- सोशल मीडिया पर नेतन्याहू की मौत की खबर वायरल
- ईरानी हमले में बीवी-बेटे समेत मारे जाने का दावा
- IRGC ने भी इस मामले पर आधिकारिक बयान दिया
- एंटी-यहूदी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वायरल
ईरानी हमले में मौत का दावा
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स और ट्वीट्स में दावा किया गया कि ईरानी मिसाइल हमले में नेतन्याहू मारे गए। कुछ यूज़र्स ने लिखा कि उनका दफ्तर निशाना बना और वह वहीं मारे गए। इन दावों को और मजबूत करने के लिए AI-जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो शेयर किए गए। उदाहरण के लिए, एक वायरल पोस्ट में कहा गया कि इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनकी मौत की खबर को खारिज करने वाला ट्वीट डिलीट कर दिया, जिससे और भ्रम फैल गया।
ट्विटर पर वायरल दावे
एक यूज़र ने लिखा: “Breaking: Netanyahu killed in Iranian strike, Israeli PM office deletes denial tweet” (स्रोत: ट्विटर पोस्ट, फैक्ट-चेक रिपोर्ट)।
कुछ अकाउंट्स ने नेतन्याहू की एडिटेड तस्वीरें शेयर कीं जिनमें उन्हें घायल या मलबे में दिखाया गया।
यायर नेतन्याहू (प्रधानमंत्री के बेटे) की ट्विटर पर चुप्पी ने भी इन अफवाहों को हवा दी, क्योंकि लोग मानने लगे कि परिवार कुछ छिपा रहा है।
फैक्ट चेक: सच्चाई क्या है ?
इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि नेतन्याहू सुरक्षित हैं और उनकी मौत की खबरें फर्जी हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट्स ने पुष्टि की कि यह महज़ अफवाह है। नेतन्याहू ने हाल ही में कई बैठकों में हिस्सा लिया और अन्य नेताओं से बातचीत की, जो उनकी मौजूदगी का सबूत है।
कैफ़े से वीडियो मैसेज और “छह उंगलियां” विवाद
हाल ही में नेतन्याहू का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह कैफ़े से कॉफी ऑर्डर करते हुए मज़ाक में कहते हैं: “I am dead… for coffee” यानी “कॉफी के लिए मैं मरता हूँ”। इस वीडियो में उन्होंने दोनों हाथ दिखाए और कहा कि उनके पास दस उंगलियां हैं, ताकि “छह उंगलियां” वाली अफवाह का खंडन हो सके। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर दावा किया गया कि यह AI-जनरेटेड डीपफेक है, क्योंकि उनके हाथ पर छह उंगलियां दिखीं। लेकिन फैक्ट-चेकर्स ने साफ किया कि यह सिर्फ़ ऑप्टिकल इल्यूज़न था और वीडियो असली है।
अफवाहों का राजनीतिक संदर्भ
यह अफवाह ऐसे समय में फैली जब इज़रायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान ने कई धमकियां दीं, जिससे सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं और तेज़ी से फैलने लगीं। युद्धकालीन माहौल में फेक न्यूज़ का असर और बढ़ जाता है, क्योंकि लोग आधिकारिक स्रोतों की बजाय वायरल पोस्ट्स पर भरोसा करने लगते हैं।
ईरान का आधिकारिक बयान
ईरान की IRGC ने अपनी वेबसाइट Sepah News पर बयान जारी किया। बयान में नेतन्याहू को “child-killing criminal” यानी “बच्चों का हत्यारा अपराधी” कहा गया। ईरान ने बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की अफवाहों पर कोई पुष्टि नहीं की है। बल्कि, ईरान की सैन्य ताक़त इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान दिया है कि अगर नेतन्याहू जीवित हैं तो उन्हें “पकड़कर मारने” की कोशिश जारी रहेगी। ईरान की IRNA (राज्य समाचार एजेंसी) ने भी रिपोर्ट किया कि नेतन्याहू को निशाना बनाने की कोशिश जारी रहेगी। यानी ईरान ने उनकी मौत की खबर को सच नहीं माना, बल्कि चेतावनी दी है।
फैक्ट चेक का रिज़ल्ट
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत का दावा पूरी तरह झूठा है। यह अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाई गई है, खासकर ट्विटर पर, जहाँ कई पोस्ट्स ने दावा किया कि वह ईरानी हमले में मारे गए। लेकिन इज़रायली सरकार और फैक्ट-चेकर्स ने इन दावों को खारिज किया है और नेतन्याहू ने हाल ही में कैफ़े से वीडियो संदेश जारी कर अपनी मौजूदगी साबित की है








