इंडियन नेवल एकेडमी से बांग्लादेशी गिरफ्तार, नेवी की सुरक्षा में कितनी बड़ी सेंध ?

By Defence Detective

Published On:

Date:

Bangladeshi national arrested from Indian Naval Academy in Ezhimala

केरल के कन्नूर जिले में पांच बांग्लादेशी महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब पुलिस ने एक ऐसे बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है, जो इंडियन नेवल एकेडमी में काम कर रहा था। उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड मिला है, जिस पर उसका नाम बिप्लब सोरेन (32) लिखा है। उसने बंगाल के मुर्शिदाबाद से एक नकली पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी बनवाया था।

उसके मोबाइल फोन से बांग्लादेशी नागरिकता से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा वाले इस एकेडमी से बांग्लादेशी व्यक्ति की गिरफ्तारी ने नेवी की सुरक्षा में सेंध का सवाल उठा दिया है। साथ ही विदेशी नागरिकों के वेरिफिकेशन सिस्टम पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।  

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

कहां है वह एकेडमी, जहां से हुई गिरफ्तारी ?

शुक्रवार को गिरफ्तार हुआ यह बांग्लादेशी नागरिक कन्नूर के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी (INA) में काम कर रहा था। इसने अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाई हुई थी। इसके लिए उसने फर्जी भारतीय दस्तावेजों का सहारा लिया था।

वह एकेडमी के लॉन्ड्री सेक्शन में काम करता था। यही इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। अभी तक पुलिस या नौसेना की ओर से यह नहीं बताया गया है कि उसे INA में नौकरी किस प्रक्रिया से मिली और उसके दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर हुआ था।

कैसे खुला उसका राज ?

गिरफ्तार बांग्लादेशी करीब एक साल से इस एकेडमी में काम कर रहा था। नेवी अधिकारियों को उसके बर्ताव पर शक हो रहा था और उन्होंने उस पर लगातार नज़र रखी। इसके बाद नौसेना अधिकारियों ने उससे पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन की जांच की गई। इसमें ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे उसके बांग्लादेशी नागरिक होने की जानकारी हुई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया।

 वह बिना वैलिड ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स या वीज़ा के रह रहा था और कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी के तौर पर एकेडमी में काम कर रहा था

नेवल एकेडमी तक कैसे बनी उसकी पहुंच?

इस गिरफ्तारी के बाद सबसे अहम सवाल यही है कि एक विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे देश की प्रमुख नौसैनिक प्रशिक्षण संस्थाओं में से एक तक कैसे पहुंचा और करीब एक साल तक वहां काम करता रहा। अभी तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला है कि –

  • उसने नौकरी के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जमा किए थे।
  • दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर हुआ।
  • उसे INA में काम दिलाने वाला कौन था।
  • उसने भारत में प्रवेश कब और किस रास्ते से किया।
  • उसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क था या नहीं।

कन्नूर में यह चार दिन में छठी गिरफ्तारी

कन्नूर से गिरफ्तारी की यह अकेली घटना नहीं है। इससे पहले कन्नूर में पांच बांग्लादेशी महिलाओं को भी वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रहने और काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

पहली गिरफ्तारी 14 सितंबर को हुई थी। पुलिस ने कन्नूर रेलवे स्टेशन के पास एक आयुर्वेदिक मसाज सेंटर में काम करने वाली 29 वर्षीय सलीना अख्तर को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार उसके पास पासपोर्ट, वीजा या भारत में रहने की वैध अनुमति नहीं थी। उसके मोबाइल में बांग्लादेशी नेशनल आईडी कार्ड की तस्वीर भी मिली थी।

इसके अगले दिन चार और बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।

इन पांच गिरफ्तारियों के बाद नेवल एकेडमी से गिरफ्तारी ने मामले को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया। क्योंकि मामला अब मामला हाईली सेंसटिव नेवल एकेडमी की सुरक्षा में सेंध तक पहुंच गया है।

अब जांच किन सवालों पर टिकेगी?

नेवल एकेडमी से गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा केवल उसकी पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि उसके दस्तावेज कहां से बने, वह भारत में कब आया और INA तक उसकी पहुंच कैसे बनी। जांच के प्रमुख सवाल होंगे:-

  • असली पहचान क्या है? – पुलिस ने अभी उसके वास्तविक नाम के बारे में नहीं बताया है।
  • भारत में इंट्री कैसे हुई ? – उसके पास भारत आने के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा था या नहीं, इसकी जानकारी जांच में सामने आनी है।
  • फर्जी आधार और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज किसने बनाए?
  • INA में नौकरी कैसे मिली? उसकी भर्ती और दस्तावेज सत्यापन की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में होगी।
  • क्या कोई और व्यक्ति उससे जुड़ा है? पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वह अकेले भारत में रह रहा था या किसी नेटवर्क की मदद से यहां पहुंचा और काम कर रहा था।

छह गिरफ्तारियों के बाद अब पूरे केरल पर नजर

कन्नूर से इन गिरफ्तारियों के बाद केरल में विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच को लेकर भी मांग उठी है। अधिवक्ता कुलथूर जयसिंह ने राज्य के सभी जिलों में विशेष निरीक्षण की मांग की थी। यह शिकायत मुख्यमंत्री के पास भेजी गई और इसे राज्य पुलिस प्रमुख तक आगे बढ़ाया गया।

अब एझिमाला की गिरफ्तारी ने इस जांच को और संवेदनशील बना दिया है। हालांकि अभी तक उपलब्ध जानकारी में यह साबित नहीं हुआ है कि कन्नूर में गिरफ्तार सभी छह लोगों के बीच कोई साझा नेटवर्क था।

Leave a Comment