- पाकिस्तानी आतंकवाद का एक बार फिर पर्दाफाश
- ट्रंप की सुपारी लेकर हत्या करने गया था पाकिस्तानी
- ईरान की IRGC ने थी आसिफ को ट्रंप की सुपारी
- सुरक्षा एजेंसियों ने न्यूयॉर्क से गिरफ्तार किया था
खबर क्या है ?
अमेरिका की अदालत ने हाल ही में पाकिस्तानी नागरिक आसिफ रज़ा मर्चेंट को दोषी करार दिया है। उस पर आरोप था कि उसने ईरान की मदद से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रची। यह मामला अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद गंभीर था क्योंकि इसमें विदेशी नेटवर्क और आतंकवादी संगठनों की संलिप्तता सामने आई। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अलग-अलग देशों में पाकिस्तानी नागरिक आतंकवादी योजनाओं और गंभीर अपराधों में पकड़े जाते रहे हैं।
क्या है आसिफ मर्चेंट मामला ?

उम्र: 46-47 वर्ष
स्थान: न्यूयॉर्क, अमेरिका
अपराध: डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश
संबंध: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा हुआ बताया गया
सज़ा: अमेरिकी कोर्ट ने हत्या की साजिश, आतंकवाद और मर्डर-फॉर-हायर के आरोपों में दोषी करार दिया, सज़ा जीवन कारावास तक हो सकती है
साजिश की शुरुआत और योजना का तरीका
आसिफ मर्चेंट का नाम पहली बार तब सामने आया जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक नेटवर्क की गतिविधियों को ट्रैक किया। जांच में पता चला कि मर्चेंट को ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका में हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए संपर्क किया था। उसका काम था ट्रंप और अन्य अमेरिकी नेताओं को निशाना बनाना। साजिश में “मर्डर-फॉर-हायर” मॉडल अपनाया गया था। यानी मर्चेंट को पैसे और समर्थन देकर हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया। उसने अमेरिका में हथियार और संसाधन जुटाने की कोशिश की। साथ ही, उसने ईरान से मिले निर्देशों के आधार पर ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी इकट्ठा की।
पाकिस्तानी आतंकी आसिफ की गिरफ्तारी कैसे हुई
अमेरिकी एफबीआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने लंबे समय तक मर्चेंट की गतिविधियों पर नजर रखी। उसके ईमेल, फोन कॉल और गुप्त बैठकों की निगरानी की गई। जब यह साफ हो गया कि वह हत्या की योजना को आगे बढ़ा रहा है, तब उसे न्यूयॉर्क में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले, जिनसे ईरान से उसके संबंधों की पुष्टि हुई। अमेरिकी कोर्ट में पेश किए गए सबूतों में ईमेल, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन शामिल थे। अभियोजन पक्ष ने बताया कि मर्चेंट ने ईरान के इशारे पर ट्रंप और अन्य नेताओं की हत्या की साजिश रची थी। अदालत ने उसे आतंकवाद, हत्या की साजिश और विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अपराध करने का दोषी पाया है।
आतंकवादी देश है पाकिस्तान
यह मामला केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। यह दिखाता है कि पाकिस्तानी नागरिकों का इस्तेमाल कई बार विदेशी ताकतें आतंकवादी योजनाओं के लिए करती रही हैं। आसिफ मर्चेंट का केस इस बात का ताज़ा उदाहरण है कि कैसे वैश्विक सुरक्षा नेटवर्क को चुनौती दी जाती है। आसिफ मर्चेंट की गिरफ्तारी और दोष सिद्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा की योजनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस तरह बुनी जाती हैं। यह मामला अमेरिका और दुनिया के अन्य देशों के लिए चेतावनी है कि विदेशी नेटवर्क और पाकिस्तानी नागरिकों की संलिप्तता को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ दुनिया के अलग-अलग देशों में आतंकवाद, यौन अपराध और अन्य गंभीर मामलों में कार्रवाई हुई है। यह घटनाएं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय रही हैं। भारत, अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति बताती है कि पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क वैश्विक स्तर पर सक्रिय हैं। यह घटनाएं न केवल आतंकवाद बल्कि यौन अपराध और तस्करी जैसे मामलों में भी सामने आती रही हैं।








