इजरायल भले ही मुख्य रूप से गाजा पट्टी और ईरान के साथ लड़ाई में उलझा हुआ हो, लेकिन उसका हथियार भंडार और हवाई बेड़ा लगातार उन्नत हो रहा है। हाल ही में इजरायली कंपनी IAI (इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज) ने नई पीढ़ी का मल्टी-मिशन एयरक्राफ्ट ‘एलयॉन’ (Ellyon) पेश किया है। जो इलेक्ट्रॉनिक अटैक (EA) और एडवांस्ड इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन और टोही (ISTAR) क्षमताओं को एक साथ सामने लाता है। यह इलेक्ट्रो मैग्नेटिक स्पेक्ट्रम और जटिल आधुनिक युद्ध परिवेश में हवाई श्रेष्ठता बनाए रखने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
यह सैकड़ों किलोमीटर दूर से ‘स्टैंड-ऑफ़’ ऑपरेशन करने में सक्षम है और साथ ही प्लेटफ़ॉर्म के जोखिम को कम रखता है। यह इंटेलिजेंस का पता लगाता है, उसे इकट्ठा और क्लासिफ़ाई करता है। और साथ ही युद्ध के मैदान में मौजूद कई तरह के सिस्टम के ख़िलाफ़ इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेज़र, रुकावट पैदा करने और EA ऑपरेशन भी करता है।
इसका AI-आधारित मल्टी-मिशन मैनेजमेंट सिस्टम ऑनबोर्ड सेंसर से मिली जानकारी को प्रोसेस करता है, इंटेलिजेंस से जुड़ी अहम जानकारियां तैयार करता है और उन्हें सैटेलाइट कम्युनिकेशन के ज़रिए कमांड सेंटर्स, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन्स और हवा में मौजूद अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स तक रियल-टाइम में भेजता है।
इससे पहले से नेवातिम एयरबेस पर इज़राइली वायु सेना का 122 स्क्वाड्रन ” Nachshon” अभी छह SIGINT, कॉन्फ़ॉर्मल एयरबोर्न अर्ली वार्निंग (CAEW) और ISTAR विमान ऑपरेट कर रहा है।
ऑल-इन-वन” हवाई प्लेटफॉर्म है Ellyon –
इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक वारफेयर और टोही विमान में फुल-स्पेक्ट्रम फ्रीक्वेंसी जैमिंग और कवरेज, उन्नत खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमताएं, SIGINT, लंबी दूरी का SAR/GMTI रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसरिंग तथा वाइड-बैंड सैटेलाइट कम्युनिकेशन (SATCOM)को एकीकृत किया गया है, जिससे यह एक “ऑल-इन-वन” हवाई प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है।
यानी ELLYON कोई एक सामान्य टोही विमान नहीं, बल्कि Multi-Mission EW + SIGINT + ISTAR (Intelligence, Surveillance, Target Acquisition & Reconnaissance) एयरबोर्न प्लेटफॉर्म माना जा सकता है। यह एक ही विमान में Electronic Attack, SIGINT, SAR/GMTI Radar, EO/IR Sensors और SATCOM को जोड़ने की अवधारणा पर आधारित है।
| क्षमता | विवरण |
| Electronic Attack (EA) | दुश्मन के रडार और कम्युनिकेशन को व्यापक electromagnetic spectrum में जैम करने के लिए डिजाइन किया गया है। एक ही मिशन में रडार और communication—दोनों की jamming कर सकता है। |
| SIGINT | दुश्मन के communications और electromagnetic emitters को detect, locate और record करके उसकी Electronic Order of Battle (EOB) तैयार करने में मदद करता है। |
| SAR/GMTI Radar | लंबी दूरी का रडार जमीन पर मौजूद स्थिर और moving targets की जानकारी जुटा सकता है। |
| SATCOM | Satellite Communication के जरिए Beyond-Line-of-Sight (BLOS) connectivity प्रदान करता है। |
किस विमान पर आधारित है यह?
दुनिया की जानी-मानी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी IAI ने ELLYON को platform-agnostic बताया है, यानी ELLYON को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह किसी खास प्लेटफ़ॉर्म तक सीमित नहीं है और इसे कई बड़े बिज़नेस जेट प्लेटफ़ॉर्म पर लगाया जा सकता है। सार्वजनिक प्रदर्शन में इसे Bombardier Global 6500 पर आधारित configuration में दिखाया गया है।
इजरायली बेड़े में नया क्या?
- 20 जुलाई को Ellyon को दुनिया के सामने लाया गया।
- नए एयरक्राफ़्ट कॉन्फ़िगरेशन की घोषणा कंपनी के एक और प्लेटफ़ॉर्म — ‘हिप्नोसिस’ — के साथ की गई। यह UAVs का मुक़ाबला करने के लिए बनाया गया एक काउंटर-नेविगेशन सिस्टम है।
- 8 अगस्त को, इज़राइल ने ‘एरो’ मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम के अपग्रेडेड वर्शन का सफ़लतापूर्वक परीक्षण किया, जिसे विकसित करने में IAI ने मदद की थी।
इसमें सबसे उन्नत क्षमताएं किसके पास ?
इस श्रेणी में वर्तमान में सबसे उन्नत क्षमताएं मुख्य रूप से अमेरिका और इजराइल के पास हैं। इसमें ELLYON सबसे उन्नत माना जा रहा है।
ELLYON बनाम अमेरिकी और चीनी प्लेटफॉर्म
| क्षमता | ELLYON (इजराइल) | RC-135 (USA) | EA-37B (USA) | Y-9JB (China) |
|---|---|---|---|---|
| SIGINT | ✅ | ✅✅ | ✅ | ✅ |
| Electronic Attack | ✅ | सीमित | ✅✅ | ✅ |
| Radar Jamming | ✅ | सीमित | ✅✅ | ✅ |
| SAR/GMTI Radar | ✅ | ❌ | ❌ | सीमित |
| EO/IR Sensors | ✅ | सीमित | ❌ | संभव |
| SATCOM | ✅ | ✅ | ✅ | ✅ |
| Multi-role “All-in-one” क्षमता | ✅ | ❌ | ❌ | सीमित |
इस श्रेणी में भारत के पास क्या ?
भारत के पास अभी ELLYON (इजराइल) जैसी पूरी तरह एकीकृत Multi-Mission EW + SIGINT + SAR/GMTI + Electronic Attack एयरबोर्न प्लेटफॉर्म क्षमता वाला कोई ऑपरेशनल विमान नहीं है। लेकिन भारत के पास कुछ अलग-अलग प्लेटफॉर्म हैं जो इसकी कुछ क्षमताओं को पूरा करते हैं।
AWACS/AEW&C: भारत के पास DRDO द्वारा विकसित नेत्रा (Netra) और इजरायली फाल्कन रडार से लैस एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम हैं, जो जासूसी और हवाई निगरानी करते हैं, लेकिन इनमें ELLYON जैसी आक्रामक पूर्ण-स्पेक्ट्रम इलेक्ट्रॉनिक अटैक क्षमता नहीं है। फिलहाल DRDO, AEW&C Mk-II (Airborne Early Warning & Control Mk-II) प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जो आगे चलकर भारत की क्षमताओं को उन्नत करेगा।
भारत अपने लड़ाकू विमानों (जैसे सुखोई Su-30MKI और तेजस) में स्वदेशी और विदेशी इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर (ECM) पॉड्स और जैमर का उपयोग करता है, न कि ELLYON की तरह एक बड़े बिजनेस-जेट आधारित स्टैंड-ऑफ प्लेटफॉर्म का।








