रूस का यूक्रेन पर बैलिस्टिक, क्रूज, हाइपरसोनिक मिसाइलों और ड्रोन बौछार, कीव बना मुख्य निशाना, रोमानिया और मोल्दोवा तक पहुंचा असर

By Defence Detective

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Russian missile attack on Kyiv Ukraine leaves building on fire, 16 killed

रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े और जटिल संयुक्त हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। हमले में बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। कीव तथा उसके आसपास का क्षेत्र मुख्य निशाना रहा। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत और 40 से अधिक लोग घायल हुए। राजधानी के आवासीय इलाकों के अलावा स्कूल, बच्चों के अस्पताल, किंडरगार्टन, गोदाम और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार रूस ने हमले में 168 ड्रोन के अलावा दर्जनों बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं। यह हमला लगभग नौ घंटे तक चला। यूक्रेन का दावा है कि उसकी वायु रक्षा ने बड़ी संख्या में ड्रोन और अधिकांश क्रूज मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन तेज गति वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ।

रूस की मल्टी-लेयर स्ट्राइक रणनीति

इस हमले की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रूस की मल्टी-लेयर स्ट्राइक रणनीति रही। यानी एक साथ कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया। यूक्रेनी रिपोर्टों के अनुसार-

रूस ने बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र पर आने वाली Oniks, Zircon, Iskander-M और S-400 से जुड़ी मिसाइलों के साथ 36 Kh-101/Iskander-K/Kh-59 क्रूज अथवा एयर-लॉन्च मिसाइलें, आठ Kalibr क्रूज मिसाइलें और लोइटरिंग म्यूनिशन इस्तेमाल किए।

इसके अतिरिक्त Shahed, Gerbera और Parodiya श्रेणी के कुल 168 ड्रोन भेजे गए।

इन हथियारों की प्रकृति अलग-अलग है। क्रूज मिसाइलें कम ऊंचाई पर लंबी दूरी तय करके लक्ष्य तक पहुंच सकती हैं। जबकि बैलिस्टिक मिसाइलें बहुत अधिक गति से नीचे की ओर आती हैं और इन्हें रोकने के लिए विशेष एंटी-बैलिस्टिक क्षमता चाहिए।

हाइपरसोनिक Zircon जैसे हथियार रूस की उस क्षमता को दर्शाते हैं जिसमें अत्यधिक गति वाले हथियारों को पारंपरिक वायु रक्षा के लिए कठिन लक्ष्य बनाया जाता है।

यही वजह है कि एक ही हमले में विभिन्न प्रकार के हथियारों को मिलाकर इस्तेमाल करना यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पर अलग-अलग दिशाओं और गति से दबाव डालता है।

168 ड्रोनों ने बढ़ाया दबाव

मिसाइल हमले के साथ 168 ड्रोन भेजना भी रूस की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा था। इनमें Shahed-प्रकार के हमला करने वाले ड्रोन तथा Gerbera और Parodiya जैसे ड्रोन शामिल थे। यूक्रेन के अनुसार उसकी वायु रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर इकाइयों ने 145 ड्रोन को नष्ट या निष्क्रिय किया।

इसके अलावा 31 Kh-101/Iskander-K/Kh-59 मिसाइलों, आठ Kalibr और दो Banderol हथियारों को भी नष्ट या दबाने का दावा किया गया।

ड्रोन की बड़ी संख्या का एक उद्देश्य वायु रक्षा प्रणालियों को लंबे समय तक सक्रिय रखना और उनकी प्रतिक्रिया क्षमता पर दबाव डालना भी हो सकता है।

कीव क्यों बना मुख्य निशाना?

यूक्रेन की वायुसेना ने स्पष्ट किया कि हमले का मुख्य निशाना कीव क्षेत्र था। राजधानी के अलावा Brovary और Boryspil जैसे आसपास के इलाकों में भी हमले और मलबा गिरने की घटनाएं दर्ज हुईं।

रूस ने यह दावा किया कि उसके हमलों का उद्देश्य यूक्रेन की सैन्य और रक्षा औद्योगिक क्षमता को नुकसान पहुंचाना था। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कीव और आसपास ड्रोन कंपोनेंट बनाने वाली सुविधाओं, सैन्य डिपो और लॉजिस्टिक्स हब को निशाना बनाया गया।

इससे हमले का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहलू सामने आता है। रूस केवल अग्रिम मोर्चे पर मौजूद यूक्रेनी सैन्य इकाइयों को नहीं, बल्कि ड्रोन निर्माण, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।

आवासीय इलाकों में भारी तबाही

हमले का सबसे गंभीर मानवीय प्रभाव कीव में दिखाई दिया। Solomianskyi जिले में नौ मंजिला आवासीय इमारत के ऊपरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और आग लग गई। राजधानी और आसपास के इलाकों में लगभग 30 आवासीय इमारतों, एक स्कूल, बच्चों के अस्पताल और किंडरगार्टन को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है।

कीव में हजारों लोग रातभर भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और बंकरों में शरण लेने को मजबूर हुए। AP के अनुसार हमले के दौरान 38,000 से अधिक लोगों ने मेट्रो स्टेशनों में शरण ली

हमले से ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हुई। निजी ऊर्जा कंपनी DTEK ने बताया कि हमले के बाद करीब 90,000 घरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे बाद में कुछ हद तक बहाल किया गया।

Patriot की कमी बनी बड़ी कमजोरी

इस हमले ने यूक्रेन की सबसे गंभीर सैन्य जरूरतों में से एक—एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस—को फिर उजागर कर दिया है।

राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से Patriot इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति तेजी से बढ़ाने की अपील की। उनका कहना है कि उपलब्ध इंटरसेप्टर पर्याप्त नहीं हैं और हर अतिरिक्त मिसाइल नागरिकों की जान बचा सकती है। Reuters के अनुसार यूक्रेन के पास बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता सीमित है और Patriot उसके सबसे महत्वपूर्ण साधनों में शामिल है।

Guardian के अनुसार इस हमले में यूक्रेन ने 168 ड्रोन में से 145 को और 46 क्रूज मिसाइलों में से 41 को रोकने का दावा किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना बड़ी चुनौती रहा।

हमला केवल कीव तक सीमित नहीं रहा

रूस का हमला सिर्फ यूक्रेनी राजधानी तक सीमित नहीं था। Reuters के मुताबिक ओडेसा क्षेत्र में मोल्दोवा की सीमा से जुड़े क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया। वहां बंदरगाहों और जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण यूक्रेन के कृषि निर्यात पर पहले ही दबाव बढ़ चुका है।

कीव के आसपास खाद्य गोदामों और Red Cross से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई। इसका असर केवल सैन्य गतिविधियों पर नहीं बल्कि शहर की लॉजिस्टिक और नागरिक आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

रूस के हमले के बीच यूक्रेन का पलटवार

जिस समय रूस यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला कर रहा था, उसी दौरान यूक्रेन ने भी रूस के भीतर ड्रोन हमले किए। रूसी अधिकारियों ने Tatarstan क्षेत्र में औद्योगिक परिसर पर यूक्रेनी ड्रोन हमले की सूचना दी, जबकि यूक्रेनी सेना ने Krasnodar क्षेत्र में तेल रिफाइनरी और तेल टर्मिनल को निशाना बनाने का दावा किया।

इससे युद्ध का एक महत्वपूर्ण पैटर्न स्पष्ट होता है—रूस यूक्रेन के शहरों और सैन्य-औद्योगिक ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ा रहा है, जबकि यूक्रेन रूस की तेल, लॉजिस्टिक्स और सैन्य आपूर्ति व्यवस्था को निशाना बनाकर मास्को की युद्ध क्षमता पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

रोमानिया और मोल्दोवा तक पहुंचा असर

हमले का प्रभाव यूक्रेन की सीमाओं से बाहर भी दिखाई दिया। Reuters के अनुसार रूसी हमले के दौरान एक ड्रोन रोमानिया में जा गिरा, जबकि एक अन्य ड्रोन मोल्दोवा के क्षेत्र में पहुंचा। दोनों घटनाएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि रोमानिया NATO और EU का सदस्य है।

युद्ध के दौरान ड्रोन और मिसाइलों के सीमावर्ती देशों के हवाई क्षेत्र के करीब या भीतर पहुंचने की घटनाएं यूरोप के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जोखिम पैदा करती हैं। इससे NATO देशों को अपने एयर डिफेंस और निगरानी तंत्र को अधिक सतर्क रखना पड़ रहा है।

 संयुक्त हमले जारी रखता है, तो यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता और पश्चिमी देशों से मिलने वाली मिसाइल आपूर्ति युद्ध की दिशा में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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