Reality Check : जिस देश में पीस की धज्जियां उड़ रही हैं, वहां पीस टॉक हो रही है

By Bhuwan Venu

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  • पाकिस्तान में ईरान-अमेरिका पीस टॉक हो रही है
  • 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिकी हमला हुआ था
  • इजरायली सेना भी ईरान पर हमले कर रही है
  • मिडिल ईस्ट के कई देशों पर ईरान ने हमला किया

इस्लामाबाद में लगा कर्फ्यू

पाकिस्तान में गुरुवार से लेकर रविवार तक सभी दुकान, सभी होटल, सभी रेस्टोरेंट्स को बंद करा दिया गया। राजधानी इस्लामाबाद में आम लोगों के लिए कर्फ्यू लग गया। सड़कें बंद कर दी गई। पीस टॉक से पहले पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को घरों में बंद कर दिया है। शुरुआत इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी के एलान से की गई। 9 और 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में छुट्टी घोषित कर दी गई। स्कूल-कॉलेज दफ्तर सब बंद। लेकिन इतने से बात कहां बनने वाली थी। इस्लामाबाद और रावलपिंडी की कई सड़कों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। शाह खालिद कॉलोनी, गुलजार ए कियाद, एयरपोर्ट हाउसिंस सोसायटी, मंगताल टाउन, फैसल कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोगों को घरों से बाहर ना निकलने के आदेश दिये गये हैं।शहर के कई रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और जो रास्ते खुले भी हैं उन पर पुख्ता चेकिंग की जा रही है।

अशांति वाले देश में शांति की बात क्यों ?

शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच पीस टॉक की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी डेलिगेशन हिस्सा ले रहा है जबकि ईरान का भी प्रतिनिधिमंडल इस बातचीत में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद में मौजूद है। दुनिया भर की नज़रें इस पीस टॉक पर टिकी हैं। बातचीत का नतीजा क्या निकलेगा। क्या दो हफ्ते का ये सीज़ फायर आगे भी जारी रहेगा या फिर लड़ाई फिर शुरू हो जाएगी। इस पीस टॉक को लेकर सवाल कई हैं क्योंकि इज़रायल ने लेबनान में किये जा रहे अपने हमले अब तक नहीं रोके हैं और ईरान को इस पर आपत्ति है। अमेरिका की मजबूरी ये है कि उसे पाकिस्तान की ज़रूरत है। अगर उसे ईरान पर कंट्रोल रखना है तो पाकिस्तान से बेहतर देश उसके लिए कोई नहीं हो सकता क्योंकि इकलौता पाकिस्तान ही ऐसा देश है जो डॉलर्स के लिए कुछ भी कर सकता है।

रावलपिंडी-इस्लामाबाद सैनिक छावनी में बदला

बताया जा रहा है कि केवल रावलपिंडी और इस्लामाबाद में 10 हज़ार जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस ही नहीं, पाकिस्तानी आर्मी इस्लामाबाद और रावलपिंडी की सड़कों पर उतर आई। आसमान में हेलीकॉप्टर मंडरा रहे हैं। ये सब इसलिए किया गया क्योंकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान ईरान-अमेरिका जंग पर पीस टॉक कर रहा है। जबकि उसके खुद के देश में पीस ना की कोई चीज़ नज़र नहीं आ रही है। बलोचिस्तान से लेकर ख़ैबर पख़्तूनख्वा तक में बलोच फ्रीडम फाइटर्स और TTP ने पाकिस्तानी आर्मी पर धावा बोला हुआ है।

पाकिस्तान को हमले का डर

असल में पाकिस्तान के लिए ये पीस टॉक इंटरनेशनल फोरम पर खुद को मजबूत बनाने का एक बड़ा ज़रिया नज़र आ रहा है, उसने ये पीस टॉक तो अपने यहां रख ली लेकिन इसे सेफली पूरा करना पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान में कब-कहां-किस जगह से हमला हो जाए, कोई नहीं जानता। पाकिस्तान का ये सिक्योरिटी थ्रेट अमेरिका को भी अच्छी तरह से पता है। इन्हीं सब वजहों से पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया है। उसे डर है कि कहीं TTP या बलोच बागी इस दौरान कोई हमला ना कर दें।

बलोचिस्तान में कई इलाकों में जबरदस्त हमले

और ये डर बेजा भी नहीं है। बलोच लड़ाके लगातार बलोचिस्तान को दहला रहे हैं। तुरबत में मिलिट्री कॉनवाय पर घात लगाकर हमला किया गया है। बताया जा रहा है कि तुरबत के बाहरी इलाके से गुजर रही पाकिस्तानी आर्मी की 6 गाड़ियां पर भीषण हमला किया गया है। लूरी जंगजाह इलाके में बलोच लड़ाकों ने पहले तो रास्ते पर कब्जा जमा लिया। फिर पास के पुलिस पोस्ट पर धावा बोला और पुलिसवालों के हथियार लूट लिये। इसी दौरान वहां से गुजर रहे आर्मी के कॉनवॉय पर हमला कर दिया।इसी तरह सिक्योरिटी कॉनवॉय को केच में भी निशाना बनाया गया है। इस हमले में कम से कम एक जवान के मारे जाने की ख़बर है।

मस्तुंग मिलिट्री कैंप पर ड्रोन हमला

बलोचिस्तान के ही मस्तुंग में मिलिट्री कैंप पर कई ड्रोन हमले किये गये हैं। दावा किया जा रहा है कि इन ड्रोन हमलों को BLA की क़हर यूनिट ने अंजाम दिया है। क़हर BLA की ड्रोन यूनिट है। इसी यूनिट ने ऑपरेशन हिरोफ 2 के दौरान भी ड्रोन हमले किये थे।दो दिन पहले पंजगुर में भी पाकिस्तानी आर्मी के चेकपोस्ट पर बड़ा हमला किया गया था। इसमें कुछ जवानों के मारे जाने की भी बात सामने आ रही है। इसी तरह वासुक और खारान में भी बागी बलोचों ने सिक्योरिटी फोर्सेज़ को निशाना बनाया है।

खारान में कराची रोड पर कब्ज़ा

खारान के सरावन इलाके में बलोच बागियों ने कराची रोड को कई घंटों तक अपने कब्जे में कर लिया था। इस दौरान उन्होंने इलाके के लोगों से भी बात की और पाकिस्तान के खिलाफ उनके अभियान में साथ देने की अपील की।लेकिन अगर किसी को ये लग रहा है कि ये सबकुछ तो बलोचिस्तान में हो रहा है। इससे रावलपिंडी और इस्लामाबाद पर कोई ख़तरा नहीं है तो ज़रा ठहरिये। क्योंकि इस तरह के हमले केवल बलोचिस्तान में नहीं बल्कि खैबर पख़्तूनख्वा में भी हो रहे हैं।ये बन्नू में तालिबान समर्थित हथियारबंद लड़ाकों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया है। बाका खेल इलाके में दोनों तरफ से कई घंटों तक गोलीबारी चलती रही।

पाक-अफगान बॉर्डर पर भी भीषण हमला

वही डूरंड लाइन पर भी पाकिस्तान की सेना पर प्रेशर बना हुआ है। अफगानिस्तान की तरफ से डूरंड लाइन पर तोर कमर की पाकिस्तानी पोस्ट पर भीषण हमला किया गया है। इससे पहले दुनिया देख चुकी है कि तालिबान के ड्रोन्स इस्लामाबाद और रावलपिंडी के आसमान तक में दस्तक दे चुके हैं। इसके अलावा इस्लामाबाद तक की मस्जिद और कोर्ट में धमाके हो चुके हैं।

पाकिस्तान की मुश्किल

अगर पीस टॉक के दौरान पाकिस्तान में कोई हमला हो जाता है तो पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत की वजह बन सकता है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कर्फ्यू लगा दिया है। लोगों को घरों में रहने के आदेश दिये गये हैं। बाज़ार बंद करवा दिये गये हैं। यानी इस पीस टॉक का खामियाज़ा इस्लामाबाद और रावलपिंडी की पब्लिक को झेलना पड़ रहा है।

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