अमेरिकी mercenary मैथ्यू वैनडाइक को दिल्ली की अदालत से मिली बेल

By Defence Detective

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Matthew Aaron VanDyke की पुरानी फोटो, Libya War के दौरान Matthew VanDyke

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को अमेरिकी mercenary (भाड़े का सैनिक/ट्रेनिंग देने वाला) मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को डिफ़ॉल्ट ज़मानत दे दी। उसे म्यांमार से जुड़ी आतंकी-ट्रेनिंग गतिविधियों के मामले में छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ़्तार किया गया था, जिसकी जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है। वह मार्च में NIA की गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में बंद था।

यह घटनाक्रम NIA द्वारा वैनडाइक और यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल करने के लगभग 10 दिन बाद हुआ है। दरअसल मामले की 8 सितंबर को दाखिल चार्जशीट में इन सातों के खिलाफ UAPA (गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम) के तहत आरोप शामिल नहीं थे।

फिर UAPA कहां गया?

मार्च में गिरफ्तारी के समय मामला UAPA के तहत दर्ज किया गया था। NIA ने उस समय UAPA की धारा 18, यानी आतंकवादी गतिविधि की साजिश से जुड़ी धारा, का इस्तेमाल किया था। अदालत ने शुरुआती रिमांड के दौरान भी माना था कि FIR में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोप मौजूद हैं।

लेकिन 8 सितंबर 2026 को दाखिल चार्जशीट से तस्वीर बदल गई। NIA ने वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ फिलहाल Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 21 और 23 लगाई। इनका संबंध भारत में अवैध प्रवेश, ठहरने और आव्रजन नियमों के उल्लंघन से है।

चार्जशीट दाखिल करते समय NIA ने कहा कि आतंकी साज़िश की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। UAPA के तहत अपराधों के बारे में सही और पूरी जानकारी का पता लगाने और उसकी पुष्टि करने के लिए और समय की ज़रूरत है।

यानी उस चार्जशीट में UAPA की धाराएं शामिल नहीं थीं।

अभी कानूनी स्थिति-

पहलूस्थिति
गिरफ्तारीमार्च 2026
शुरुआती मामलाUAPA समेत गंभीर आरोप
आरोपी1 अमेरिकी + 6 यूक्रेनी
8 सितंबर की चार्जशीटImmigration and Foreigners Act
UAPA चार्जशीट मेंफिलहाल नहीं
UAPA जांचNIA के अनुसार जारी
चार्जशीट पर अगली कार्रवाई1 अक्टूबर
वैनडाइक की स्थितिडिफॉल्ट जमानत

कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

स्पेशल NIA जज प्रशांत शर्मा ने वैनडाइक को 1 लाख रुपये के निजी बॉन्ड और इतनी ही राशि की जमानत पर डिफॉल्ट बेल दी है।

अदालत ने यह भी शर्त रखी है कि फिलहाल वह भारत छोड़कर नहीं जा सकता। वैनडाइक की भारत से बाहर जाने की अलग अर्जी पर अदालत 22 सितंबर को सुनवाई करेगी। चार्जशीट पर अगली महत्वपूर्ण सुनवई 1 अक्टूबर को होनी है।

ज़मानत की शर्तों के तहत, वैन डाइक को रिहाई के बाद दिल्ली न छोड़ने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, चल रही जांच के सिलसिले में बुलाए जाने पर उन्हें NIA के सामने पेश होना होगा।

डिफॉल्ट जमानत (Default Bail)– इसका आसान मतलब है कि अगर जांच एजेंसी कानून में तय समय के भीतर जांच पूरी करके चार्जशीट दाखिल नहीं करती, तो आरोपी को जमानत पाने का वैधानिक अधिकार मिल सकता है। इसे “वैधानिक जमानत” (Statutory Bail) भी कहा जाता है।

वैनडाइक पकड़ा क्यों गया था?

मामला सिर्फ वीजा या सीमा पार करने का नहीं था। मार्च 2026 में NIA ने वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। NIA के शुरुआती आरोप बेहद गंभीर थे। एजेंसी का दावा था कि सातों लोग भारत आए, पूर्वोत्तर के रास्ते म्यांमार पहुंचे और वहां Ethnic Armed Groups यानी जातीय सशस्त्र गुटों से संपर्क किया। इन लोगों का मकसद सिर्फ यात्रा करना नहीं था, बल्कि म्यांमार में इन समूहों को सैन्य ट्रेनिंग देना था।

NIA ने उस समय यह भी आरोप लगाया था कि इन लोगों के जरिए:

  • हथियार और सैन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई
  • ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग हुई
  • ड्रोन असेंबली और जैमिंग तकनीक की जानकारी दी गई
  • कुछ गुटों के भारत में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से संबंधों की भी जांच की गई।

यानी जांच का एंगल शुरू से ही म्यांमार से भारत के पूर्वोत्तर तक फैले संभावित सुरक्षा नेटवर्क से जुड़ा था।

म्यांमार तक पहुंचे कैसे थे?

सातों आरोपी दिसंबर 2025 में वैध दस्तावेजों के साथ भारत आए थे। इसके बाद वे गुवाहाटी से मिजोरम की ओर गए। वे मिजोरम के ऐसे क्षेत्र में पहुंचे जहां विदेशी नागरिकों के लिए Protected Area Permit (PAP) या Restricted Area Permit (RAP) जैसी permission आवश्यक थी। इसके बाद उन्होंने भारत-म्यांमार सीमा पार की।

वहां उनका अंतिम ठिकाना Victoria Camp था, जहां उन्होंने म्यांमार के Ethnic Armed Groups के लिए पहले से तय  ट्रेनिंग गतिविधियों में हिस्सा लिया।

पूरी टाइमलाइन जानिए-

चरणकथित गतिविधि
दिसंबर 2025विदेशी नागरिक भारत पहुंचे
गुवाहाटीपूर्वोत्तर की ओर यात्रा
मिजोरमप्रोटेक्टेड एरिया में इंट्री
भारत-म्यांमार सीमाकथित रूप से अवैध क्रॉसिंग
Victoria Campड्रोन/सैन्य ट्रेनिंग का आरोप
मार्च 2026भारत वापसी
मार्च 2026अलग-अलग जगहों से NIA की गिरफ्तारी

म्यांमार में ड्रोन ट्रेनिंग का पूरा मामला क्या है ?

इस केस को सामान्य अवैध प्रवेश का मामला मानना इसकी पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। NIA की जांच में ड्रोन को खास महत्व मिला है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि म्यांमार में ट्रेनिंग का एक हिस्सा ड्रोन वॉरफेयर से जुड़ा था। इसमें ड्रोन उड़ाना, ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक जैसी क्षमताएं शामिल थीं।

इसके अलावा जांच में यूरोप से ड्रोन की खेप भारत के रास्ते म्यांमार तक पहुंचाए जाने के आरोप भी सामने आए। हालांकि इन आरोपों का पूरा कानूनी रिजल्ट अभी सामने नहीं आया है और NIA ने UAPA वाला पहलू खुला रखा है।

यही वजह है कि यह मामला सिर्फ सीमा उल्लंघन से आगे बढ़कर ड्रोन टेक्नोलॉजी, विदेशी लड़ाकू गुटों और भारत के पूर्वोत्तर की सुरक्षा से जुड़ा जांच मामला बन गया।

क्यों मिली डिफॉल्ट जमानत ?

वैनडाइक की ओर से दलील दी गई कि जिस गंभीर UAPA मामले में वह लंबे समय से जेल में है, उसकी मौजूदा चार्जशीट में UAPA अपराध के आरोप लगाए ही नहीं गए हैं। इसके बजाय चार्जशीट Immigration and Foreigners Act के तहत है।

NIA की ओर से कोर्ट में कहा गया कि आतंकवाद से जुड़े पहलू की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अगर जांच में UAPA के तहत अपराध बनता है तो आगे supplementary chargesheet दाखिल की जा सकती है।

यानी एजेंसी ने यह नहीं कहा कि पूरा आतंकवाद वाला एंगल खत्म हो गया है। उसका कहना है कि वह हिस्सा अभी जांच में है।

अदालत ने इसी कानूनी स्थिति के बीच वैनडाइक को डिफॉल्ट जमानत दी।

अब बाकी छह यूक्रेनी आरोपियों का क्या होगा?

यह फैसला सिर्फ वैनडाइक तक सीमित नहीं रह सकता। अदालत ने कहा कि बाकी छह आरोपी भी जमानत के लिए आवेदन करते हैं तो वे राहत का दावा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि जांच अधिकारी जब बुलाएं, तो आरोपियों को जांच में शामिल होना होगा।

इन छह आरोपियों के नाम हैं:

  • हर्बा पेट्रो
  • स्लिवियाक टारस
  • इवान सुकमनोवस्की
  • स्टीफनकिव मारियन
  • होंचारुक मकसीम
  • कामिनिस्की विक्टर

NIA ने इनमें से तीन को दिल्ली और तीन को लखनऊ से गिरफ्तार किया था, जबकि वैनडाइक कोलकाता से पकड़ा गया था।

अब आगे क्या ?

वैनडाइक को जमानत मिल गई है, लेकिन म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस की पूरी कानूनी कहानी अभी बाकी है। अगला बड़ा पड़ाव 1 अक्टूबर है, जब अदालत NIA की दाखिल चार्जशीट पर विचार करेगी। इसके साथ NIA की UAPA जांच भी महत्वपूर्ण रहेगी।

अगर एजेंसी को आगे की जांच में आतंकवाद से संबंधित पर्याप्त सामग्री मिलती है, तो वह supplementary chargesheet के जरिए UAPA के आरोप आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकती है। यानी अभी इस मामले की तस्वीर को न तो पूरी तरह खत्म हुआ मामला कहा जा सकता है और न ही वैनडाइक को आरोपों से मुक्त।

मैथ्यू वैनडाइक है कौन ?

वैनडाइक एक अमेरिकी नागरिक है, जो कई देशों में हथियारबंद संघर्षों और मिलिट्री ट्रेनिंग में शामिल रहा है।

  • उसे पहली बार 2011 के लीबियाई गृह युद्ध के दौरान पहचान मिली, जब वह मुअम्मर गद्दाफी की सरकार के खिलाफ लड़ने वाली ताकतों में शामिल हुआ। वह गद्दाफी सरकार की हिरासत में गया और करीब छह महीने कैद रहा
  • उसने सीरिया में भी काम किया।
  • उसने इराकी ईसाइयों/लोकल फोर्सेज को ISIS के खिलाफ लड़ाई के लिए ट्रेनिंग देने में भूमिका निभाई।
  • 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद यूक्रेनी नागरिकों और मिलिट्री कर्मियों को ट्रेनिंग देने में भी शामिल हुआ।
  • वैनडाइक ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ का संस्थापक भी है, जो खुद को सुरक्षा और मिलिट्री ट्रेनिंग देने वाली संस्था बताती है।

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