केरल के कन्नूर में पांच बांग्लादेशी महिलाओं को बिना वैध दस्तावेजों के केरल में रहने और काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली आधार कार्ड और अन्य भारतीय पहचान दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
दो दिनों तक चली गिरफ़्तारियों की शुरुआत कन्नूर रेलवे स्टेशन के पास एक स्पा से सलीना अख्तर नामक महिला को हिरासत में लेने के साथ हुई। इसके बाद पुलिस ने चार और महिलाओं का पता लगाया जो किराए के मकान में साथ रह रही थीं और शहर के एक स्पा और मसाज सेंटर में काम करती थीं।
मामले की शुरुआत कब और कैसे हुई ?
पूरे मामले की शुरुआत 14 सितंबर को हुई। कन्नूर टाउन पुलिस को इंटेलीजेंस विंग से मिली सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक स्पा में जांच की गई। जहां 29 वर्षीय सलीना अख्तर को पकड़ा गया। वह बांग्लादेशी निकली। उसके पास भारत में रहने या काम करने के लिए वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं थे।
उसके मोबाइल में बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी नेशनल आईडी कार्ड की तस्वीर मिली। सलीना को गिरफ्तार कर मामला Immigration and Foreigners Act, 2025 के तहत दर्ज किया गया है।
इसके मामले के बाद पुलिस को जो जानकारी मिली, उसने जांच को कन्नूर के दूसरे हिस्से तक पहुंचा दिया।
फिर चार और महिलाएं कैसे पकड़ी गईं ?
15 सितंबर को पुलिस ने कन्नूर के एक किराए के मकान में छापा मारा, जहां चार और बांग्लादेशी महिलाएं मिलीं। ये सभी शहर के एक स्पा में काम कर रही थीं और भारत में रहने के लिए वैध यात्रा दस्तावेज पेश नहीं कर सकीं। इन चारों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पांच गिरफ्तारियां—एक नजर में
| क्रम | नाम | उम्र | पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी |
| 1 | सलीना अख्तर | 29 | 14 सितंबर को स्पा से गिरफ्तारी |
| 2 | नजमा अक्खतर | 40 | 15 सितंबर को किराए के मकान से |
| 3 | तस्लीमा खातून | 25 | 15 सितंबर को किराए के मकान से |
| 4 | मोयना खातून | 29 | 15 सितंबर को किराए के मकान से |
| 5 | नसरीन/नसरी बीबी | करीब 28-30 | 15 सितंबर की कार्रवाई में |
जांच का अहम सिरे ?
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पांचों महिलाएं बिना वैध दस्तावेज भारत में कैसे पहुंचीं। उससे बड़ा सवाल है कि भारत में रहते हुए उन्होंने फर्जी भारतीय पहचान कैसे बनाई? जांच में फर्जी आधार और दूसरे भारतीय पहचान दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है।
रिपोर्टों के मुताबिक महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि उन्हें असम से फर्जी दस्तावेज मिले थे। यह भी सामने आया है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करने में किया गया हो सकता है। यानी जांच का अगला सिरा अब कन्नूर के स्पा से निकलकर असम, पश्चिम बंगाल, मुंबई, कर्नाटक और केरल तक पहुंच रहा
बदलते रहे शहर ?
गिरफ्तार महिलाओं में कुछ के भारत पहुंचने के बाद अलग-अलग राज्यों में रहने की जानकारी सामने आई है। सलीना के बारे में पुलिस ने बताया कि वह पहले गुवाहाटी, मुंबई और बेंगलुरु में काम कर चुकी थी।
दूसरी चार महिलाओं के मामले में भी असम से फर्जी दस्तावेज हासिल करने की बात सामने आई है। कुछ महिलाएं पिछले साल पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत आई थीं और इसके बाद असम तथा बेंगलुरु होते हुए कन्नूर पहुंचीं।
क्या पीछे कोई एजेंट नेटवर्क है?
पुलिस को संदेह है कि अलग-अलग राज्यों में लोगों को पहुंचाने, फर्जी पहचान तैयार कराने और रोजगार दिलाने में बिचौलियों या किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में पुलिस जांच के हवाले से कहा गया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए रकम दिए जाने की बात सामने आई है।
लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरा नेटवर्क किसने बनाया, इसमें कितने लोग शामिल हैं या इसका संचालन कहां से होता है। पुलिस इसी कड़ी को स्थापित करने के लिए दस्तावेज, मोबाइल फोन, आवाजाही और संपर्कों की जांच कर रही है।
स्पा सेक्टर पर अब पुलिस की निगाह?
पांचों गिरफ्तारियां स्पा या मसाज सेंटरों से जुड़ी हैं। इसी वजह से कन्नूर पुलिस ने ऐसे प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच तेज करने का फैसला किया है।
पुलिस ने स्पा और मसाज सेंटरों के संचालकों को कर्मचारियों के पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। दूसरे प्रतिष्ठानों में काम कर रहे बाहरी राज्यों के कर्मचारियों के दस्तावेजों की भी जांच की बात सामने आई है।
अब जांच कन्नूर से आगे जाएगी
पांच गिरफ्तारियों के बाद पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि कन्नूर में ऐसे और कितने विदेशी नागरिक रह या काम कर रहे हैं जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं।
इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि गिरफ्तार महिलाओं को नौकरी, किराए का मकान, बैंकिंग सुविधा और मोबाइल कनेक्शन हासिल करने में किसने मदद की।
केरल में विदेशी नागरिकों की व्यापक जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में एक शिकायत भी दी गई है। यह शिकायत आगे राज्य पुलिस प्रमुख को भेजी गई है और इसमें जिलेवार जांच की मांग की गई है।
मामला किस कानून के तहत दर्ज हुआ?
इन मामलों में Immigration and Foreigners Act, 2025 की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। यह कानून 1 सितंबर 2025 से लागू है। इसके तहत भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिक के पास सामान्यतः वैध पासपोर्ट/अन्य यात्रा दस्तावेज और वैध वीजा होना जरूरी है, जब तक कानून में कोई छूट लागू न हो।
कन्नूर पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ धारा 3(1) और 21 के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 21 वैध पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज के बिना भारत में प्रवेश से जुड़ी सजा का प्रावधान करती है।
पुलिस के सामने क्या हैं असली सवाल ?
कन्नूर में पांच गिरफ्तारियां भले ही शुरुआती कार्रवाई हों, लेकिन इनके पीछे उठे सवाल कहीं बड़े हैं।
पांच महिलाएं—कई शहर—फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज का शक—स्पा में रोजगार और अब एजेंट नेटवर्क की जांच।
पुलिस को अब सिर्फ यह साबित नहीं करना है कि गिरफ्तार महिलाएं वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रह रही थीं। असली सवाल यह है कि बांग्लादेश से भारत आने के बाद उन्हें फर्जी भारतीय पहचान किसने दी, दस्तावेज किसने तैयार कराए और उन्हें अलग-अलग शहरों से होते हुए कन्नूर तक पहुंचाने में किस नेटवर्क की भूमिका रही।









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