- पाकिस्तान को बांग्लादेश से मिला एक और झटका
- बांग्लादेश की नयी सरकार ने लिया बेहद कड़ा फैसला
- भारत विरोधी सभी लोगों की बोर्ड से की गयी छुट्टी
- इंडिया का एजेंट कहा जाने वाला क्रिकेटर बना बॉस
क्रिकेट के रिश्ते ठीक करने की शुरूआत
ढाका में कुछ ऐसा हुआ है जिससे मोहम्मद युनूस ब्रिगेड को 11 हज़ार वोल्ट का झटका लगा है। और झटका केवल युनूस ब्रिगेड को ही नहीं- झटका तो इस्लामाबाद को भी लग रहा है। हुआ ये है दोस्तों कि बांग्लादेश ने भारत के साथ अपने रिश्तों को रिसेट करना शुरू कर दिया। 7 अप्रैल को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलिलुर रहमान तीन दिन के दौरे पर भारत पहुंच चुके हैं। और बांग्लादेशी विदेश मंत्री के भारत पहुंचने से ठीक पहले बांग्लादेश के सरकार ने एंटी इंडिया लॉबी का हिस्सा बन चुके बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में तबाही मचा दी।
एंटी इंडिया बांग्लादेशी क्रिकेट बोर्ड के साथ क्या हुआ ?
अमिनुल इस्लाम बुलबुल नाम का शख्स याद है आप को। अमिनुल इस्लाम बुलबुल वैसे तो बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कैप्टन रह चुके हैं और पिछले साल मई से ये बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन थे। अमिनुल इस्लाम ही वो शख्स थे जिन्होंने एलान किया था कि बांग्लादेश की टीम T20 वर्ल्ड कप के मुकाबले भारत जाकर नहीं खेलेगी। अमिनुल ही वो शख्स थे जिन्हें पाकिस्तान ने गुब्बारे की तरह फुलाया था। T20 World Cup का बायकॉट करने के लिए उकसाया था और जब लाहौर में ICC और PCB के बीच टूर्नामेंट को लेकर डील हो रही थी तब अमिनुल इस्लाम बुलबुल को भी बुलाया गया था। मोहसिन नकवी ने बुलबुल का खूब ज़ोर शोर से स्वागत किया था। बुलबुल पाकिस्तान के एंटी इंडिया प्रोपेगेंडा का सबसे बड़ा हथियार बन गये थे। लेकिन अब बांग्लादेश की नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने बुलबुल को तोता बना कर उड़ा दिया है। हुआ ये है कि नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को डिसॉल्व कर दिया है। बांग्लादेश नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल के इस फैसले ने अमिनुल इस्लाम बुलबुल समेत 9 डायरेक्टर्स की पूरी टीम का सफाया कर दिया है।
जिसे बताया था इंडिया का एजेंट वही बना बोर्ड का बॉस
दूसरी चौंकाने वाली बात ये है कि जिस शख्स को फिलहाल BCB की कमान दी गई है उसका नाम है तमीम इकबाल। तमीम इकबाल भी बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कैप्टन रह चुके हैं और खास बात ये कि जब बुलबुल ने भारत में टी ट्वेन्टी वर्ल्ड कप का बॉयकॉट किया था तब तमीम ने इसका पुरज़ोर विरोध किया था। तमीम ने कहा था कि ये फैसला बांग्लादेश क्रिकेट के फ्यूचर के लिए ख़तरनाक साबित होगा। लेकिन तब बुलबुल और BCB में बैठी मोहम्मद युनूस ब्रिगेड ने तमीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। BCB के director नजमुल इस्लाम ने तो तमीम को इंडियन एजेंट करार दे दिया था। नजमुल इस्लाम के इस बयान पर ख़ूब हंगामा हुआ था। यहां तक कि बांग्लादेशी क्रिकेटर्स ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के बॉयकॉट का भी एलान कर दिया था। जब हंगामा बढ़ा तो नजमुल इस्लाम पर थोड़ी बहुत कार्रवाई कर मामले को दबा दिया गया। लेकिन अब नजमुल के साथ-साथ पूरी बुलबुल ब्रिगेड का सफाया हो गया है और BCB की कमान तमीम के हाथों में सौंप दी गई है। तमीम इकबाल को एड हॉक कमिटी का हेड बनाया गया है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में हुई जबरदस्त धांधली
नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल पिछले साल BCB के चुनाव की भी जांच कर रही है। पिछले साल अक्तूबर में चुनाव हुए थे जिसमें बुलबुल चेयरमैन चुने गये थे।30 मई 2025 को उन्हें BCB का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था। 6 अक्तूबर 2025 को BCB का चुनाव हुआ जिसमें उस समय तमीम इकबाल भी चुनाव लड़ रहे थे लेकिन अक्तूबर की शुरुआत में ही उन्होंने इलेक्शन से हटने का एलान कर दिया था। तमीम ने आरोप लगाया था कि BCB के इलेक्शन में सरकार का हस्तक्षेप है। सरकार यानी तब की युनूस गर्वमेंट-लेकिन सरकार बदलने के बाद BCB में बैठी यूनुस ब्रिगेड की भी उल्टी गिनती शुरू हो गई। 11 मार्च को नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने बीसीबी के इलेक्शन में धांधली के आरोपों की जांच करने के लिए फॉर्मर जज की अगुवाई में 5 मेंबर्स की एक कमिटी का गठन कर दिया । दो दिन पहले उस कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सबमिट कर दी जिसमें धांधली के आरोपों की पुष्टि हो गई। इसके बाद ही BCB को भंग करने का फैसला ले लिया गया था।
गलतियां सुधारना चाहता है बांग्लादेश
बुलबुल एंड कंपनी का मोहम्मद युनूस के इशारों पर काम करना अब साफ हो चुका है। ये भी साफ हो चुका है कि टी ट्वेंटी का बॉयकॉट पाकिस्तान और मोहम्मद युनूस के इशारों पर ही किया गया था, इसलिए खलिलुर रहमान के भारत दौरे से ऐन पहले बांग्लादेश का ये क़दम डैमेज कंट्रोल की तरह भी देखा जा रहा है। आप ये समझिये कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि नये बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में पुरानी गलतियां नहीं दोहराई जाएंगी। डिप्लोमैटिकली इस बयान के बहुत गहरे मायने निकाले जा रहे हैं लेकिन अगर हम सीधे-सीधे बात करें तो साफ है कि बांग्लादेश भारत से ना केवल रिश्ते सुधारना चाहता है बल्कि वो मोहम्मद युनूस के शासनकाल में की हुई गलतियों को सुधारने की भी कोशिश कर रहा है।








