जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। बडगाम के यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाके में चलाए गए Operation Ashdar में मारे गए आतंकी की पहचान Yasir के रूप में हुई है। वह पाकिस्तानी नागरिक तथा कुख्यात हाफिज सईद के प्रतिबंधित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba (LeT) का सदस्य था। पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि करते हुए कहा कि वह शुक्रवार को ऑपरेशन में मारा गया।
अधिकारियों के मुताबिक उसका नाम जम्मू-कश्मीर में 2024 के कम से कम तीन बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा था। इनमें Poonch में Indian Air Force convoy पर हमला, Sonamarg के Gangangir में निर्माणकर्मियों पर हमला और Gulmarg के Bota Pathri में Army vehicle पर हमला शामिल है।
यासिर तक कैसे पहुंचे सुरक्षा बल ?
यासिर तक पहुंचने की कहानी किसी अचानक हुई मुठभेड़ की नहीं, बल्कि खुफिया इनपुट, निगरानी और पहाड़ी इलाकों में की गई लंबी ट्रैकिंग की है।सुरक्षा बलों को आतंकियों के एक समूह की आवाजाही की जानकारी मिली थी। यह समूह Poonch के Ashdar Gali क्षेत्र से Pulwama के Pakherpora की दिशा में Yusmarg के रास्ते बढ़ रहा था। सेना ने इस मूवमेंट को ट्रैक किया और Pir Panjal की ऊंची पहाड़ियों में संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई।
इसके बाद 3 सितंबर को आतंकियों का पता लगाते हुए इलाके में घेरा डाला गया। और अंतत: पांच सितंबर को उसे ढेर कर दिया गया।
इलाका बेहद दुर्गम था। मुठभेड़ की जगह लगभग 12,000 से 15,500 फीट की ऊंचाई पर बताई गई है। बड़े-बड़े पत्थरों और प्राकृतिक गुफाओं वाला यह इलाका आतंकियों के छिपने के लिए महफूज माना जाता है। ऊपर से लगातार बारिश और बेहद कम दृश्यता ने ऑपरेशन को और मुश्किल बनाया।
रिपोर्टों के मुताबिक कुछ समय पर दृश्यता लगभग पांच मीटर तक सीमित हो गई थी। इसके बावजूद Army, Jammu and Kashmir Police और CRPF की संयुक्त कार्रवाई जारी रही। घटनास्थल से AK-series rifle और अन्य war-like stores बरामद किए गए।
2024 के हमलों में यासिर का रोल
यासिर की पहचान होने के बाद इस ऑपरेशन का महत्व अचानक बढ़ गया। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक उसकी मौजूदगी पहली बार 2024 में सामने आई थी और खुफिया सूचनाओं में उसका नाम कई बड़े हमलों से जोड़ा गया।
4 मई 2024 को Poonch के Shahsitar इलाके में IAF convoy पर हमला हुआ था। Surankote क्षेत्र में Sanai Top की तरफ लौट रहे वायुसेना के वाहनों पर आतंकियों ने घात लगाकर गोलीबारी की। हमले में एक IAF कर्मी की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए। Yasir उस हमले में शामिल आतंकी समूह का हिस्सा था।
20 अक्टूबर 2024 को Sonamarg के Gangangir क्षेत्र में हमला हुआ। आतंकियों ने निर्माण परियोजना से जुड़े कर्मचारियों और अन्य लोगों को निशाना बनाया। इस हमले में सात लोगों की मौत हुई, जिनमें एक स्थानीय डॉक्टर भी शामिल था। इसमें यासिर का नाम आया। बाद की जांच में Lashkar commander Junaid Ahmed Bhat का नाम भी सामने आया।
इसके केवल चार दिन बाद 24 अक्टूबर 2024 को Bota Pathri, Gulmarg क्षेत्र में Army vehicle पर हमला हुआ। आतंकियों ने Nagin post की ओर जा रहे वाहन को निशाना बनाया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक दो सैनिक और दो Army porters मारे गए, जबकि कई सैनिक घायल हुए। Yasir को इस हमले में शामिल समूह का हिस्सा बताया गया।
किस नेटवर्क से जुड़ा था यासिर ?
Yasir अकेले काम नहीं कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक वह LeT commander Junaid Ahmed Bhat के नेतृत्व वाले समूह से जुड़ा था। Junaid को सुरक्षा बलों ने 3 दिसंबर 2024 को Srinagar के बाहरी इलाके में Dachigam forest में मार गिराया था। पुलिस ने उसे Gangangir हमले से जुड़े प्रमुख आतंकियों में बताया था।
लेकिन Junaid के मारे जाने के बाद भी उसके नेटवर्क के सभी सदस्य खत्म नहीं हुए। रिपोर्टों के मुताबिक Yasir और एक अन्य LeT आतंकी Musa अलग-अलग इलाकों में छिपते रहे। दोनों के Yusmarg और Pulwama बेल्ट में छिपे होने तथा बाद में Pir Panjal के दूसरी तरफ जाने की जानकारी भी सामने आई। इसी नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखते हुए सुरक्षा बलों ने इस बार पहाड़ी रास्तों में उनकी आवाजाही को ट्रैक किया।
अब Musa की तलाश
Yasir के मारे जाने के बावजूद Operation Ashdar को तुरंत खत्म नहीं किया गया है। सुरक्षा बलों को आशंका है कि उसका साथी Musa अभी भी इलाके में छिपा हो सकता है। इसलिए सुरक्षा बल इलाके में लगातार search और sanitisation operation चला रहे हैं। ऊंचाई, बारिश, घने पहाड़ी क्षेत्र और कम visibility के कारण यह अभियान सामान्य जंगल ऑपरेशन की तुलना में कहीं अधिक कठिन है।
2026 में अभी तक J&K में कितने आतंकी मारे गए?
जम्मू-कश्मीर में 2026 के दौरान आतंकरोधी अभियान लगातार चलते रहे हैं। उपलब्ध सुरक्षा-घटनाक्रम के अनुसार अगस्त की शुरुआत तक जम्मू-कश्मीर में लगभग 11 आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट थी। इसमें अलग-अलग anti-terror और anti-infiltration operations शामिल थे।
कुछ प्रमुख मुठभेड़:-
| तारीख | स्थान/ऑपरेशन | नतीजा |
| 23 जनवरी 2026 | Billawar, Kathua | पाकिस्तानी JeM आतंकी Usman alias Abu Maviya मारा गया |
| 1 अप्रैल 2026 | Arhama, Ganderbal | एक आतंकी मारा गया; पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई |
| 12 मई 2026 | Krishna Ghati, Poonch | घुसपैठ की कोशिश नाकाम; एक संदिग्ध LeT infiltrator के मारे जाने की सूचना |
| 8 जुलाई 2026 | Chanapora, Shopian | LeT आतंकी Zakir Ganai मारा गया |
| 4 सितंबर 2026 | Ashdar Gali/Yusmarg, Budgam | पाकिस्तान निवासी LeT आतंकी Yasir मारा गया |








