युद्ध के मैदान में हर खतरा गोली, मिसाइल या बम की तरह दिखाई नहीं देता। अगर किसी इलाके में केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल या न्यूक्लियर (CBRN) खतरा फैल जाए तो सेना के लिए सबसे पहली चुनौती यह पता लगाना होती है कि खतरा कहां है, किस तरह का है और दूषित क्षेत्र की सीमा कितनी दूर तक फैली है।
इसी चुनौती से निपटने के क्रम में भारत अब थलसेना के लिए नए CBRN Recce Vehicles हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिससे कि सेना की यह क्षमता और मजबूत हो सके। 7 सितंबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई Defence Acquisition Council (DAC) की बैठक में इन वाहनों की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
CBRN Recce Vehicle करता क्या है?
अगर किसी सैन्य इलाके में जहरीले केमिकल एजेंट फैल जाएं, बायोलॉजिकल खतरा पैदा हो जाए या रेडियोधर्मी प्रदूषण हो जाए, तो सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि खतरा नहीं दिखाई भी दे सकता है।
CBRN का मतलब है Chemical, Biological, Radiological and Nuclear। ऐसे खतरे में किसी इलाके की हवा, जमीन, पानी या दूसरी सतहें खतरनाक एजेंट से दूषित हो सकती हैं। यहीं से CBRN Recce Vehicle का रोल शुरू होता है। इन वाहनों में CBRN दूषित इलाकों को:-
- Detect यानी पता लगाना
- Identify यानी पहचानना
- Monitor यानी निगरानी करना
- Mark यानी चिह्नित करना जैसी क्षमताएं होती हैं।
इसके लिए इनमें रोएंटजेनमीटर (Roentgenometer), गैस क्रोमैटोग्राफ (Gas Chromatograph), डोसीमीटर (Dosimeter) और विशेष रासायनिक व परमाणु सेंसर्स लगे होते हैं।
सेना के लिए कैसे फायदेमंद?
CBRN खतरे में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि खतरा मौजूद होने के बावजूद सैनिक उसे तुरंत पहचान न पाएं। तो CBRN Recce Vehicle सेना को यह समझने में मदद करता है कि किसी इलाके में CBRN खतरा मौजूद है या नहीं।
यह क्षमता सैन्य संचालन में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि CBRN खतरा हमेशा आंखों से दिखाई नहीं देता। किसी इलाके को दूषित पाए जाने पर कमांडरों को यह तय करना फायदेमंद हो जाता है कि सैनिक किस रास्ते से आगे बढ़ें, किस क्षेत्र से बचें और किस इलाके को अलग रखा जाए।
मान लीजिए किसी सैन्य मार्ग के आसपास किसी रासायनिक एजेंट से contamination हो गया। सामान्य सैन्य वाहन उस रास्ते से गुजर सकता है, लेकिन CBRN reconnaissance vehicle का उद्देश्य पहले उस क्षेत्र की जांच करना और contamination की पहचान करना है।
अगर दूषित क्षेत्र की पहचान और marking समय पर हो जाए तो सेना के पास वैकल्पिक मार्ग चुनने, सैनिकों को उस क्षेत्र में भेजने से रोकने और आगे की CBRN कार्रवाई की योजना बनाने के लिए बेहतर जानकारी होगी।
क्या यह भारत के लिए नई क्षमता ?
CBRN Recce Vehicles का नाम पहली बार सामने नहीं आया है। भारतीय सेना पहले से BMP-II आधारित NBC/CBRN Recce Vehicles का इस्तेमाल कर रही है। अब इन पुरानी क्षमताओं को आधुनिक बनाने के लिए DRDO का BMP-II आधारित CBRN Recce Vehicle Mk-II (Tracked) और नई पीढ़ी का 8×8 Wheeled CBRN Vehicle जैसे प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं।
इसलिए सवाल यह नहीं है कि भारत CBRN reconnaissance vehicle बना सकता है या नहीं। बल्कि इस पूरी खबर का सबसे अहम सवाल है कि नए CBRN Recce Vehicles की जरूरत क्यों पड़ी है? एक्सपर्ट के मुताबिक इसका मतलब यह हो सकता है कि सेना को अपनी मौजूदा CBRN reconnaissance क्षमता को बढ़ाने, आधुनिक बनाने या नई operational requirements के अनुरूप आगे ले जाने की जरूरत है।
क्या है DRDO का NBC Recce Vehicle Mk-I ?
यह वह प्लेटफॉर्म है जिसे सबसे स्पष्ट रूप से भारतीय सेना के लिए विकसित और induction के लिए स्वीकृत किया गया था। पुराने दस्तावेजों में इसे NBC Recce Vehicle Mk-I कहा गया, जबकि आज का व्यापक शब्द CBRN है।
- इसे DRDO की Vehicles Research & Development Establishment (VRDE), अहमदनगर ने विकसित किया।
- विकास में Defence Laboratory, Jodhpur (DLJ) की भी भागीदारी थी।
- इसका पहला वाहन जून 2009 में भारतीय सेना को सौंपा गया और सेना ने शुरुआती तौर पर आठ वाहनों का ऑर्डर दिया था।
- NBC Recce Vehicle Mk-I को BMP-IIK आधारित प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया था।
फिर आया CBRN Recce Vehicle Mk-II
इसे भी DRDO की VRDE ने विकसित किया। यह BMP-II platform को re-engineer करके बनाया गया है, ताकि CBRN reconnaissance के लिए आवश्यक अलग-अलग सिस्टम इसमें लगाए जा सकें। DRDO के मुताबिक Mk-II को खास तौर पर मैदानी, रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है।
8×8 Wheeled CBRN Vehicle ?
भारत की CBRN क्षमता में सबसे दिलचस्प विकास Wheeled 8×8 CBRN Reconnaissance Vehicle है। इसे भी DRDO की VRDE ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया। यह 2nd-generation indigenous 8×8 wheeled platform पर आधारित है।
इसमें आधुनिक CBRN instrumentation को integrate किया गया है, ताकि बड़े क्षेत्र में reconnaissance किया जा सके। 2024 तक developmental trials सफलतापूर्वक पूरे किए गए।
इस वाहन में 8×8 configuration और 600 HP engine है। इसमें chemical, biological और nuclear warfare agents की detection के लिए उपकरण लगाए गए हैं। 2024 में इसके extended trials, running trials, flotation trials और vehicle-command station के बीच communication से जुड़े परीक्षण भी किए गए थे।
यह बात इसे पुराने tracked platform से अलग बनाती है। ट्रैक्ड वाहन कठिन इलाकों में उपयोगी होते हैं, जबकि 8×8 wheeled platform का उद्देश्य तेज और व्यापक क्षेत्र में reconnaissance की जरूरतों को पूरा करना है। मुख्य खूबियां-
- 8×8 high-mobility wheeled platform
- बड़े इलाके में CBRN reconnaissance
- आधुनिक CBRN instrumentation
- contaminated area detection और marking
- sample collection
- अच्छी on-road और cross-country mobility
- जल अवरोध पार करने की क्षमता
- Remote Controlled Weapon Station के परीक्षण
CBRN Mini UGV ?
यह पारंपरिक Recce Vehicle से बिल्कुल अलग कॉन्सेप्ट है। इसमें सैनिक वाहन के अंदर बैठकर दूषित क्षेत्र में नहीं जाता, बल्कि एक छोटा unmanned/tele-operated ground vehicle आगे भेजा जाता है। इसे भी DRDO ने विकसित किया है।
- unmanned या tele-operated होने के कारण यह personnel safety के मामले में पारंपरिक manned NBC reconnaissance vehicles पर अतिरिक्त लाभ देता है
- ऑपरेटर सुरक्षित दूरी से handheld control unit के जरिए इसे नियंत्रित कर सकता है।
- यह tracked platform है और इसमें चार flippers हैं, जिससे यह सीढ़ियां चढ़ने, ditch पार करने और सीमित जगहों में reconnaissance करने में सक्षम है।
- यह bunkers, buildings, urban areas और दूसरी सीमित पहुंच वाली जगहों में विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है।
यह:-
- संदिग्ध क्षेत्र में प्रवेश करता है
- CBRN contamination detect करता है
- remote monitoring करता है
- contaminated area की digital marking करता है
- robotic arm से sample collection कर सकता है
- day/night vision का उपयोग करता है
इसका:-
- वजन: लगभग 86 किलोग्राम
- battery backup: लगभग 2 घंटे
- operating temperature: -20°C से +55°C
- chemical detection: concentration के आधार पर 3–7 सेकंड से कम
- biological detection: लगभग 1 मिनट
- radiological/nuclear reading: real-time display update
अब जानें BMP-II आधारित” का मतलब ?
BMP-II आधारित” का मतलब है कि उस वाहन को बनाने के लिए BMP-II के मूल प्लेटफॉर्म/चेसिस को आधार बनाया गया है। भारतीय BMP-II यानी Sarath एक fully tracked, amphibious Infantry Combat Vehicle (ICV) है। AVNL के अनुसार इसमें 300 HP इंजन, ट्रैक, 65 km/h तक सड़क गति और amphibious क्षमता है।
BMP-II आधारित होने का फायदा क्या?
BMP-II एक tracked और armoured platform है। CBRN भूमिका में इसका बड़ा लाभ यह है कि reconnaissance दल को:
- अपेक्षाकृत कठिन terrain में mobility मिलती है
- बख्तरबंद platform मिलता है
- mechanised formations के साथ चलने की क्षमता मिलती है
- दूषित battlefield में reconnaissance equipment लेकर आगे बढ़ने का बेस मिलता है
और BMP का मतलब ?
BMP का पूरा नाम Boyevaya Mashina Pekhoty है, जो रूसी भाषा का शब्द है।
हिंदी में इसका अर्थ है: “पैदल सेना का लड़ाकू वाहन” (Infantry Fighting Vehicle – IFV)
यानी BMP ऐसे बख्तरबंद लड़ाकू वाहन को कहा जाता है, जो सैनिकों को युद्ध क्षेत्र तक ले जाने के साथ-साथ उन्हें हथियारों से फायर सपोर्ट भी देता है।
चीन और पाकिस्तान की CBRN रिकॉइनिसेंस क्षमता
चीन के पास CBRN भूमिका के लिए समर्पित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जबकि पाकिस्तान की विशिष्ट CBRN रिकॉइनिसेंस वाहनों और उनकी संख्या की आधिकारिक सार्वजनिक जानकारी सीमित है।
| देश | CBRN रिकॉइनिसेंस प्लेटफॉर्म/व्यवस्था | मुख्य क्षमता | स्थिति/टिप्पणी |
| चीन | ZBL-09/Type 09 परिवार का CBRN variant | CBRN खतरे वाले क्षेत्र में खोज, निगरानी और पहचान के लिए स्पेशलाइज्ड प्लेटफॉर्म | PLA के Type 09 परिवार में CBRN variant लिस्टेड। |
| चीन | CBRN detection systems + सैन्य CBRN units | केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों की पहचान/निगरानी | PLA की ब्रिगेड संरचना में CBRN defence तत्व शामिल होने के स्रोत-संकेत मिलते हैं। |
| चीन | CBRNE-1 जैसे आधुनिक मोबाइल detection systems | Nuclear, biological, chemical और conventional threats की integrated detection; UAV/UGV integration | चीनी कंपनी HT-Nova का सिस्टम है; इसे PLA का मानक सैन्य वाहन मानना सही नहीं होगा। |
| पाकिस्तान | CBRN-trained military units/teams | CBRN reconnaissance, detection, survey और decontamination | पाकिस्तान की सैन्य CBRN training और capability के संकेत सार्वजनिक स्रोतों में मिलते हैं, लेकिन विशिष्ट operational vehicle fleet की विश्वसनीय आधिकारिक जानकारी बहुत सीमित है। |
| पाकिस्तान | Armoured vehicles with CBRN protection/detection potential | सैनिकों और प्लेटफॉर्म को CBRN वातावरण में ऑपरेशन की क्षमता | पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ armoured platforms में CBRN protection विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें dedicated CBRN reconnaissance vehicle कहना सही नहीं होगा। |
| पाकिस्तान | CBRN reconnaissance + survey teams | संदिग्ध क्षेत्र की पहचान, sampling और contamination assessment | क्षमता मौजूद होने के संकेत हैं, लेकिन वाहन का नाम/मॉडल और संख्या सार्वजनिक रूप से पर्याप्त रूप से प्रमाणित नहीं है। |








