कोच्चि में दो अमेरिकी पर्यटक ड्रोन उड़ाते पकड़े गए, INS द्रोणाचार्य और कोस्ट गार्ड हेडक्वार्टर के पास उड़ा रहे थे ड्रोन

By Alok Ranjan

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केरल का फोर्ट कोच्चि एक बेहद संवेदनशील इलाका है। आमतौर पर यहां टूरिस्ट भी घूमने आते हैं लेकिन देश की सुरक्षा के लिहाज से ये एक बेहद अहम जगह है। यहीं पर दो अमेरिकी पर्यटकों को पकड़ा गया जो बिना अनुमति ड्रोन से पूरे इलाके की वीडियो बना रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक चैरियट जंक्शन के पास इन्होंने ड्रोन उड़ाया और वीडियो रिकॉर्ड किया। ज़ाहिर है अगर सार्वजिनक स्थानोकी ड्रोन से वीडियोग्राफी की जा रही होती तो ज्यादा परेशानी की बात नहीं होती लेकिन इन्होंने उन जगहों के ऊपर भी ड्रोन उड़ाया जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील हैं।

कौन-कौन हुआ गिरफ्तार ?

दो अमेरिकी पर्यटकों केटी मिशेल फेल्प्स जिनकी उम्र 32 साल है, और क्रिस्टोफर रॉस हार्वे जिनकी उम्र 35 साल है, उन्हें शनिवार सुबह हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में ड्रोन उड़ाने के आरोप में पकड़ा गया। दोनों ने बिना अनुमति INS द्रोणाचार्य और कोस्ट गार्ड मुख्यालय के पास ड्रोन उड़ाया और वीडियोग्राफी की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन इन दोनों को जांच में सहयोग करना होगा। भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), Aircraft Act और Drone Rules के तहत मामला दर्ज हुआ है ।

क्यों है यह मामला गंभीर?

फोर्ट कोच्चि का ये इलाका हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में आता है। INS द्रोणाचार्य भारतीय नौसेना का प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है। ये केरल में स्थित भारतीय नौसेना का एक प्रमुख तोपखाना और मिसाइल प्रशिक्षण संस्थान है। इसकी स्थापना 27 नवंबर 1978 को हुई थी। यह संस्थान ना सिर्फ भारत की नौसेना और तटरक्षक बल बल्कि मित्र देशों की सेनाओं को छोटे हथियारों, मिसाइलों, रडार और डिफेंस में प्रशिक्षण देता है। वहीं कोस्ट गार्ड मुख्यालय समुद्री सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा से जुड़ा है। इन क्षेत्रों को “रेड ज़ोन” घोषित किया गया है, जहाँ ड्रोन संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ड्रोन से एरियल विज़ुअल्स रिकॉर्ड करना संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। विदेशी नागरिकों द्वारा ऐसा करना जासूसी या खुफिया गतिविधि की आशंका को जन्म देता है।

संभावित परिणाम

  • जांच: दोनों को पुलिस के सामने उपस्थित होना होगा।
  • कानूनी कार्रवाई: यदि दोषी पाए गए तो जुर्माना या कानूनी सज़ा हो सकती है।
  • राजनयिक असर: अमेरिकी दूतावास को भी इस मामले में जानकारी दी जा सकती है।

पर्यटन बनाम सुरक्षा

  • विदेशी पर्यटक अक्सर एरियल फोटोग्राफी के लिए ड्रोन का उपयोग करते हैं।
  • कोच्चि जैसे ऐतिहासिक और समुद्री शहर में ड्रोन से दृश्य कैप्चर करना आकर्षक होता है।
  • भारत में ड्रोन नियम बेहद सख्त हैं, खासकर सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों के पास।
  • विदेशी नागरिकों द्वारा नियम तोड़ना राजनयिक संवेदनशीलता भी पैदा कर सकता है।

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