मंच पर मिली चीन की पर्ची, फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने वहीं कर दिया करारा पलटवार, क्या है पूरा मामला ?

By Defence Detective

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Philippines Defence Secretary Gilberto Teodoro receives a note from the Chinese side during the Seoul Defense Dialogue

दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच जारी तनाव अब एक अंतरराष्ट्रीय रक्षा मंच पर भी खुलकर सामने आ गया है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में Seoul Defence Dialogue फोरम में फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो सी. टेओडोरो जूनियर जब समुद्री सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर बोल रहे थे, तभी उन्हें एक लिखित संदेश थमा दिया गया। यह संदेश चीन के एक सैन्य अधिकारी की ओर से भेजा गया था और इसमें 2016 के दक्षिण चीन सागर आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के फैसले को लेकर चीन का पुराना रुख दोहराया गया था।

टेओडोरो ने संदेश को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय उसे मंच पर ही पढ़ना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने संदेश में लिखी चीन की प्रत्येक अहम बात का वहीं जवाब दिया। उन्होंने चीन पर अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान नहीं करने और दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इस कदम को “coercion, bullying and aggression” यानी दबाव, धौंस और आक्रामकता बताया।

कैसे घटी यह घटना?

घटना 8 सितंबर 2026 को सियोल में तब हुई, जब टेओडोरो एक पैनल चर्चा में दक्षिण चीन सागर की समुद्री चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के पालन की जरूरत पर बात कर रहे थे।

इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनके पीछे से आकर एक कागज उनकी टेबल पर रख दिया। शुरुआत में टेओडोरो को लगा कि यह शायद उनके अपने डेलिगेशन की ओर से आया संदेश है। लेकिन जब उन्होंने उसे पढ़ना शुरू किया तो उन्हें पता चला कि यह चीन के रुख से जुड़ा संदेश था।

Yonhap News Agency के मुताबिक, यह संदेश सियोल स्थित चीनी दूतावास के एक Chinese military attaché ने दिया था। अधिकारी ने पहले संदेश एक फोरम कर्मचारी को दिया और उसे टेओडोरो तक पहुंचाने को कहा। कर्मचारी ने इसे टेओडोरो के डेलिगेशन का संदेश समझकर मंच पर पहुंचा दिया।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि चीन का संदेश निजी तौर पर पहुंचाने की कोशिश के बावजूद सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया। टेओडोरो ने उसे पढ़कर चीन की स्थिति को खुद अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने रख दिया और फिर उसी मंच से उसका जवाब भी दे दिया।

इस तरह फिलीपींस के लिए यह अपने समुद्री अधिकारों पर सार्वजनिक और आक्रामक कूटनीतिक रुख दिखाने का मौका बन गया।

पर्ची में क्या लिखा था?

संदेश का मुख्य विषय 2016 का South China Sea Arbitration Award था। चीन ने उसमें अपने पुराने आधिकारिक रुख को दोहराते हुए कहा कि दक्षिण चीन सागर Arbitral Tribunal का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।

संदेश में कहा गया था कि तथाकथित फैसला—

  • गैरकानूनी और अमान्य है।
  • उसका कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं है।
  • चीन उसे स्वीकार या मान्यता नहीं देता।
  • चीन उसके आधार पर किए जाने वाले किसी दावे या कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा।
  • चीन अपने संप्रभु अधिकारों और समुद्री हितों की रक्षा जारी रखेगा।
  • समुद्री विवादों को संबंधित देशों के साथ बातचीत और परामर्श के जरिए संभालने की कोशिश की जाएगी।

यानी पर्ची में कोई नया चीनी रुख नहीं था, बल्कि बीजिंग लंबे समय से जिस स्थिति को दोहराता रहा है, उसी को रक्षा सम्मेलन के मंच पर फिलीपींस के रक्षा मंत्री तक पहुंचाया गया था।

टेओडोरो ने क्या-क्या दिया जवाब ?

टेओडोरो ने संदेश को पढ़ते हुए चीन के दावों पर सवाल उठाए। जब पर्ची में कहा गया कि Arbitral Tribunal प्रक्रिया ने अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन किया है, तो उन्होंने सवाल किया कि क्या चीन का मतलब यह है कि UNCLOS (United Nations Convention on the Law of the Sea), यानी संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि ही अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती है ?

इसके बाद संदेश में फैसले को गैरकानूनी, अमान्य और गैर-बाध्यकारी बताए जाने पर टेओडोरो ने चीन की स्थिति पर तीखी टिप्पणी की

सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस जवाब की हुई जब चीन के इस रुख का जिक्र आया कि वह ट्रिब्यूलन के फैसले को स्वीकार या मान्यता नहीं देता। टेओडोरो ने व्यंग्य करते हुए कहा—“Of course, because you lost.”

इसके बाद उन्होंने पर्ची को हाथ में उठाकर दर्शकों को दिखाया और कहा कि यह चीन की हताशा और अप्रभावी रवैये को दिखाती है।

क्या है 2016 का दक्षिण चीन सागर फैसला?

फिलीपींस ने जनवरी 2013 में UNCLOS के Annex VII के तहत चीन के खिलाफ मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू की थी। Permanent Court of Arbitration ने इस मामले में रजिस्ट्री की भूमिका निभाई। चीन ने इस प्रक्रिया में भाग नहीं लिया और शुरुआत से ही इसकी वैधता को चुनौती दी।

12 जुलाई 2016 को Court of Arbitration ने फैसला सुनाया। इसमें कई महत्वपूर्ण समुद्री दावों और सुविधाओं से जुड़े सवालों पर फिलीपींस के पक्ष में महत्वपूर्ण निष्कर्ष दिए गए। Tribunal ने पाया कि Nine-Dash Line के भीतर UNCLOS से परे चीन के ऐतिहासिक अधिकारों या अन्य संप्रभु अधिकारों के लिए कोई कानूनी आधार नहीं था। उसने यह भी पाया कि कुछ विवादित समुद्री संरचनाएं अपने आप में ऐसे समुद्री क्षेत्र पैदा नहीं करतीं जिनसे चीन को व्यापक Exclusive Economic Zone या Continental Shelf का अधिकार मिल सके।

Nine-Dash Line क्या है

यह चीन द्वारा दक्षिण चीन सागर में अपने व्यापक समुद्री दावों को दर्शाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली U-आकार की मानचित्र रेखा है। चीनी नक्शे पर दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्से के चारों ओर नौ अलग-अलग डैश (छोटी रेखाएं) बनी होती हैं। इसी वजह से इसे Nine-Dash Line कहा जाता है।

इन रेखाओं के भीतर चीन दक्षिण चीन सागर में ऐतिहासिक अधिकारों और समुद्री हितों का दावा करता रहा है। इस क्षेत्र में कई विवादित द्वीप और समुद्री इलाके आते हैं, जिन पर फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी अलग-अलग दावे करते हैं।

चीन क्यों नहीं मानता फैसला?

चीन का कहना है कि ट्रिब्यूनल को इस मामले में अधिकार ही नहीं था और फिलीपींस ने चीन की सहमति के बिना एकतरफा मध्यस्थता शुरू करके अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन किया। दक्षिण चीन सागर में उसकी संप्रभुता और समुद्री अधिकार पंचाट फैसले से प्रभावित नहीं होते। बीजिंग बातचीत और परामर्श के जरिए संबंधित देशों के साथ विवाद सुलझाने की बात भी करता है।

दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के प्रमुख overlapping claims

जगहफिलीपींस का नाम/दावाचीन का नाम/दावामौजूदा स्थिति
Scarborough ShoalBajo de Masinloc / Panatag ShoalHuangyan Daoदोनों संप्रभुता का दावा करते हैं; चीन का प्रभावी नियंत्रण
Mischief ReefPanganiban ReefMeiji Jiaoदोनों दावा करते हैं; चीन का कब्जा और कृत्रिम द्वीप/सैन्य ढांचा
Second Thomas ShoalAyungin ShoalRen’ai Jiaoदोनों दावा करते हैं; फिलीपींस की चौकी BRP Sierra Madre पर है
Subi ReefZamora ReefZhubi Jiaoदोनों दावा करते हैं; चीन का नियंत्रण
Fiery Cross ReefKagitingan ReefYongshu Jiaoदोनों का दावा; चीन का नियंत्रण और बड़ा सैन्यीकृत कृत्रिम द्वीप
Cuarteron ReefCalderon ReefHuayang Jiaoदोनों का दावा; चीन का नियंत्रण
Gaven ReefsBurgos ReefsNanxun Jiao आदिदोनों/अन्य दावेदारों के दावे; चीन का नियंत्रण
Johnson South ReefMabini ReefChigua Jiaoदोनों दावा करते हैं; चीन का नियंत्रण
Reed BankRecto Bankचीन भी दावा/आपत्ति करता हैयहां विवाद मुख्यतः समुद्री अधिकार और संसाधनों का है

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