पुरानी दिल्ली की भीड़भाड़ वाली गलियों में एक पाकिस्तानी नागरिक एक साल से अधिक समय से आम लोगों की तरह रह रहा था। वह स्थानीय रसोई में शेफ का काम करता था, किराये के मकान में रहता था और रोजमर्रा की जिंदगी में इस तरह घुल-मिल गया था कि उसकी असली पहचान और भारत में मौजूदगी पर किसी को भनक तक नहीं लगी। लेकिन उसकी मौजूदगी के बारे में मिलिट्री इंटेलीजेंस से जानकारी मिलने के साथ 15 अगस्त को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की कार्रवाई से उसकी पूरी करतूत सामने आ गई।
यहां बिना किसी वैध दस्तावेजों के रह रहे कराची के कोरंगी इलाके के मुहम्मद अदनान को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया है। उसके पास से एक पाकिस्तानी पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद किया गया है और उसके यात्रा इतिहास, संपर्कों और गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पाकिस्तान से भारत, गया वापस, फिर आया भारत
अदनान की कहानी केवल अवैध रूप से दिल्ली में रहने तक सीमित नहीं है। वह पहले भी भारत आ चुका था। शुरुआत में मां, पत्नी और अन्य के साथ लांग टर्म वीजा पर भारत आया जो 23 जुलाई 2022 तक वैध था। दिसंबर 2022 में अदनान और उसकी पत्नी जैनब ने अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत छोड़ा और पाकिस्तान चले गए। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 में जैनब आवश्यक दस्तावेज और वैध इमिग्रेशन प्रक्रिया के जरिए भारत लौट आईं, लेकिन अदनान ने भारत वापस आने के लिए आधिकारिक सीमा और इमिग्रेशन व्यवस्था का इस्तेमाल नहीं किया। अदनान में मई 2025 में नेपाल के रास्ते भारत में गैर-कानूनी ढंगे से दोबारा एंट्री की। इसके बाद उसने सीधा दिल्ली का रुख किया और पुरानी दिल्ली के व्यस्त इलाके में छिपकर रहने लगा।

“वह पिछले साल मई में गैर-कानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुआ। कड़ी सुरक्षा वाले इंटरनेशनल चेकपॉइंट्स से बचते हुए, अदनान भारत-नेपाल बॉर्डर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों से गुज़रकर अंदर आया। बिना पासपोर्ट और वीज़ा के, वह राजधानी के मुख्य इलाके में आ गया और किराए के मकान में छिपकर रहने लगा।”
Sanjeev Yadav, DCP (Crime), Delhi
दिल्ली-6 में शेफ बनकर रहा
अपनी आजीविका चलाने और किसी को शक न हो, इसके लिए अदनान ने एक स्थानीय रेस्टोरेंट में काम करना शुरू कर दिया था। उसने पुरानी दिल्ली के कूचा चेलन, दरियागंज इलाके में अपनी जिंदगी बसाई थी। वह एक शेफ के तौर पर काम कर रहा था। करीब 14 महीने से अधिक समय से वह राजधानी में रह रहा था, लेकिन उसके पास भारत में रहने का वैध कानूनी आधार नहीं था।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि वह दिल्ली में शेफ बनकर कैसे रहा, बल्कि यह है कि वह इतने लंबे समय तक सुरक्षा और इमिग्रेशन निगरानी से बाहर कैसे रहा? फिलहाल सार्वजनिक रिपोर्टों में उसके विरुद्ध मुख्य मामला अवैध प्रवेश, अवैध प्रवास और कथित फर्जी पहचान दस्तावेज से जुड़ा है।
अदनान की मां का भारत कनेक्शन
पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अदनान की मां का भारत कनेक्शन सामने आया है। उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि उसकी मां मूल रूप से दिल्ली की ही रहने वाली थीं। जिन्होंने कुछ साल पहले एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी कर ली थी।
आधार कार्ड ने बढ़ाए सवाल
जांच का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू अदनान से जुड़ा आधार कार्ड है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद उसे आधार कार्ड कैसे मिला और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। यदि पुलिस यह पता लगा लेती है कि दस्तावेज किस माध्यम से तैयार हुआ, तो इससे अवैध प्रवासियों के लिए फर्जी पहचान बनाने वाले किसी बड़े नेटवर्क का पता चल सकता है।
J&K और राजस्थान समेत कई राज्यों में संपर्क
जांच में पता चला कि उसके संपर्क जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक समेत कई राज्यों में थे। सुरक्षा के नज़रिए से इन संपर्कों की जांच-पड़ताल की गई। मिलिट्री इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल के अधिकारियों ने भी उसके बैकग्राउंड, गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी संभावित चिंताओं की पुष्टि के लिए उससे पूछताछ की।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा को लेकर कोई तत्काल खतरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सीमा पार से घुसपैठ और जासूसी से जुड़ी गतिविधियों को लेकर चल रही चिंताओं को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया गया। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी और आतंकी नेटवर्क से जुड़ी हालिया कई जांचों के बाद सुरक्षा एजेंसियां ज़्यादा सतर्क हैं।
मिलिट्री इंटेलिजेंस की भूमिका महत्वपूर्ण
अदनान प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट के बाद हुई। उसे दबोचने के बाद दिल्ली मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर उसके बारे में जानकारी की जांच की। अधिकारियों ने उसके भारत लौटने की परिस्थितियों, उसकी गतिविधियों, संपर्कों और भारत में दोबारा प्रवेश के उद्देश्य को समझने की कोशिश की।
यह जांच केवल एक अवैध विदेशी नागरिक को पकड़ने तक सीमित नहीं थी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण था कि वह भारत में दोबारा क्यों आया, उसने नेपाल सीमा से प्रवेश कैसे किया, दिल्ली में किसके संपर्क में रहा और उसकी पहचान स्थापित करने में किसी स्थानीय व्यक्ति या नेटवर्क ने सहायता की या नहीं।
अदनान को होगा डिपोर्टेशन
पुलिस टीम ने 15 अगस्त को उसके ठिकाने पर कार्रवाई के साथ दबोचने के बाद उसके भारत में बिताए समय, संपर्कों और प्रवेश के रास्ते को लेकर पूछताछ की। रिपोर्ट के अनुसार, अदनान को दिल्ली के लामपुर स्थित सेवा सदन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उसे कड़ी निगरानी में रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने उसे भारत से वापस भेजने यानी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की सिफारिश की है। उसके पाकिस्तान वापस भेजे जाने की औपचारिक प्रक्रिया तेज की जा रही है।
कानून क्या कहता है?
भारत में किसी विदेशी नागरिक का प्रवेश और उसका प्रवास कानूनों के तहत नियंत्रित है। Foreigners Act, 1946 केंद्र सरकार को विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश, मौजूदगी और प्रस्थान को नियंत्रित करने की व्यापक शक्तियां देता है। कानून के तहत सरकार किसी विदेशी को भारत में रहने से रोक सकती है, उसकी आवाजाही पर प्रतिबंध लगा सकती है और कुछ परिस्थितियों में उसे हिरासत में रखने की व्यवस्था भी कर सकती है।
भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों को अवैध प्रवासी माना जाता है और उनकी पहचान सत्यापित करने के बाद हिरासत तथा निर्वासन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसे मामलों में सबसे पहले व्यक्ति की राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि होती है। इसके बाद यह तय किया जाता है कि उसे किस कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत से बाहर भेजा जाना है।








