ईरानी प्रेसिडेंट की पाक को हमले की चेतावनी, कहा अंजाम बहुत बुरा होगा

By Alok Ranjan

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significant telephone call President Pezeshkian of Iran and and Prime Minister Sharif of pakistan

  • पाकिस्तान बोला सऊदी अरब का साथ देंगे
  • शहबाज शरीफ ने ईरानी प्रेसीडेंट से बात की
  • सऊदी अरब बोला पाकिस्तानी फौज जंग में उतरे
  • ईरान ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया

पाकिस्तान को ईरान की वॉर्निंग

जैसे ईरान की मिसाइलें इज़रायल को दहला रही हैं जैसे ईरान के हमलों से इज़रायल और मीडिल ईस्ट की ऑयल रिफायनरी जल रही हैं। जैसे ईरान के ड्रोन हमलों से साउदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत, क़तर समेत कई देश त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ठीक वैसे ही क्या अब ईरान की मिसाइलें कराची को दहलाने वाली हैं? क्या अब इस्लामाबाद से लेकर लाहौर तक में ईरान की मिसाइलें और ड्रोन तबाही मचाने वाले हैं? ये सवाल इसलिए क्यों ईरान से पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी भरा संदेश रावलपिंडी और इस्लामाबाद पहुंच चुका है। ख़बर आ रही है कि ईरान ने पाकिस्तान को इशारों-इशारों में चेतावनी दे डाली है कि अगर वो इस कॉन्फ्लिक्ट में इन्वॉल्व हुआ तो अंजाम बहुत बुरे होंगे।

ईरानी प्रेसीडेंट ने क्या कहा ?

हुआ ये है कि 11 मार्च को ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियन और पाकिस्तानी प्राइम मिनिस्टर शाहबाज शरीफ के बीच टेलिफोन पर बातचीत हुई है। इसमें दोनों नेताओं ने अमेरिका और इज़रायल के हमलों और रीजन में बढ़ते तनाव पर बातचीत की। अब पाकिस्तान का मीडिया तो ये दावा कर रहा है दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और ईरान के बीच साझेदारी पर बातचीत की, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया इस बात को गोल कर गया कि पेजेश्कियन ने शाहबाज से कहा क्या- पेजेश्कियन ने कहा कि अगर ये टेंशन बढ़ती है तो ग्लोबल ऑर्डर और सिक्योरिटी ख़तरे में पड़ जाएगी। अब इस बात के मायने समझिये। हुआ ये है कि पाकिस्तान ने अभी-अभी ये एलान किया है कि वो ईरान के हमलों के बाद साउदी अरब की मदद के लिए बिल्कुल तैयार है। ये बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ ज़ैदी ने ब्लूमबर्ग को दिया है।ज़ैदी ने कहा है-

सऊदी अरब के साथ डिफेंस पैक्ट में फंसा पाकिस्तान

ज़ैदी का ये बयान इस बात का साफ-साफ एलान है कि अगर ईरान साउदी अरब पर हमले जारी रखता है तो पाकिस्तान सउदी अरब की तरफ से ईरान के खिलाफ जंग में उतर जाएगा।कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज आसिम मुनीर ने रियाद पहुंच कर सउदी अरब के डिफेंस मिनिस्टर खालिद बिन सलमान से मुलाकात की थी।पता चला कि सउदी अरब ने मुनीर को हाजिर होने का ऑर्डर दिया था। कहा था सउदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट को कब पूरा करोगे।पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान और सउदी अरब ने एक म्युचुअल डिफेंस पैक्ट किया था। इसमें तय हुआ था कि किसी एक देश पर हमला, दोनों देशों पर हमला माना जाएगा और फिर दोनों देश मिल कर उस हमलावर से लड़ेंगे।

सऊदी अरब ने पाकिस्तान का फटकारा

अब अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद से ही ईरान ने अपनी मिसाइलों और ड्रोन्स से मीडिल ईस्ट में मौजूद सभी अमेरिकी बेसेज़ को निशाना बनाना शुरू कर दिया था और इसमें सउदी अरब भी शामिल था। इन हमलों के बाद से ही पाकिस्तान की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई थी। अब क्या करूं- कहां जाऊं- कहां मुंह छिपाऊं। सउदी अरब से तो डॉलर की भीख के लिए उसने डील कर ली थी लेकिन ईरान से पंगा लेकर वो अपने लिये तबाही को दावत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने हमलों की निंदा तो की लेकिन आगे बढ़ कर जंग में उतरने की बात नहीं की।और इसी लिये साउदी अरब को आख़िरकार पाकिस्तान को हड़काना पड़ा और मुनीर भागे-भागे रियाद पहुंच गया। इसी मुलाकात के बाद सउदी अरब के डिफेंस मिनिस्टर खालिद बिन सलमान ने ट्वीट किया था

सऊदी अरब की जंग लड़ेगा पाकिस्तान ?

यानी सउदी अरब के डिफेंस मिनिस्टर ने साफ कर दिया था कि पाकिस्तान और सउदी अरब मिल कर ईरान के हमलों को काउंटर करने की प्लानिंग कर रहे हैं। और इस के बाद अब पाकिस्तानी प्राइम मिनिस्टर शाहबाज़ शरीफ ने बयान दे डाला है कि पाकिस्तान सउदी अरब की मदद के लिए ईरान के खिलाफ उतरने के लिए बिल्कुल तैयार है।अब भले पाकिस्तान सउदी अरब के नाम पर इस जंग में उतरने की बात कर रहा है लेकिन लड़ाई में उतर कर वो असल में इज़रायल का सपोर्ट करेगा क्योंकि असल जंग तो ईरान और इज़रायल के बीच की है।तो इसी के बाद अब ईरान ने इनडायरेक्टली ही सही लेकिन पाकिस्तान को एक मैसेज दे दिया है। मैसेज दे दिया है कि लड़ाई का बढ़ना हर तरह से नुकसान करने वाला साबित होगा।

पाकिस्तान में मची है अफरातफरी

अब देखिये कि पाकिस्तान पहले से ही तेल और गैस की मार झेल रहा है। ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद करने के बाद से पाकिस्तान में जबरदस्त फ्यूल क्राइसिस हो चुकी है। डीजल पेट्रोल ही नहीं, हर चीज़ के दाम आसमान छू रहे हैं। ईरान ने तेल और गैस की सप्लाई रोक कर ये मैसेज दिया है कि इस जंग का असर केवल ईरान पर नहीं होगा, बल्कि पूरी दुनिया को इस लड़ाई के नतीजे झेलने पड़ेंगे और पाकिस्तान तो ईरान के खिलाफ खड़े सउदी अरब से यारी दिखला रहा है, जंग में उतरने की बात कर रहा है तो इसका खामियाजा उसे जंग के बाद भी भुगतना पड़ सकता है।दूसरा ये कि अगर पाकिस्तान ने सउदी अरब की मदद के लिए किसी भी तरह से अपनी सेना उतारी तो ईरान उस पर भी सीधा हमला कर सकता है। ब्लूमबर्ग की ये रिपोर्ट भी इसी ख़तरे की घंटी बजा रही है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान में चल रही लड़ाई ने पाकिस्तान को भी जंग के ख़तरे में डाल दिया है। और उसकी केवल एक वजह है, सउदी अरब से पाकिस्तान को मिलने वाली 5 बिलियन डॉलर की भीख, जिसके लिए उसने ये डिफेंस पैक्ट किया है।

क्या पाकिस्तानी ईरानी हमला झेल पाएगा ?

अब आप ये सोचिये कि ईरान की जिन मिसाइलों और ड्रोन्स को अमेरिका और इज़रायल के एयर डिफेंस सिस्टम नहीं रोक पा रहे हैं, वो जब पाकिस्तान पर गिरेंगे तो क्या होगा? और अगर किसी को लग रहा है कि पाकिस्तान के साउदी अरब को जंग में सपोर्ट करने के बाद भी ईरान पाकिस्तान पर हमला नहीं करेगा तो वो खुद साउदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत जैसे देशों का हाल देख ले, कि ईरान के हमलों ने वहां कैसा कहर बरपाया है। इतना ही नहीं, अगर पाकिस्तान ने इस जंग में शामिल होने का फैसला किया तो उसके लिए बलोचिस्तान में भी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। पाकिस्तान पहले ही आरोप लगाता रहता है कि बागी बलोच ईरान से पाकिस्तान में हमलों को ऑपरेट कर रहे हैं और जब ईरान की गर्वमेंट इन्हें खुल कर सपोर्ट करेगी तो समझिये कि बलोचिस्तान का क्या होगा। इसके अलावा पाकिस्तान का शिया समुदाय में भी इस फैसले के खिलाफ बवाल कर सकता है। आपने देखा ही था, ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई के असेसिनेशन के बाद पाकिस्तान में कैसा बवाल मचा था। तो अमेरिका और इज़रायल की ईरान के खिलाफ शुरू की गई इस लड़ाई में अगर पाकिस्तान कूदता है तो ये उसके लिए आत्मघाती साबित होगा।

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