FATF से डरा पाकिस्तान ? मसूद अजहर भगोड़ा घोषित

By Defence Detective

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पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) सरगना मसूद अजहर पर घोषित इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है। साथ ही उसे पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की नई Red Book of Most Wanted Terrorists में एक भगोड़े के तौर शामिल किया गया है।

यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब अक्टूबर में Financial Action Task Force (FATF) की अगली बैठक होने वाली है। इसलिए पाकिस्तान की इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह आतंकवाद के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई है या अंतरराष्ट्रीय जांच-पड़ताल के बीच अपनी छवि सुधारने की कोशिश।

कितने लाख थी इनाम की रकम?

FIA ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए इनाम को 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है। यानी इनाम में सीधे 20 लाख पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

पाकिस्तान ने करीब पांच साल पहले मसूद अजहर के बारे में सूचना देने पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अब उसे नई Red Book में शामिल करते हुए रकम बढ़ाई गई है।

फिलहाल पाकिस्तान की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है कि वह आतंकवाद और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

भारत में क्यों वांटेड मसूद अजहर ?

मसूद अजहर कोई सामान्य वांटेड अपराधी नहीं है। वह पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का संस्थापक है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसे 1 मई 2019 को ग्लोबल टेररिस्ट के रूप में प्रतिबंधित किया था। जैश-ए-मोहम्मद भी संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल संगठन है।

भारत में मसूद अजहर पर कई आतंकी मामले हैं। कुछ इस प्रकार हैं-

1999 में कंधार विमान अपहरण: मसूद अजहर को भारत ने जेल में रखा था। दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की IC-814 फ्लाइट के अपहरण के बाद यात्रियों को बचाने के लिए भारत ने अजहर समेत तीन आतंकियों को रिहा किया था। UN के अनुसार, रिहाई के बाद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की।

13 दिसंबर 2001 के भारतीय संसद हमले से भी जैश-ए-मोहम्मद का नाम जुड़ा रहा है।

पुलवामा हमला: 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले में जैश-ए-मोहम्मद का रोल सामने आया था।

क्या मसूद अजहर पाकिस्तान में नहीं ?

पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि मसूद अजहर 2021 से देश से गायब है और अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। दूसरी तरफ, पिछले छह महीनों की तकनीकी निगरानी के आधार पर भारतीय एजेंसियों का आकलन है कि मसूद अजहर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह में छिपा हो सकता है

यही विरोधाभास पाकिस्तान की नई कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है। एक तरफ पाकिस्तान उसे अपने सबसे वांटेड आतंकियों की सूची में डालकर उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसका कहना है कि वह पाकिस्तान में मौजूद ही नहीं है।

नई Red Book में और क्या-क्या ?

पाकिस्तान की नई Red Book में सिर्फ मसूद अजहर का मामला नहीं है। इसमें 2008 के मुंबई आतंकी हमलों यानी 26/11 से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी हैं।

इनमें से 17 लोगों की तस्वीरें और उनके रोल से जुड़ी जानकारी अभी सूची में मौजूद है। हालांकि, दो लोगों की तस्वीरें, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े विवरण और ऑपरेशनल जानकारी नई सूची से हटा दी गई है।

FIA के मुताबिक 26/11 से जुड़े 17 आतंकी करीब 18 सालों से फरार हैं। लेकिन भारतीय खुफिया सूत्रों का दावा है कि ये लोग पाकिस्तान में ही मौजूद हैं।

पाकिस्तान की नई Red Book में कुल 1,804 वांटेड आतंकियों के नाम बताए गए हैं। 2021 की सूची में यह संख्या 1,330 थी।

यानी पांच साल में सूची में लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

FATF क्या है ?

FATF (Financial Action Task Force) एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो यह देखती है कि किसी देश की व्यवस्था अवैध धन और आतंकवाद की फंडिंग को पहचानने, रोकने, जांचने और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई करने में कितनी प्रभावी है। इसके लिए FATF, देशों के कानूनों और व्यवस्था के साथ-साथ उनके वास्तविक प्रभावी इंप्लीमेंटेशन का भी मूल्यांकन करता है। प्रमुख कार्य-

  • मनी लॉन्ड्रिंग रोकना
  • आतंकवाद की फंडिंग रोकना
  • बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की निगरानी के नियम मजबूत करना
  • देशों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक कानून और व्यवस्था सुधारने के लिए कहना
  • जिन देशों की व्यवस्था में गंभीर कमियां हैं, उन पर निगरानी बढ़ाना
जानकारीतथ्य
पूरा नामFinancial Action Task Force (FATF)
स्थापना1989
स्थापना किसने कीG7 देशों के वित्त मंत्रियों की पहल पर
मुख्यालय/सचिवालयपेरिस, फ्रांस
स्वरूपindependent inter-governmental body
मुख्य काममनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद की फंडिंग और Weapons of Mass Destruction के प्रसार की फंडिंग से निपटने के लिए वैश्विक मानक बनाना
मुख्य मानकFATF Recommendations
सदस्यता40 सदस्य — 38 देश + 2 क्षेत्रीय संगठन
क्षेत्रीय नेटवर्कFATF के अलावा उसके साथ जुड़े FATF-Style Regional Bodies के जरिए 180 से अधिक देशों/क्षेत्रों तक मानकों का प्रभाव

FATF की “ग्रे लिस्ट” क्या है?

FATF कुछ देशों को “Jurisdictions under Increased Monitoring” में रखता है। इसे आम बोलचाल में FATF Grey List कहा जाता है।

इसका अर्थ है कि उसके मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग रोकने वाले सिस्टम में रणनीतिक कमियां पाई गई हैं और उसे सुधार करने हैं।

पाकिस्तान का मामला – पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में 2018 में डाला गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने कई सुधार किए और अक्टूबर 2022 में FATF ने उसे बढ़ी हुई निगरानी से बाहर कर दिया। FATF के मौजूदा रिकॉर्ड के अनुसार वह जून 2026 की ग्रे लिस्ट में भी नहीं है।

क्या है रेड बुक ?

Red Book of Most Wanted Terrorists पाकिस्तान की Federal Investigation Agency (FIA) द्वारा तैयार की जाने वाली सबसे वांटेड आतंकियों की सूची है।

सरल भाषा में कहें तो यह पाकिस्तान की एक तरह की “Most Wanted Terrorists List” है, जिसमें उन आतंकियों के नाम शामिल किए जाते हैं जिन्हें पाकिस्तान की एजेंसियां तलाश रही होती हैं।

इसमें क्या जानकारी होती है?

आम तौर पर Red Book में किसी वांटेड आतंकी से जुड़ी जानकारी दी जाती है, जैसे:-

  • नाम और फोटो
  • आतंकी संगठन से संबंध
  • आतंकी गतिविधियों या मामलों में भूमिका
  • कानूनी स्थिति
  • गिरफ्तारी के लिए इनाम, जहां लागू हो
  • अन्य पहचान संबंधी जानकारी

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