आज UAE की बारी है, कल को पाकिस्तान और पाकिस्तानी सउदी अरब को भी गालियां देंगे, बहरीन, क़तर, कुवैत, ईरान,इराक समेत हर मुस्लिम देश को गालियां देंगे। क्यों देंगे- वो पाकिस्तान को कर्ज ना दें तो गालियां देंगे, और कर्ज दे दिया- अगर वापस मांगा तो भी गालियां देंगे। जैसे आज UAE को दी जा रही है। पाकिस्तान का फंडा क्लियर है। पहले हाथ पसार-पसार कर कर्ज लो, फिर कर्ज चुकाने को सालों साल टालते रहे। कभी कर्ज दबाने की कोशिश करो, फिर कर्ज को पचाने की कोशिश करो। और जब सामने वाला अपने पैसे वापस मांगे तो उसे कोसना शुरू कर दो। उसे भला-बुरा कहने लगो।
UAE द्वारा पाक को दिए कर्जे की पूरी कहानी
पाकिस्तान इन दिनों ताव दिखा रहा है कि वो UAE के 3.5 बिलियन डॉलर वापस कर देगा- वो भी एक बार में- पूरे का पूरा। एक अठन्नी तक UAE का बाकी नहीं रखेगा पाकिस्तान। भई पाकिस्तान बात तो ऐसे कर रहा है, जिसे उसने UAE से नहीं बल्कि UAE ने पाकिस्तान से कर्जा लिया हुआ हो। अब देखिये, हुआ ये है कि तीन दिन पहले UAE ने पाकिस्तान से अपने 2 बिलियन डॉलर वापस मांग लिये हैं। लेकिन पाकिस्तान कह रहा है कि 2 नहीं अब तो वो पूरे 3.5 बिलियन डॉलर UAE को लौटाएगा। दरअसल 2018 में पाकिस्तान IMF से 6 बिलियन डॉलर का प्रो फंड हासिल करना था लेकिन उसका फॉरेन रिजर्व लगभग खाली था। उसमें करीब 9 बिलियन डॉलर ही बचे थे लेकिन IMF प्रोग्राम के लिए करीब 14 बिलियन का फॉरेक्स ज़रूरी था। तो IMF से 6 बिलियन मिल जाए इसके लिए पाकिस्तान ने साउदी अरब, UAE और चीन जैसे देशों के सामने हाथ पसार दिये।2019 में UAE ने पाकिस्तान के स्टेट बैंक में 2 बिलियन डॉलर जमा करवाए। इसी तरह सउदी अरब ने 3 और चीन ने 2 बिलियन डॉलर जमा करवाए।इसके बाद जुलाई 2019 में IMF ने पाकिस्तान के लिए एक्सटेन्डेड फंड फेसेलिटी के तहत 6 बिलियन डॉलर का अप्रूवल दिया था।
पाक की कोशिश थी UAE का पैसा हड़प करने की
UAE ने जो पाकिस्तान को 2 बिलियन का लोन दिया था वो केवल 1 साल के लिए था यानी जुलाई 2020 में ये 2 बिलियन डॉलर पाकिस्तान को वापस करने थे लेकिन पाकिस्तान ने UAE को ये 2 बिलियन डॉलर नहीं लौटाए। हर साल पाकिस्तान रोल-ओवर मांगता गया और UAE रोल ओवर देता गया। यहां तक कि 2023 में तो इस रोल ओवर के साथ-साथ पाकिस्तान ने 1 बिलियन डॉलर का एडिश्नल सपोर्ट भी ले लिया। लेकिन बात वही, पैसा लेना है लेकिन चुकाना नहीं है। UAE हर साल अपने पैसे वापस मांगता रहा और पाकिस्तान हर साल उसे चूरन दे-दे कर टहलाता रहा। पाकिस्तान एक IMF प्रोग्राम से दूसरे प्रोग्राम में घुस गया लेकिन UAE, सउदी और चीन के पैसे नहीं लौटाए। जनवरी 2025 में UAE ने अपने 2 बिलियन डॉलर के लोन को फिर से रोल-ओवर कर दिया था।
पाकिस्तान ने की UAE से चालबाज़ी की कोशिश
वो लोन जिसे 2019 में ही चुकाना था- पाकिस्तान ने 2025 में भी उसके लिए रोल-ओवर ले लिया था। 2026 से पहले पाकिस्तान एक बार फिर उसी कोशिश में जुट गया था कि UAE लोन को आगे बढ़ा दे। बल्कि इस बार तो उसने नई चालाकी करने की कोशिश की। कहा कि UAE इस 2 बिलियन में से 1 बिलियन डॉलर से फौजी फाउंडेशन का स्टेक खरीद ले। यानी पाकिस्तान ने सालों तक UAE का पैसा दबाने के बाद उससे जबरन पाकिस्तान में इन्वेस्ट करवाने की कोशिश की। वो भी उस फौजी फाउंडेशन में जो पाकिस्तानी आर्मी के कंट्रोल में है। लेकिन UAE ने इससे इनकार कर दिया। पाकिस्तान के बहुत गिड़गिड़ाने पर उसने एक महीने के लिए इसे आगे बढ़ाया लेकिन लोन का रेट ऑफ इंट्रेस्ट 3 से बढ़ा कर 6.5% कर दिया।

तैश में आया पाकिस्तान
पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर भागे-भागे UAE पहुंच गये और लोन को आगे बढ़ाने की फरियाद की लेकिन UAE के फैसले में कोई बदलाव नहीं आया।और फरवरी के बाद अब अप्रैल आ चुका है और UAE की तरफ से ये मैसेज भी कि अब पाकिस्तान को हर हाल में उसके पैसे वापस करने ही होंगे। इसी के बाद पाकिस्तान ने तैश में आकर कहा है कि वो UAE को 2 नहीं बल्कि 3.5 बिलियन डॉलर वापस करेगा। 2 बिलियन तो 2018 में पाकिस्तान को मिले। 1 बिलियन 2023 में और बाकी? असल में 3.5 बिलियन डॉलर में 450 मिलियन डॉलर का एक और लोन है जो पाकिस्तान पिछले 30 सालों से UAE से लेकर दबाए बैठा है।
पाकिस्तानी पत्रकार ने निकाला UAE पर गुस्सा
ज़रा सोचिये, पाकिस्तान, इस्लाम-इस्लाम करके कैसे अमीर मुसलमान देशों से भीख मांगता है और फिर उसे हजम कर जाता है। अब सोचिये, पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट और एक्सपर्ट्स भी UAE को भला-बुरा बोल रहे हैं। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अबसार आलम तो इतने आग बबूला हुए कि अनाप शनाप बकने लगे।

UAE ने ये लोन फ्री फंड में नहीं दिया। इस पर हम 6.5 परसेंट का सूद देते हैं। और ये कर्मशियल रेट से ज्यादा है। पाकिस्तान ने 600 मिलियन डॉलर का कर्जा स्टैंडर्ड चार्टड बैंक लिया है जिस पर 6.3 परसेंट का सूद हम देते हैं।-अबसार आलम, पाकिस्तानी पत्रकार
पाकी पत्रकार ने हकीकत छुपायी
लेकिन अबसार साहब, आपने ये तो बताया ही नहीं कि पाकिस्तान को ये पैसे 2020 में लौटाने थे जो उसने 2026 तक भी नहीं लौटाए हैं। आपने ये भी नहीं बताया कि ये जो 6.5 परसेंट के रेट ऑफ इंट्रेस्ट UAE ने लगाया है वो इसी साल फरवरी में लगाया था। उससे पहले रेट ऑफ इंट्रेस्ट क्या था। आपने ये भी नहीं बताया कि पाकिस्तान ने खुद फरवरी में UAE से जब 2 साल का रोल ओवर मांगा था तो 3% रेट ऑफ इंट्रेस्ट की बात की थी। आपने ये भी नहीं बताया कि पाकिस्तान ने साउदी अरब के साथ जो डिफेंस पैक्ट किया था वो सीधे-सीधे UAE के लिए चुनौती था और इसी वजह से UAE के रिश्ते पाकिस्तान से बिगड़ रहे थे।
सऊदी से डिफेंस डील की कीमत चुका रहा पाकिस्तान
असल में पाकिस्तान ने सउदी अरब और UAE में से सऊदी को चुनने में अपना फायदा देखा। साउदी अरब के साथ डिफेंस पैक्ट कर लिया। दुनिया जानती है कि UAE और साउदी अरब के रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं। इसके बाद से ही पाकिस्तान और UAE के बीच दूरी बढ़ने लगी। UAE ने पाकिस्तानियों के लिए ट्रांसिट वीज़ा की फेसेलिटी भी बंद कर दी। और तो और ख़बर ये भी आ रही है कि UAE पाकिस्तानियों को चुन-चुन कर भगाने की भी तैयारी कर रहा है।
UAE-पाकिस्तान के रिश्तों में बड़ी दरार
पाकिस्तान और UAE के बीच रिश्ते किस क़दर तक खराब हो चुके हैं कि UAE ने पाकिस्तान सुपर लीग में खेल रहे अपने दो खिलाड़ियों को भी वापस बुला लिया है। अब ज़ाहिर है पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान की आर्मी और पाकिस्तान के लोग इसमें अपनी गलती तो देखेंगे नहीं। वो ये तो नहीं देखेंगे कि पाकिस्तान ने कितने सालों तक UAE का पैसा दबाए रखा। ये नहीं देखेंगे कि UAE के खिलाफ उसने सउदी अरब से हाथ मिला लिया। बस ये देखेंगे कि UAE ने पाकिस्तान से अपना पैसा वापस ले लिया। अब पाकिस्तानी UAE को बेइज्जत कर रहे हैं, उन पर तंज कस रहे हैं, उन पर दूसरे देशों में आतंकवादी गुटों को सपोर्ट करने के आरोप लगा रहे हैं और इसके पीछे भारत को दोष देना तो उनका पसंदीदा काम है।
किसी के सगे नहीं हैं पाकिस्तानी
लेकिन अगर किसी को ये लग रहा है कि पाकिस्तान UAE और भारत के खिलाफ है और साउदी अरब का सगा है तो ज़रा ठहर जाइये। असल में पाकिस्तानियों को ये लगता है कि UAE का ये लोन पाकिस्तान के लिए सउदी अरब को चुकाना चाहिए। जी- कर्ज ले पाकिस्तान और भरे साउदी अरब। बिल्कुल यही सोच है पाकिस्तानियों की। उन्हें लग रहा है कि ये पूरा टेंशन तो साउदी अरब की वजह से हो रहा है तो पैसे भी तो उसे ही भरने चाहिए
दोगले पाकिस्तान की, दोगली पॉलिसी
अब क्या कहा जाए। भीख मांगने से लेकर बेशर्मी तक की सारी हदें पाकिस्तान पार कर चुका है। ख़ैर अब बात ये है कि मिडिल ईस्ट का दलाल (मीडियेटर) पाकिस्तान बड़ी मुसीबत में फंस गया है। हमेशा दोगली पॉलिसी इस्तेमाल करने, दो नावों पर पैर रखकर गेल खेलने की उसकी पॉलिसी बैकफायर कर गई है। इस महीने की 17 तारीख़ तक उसे 3.5 बिलियन डॉलर UAE को चुकाने हैं और ये उसकी इकॉनमी पर बहुत भारी पड़ने वाला है।








