रूस के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन ने अपने एक अहम स्वदेशी एयर डिफेंस प्रोजेक्ट Koral को पहली बार लॉन्चर के साथ दुनिया को दिखाया है। 8 सितंबर 2026 को पोलैंड में आयोजित MSPO 2026 रक्षा प्रदर्शनी में Koral की सेल्फ-प्रोपेल्ड लॉन्चिंग यूनिट सामने आई। यूक्रेन की सरकारी डिफेंस कंपनी Ukroboronprom द्वारा जारी तस्वीर में Koral मिसाइल को एक मोबाइल लॉन्चर से उड़ान भरते दिखाया गया है।
Koral को केवल विमान, ड्रोन या क्रूज मिसाइलों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली मिसाइल के रूप में नहीं बताया जा रहा, बल्कि इसे बैलिस्टिक टारगेट को इंटरसेप्ट करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। हालांकि अभी तक यूक्रेन ने इसकी वास्तविक युद्धक सफलता, अधिकतम वर्तमान इंटरसेप्शन रेंज या कितनी यूनिट सेना को मिली हैं, इसका सुबूत नहीं दिया है।
इस Koral मिसाइल में क्या है खास?
Koral की मौजूदा सार्वजनिक जानकारी इसे एक अपेक्षाकृत भारी एयर-डिफेंस इंटरसेप्टर के रूप में दिखाती है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण खासियत इसका मल्टी-लेयर गाइडेंस सिस्टम है। Koral को स्थिर लॉन्च पैड के बजाय Tatra ट्रक चेसिस पर मोबाइल लॉन्चर के रूप में दिखाया गया है। इस तरह की व्यवस्था एयर डिफेंस यूनिट के लिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि लॉन्चर को एक जगह लंबे समय तक स्थिर रखने के बजाय जरूरत के अनुसार स्थान बदला जा सकता है। मोबाइल प्लेटफॉर्म Koral को survivability और repositioning के लिहाज से उपयोगी बना सकता है।
| विशेषता | Koral |
| भूमिका | एयर डिफेंस/बैलिस्टिक टारगेट इंटरसेप्टर |
| मिसाइल वजन | लगभग 450 किलोग्राम |
| वारहेड | 36 किलोग्राम |
| लंबाई | 4.8 मीटर |
| व्यास | 230/300 मिमी |
| विंगस्पैन | 835 मिमी |
| कंट्रोल फिन स्पैन | 685 मिमी |
| गाइडेंस | इनर्शियल नेविगेशन + रेडियो करेक्शन + एक्टिव रडार होमिंग |
| लॉन्च प्लेटफॉर्म | Tatra ट्रक आधारित सेल्फ-प्रोपेल्ड लॉन्चर |
इनमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा active radar seeker है। इसका अर्थ है कि मिसाइल अपने अंतिम चरण में लक्ष्य से मिलने वाले रडार सिग्नल के आधार पर उसे ट्रैक कर सकती है। इसके साथ इनर्शियल नेविगेशन और रेडियो करेक्शन का संयोजन मिसाइल को उड़ान के दौरान नेविगेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
मारक क्षमता/रेंज को ऐसे समझें-
- मूल Koral डिजाइन (2021): लगभग 30 किमी रेंज, करीब 10 किमी ऊंचाई तक इंटरसेप्शन। लगभग 300 किलोग्राम वजन, 25 किलोग्राम वारहेड और करीब 4.33 मीटर लंबाई।
- 2023 में यूक्रेनी अधिकारियों ने Koral सिस्टम के लिए 100 किमी से अधिक रेंज की क्षमता विकसित करने की बात कही थी।
- 2026 में प्रदर्शित Koral के इस नए वर्शन की वास्तविक रेंज घोषित नहीं हुई है।
किसने बनाया, कितना पुराना प्रोजेक्ट ?
Koral का विकास यूक्रेन के Luch State Kyiv Design Bureau (DKKB Luch) से जुड़ा है। प्रोजेक्ट पर रिसर्च और डेवलपमेंट का काम 2016 में शुरू हुआ था। शुरुआत में Koral को जमीन पर तैनात होने वाले सिस्टम के बजाय जहाज आधारित एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के एक हिस्से के रूप में देखा गया था।
इसके बाद 2021 में Koral पहली बार बड़े स्तर पर चर्चा में आया। Arms and Security 2021 प्रदर्शनी में Luch ने मिसाइल का फुल-साइज मॉडल प्रदर्शित किया था। उस समय इसे एक मॉड्यूलर और यूनिफाइड मिसाइल के तौर पर पेश किया गया था, जिसे जमीन और समुद्र आधारित एयर डिफेंस सिस्टम में इस्तेमाल करने की योजना थी।
Koral से यूक्रेन को कितना फायदा ?
Koral की सबसे बड़ी ताकत केवल इसकी मिसाइल नहीं, बल्कि स्वदेशी एयर डिफेंस क्षमता बनाने की कोशिश है। यूक्रेन फिलहाल Patriot जैसे पश्चिमी सिस्टम पर निर्भर है, लेकिन उनकी मिसाइलें महंगी हैं और उनकी उपलब्धता सीमित है। रूस के बड़े पैमाने के मिसाइल हमलों के बीच इंटरसेप्टरों की लगातार जरूरत पड़ती है। ऐसे में घरेलू सिस्टम के सफल होने पर यूक्रेन को तीन बड़े फायदे मिल सकते हैं:–
- विदेशी इंटरसेप्टरों पर निर्भरता घटाना
- एयर डिफेंस नेटवर्क में अतिरिक्त इंटरसेप्टर लेयर जोड़ना
- युद्ध के दौरान अपनी मिसाइल उत्पादन क्षमता को बढ़ाना
यूक्रेन पिछले कई वर्षों से रूसी बैलिस्टिक और क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइलों से जूझ रहा है। ऐसे लक्ष्यों को क्रूज मिसाइल या ड्रोन की तुलना में रोकना कहीं अधिक कठिन होता है। इसलिए अगर Koral अपने घोषित उद्देश्य के अनुसार सफलतापूर्वक बैलिस्टिक टारगेट इंटरसेप्ट करने में सक्षम होता है, तो यूक्रेन को विदेशी इंटरसेप्टरों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
Koral और Patriot में कौन अधिक कारगर ?
यूक्रेन के पास अमेरिकी Patriot सिस्टम पहले से है और PAC-3 इंटरसेप्टर बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन Patriot की तुलना Koral से करने के लिए Koral की वर्तमान रेंज, अधिकतम इंटरसेप्शन ऊंचाई, सेंसर नेटवर्क, kill probability और वास्तविक युद्ध परीक्षण के आंकड़े सार्वजनिक होना जरूरी है।
अमेरिकी Patriot एयर डिफेंस सिस्टम की खासियत –
| खासियत | जानकारी | खासियत | जानकारी |
| पूरा नाम | MIM-104 Patriot | देश | अमेरिका |
| मुख्य निर्माता | Raytheon/RTX, Lockheed Martin | भूमिका | एयर डिफेंस + बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस |
| इंटरसेप्टर | PAC-2 GEM-T, PAC-3 MSE | PAC-3 MSE तकनीक | Hit-to-Kill |
| लक्ष्य | विमान, क्रूज व टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल | हाइपरसोनिक क्षमता | विकसित की जा रही है |
| PAC-3 MSE रेंज | सटीक अधिकतम रेंज सार्वजनिक नहीं | गाइडेंस | इनर्शियल + कमांड अपडेट + एक्टिव रडार सीकर |
| मोटर | Dual-pulse solid rocket motor | वारहेड | मुख्यतः kinetic Hit-to-Kill |
| रडार | AN/MPQ-53/65 phased-array; LTAMDS एकीकरण | ऑल-वेदर | हां |
| 360° क्षमता | नए PAC-3 विकासों में उपलब्ध | युद्धक अनुभव | वास्तविक अभियानों में इस्तेमाल |
| उत्पादन | 2024: 500+ PAC-3 MSE; 2025: 600+ डिलीवरी | खास ताकत | Layered air & missile defense |
रूस को कितनी टेंशन?
Koral के प्रदर्शन पर रूस की ओर से अभी तक कोई ऐसी सार्वजनिक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे यह कहा जा सके कि मॉस्को ने इसे किसी खास खतरे के रूप में घोषित किया है। फिर भी इसकी रणनीतिक अहमियत को समझना मुश्किल नहीं है।
रूस 2026 में यूक्रेन पर बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है और यूक्रेन के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना विशेष चुनौती बना हुआ है। इसी बीच Kyiv अपने पश्चिमी सहयोगियों से बड़ी संख्या में Patriot इंटरसेप्टर भी मांग रहा है।
8 सितंबर को यूक्रेन ने सहयोगियों और EU फंडिंग की मदद से लगभग 1,000 Patriot मिसाइलों के लिए अनुबंध करने की योजना की घोषणा की, जबकि इनमें से अधिकांश की डिलीवरी तत्काल नहीं होने वाली है। यही Koral की असली रणनीतिक अहमियत है।
यदि यूक्रेन अपने यहां इंटरसेप्टर मिसाइलों का उत्पादन बड़े पैमाने पर कर पाता है, तो रूस के बड़े मिसाइल हमलों के सामने उसकी एयर डिफेंस की मिसाइल सप्लाई की कमजोरी कुछ हद तक कम हो सकती है।
रूस के पास सामरिक से लेकर अंतरमहाद्वीपीय स्तर तक कई बैलिस्टिक प्रणालियां हैं-
| मिसाइल/सिस्टम | श्रेणी | रेंज | मुख्य खासियत |
|---|---|---|---|
| Iskander-M (9K720) | SRBM | करीब 500 किमी | मोबाइल लॉन्चर, conventional/nuclear capability |
| Kinzhal (Kh-47M2) | Air-launched ballistic missile | 1,500–2,000 किमी | MiG-31K से लॉन्च, nuclear/conventional payload |
| Oreshnik | IRBM | 3,500–5,500+ किमी के दावे | मध्यम/अंतर-महाद्वीपीय दूरी के बीच की श्रेणी; MIRV/MaRV क्षमता के दावे |
| Yars (RS-24) | ICBM | 10,500 किमी तक | मोबाइल/साइलो आधारित, MIRV क्षमता |
| Sarmat (RS-28) | Heavy ICBM | करीब 18,000 किमी | भारी payload, कई warhead/penetration aids ले जाने के लिए डिजाइन |
| Avangard | Hypersonic boost-glide vehicle | 6,000+ किमी | ICBM से लॉन्च; maneuvering hypersonic glide vehicle |








