भारत के खिलाफ ज़हर उगलने वाला भारत कैसे पहुंचा ?
एक बांग्लादेशी जिसने भारत के खिलाफ लगातार ज़हर उगला हो, जिसने भारत के खिलाफ गज़वा-ए-हिंद करने का ऐलान किया हो, वो एकाएक भारत में अपने पिता के साथ दिखता है। तो ज़ाहिर है कि सवाल तो उठेंगे कि आखिर इसे भारत कैसे और किसने आने दिया ? क्या उन्होंने इस रैडिकल इस्लामिस्ट बांग्लादेशी का बैकग्राउंड चेक नहीं किया ? क्या उन्हें नहीं पता कि भारत से नफरत करने वाले मोहम्मद युनूस की टीम का ये हिस्सा था ? सवाल कई है, पर जवाब देने वाला अभी कोई नहीं है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि एंटी-इंडिया और प्रो पाकिस्तानी सर्जिस आलम भारत में देखा गया है। ये वही बांग्लादेशी सर्जिस आलम है अपने इस्लामवादी झुकाव और भारत-विरोधी बयानों के लिए मश्हूर हुआ था। वायरल दावे के मुताबिक इन दिनों वो अपने पिता अकतरुज़्ज़मान सज्जू के इलाज के लिए कोलकाता, भारत आया हुआ है। हांलाकि उसके भारत आने पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उसका भारत आना न केवल राजनीतिक और सुरक्षा गलियारों में चर्चा का विषय बना है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी विवाद का कारण बन गया है।
कौन हैं सर्जिस आलम ?
- जन्म: 2 जुलाई 1998, पंचगढ़ जिला, बांग्लादेश।
- भूमिका: राजनीतिक कार्यकर्ता, राष्ट्रीय सिटिजन पार्टी (NCP) से जुड़े।
- पृष्ठभूमि: छात्र आंदोलनों और संगठनों में सक्रिय, बाद में इस्लामिस्ट विचारधारा का समर्थक बना।
- बयानबाज़ी: भारत विरोधी वक्तव्यों और “ग़ज़वा-ए-हिंद” जैसे कट्टरपंथी नारों का प्रचार।
कब-कब भारत के खिलाफ ज़हर उगला ?
- अक्टूबर 2024:
- जुलाई शहीद स्मृति फाउंडेशन के महासचिव रहते हुए आलम ने भारत को “बांग्लादेश की संप्रभुता के लिए खतरा” बताया।
- सोशल मीडिया पोस्ट में उसने पाकिस्तान की नीतियों का समर्थन किया और भारत को “इस्लाम विरोधी ताकत” कहा।
- जनवरी 2025:
- ढाका में आयोजित छात्र रैली में आलम ने “ग़ज़वा-ए-हिंद” का उल्लेख करते हुए भारत के खिलाफ धार्मिक उकसाव वाले बयान दिए।
- उसे दावा किया कि “भारत विरोधी संघर्ष इस्लामी कर्तव्य है।”
- जुलाई 2025 (ढाका, जमात-ए-इस्लामी रैली):
- आलम ने भारत पर “बांग्लादेश की राजनीति में ज़हर घोलने” का आरोप लगाया।
- शेख हसीना को “हत्यारिन” कहकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की।
- भारत समर्थक मुजीबपंथी ताकतों को निशाना बनाया और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए।
- मार्च–अप्रैल 2026:
- सोशल मीडिया पर आलम के पुराने भारत विरोधी बयान फिर से वायरल हुए, जब वो अपने पिता के इलाज के लिए भारत आया।
- भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया यूज़र्स ने उसके रुख और निजी निर्णयों के बीच विरोधाभास को उजागर किया।
लोगों ने सर्जिस आलम पर क्या कहा ?
- सोशल मीडिया बैकलैश:
- भारतीय और बांग्लादेशी यूज़र्स ने आलम को “पाखंडी” और “दोहरी नीति” अपनाने वाला बताया।
- फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हजारों पोस्ट आलम का मज़ाक उड़ाते हुए वायरल हो रहे हैं।
- राजनीतिक प्रतीकवाद:
- यह घटना भारत की स्वास्थ्य सेवाओं पर क्षेत्रीय निर्भरता को उजागर करती है।
- भारतीय यूज़र्स इसे भारत की सॉफ्ट पावर का प्रतीक मान रहे हैं—जहाँ विरोधी आवाज़ें भी भारत की सेवाओं पर निर्भर होती हैं।
- विरोधाभास:
- भारत विरोधी बयानबाज़ी और भारत पर व्यक्तिगत निर्भरता के बीच स्पष्ट विरोधाभास।
सर्जिस आलम को भारत से वापस भेजा जाए
वैसे तो भारत मानवीय आधार पर बांग्लादेशियों को मेडिकल वीज़ा देता है, लेकिन कट्टरपंथी झुकाव वाले व्यक्तियों को आमतौर पर निगरानी सूची में रखा जाता है। “ग़ज़वा-ए-हिंद” जैसे उग्रवादी नारे और पाकिस्तान समर्थक रुख के कारण भारतीय खुफिया एजेंसियां उसके ठहराव पर नज़र रख सकती हैं, लेकिन यदि वो भारत में रहते हुए राजनीतिक बयान देता है तो विवाद बढ़ सकता है। ऐसे में भारतीय एजेंसियों की किसी भी कार्रवाई से सोशल मीडिया पर कवरेज और प्रतिक्रियाएं तेज़ हो सकती हैं। पर सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि भारत इसकी एंट्री कैसे हो गयी, अगर इसके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की जाती तो बांग्लादेशियों के हौसले और ज्यादा बढ़ सकते हैं। उन्हें ये सबक मिलना चाहिए कि अगर वो भारत विरोधी काम करते हैं तो फिर भारत में उनके लिए कोई जगह नहीं है। अच्छा यही होगा कि जल्द से जल्द सर्जिस आलम को बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाना चाहिए।
क्या वाकई सर्जिस आलम भारत में है ?
जी हां, क्योंकि सर्जिस आलम को डिपोर्ट तो तब किया जाएगा ना जब वो वाकई भारत में होगा। फैक्ट चेक में ये पाया गया कि AI जेनेरेटेड इमेज के ज़रिए सर्जिस आलम के भारत में होने की खबर वायरल की गयी, जबकि सच्चाई ये है कि सर्जिस आलम भारत में नहीं बल्कि बांग्लादेश में ही है।








