पाकिस्तान का पेशावर एक बार फिर जंग का मैदान क्यों बन गया है ?

By Alok Ranjan

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पब्लिक और पाकिस्तानी फोर्स के बीच टकराव

पेशावर की सड़कों पर फिर से गोलियां चल रही हैं। पेशावर फिर से जंग का मैदान बना हुआ है। ख़ैबर पख़्तूनख्वा के बाशिंदे और पाकिस्तानी फोर्स के बीच टक्कर चल रही है। ये बवाल पाकिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख्वा के बीच बढ़ती दूरियों का बवाल है। वो दूरियां जो खुद पाकिस्तान की हुकूमत और पाकिस्तान की मिलिट्री ने पैदा की हैं। पेशावर की रिंग रोड पर हुआ ये बवाल खैबर पख़्तूनख्वा में लगातार चल रही पाकिस्तान आर्मी की ड्रोन स्ट्राइक और मोर्टार हमलों के विरोध में हुआ है। पाकिस्तान ने ख़ैबर पख़्तूनख्वा को गाजा बना दिया है। ख़ैबर पख़्तूनख्वा के लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं रह गये हैं। कब उनका परिवार पाकिस्तानी आर्मी की एयरस्ट्राइक का शिकार बन जाए, कब पाकिस्तानी आर्मी के ड्रोन या मोर्टार उनके बच्चों पर गिर जाए, कुछ पता नहीं। ऐसा लगता ही नहीं कि वो अपने घरों में रह रहे हैं, ऐसा लगता है वो जंग के मैदान के बीच-ओ बीच रहे हों।

हुआ ये है कि आसिम मुनीर की फौज ने खैबर पख़्तूनख्वा के TTP के खिलाफ ऑपरेशन के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिहायशी इलाकों पर पाकिस्तानी आर्मी के ड्रोन बरस रहे हैं, मोर्टार के शेल गिर रहे हैं। बारा तहसील पेशावर से केवल 50 किलोमीटर दूर है। बारा के अका खेल में भी इसी तरह की ड्रोन स्ट्राइक की गई है।ये ड्रोन स्ट्राइक आबादी वाले में इलाके में किया गया और इसकी चपेट में आकर एक बच्ची की मौत हो गई जबकि 6 गंभीर रूप से घायल हैं। ड्रोन स्ट्राइक और बच्ची की मौत की ख़बर से पूरे इलाके में तनाव फैल गया। लोग घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचने लगे। कुछ घायलों को पेशावर के हायताबाद मेडिकल कॉम्प्लैक्स रेफर कर दिया गया है जबकि 4 को FC Hospital भेजा गया है।

पाकिस्तानी आर्मी के खिलाफ जिरगा का ऐलान

इसी हमले के विरोध में पेशावर में PTI सपोर्टर्स ने रिंग रोड पर एक प्रदर्शन का आयोजन किया था। अब भला मुनीर की फौज को ये कहां बर्दाश्त की इमरान खान के सपोर्टर्स पाकिस्तानी आर्मी के ड्रोन स्ट्राइक का विरोध करें। बस फिर क्या था, प्रोटेस्ट को ख़त्म कराने के लिए ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग शुरू कर दी गई। घंटों तक पेशावर का रिंग रोड वार जोन बना रहा। ये जो कॉन्फ्लिक्ट ख़ैबर पख़्तूनख्वा में चल रहा है उसे पॉलिटिकल रंग भी दिया जा सकता है, कहा जा सकता है कि ये PTI सपोटर्स का बवाल है लेकिन ऐसा है नहीं। इस हंगामे के दूसरे दिन जब पाकिस्तानी आर्मी के ड्रोन स्ट्राइक में मारी गई बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया तो उसमे सैकड़ों लोग पहुंच गये। हर किसी के मन में गम और गुस्सा भरा था। इसी दौरान स्थानीय ट्राइबल लीडर ने पाकिस्तानी आर्मी के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का एलान किया। उन्होंने अगले शुक्रवार को जिरगा बुलाई है जिसमें पाकिस्तानी आर्मी के रोज़ाना किये जाने वाले ऐसे हमलों के खिलाफ रणनीति बनाने की बात कही।

मस्जिद पर पाकिस्तानी आर्मी का हमला

कुछ दिन पहले बारा के पास ही हासनखेल में एक मस्जिद में पाकिस्तानी आर्मी का मोर्टार शेल गिरा था। मस्जिद की दीवारों पर मोर्टार शेल्स से हुए नुकसान दिखाई दे रहे हैं…पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि मस्जिद को मामूली नुकसान हुआ है…लेकिन बात मस्जिद के नुकसान की तो है ही नहीं। बात तो पाकिस्तान के एक प्रॉविन्स के लोगों और पाकिस्तान के बीच के भरोसे के नुकसान की है। ख़ैबर पख़्तूनख्वा में किये जा रहे ऐसे हमले हर दिन इस इलाके के लोगों के मन में पाकिस्तान के प्रति नफरत और विरोध की नींव को और मजबूत कर रहे हैं।पेशावर की असेंबली में भी ड्रोन स्ट्राइक का मुद्दा गूंज रहा है। वहीं बारा में ड्रोन हमले के खिलाफ किये जा रहे प्रोटेस्ट पर की गई फायरिंग से भी इलाके में तनाव है। खैबर पख़्तूनख्वा के CM ने इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं। अब इस तरह की जांचें और इस तरह के विरोध तो सैकड़ों नहीं हज़ारों-हज़ार हो चुके हैं लेकिन उनका नतीजा अगर कुछ आता तो पाकिस्तानी आर्मी ख़ैबर पख़्तूनख्वा के आम लोगों को इस तरह निशाना बनाना बंद कर चुकी होती।

केपीके में पाक आर्मी के ऑपरेशन जारी

असल में पाकिस्तानी आर्मी के लिए ख़ैबर पख़्तूनख्वा के लोग पाकिस्तानी हैं ही नहीं, वो तो उन्हें अफगानी मानती है और इसलिए उनके सफाये में जुटी है, जैसा वो अफगानिस्तान में कर रही है। पिछले दो दिनों से पाकिस्तानी आर्मी ने अफगानिस्तान सीमा पर एक बार फिर से गोलाबारी शुरू कर दी है। ख़ैबर पख़्तूनख्वा से लगने वाले अफगानिस्तान के कुनार पर पाकिस्तान ने कई ड्रोन हमले किये हैं। BBC के जर्नलिस्ट हफिजुल्लाह मारुफ ने अपने X अकाउंट पर पाकिस्तानी हमले के कई वीडियो पोस्ट किये हैं। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तानी ड्रोन्स ने कुनार के सिविलियन इलाकों को टारगेट किया है। ये कुनार यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग की छत है। देखिये- यहां लगे सोलर पैनल पर पाकिस्तानी ड्रोन गिरे थे।पाकिस्तानी ड्रोन अटैक के बाद यूनिवर्सिटी को खाली कर लिया गया है। कुनार के दूसरे इलाकों में भी पाकिस्तानी ड्रोन और मोर्टार शेल्स ने तबाही मचाई है। इन हमलों में 10 से ज़्यादा लोगों की मौत और 90 से ज़्यादा के घायल होने की ख़बर है।

पाक-अफगान बॉर्डर पर झड़प फिर शुरू

इस हमले के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई हफ्तों से थमी हुई जंग फिर शुरू हो गई है। पाकिस्तान दावा कर रहा है कि उसने चमन बॉर्डर के पास अफगानिस्तान की कई पोस्ट तबाह कर दी है। ये भी हो सकता है कि पाकिस्तान, तालिबान फोर्स के और भी कई महत्वपूर्ण ठिकानों को टारगेट कर ले, लेकिन सवाल तो यही है कि वो तालिबान के नाम पर अपने पश्तूनों को क्यों निशाना बना रहा है। क्यों हर दिन पाकिस्तानी आर्मी की ड्रोन स्ट्राइक और मोर्टार हमलों में पाकिस्तानी पश्तूनों के बच्चे मारे जा रहे हैं और सबसे बड़ा सवाल ये कि इन बेगुनाह पश्तूनों के मारे जाने से पाकिस्तानी पंजाब के पॉलिटिशियन्स और मीडिया वालों को तकलीफ क्यों नहीं हो रही है? क्यों पाकिसतानी मीडिया ने पाकिस्तानी आर्मी के इन हमलों पर चुप्पी साध ली है? जवाब वही है- ये चुप्पी नहीं है, मौन समर्थन है- पश्तूनों के नरसंहार की खुली छूट है, जो दिन ब दिन बेहद भयानक होती जा रही है।

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