रूस ने बनाया ऐसा अटैक ड्रोन, जिसके आगे यूक्रेनी एयर डिफेंस हुए ‘यूज़लेस’

By Defence Detective

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Geran-5 Russian Jet-Powered Drone

रूस और यूक्रेन की जंग में हाल में कुछ ऐसे ड्रोन चर्चा में आए हैं, जिसने हवाई हमलों का पूरा गणित बदलना शुरू कर दिया है। यह रूस के Geran जेट-पावर्ड ड्रोन  हैं। इनमें खास तौर पर Geran-4 और Geran-5 जैसे जेट इंजन वाले ड्रोन शामिल हैं। खास बात यह है कि इसकी कहानी ईरान के Shahed ड्रोन से शुरू हुई थी।

अब नए Geran ड्रोन पहले के मुकाबले ज्यादा तेज हैं और उन्हें पकड़ना यूक्रेन की एयर डिफेंस के लिए मुश्किल हो रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, हाल के चार दिनों में रूस ने करीब 1,500 ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें लगभग 800 जेट-पावर्ड ड्रोन थे।

अगस्त में रूस ने कुल मिलाकर 2,800 से ज्यादा ऐसे ड्रोन यूक्रेन पर इस्तेमाल किए होने का दावा यूक्रेनी अधिकारियों ने किया है।

कैसे बना Geran?

रूस ने ईरानी Shahed-136 की तकनीक और डिजाइन के आधार पर 2023 में उसका लोकलाइज्ड वर्शन Geran-2 बनाना शुरू किया। लेकिन यूक्रेन में लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान रूस ने इसके डिजाइन, इंजन, नेविगेशन और लक्ष्य साधने की क्षमता में लगातार बदलाव किए। नए Geran-3/4/5 में जेट इंजन, ज्यादा रफ्तार और बेहतर नेविगेशन जैसी क्षमताएं जोड़ी गई हैं। खासकर Geran-4 और Geran-5 ने रूस के ड्रोन हमलों को एक नए स्तर पर पहुंचाया है।

ऐसे समझिए:-

  • मूल ड्रोन: ईरान का Shahed-136
  • रूसी नाम: Geran-2
  • रूस में उत्पादन: 2023 में अलाबुगा (तातारस्तान) में शुरू हुआ।
  • शुरुआती रूसी उत्पादन मुख्य रूप से ईरानी Shahed-136 का लोकलाइज्ड/रूसी-मैन्युफैक्चर्ड वर्शन था।
  • इसके बाद रूस ने इस परिवार में अपने स्तर पर लगातार बदलाव किए और आगे Geran-3, Geran-4 और Geran-5 जैसे ज्यादा एडवांस्ड वर्शन सामने आए।

ईरानी Shahed-136 बनाम Geran-3, Geran-4 और Geran-5

ईरान का Shahed-136 जहां धीमी रफ्तार में लंबी दूरी तक पहुंचने वाला ड्रोन था, वहीं रूस ने उसी तकनीकी परिवार को जेट इंजन, ज्यादा रफ्तार और बेहतर गाइडेंस देकर ऐसे हथियारों में बदल दिया है जिन्हें यूक्रेन की एयर डिफेंस के लिए रोकना कहीं ज्यादा मुश्किल है।

ड्रोनइंजन/प्रोपल्शनरिपोर्टेड अधिकतम/क्रूज रफ्ताररिपोर्टेड मारक/ऑपरेशनल रेंजपेलोड/वारहेडप्रमुख क्षमता
ईरानी Shahed-136पिस्टन इंजन + प्रोपेलरकरीब 180 किमी/घंटा1,000–2,500 किमी के अनुमानकरीब 40–50 किग्रालंबी दूरी का वन-वे अटैक ड्रोन, बड़ी संख्या में इस्तेमाल
रूसी Geran-3टर्बोजेटकरीब 300–370 किमी/घंटारिपोर्टेड ~1,000 किमी तकसार्वजनिक आंकड़े सीमित/अलग-अलगShahed/Geran परिवार से ज्यादा तेज; एयर डिफेंस के लिए कठिन लक्ष्य
रूसी Geran-4टर्बोजेटकरीब 400–500 किमी/घंटा; कुछ रिपोर्टों में इससे कम क्रूज स्पीडलगभग 600–1,000 किमी के अलग-अलग आकलनसार्वजनिक आंकड़े सीमितज्यादा रफ्तार, बेहतर नेविगेशन और एंटी-जैमिंग क्षमता; यूक्रेन की एयर डिफेंस पर ज्यादा दबाव
रूसी Geran-5टर्बोजेटकरीब 500–600 किमी/घंटाकरीब 950–1,000 किमी का रिपोर्टेड आंकड़ाकरीब 90 किग्रा तक रिपोर्टेडसबसे तेज Geran; AI/सटीक गाइडेंस

यूक्रेन की एयर डिफेंस की मुश्किल क्यों बढ़ी?

ड्रोन को रोकने का सबसे आसान तरीका यह है कि उसे पहले समय रहते खोजा जाए और फिर उसके रास्ते में इंटरसेप्टर भेजा जाए। पुराने पिस्टन इंजन वाले Shahed/Geran अपेक्षाकृत धीमे थे, इसलिए यूक्रेन की मोबाइल टीमें उनके संभावित रास्ते पर पहुंच सकती थीं। अब रूसी जेट ड्रोन इस गणित को बदल देते हैं। दरअसल इनकी सबसे बड़ी ताकत सिर्फ विस्फोटक लेकर उड़ना नहीं, बल्कि तेजी से लक्ष्य तक पहुंचना और इंटरसेप्शन का समय कम कर देना है।

Reuters की 15 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस अब एक महीने में 2,850 तक जेट-पावर्ड ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता तक पहुंच गया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, ये ड्रोन पुराने ड्रोन के लिए तैयार किए गए इंटरसेप्शन सिस्टम पर दबाव डाल रहे हैं।

जेट-पावर्ड ड्रोन को रोकने की कुल दर गिरकर लगभग 60% हो गई है, जबकि प्रोपेलर-संचालित ड्रोन के मामले में यह दर 90-95% थी।इस मुश्किल की वजह रूसी सैनिकों द्वारा तेज़ी से बदली जा रही रणनीति भी है।
Yuriy Ihnat, spokesperson, Ukraine’s air force

गेरान सीरीज में और क्या बदलाव ?

Geran की नई सीरीज में बदलाव सिर्फ इंजन तक सीमित नहीं है। नए Geran में थर्मल इमेजिंग कैमरे, AI आधारित गाइडेंस, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से बचाने वाली तकनीक और नेटवर्क कम्युनिकेशन के लिए मॉडेम जैसी क्षमताएं शामिल हैं।

इसका मतलब यह है कि ड्रोन को सिर्फ GPS सिग्नल के सहारे उड़ने वाले एक साधारण हथियार के रूप में देखना अब सही नहीं होगा।

अगर ड्रोन अपने कैमरे और दूसरे सेंसर से लक्ष्य की पहचान कर सकता है और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के बावजूद अपना मिशन जारी रख सकता है, तो उसे केवल जैमिंग से रोकना भी मुश्किल हो जाता है।

यूक्रेन के पास इसकी क्या काट है ?

इन रूसी जेट-पावर्ड ड्रोन के खिलाफ यूक्रेन अब सिर्फ पुराने एयर डिफेंस पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसकी रणनीति तीन दिशाओं में आगे बढ़ रही है—तेज इंटरसेप्टर ड्रोन, AI/ऑटोमैटिक टारगेटिंग और जेट-पावर्ड इंटरसेप्टर। लेकिन अभी यह समाधान पूरी तरह तैयार नहीं है।

जुलाई में यूक्रेन ने नए इंटरसेप्टर ड्रोन का परीक्षण किया, लेकिन 400 किमी/घंटे से ज्यादा की गति पर कई ड्रोन को नियंत्रित करने में दिक्कत आई।

यूक्रेन ने अगस्त में चार संभावित इंटरसेप्टर सिस्टम को जेट-पावर्ड Shahed/Geran के खिलाफ टेस्ट किया था। यूक्रेन के रक्षा मंत्री येवेन खमारा ने 30 अगस्त को कहा कि इन चार इंटरसेप्टरों ने फील्ड टेस्टिंग पास कर ली है और ये सिस्टम अब स्केलिंग के चरण में हैं। यानी इन्हें सिर्फ प्रोटोटाइप स्तर पर छोड़ने के बजाय ज्यादा संख्या में बनाने की दिशा में बढ़ाया जा रहा है।

हालांकि, तेज गति वाले Geran-4/5 के खिलाफ इनकी वास्तविक युद्धक प्रभावशीलता अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

ईरान से शुरू कहानी फिर ईरान तक कैसे पहुंच गई?

इस कहानी में सबसे दिलचस्प मोड़ अब आया है। Financial Times के मुताबिक, ईरान ने इस साल रूस से Geran ड्रोन देने की रिक्वेस्ट की है। यानी जिस तकनीकी परिवार के ड्रोन ने रूस को मिले ईरानी Shahed से नया रूप लिया, उसी के ज्यादा एडवांस्ड रूसी वर्शन में अब ईरान की दिलचस्पी है। ईरान गेरान ड्रोनों का इस्तेमाल अमेरिका और इजरायल के खिलाफ संघर्ष में करना चाहता है।

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