अफ़्रीका के मिलिट्री ड्रोन मार्केट में चीन अपने ड्रोनों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। अब आइवरी कोस्ट नया Wing Loong II ऑपरेटर बना है। चीन ने इस पश्चिम अफ्रीकी देश को हाल ही में अपना दो विंग लूंग II कॉम्बैट ड्रोन सौंपा है। इससे अफ्रीका में चीन में बने इस प्लेटफॉर्म की पहुंच और बढ़ गई है। इसके साथ चीन इस बाज़ार में अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है, जो लंबे समय से MQ-9 रीपर जैसे अमेरिकी सिस्टम से जुड़ा रहा है। यह अफ्रीका में चीन की बढ़ती सैन्य-तकनीकी पैठ की बात को सामने लाता है।
‘विंग लूंग II’ (Wing Loong II) की खरीद ऐसे समय में हुई है जब अफ्रीका में ड्रोन के बढ़ते बाज़ार के लिए अंतरराष्ट्रीय रक्षा निर्माता कंपनियों के बीच होड़ मची है और चीन, तुर्की, अमेरिका, रूस व अन्य देशों के सप्लायर इस महाद्वीप में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इथियोपिया, नाइजीरिया, माली, बुर्किना फासो, सूडान और सोमालिया जैसे देशों में संघर्षों के दौरान मिलिट्री ड्रोन का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है।
इसके बीच अफ्रीका में चीन के ड्रोन निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। चीनी निर्माताओं ने उन अफ़्रीकी सरकारों को हथियारबंद और बिना हथियारों वाले UAV (ड्रोन) सप्लाई किए हैं जो बड़े इलाकों में विद्रोह, जिहादी समूहों, सीमा-सुरक्षा के खतरों और संघर्षों का सामना कर रही हैं।
अफ्रीका में चीन पहले से ही फाइटर एयरक्राफ्ट, ट्रेनर्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकाप्टर का बड़ा सप्लायर है। नाइजीरिया, सूडान, अंगोला तंजानिया, घाना, केन्या सहित विभिन्न देश चीन के इन प्रोडक्टस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Wing Loong II वाला दूसरा पश्चिम अफ्रीकी देश बना आइवरी कोस्ट
आइवरी कोस्ट के रक्षा मंत्रालय और चीन की कंपनी ‘चाइना नेशनल एयरो-टेक्नोलॉजी इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन’ (CATIC) के बीच जून 2024 में हुए समझौते के तहत आइवरी कोस्ट को ये ड्रोन मिले हैं। नाइजीरिया के बाद, यह इन ड्रोन्स का इस्तेमाल करने वाला दूसरा पश्चिमी अफ़्रीकी देश बन गया है। नाइजीरिया को चीन से Wing Loong II की पहली डिलीवरी नवंबर 2020 में मिली थी। साथ ही, ये अफ़्रीकी देशों द्वारा चीनी UAV अपनाने के बढ़ते चलन का हिस्सा हैं।
आइवरी कोस्ट के पारंपरिक रूप से फ्रांस के साथ करीबी सैन्य संबंध रहे हैं, लेकिन अब उसने चीन, अमेरिका और यूरोपीय संघ को शामिल करते हुए अपने रक्षा संबंधों का दायरा बढ़ाया है।
अफ्रीका में किन देशों के पास हैं चीनी काम्बैट ड्रोन ?
वहीं जब बात पूरे अफ्रीका की हो तो, अल्जीरिया और मोरक्को ने भी ‘विंग लोंग II’ एयरक्राफ्ट हासिल किए हैं। जबकि मिस्र ‘विंग लोंग’ परिवार के अन्य ड्रोन का इस्तेमाल करता है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और इथियोपिया जैसे देशों ने भी चीन के कॉम्बैट ड्रोन (लड़ाकू ड्रोन) हासिल किए हैं।
अफ्रीकी देश क्यों खरीद रहे हैं चीनी Wing Loong ?
यह उन्हें अपेक्षाकृत कम लागत में लंबे समय तक निगरानी + सटीक हमला करने वाली क्षमता देता है। इसे केवल “सस्ता Reaper” कहना ठीक नहीं होगा, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी बाजार ताकत है। Wing Loong सीरीज़ को अक्सर US के हथियारबंद ड्रोन, जैसे MQ-1 Predator और MQ-9 Reaper, के सस्ते चीनी विकल्प के तौर पर देखा जाता है। Wing Loong I के शुरुआती वर्शन की कीमत लगभग $1 मिलियन से $2 मिलियन प्रति एयरक्राफ्ट होने का अनुमान था, जो उस समय के US के इसी तरह के सिस्टम की तुलना में काफी कम थी।
अफ्रीका के कई देशों की प्राथमिकता युद्ध नहीं बल्कि Boko Haram, ISIS-affiliated groups, al-Shabaab, insurgents और armed groups पर निगरानी और precision strikes है। नाइजीरिया ने अपने Wing Loong II को counter-insurgency और anti-banditry operations के लिए उपयोगी बताया था। यह भी चीन की एक बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त है कि उसके ड्रोन निर्यात पर अमेरिका जैसी पाबंदियां नहीं हैं। जिसके चलते इसे अफ्रीकी देशों के लिए खऱीदना आसान होता है।
चीन से खऱीदार को केवल ड्रोन नहीं मिलता—ground-control infrastructure, training, weapons और support ecosystem भी deal का हिस्सा बन सकते हैं। इससे ऐसे देशों के लिए entry barrier कम होता है जिनके पास अत्याधुनिक indigenous UAV infrastructure नहीं है।
अफ्रीका में अमेरिकी MQ-9 Reaper ?
अफ्रीका में अमेरिका के MQ-9 Reaper की सीमित मौजूदगी है। इसे अफ्रीकी देशों ने बड़ी संख्या में खरीदकर अपने बेड़े में शामिल नहीं किया, बल्कि अमेरिका ने अपने counter-terrorism और ISR operations के लिए अफ्रीकी ठिकानों से इसका संचालन किया है।
- अमेरिका अफ्रीका में जिबूती और नाइजीरिया जैसे देशों में आतंकवाद-रोधी अभियानों, खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी के लिए MQ-9 Reaper ड्रोन का उपयोग करता है।
- पश्चिम अफ्रीका में जिहादी समूहों (जैसे बोको हराम और आईएसआईएस) से मुकाबले के लिए अमेरिका ने नाइजीरिया में अपने सैनिकों के साथ MQ-9 रीपर ड्रोन तैनात किए हैं।
- जिबूती का शाबेलिए एयरफील्ड (Chabelley Airfield) और नाइजीरिया का बाउची एयरफील्ड (Bauchi Airfield) अमेरिकी ड्रोन संचालन के मुख्य केंद्र हैं।
क्या हैं विंग लूंग II की खूबियां ?
Wing Loong II चीन का MALE (Medium Altitude Long Endurance) सशस्त्र ड्रोन है। इसे खास तौर पर लंबी अवधि की निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और precision strike के लिए बनाया गया है। इसे अक्सर अमेरिकी MQ-9 Reaper की श्रेणी का चीनी विकल्प माना जाता है।
- विंग लूंग II ज़्यादा पेलोड क्षमता, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता देता है।
- यह एक मध्यम ऊंचाई और लंबी अवधि तक उड़ान भरने वाला शक्तिशाली सशस्त्र मानवरहित हवाई यान है।
- यह ड्रोन लगातार 20 से 32 घंटे तक हवा में रहने में सक्षम है।
- इसकी अधिकतम रफ्तार 370 किमी/घंटा है।
- यह करीब 400 से 480 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है।
18 से ज्यादा देशों के पास चीनी कॉम्बैट ड्रोन
अगर अफ्रीकी देशों को अलग रख दें, तो चीन के Combat UAVs (UCAVs) के ऑपरेटर मुख्य रूप से दक्षिण एशिया, मध्य एशिया, मध्य-पूर्व और यूरोप में हैं।
अफ्रीका के बाहर प्रमुख देश
| देश | चीनी Combat Drone | स्थिति/टिप्पणी |
|---|---|---|
| पाकिस्तान | CH-3, CH-4, Wing Loong II | सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेटरों में से एक; Wing Loong II के स्थानीय उत्पादन की भी योजना/व्यवस्था |
| सऊदी अरब | CH-4, Wing Loong I/II | बड़े पैमाने पर इस्तेमाल; यमन युद्ध में Chinese UCAVs के इस्तेमाल की रिपोर्ट |
| UAE | Wing Loong I/II | चीन के सबसे बड़े विदेशी ग्राहकों में से एक |
| इराक | CH-4, CH-5 | ISIS के खिलाफ अभियानों में CH-4 का इस्तेमाल किया गया |
| जॉर्डन | CH-4 | लगभग 6 CH-4; बाद में इन्हें बेचने की कोशिश की गई |
| इंडोनेशिया | CH-4 | लगभग 6 CH-4 की खरीद/ऑपरेशन की रिपोर्ट |
| कजाखस्तान | Wing Loong I | चीनी UCAV का ऑपरेटर |
| तुर्कमेनिस्तान | Wing Loong I | चीनी armed UAV का उपयोग |
| सर्बिया | CH-92A | यूरोप में चीनी armed drone का प्रमुख ऑपरेटर |
| म्यांमार | Chinese armed UAVs | चीनी UCAVs के इस्तेमाल की रिपोर्ट |
| लाओस | Chinese UAVs | चीनी UAV inventory में शामिल होने की रिपोर्ट |
| उज़्बेकिस्तान | Chinese UAVs | चीनी UAVs की procurement/operation की रिपोर्ट |








