यूक्रेन युद्ध में भारी ड्रोन अटैक का सामना कर रहे रूस ने एक नया हाई-स्पीड एंटी-ड्रोन इंटरसेप्टर पेश किया है। ‘क्रेचेत’ (Krechet) नाम का यह इंटरसेप्टर 450किलोमीटर प्रति घंटेकी अधिकतमरफ्तार पकड़ सकता है। इसके डेवलपर के मुताबिक यह रूस में अब तक पेश किया गया सबसे तेज फिक्स्ड-विंग एंटी-ड्रोन इंटरसेप्टर है।
इसकी खासियत केवल रफ्तार नहीं है। दो इलेक्ट्रिक मोटरों से चलने वाला यह इंटरसेप्टर कैटापल्ट से लॉन्च किया जाता है। यानी इसे एक विशेष लॉन्चिंग सिस्टम की मदद से बिना रनवे के हवा में उड़ाया जाता है। जिसके बाद ड्रोन अपनी मोटर/इंजन से उड़ान जारी रखता है। इसमें रिवर्स-स्वेप्ट विंग दिए गए हैं।
🇷🇺 Russia rolls out its fastest anti-drone interceptor
Russia has developed the Krechet, a fixed-wing interceptor capable of reaching speeds of up to 450 km/h, enabling it to chase down and intercept enemy UAVs, Alexey Chadayev, head of the Ushkuynik research and production… pic.twitter.com/cJ9yP0cbtY
रूस के कुबिंका स्थित पैट्रियट पार्क में 8-10 सितंबर तक आयोजित International Technology Congress के दौरान ‘क्रेचेत’ पहली बार सार्वजनिक रूप से पेश किया गया। यह जानकारी ‘क्रेचेत’ डेवलपर Ushkuynik Research and Production Centre के प्रमुख एलेक्सी चादायेव ने दी। रूसी मीडिया में प्रकाशित उनके बयान के मुताबिक इंटरसेप्टर को खास तौर पर दुश्मन के UAV का पीछा करके उसे हवा में रोकने के लिए बनाया गया है।
‘क्रेचेत’ की सबसे बड़ी खासियत?
‘क्रेचेत’ की सबसे बड़ी खासियत तो इसकी स्पीड है। डेवलपर के मुताबिक इतनी ज्यादा गति का मकसद केवल तेज उड़ना नहीं, बल्कि दुश्मन ड्रोन तक जल्दी पहुंचना है। इंटरसेप्टर टारगेट के पीछे जाकर उसकी गति से आगे निकलने की कोशिश करता है और फिर उसे नष्ट करता है।
यही क्षमता इसे कम रफ्तार वाले एंटी-ड्रोन ड्रोन से अलग बनाती है। खासकर तब, जब युद्धक्षेत्र में तेज और जेट-प्रोपेल्ड UAV का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
रिवर्स-स्वेप्ट विंग क्यों खास ?
‘क्रेचेत’ का सबसे दिलचस्प तकनीकी हिस्सा इसका रिवर्स-स्वेप्ट विंग है। सामान्य UAV के पंख पीछे की ओर झुके होते हैं, जबकि इस डिजाइन में पंख आगे की ओर झुके हैं। जो इसके कुल आकार को काफी कम करता है और साथ ही इसकी रोल करने की क्षमता (रोल मैन्युवरेबिलिटी) को बढ़ाता है।
डेवलपर के अनुसार इसका फायदा विशेष रूप से मैन्युवरेबिलिटी में मिलता है। चादायेव के मुताबिक इससे रोल में तेजी से बदलाव और छोटा टर्निंग रेडियस हासिल करने में मदद मिलती है।
इसका महत्व तब बढ़ जाता है जब इंटरसेप्टर किसी ऐसे ड्रोन को निशाना बना रहा हो जो खुद बचने के लिए दिशा बदल रहा हो। अगर पहला हमला चूक जाए तो ‘क्रेचेत’ तेजी से मुड़कर दोबारा लक्ष्य पर जाने की क्षमता रखने का दावा करता है।
दुश्मनUAVको कैसे खत्म करेगा?
‘क्रेचेत’ की एक और अहम विशेषता इसका काइनेटिक इंटरसेप्शन है। यानी लक्ष्य को गिराने के लिए जरूरी नहीं कि इसमें पारंपरिक विस्फोटक वारहेड ही इस्तेमाल किया जाए।
डेवलपर के मुताबिक इसकी रफ्तार और वजन मिलकर टारगेट को सीधे टक्कर मारकर नष्ट करने के लिए पर्याप्त हो सकते हैं। इसके अलावा जरूरत के मुताबिक इसमें वारहेड लगाया जा सकता है।
इस तरह यह टारगेट को खत्म करने के दो तरीके देता है—टारगेट से सीधी टक्कर या वॉरहेड ले जाकर टारगेट के पास धमाका करके। इससे मिशन के हिसाब से इंटरसेप्टर के इस्तेमाल के विकल्प बढ़ सकते हैं।
यूक्रेन के‘ल्यूती’ के खिलाफ कितना कारगर?
‘ल्यूती’ (Lyutyi), यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन है और इसकी रफ्तार करीब 200किमी/घंटा तक है। ऐसे में 450 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार वाला रूसी ‘क्रेचेत’ आसानी से उसका पीछा कर सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी टारगेट को निश्चित रूप से रोक लेगा। वास्तविक इंटरसेप्शन में केवल अधिकतम रफ्तार नहीं, बल्कि प्रतिक्रिया समय,उड़ान अवधि,सेंसर,नियंत्रण प्रणाली,टारगेटकी दिशा और उसकी मैन्युवरेबिलिटी भी निर्णायक होती है।
‘क्रेचेत’ की अभी कई क्षमताओं के विस्तृत आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
यूक्रेन का AN-196 Lyutyi (ल्यूती) एक बड़ा, विमान जैसे पंखों वाला लंबी दूरी का वन-वे अटैक ड्रोन है। इसे रूस के Shahed-136 जैसे लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन के मुकाबले यूक्रेन की अपनी क्षमता के रूप में विकसित किया गया है।
क्षमता
Lyutyiकी जानकारी
लंबाई
लगभग 4.4मीटर
विंगस्पैन
लगभग 6.7मीटर
टेक-ऑफ वजन
लगभग 250–300किग्रा
क्रूज स्पीड
करीब 150किमी/घंटा
अधिकतम गति
लगभग 200किमी/घंटा के आंकड़े मिलते हैं
रेंज
मूल रूप से करीब 1,000किमी; बाद के स्रोत इससे अधिक रेंज का दावा करते हैं
पेलोड/वारहेड
शुरुआती कॉन्फिगरेशन में करीब 50किग्रा, बाद के वर्शन में 75किग्रा तक
इंजन
Hirth F-23 पेट्रोल इंजन, लगभग 50 hp
प्रोपेलर
3-ब्लेड, पुशर कॉन्फिगरेशन
गाइडेंस
इनर्शियल नेविगेशन + सैटेलाइट-सिग्नल करेक्शन
मुख्य भूमिका
रूस के भीतर दूर स्थित सैन्य, औद्योगिक और ऊर्जा ठिकानों पर हमला
क्या है ‘योल्का’ (Yolka)?
रूस पहले भी ड्रोन को ड्रोन से रोकने की दिशा में कई प्रयोग कर चुका है। इनमें ‘योल्का’ (Yolka) जैसे कम गति वाले काइनेटिक इंटरसेप्टर शामिल हैं। यह एक पोर्टेबल एंटी-ड्रोन इंटरसेप्टर (UAV) है, जिसे रूस ने युद्ध के मैदान में दुश्मन के छोटे ड्रोनों (जैसे FPV और टोही ड्रोन) को मार गिराने के लिए विकसित किया है। इसकी अनुमानित कीमत केवल $500 (लगभग ₹42,000) है। यह लॉक होने के बाद पूरी तरह ऑटोनॉमस उड़ान भरता है, इसलिए दुश्मन के पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैमर्स (Jamming) इस पर असर नहीं कर पाते।
खूबी / क्षमता
Yolka की जानकारी
वजन
2 किलोग्राम तक; विशेषज्ञों ने इसे 2 किग्रा से कम का हल्का इंटरसेप्टर बताया है
अधिकतम गति
लगभग 200 किमी/घंटा
रेंज
तकनीकी मैनुअल के अनुसार 1.6 किमी तक; कुछ अन्य रिपोर्टों में इससे अधिक दूरी के दावे हैं
ऑपरेशनल ऊंचाई
800 मीटर तक
लॉन्च सिस्टम
हैंडहेल्ड लॉन्चर; एक व्यक्ति इसे संचालित कर सकता है
इंटरसेप्शन तरीका
सीधी टक्कर (Kinetic Kill); मैनुअल के अनुसार सामान्य Yolka में वारहेड नहीं होता
गाइडेंस
ऑप्टिकल कैमरा आधारित स्वचालित लक्ष्य पकड़ने की क्षमता; इसे “फायर एंड फॉरगेट” प्रणाली के रूप में बताया गया है
मुख्य लक्ष्य
FPV ड्रोन, बॉम्बर UAV और कुछ फिक्स्ड-विंग UAV
लक्ष्य आकार
मैनुअल में लगभग 30 सेमी–2 मीटर आकार के FPV/बॉम्बर ड्रोन तथा 2–5 मीटर विंगस्पैन वाले फिक्स्ड-विंग UAV का उल्लेख
रात में क्षमता
सीमित; उपलब्ध मैनुअल के अनुसार नाइट-विजन कैमरा नहीं होने के कारण रात में प्रभावशीलता काफी घटती है
मौसम सीमा
बारिश में इस्तेमाल की अनुमति नहीं; 8 मीटर/सेकंड से ज्यादा हवा में प्रभावशीलता घटती है
इस्तेमाल का तरीका
लक्ष्य पर लॉक होने के बाद ऑपरेटर के लगातार नियंत्रण की जरूरत कम हो जाती है
प्रमुख फायदा
हल्का, पोर्टेबल और छोटे ड्रोन के खिलाफ कम दूरी का तेज प्रतिक्रिया वाला इंटरसेप्टर
रूस को तेज इंटरसेप्टर की जरूरत क्यों?
यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष लगातार सस्ते ड्रोन और उन्हें रोकने वाले इंटरसेप्टर विकसित कर रहे हैं। अब चुनौती यह है कि यदि हमला करने वाले UAV की स्पीड बढ़ जाती है तो पुराने, धीमे इंटरसेप्टर उसके पीछे नहीं पहुंच पाते।
यूक्रेनी अधिकारियों ने भी 2026 में जेट-प्रोपेल्ड रूसी ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। यूक्रेनी वायुसेना ने कहा था कि कुछ नए तेज ड्रोन ऐसे हैं जिनकी गति पारंपरिक इंटरसेप्टर की क्षमता से बाहर हो रही है।
यही वजह है कि अब दोनों तरफ 450किमी/घंटा और उससे अधिक गति वाले इंटरसेप्टर विकसित करने की होड़ दिखाई दे रही है। यूक्रेनी कंपनियां भी रूसी तेज UAV को रोकने के लिए लगभग 450 किमी/घंटा या उससे अधिक गति वाले इंटरसेप्टर पर काम कर रही हैं।