Fact Check : क्या सच में भारतीय जहाजों ने पाकिस्तानी झंडे के तले स्ट्रेट ऑफ होर्मूज़ पार किया ?

By Shilpi Sharma

Updated On:

Date:

पाकिस्तानी पत्रकार का प्रोपेगैंडा

पहले भी कहा है- आज फिर से कहते हैं- पाकिस्तान और पाकिस्तानियों की रग-रग में प्रोपेगेंडा घुसा हुआ है। हर बात में प्रोपेगेंडा- हर बात में झूठ- हर बात में मक्कारी….लेकिन पाकिस्तानियों के साथ दिक्कत ये है कि वो हर बार एक्सपोज़ हो जाते हैं-उनका झूठ सरेबाज़ार नंगा कर दिया जाता है….उनका प्रोपेगेंडा फुस्स हो जाता है…इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। इस बार पाकिस्तानियों ने ईरान वार और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को लेकर एंटी इंडिया प्रोपेगेंडा चलाने की कोशिश की है…और इसकी शुरुआत की है एक पाकिस्तानी जर्नलिस्ट अली के चिश्ती ने…अली के चिश्ती पहले पाकिस्तान के फ्राइडे टाइम्स समेत कई मीडिया हाउसेज़ के लिए काम करते थे। अब वो खुद को पॉलिसी एक्सपर्ट, काउंटर टेरेरिरज्म और सिक्योरिटी एक्सपर्ट ऑर्थर और पता नहीं क्या-क्या कहते हैं…तो कराची में रहने वाले अली चिश्ती ने अपने X हैंडल पर एक ब्रेकिंग न्यूज़ पोस्ट की।

पाकिस्तानी पत्रकार ने क्या दावा किया ?

अली चिश्ती ने अपनी इस पोस्ट में लिखा है-कन्फर्म रिपोर्ट: कम से कम आठ भारतीय जहाज़ IRGC की मंज़ूरी के साथ होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुज़र गए हैं। इस बीच, पाकिस्तान ने हमारे झंडे के तहत 20 जहाज़ों के लिए एक सौदा पक्का कर लिया है (प्रति दिन 2 जहाज़)। क्या आप यकीन कर सकते हैं कि कथित तौर पर ये सभी आठ भारतीय जहाज़ अपनी यात्रा को आसान बनाने के लिए पाकिस्तानी झंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं? 2026 में क्षेत्रीय शिपिंग की असलियत।Out:तो अली चिश्ती ने अपने इस ट्वीट में तीन बातें बताईं- पहली ये कि IRGC की मंज़ूरी के बाद भारत के कम से कम 8 जहाज़ स्ट्रेट ऑफ होर्मूज पार कर गये हैं…दूसरा ये कि पाकिस्तान ने ईरान से पाकिस्तानी फ्लैग वाले 20 जहाज़ों को होर्मूज जलडमरूमध्य पार करने की डील की है। इसके हिसाब से हर रोज़ 2 जहाज़ स्ट्रैट ऑफ होर्मूज पार करेंगे- यानी 10 दिनों में 20 जहाज़…तीसरी बात ये कि भारत के जो 8 जहाज़ों ने होर्मूज जलडमरूमध्य को पार किया है वो सभी पाकिस्तान के झंडे का इस्तेमाल कर रहे थे। कोई जर्नलिस्ट इतना भी मूर्ख और जाहिल कैसे हो सकता है। लेकिन अली चिश्ती ने साबित कर दिया है कि अगर वो जर्नलिस्ट पाकिस्तान का हो तो दर जाहिल हो सकता है।तो चलिये ज़रा अली चिश्ती की इस पोस्ट का पोस्टमॉर्टम किया जाए

ईरान ने पाकिस्तानी जहाजों को मंजूरी दी थी

ये बात सही है कि 28 मार्च को ख़बर आई थी कि ईरान ने पाकिस्तान के 20 जहाज़ों को स्ट्रैट ऑफ होर्मूज पार करने की मंजूरी दे दी है…29 मार्च को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशहाक डार ने ट्वीट कर खुद भी इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने इसे ईरान का एक अच्छा क़दम बताते हुए लिखा था कि पाकिस्तानी झंडे वाले 20 जहाज़ों को इस जलडमरूमध्य को पार करने की इजाजत मिल गई है और अब हर दिन 2 पाकिस्तानी झंडे वाले जहाज़ यहां से गुजर सकेंगे। अली चिश्ती का दावा है कि पाकिस्तान की ईरान के साथ हुई इसी डील के ज़रिये भारत ने अपने शिप्स को स्ट्रैट ऑफ होर्मूज पार करने का रास्ता बनाया है। अपने शिप्स पर पाकिस्तानी झंडे लगाने के बाद ही उन्हें IRGC ने स्ट्रैट ऑफ होर्मूज करने की इजाजत दी है

भारतीय-फ्लैग्ड जहाज़ों की डिटेल (मार्च–अप्रैल 2026)

  • शिवालिक 54 हजार टन LPG लेकर चला गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा।
  • नंदा देवी 52 हजार टन LPG लेकर वाडिनार पोर्ट पर पहुंच गया था।
  • जग लाडकी 81 हज़ार टन क्रूड ऑयल लेकर मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा।
  • जग वसंत 50 हजार टन LPG लेकर मुंबई पहुंचा था।
  • पाइन गैस 48 हजार टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा।
  • BY TYR 47 हजार टन LPG लेकर मुंबई पोर्ट पर पहुंचा।
  • BW ELM 47 हजार टन LPG लेकर न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंचा।
  • ग्रीन सान्वी 46,650 टन LPG लेकर आ रहा है।
  • ग्रीन आशा 15,500 टन LPG लेकर आ रहा है।

पाकिस्तानी झंडे वाले भारतीय जहाजों का सच क्या है ?

अब यहां अली के चिश्ती के झूठ की पोल खुल रही है। ईरान ने पाकिस्तान के 20 जहाज़ों को स्ट्रैट ऑफ होर्मूज से गुजरने की मंजूरी दी 28 मार्च को, 28 मार्च से अब तक वहां से भारत के 4 शिप्स गुजरे हैं- 5 तो पहले ही वहां से निकल गये थे। अली चिश्ती-कि कुछ तो रिसर्च कर लेते – देख लेते कि भारत के वैसेल्स कब स्ट्रैट ऑफ होर्मूज से गुजरे हैं- उसके हिसाब से झूठ बोलते- अब डील के पहले जो जहाज़ होर्मूज जलडमरूमध्य पार कर गये उन्हें पाकिस्तान का झंडा लगाने की क्या ज़रूरत- क्या डील से पहले ही ईरान ने पाकिस्तानी फ्लैग वाले झंडों को गुजरने की इजाजत दे दी थी? अगर दे दी थी तो पाकिस्तान को तेल और गैस की किल्लत क्यों हो रही थी? बात भी सही है- अगर पाकिस्तानी झंडे वाले जहाज़ वहां से गुजर सकते हैं तो फिर पाकिस्तान में फ्यूल क्राइसिस क्यों है?

28 मार्च से अब तक यानी 7 अप्रैल तक, जिस दिन अली चिश्ती ने ये ट्वीट किया है- तब तक पाकिस्तान के पोर्ट्स पर कितने फ्यूल वेसेल्स पहुंचे हैं? डॉन की ये ख़बर 10 मार्च की है। यानी ईरान से 20 वेसेल्स की डील होने के 18 दिन पहले की। तब ये बताया गया था कि फ्यूल से लदे 4 जहाज़ पाकिस्तान पहुंचे हैं..इसके ठीक 10 दिन बाद यानी 20 मार्च को पाकिस्तानी अख़बार प्रॉफिट ने बताया कि गैसोलिन, क्रूड ऑयल और एलपीजी से भरे हुए 4 वेसेल्स कराची पहुंच चुके हैं…लेकिन 20 मार्च के बाद से अब तक पाकिस्तान के पोर्ट तक एक भी फ्यूल वेसेल्स नहीं पहुंचा है। वहीं 28 मार्च को पाकिस्तान और ईरान की डील के बाद भारत के 4 जहाज़ों ने अब तक उस इलाके को पार किया है।

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस ने क्या बताया ?

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और वेबसाइट इमेजेज़ के एक्सपर्ट Damien Symon ने 4 अप्रैल को ट्वीट कर बताया था कि Green Sanvi LPG Tanker फारस की खाड़ी को पार कर ओमान की खाड़ी से आगे बढ़ रहा है। इस ट्वीट में उन्होंने साफ लिखा है- इंडियन फ्लैग्ड LPG टैंकर…फिर 6 मार्च को भी उन्होंने एक ट्वीट कर बताया कि इंडियन फ्लैग्ड LPG टैंकर ग्रीन आशा अब ओमान की खाड़ी से अरब सागर की तरफ बढ़ रहा है।

भारतीय जहाजों ने पाकिस्तानी फ्लैग नहीं लगाया

इसका मतलब साफ है कि इन दोनों LPG करियर ने भी स्ट्रैट ऑफ होर्मूज पार करने के लिए अपना फ्लैग नहीं बदला था। और बदलते भी क्यों। 12 मार्च को ही ख़बर आ गई थी कि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाज़ों को स्टैट ऑफ होर्मूज पार करने की इजाजत दे दी है। फिर 26 मार्च को ईरान ने भारत, रूस, चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान को दोस्त करार देते हुए उनके जहाज़ों को पास देने का एलान किया था। तो भई जब भारत के जहाज़ों के आने-जाने पर रोक नहीं है तो पाकिस्तान का झंडा लगाने का सवाल ही नहीं उठता। अब तो भारत के विदेश मंत्रालय ने भी चिश्ती के इस दावे का फैक्ट चेक कर दिया है। MEA ने अली चिश्ती और दूसरे पाकिस्तानी हैंडल्स के इन दावों को झूठा बता दिया है। चिश्ती के झूठ की चादर फट चुकी है।

फैक्ट चेक में फेल हुआ पाकिस्तानी पत्रकार का दावा

अपना झूठ बेनकाब होने के बाद से चिश्ती बौखलाए हुए हैं। वैसे लगता है ऐसे ही झूठ कि वजह से 2013 में अली चिश्ती के साथ कुछ अनहोनी हो गई थी। इन्होंने खुद स्टेटमेंट दिया था कि पुलिस ने इन्हें उठा लिया था- अगवा कर लिया था- खूब सुताई की थी। यहां तक कि कराची से भाग जाने की धमकी भी दी गई थी।

Leave a Comment