ईरान से लड़ाई के बीच अमेरिका ने अपनी एयर और मिसाइल डिफेंस क्षमता को तेजी से मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Reuters के मुताबिक अमेरिकी रक्षा विभाग ने General Dynamics Ordnance and Tactical Systems (GD-OTS) और Lockheed Martin के साथ सात साल के समझौते किए हैं। इनका मकसद THAAD और Patriot PAC-3 MSE इंटरसेप्टर से जुड़े महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स का उत्पादन बढ़ाना और उनकी डिलीवरी में तेजी लाना है।
31 अगस्त 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग ने इन समझौतों की घोषणा की। इन समझौतों के तहत PAC-3 MSE इंटरसेप्टर की उत्पादन क्षमता को तीन गुना और THAAD इंटरसेप्टर की उत्पादन क्षमता को चार गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। ये सामान्य एक-दो साल के खरीद अनुबंधों से अलग हैं। इन्हें सात वर्षीय Multiyear Procurement यानी MYP फ्रेमवर्क के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य उद्योग को लंबे समय तक स्थिर मांग का संकेत देना और महत्वपूर्ण मिसाइल कंपोनेंट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
यह फैसला केवल दो मिसाइल प्रणालियों के उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि अमेरिका की पूरी मिसाइल-डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को लंबे समय के लिए मजबूत करने की कोशिश है। सात साल की अवधि वाला यह मॉडल कंपनियों को भविष्य की मांग का भरोसा देता है, जिससे वे उत्पादन संयंत्र, कर्मचारियों, कच्चे माल और सप्लाई चेन में बड़े निवेश कर सकें।
इनका उत्पादन बढ़ाना क्यों जरूरी ?
अमेरिका के Patriot PAC-3 और THAAD जैसे महंगे इंटरसेप्टरों की खपत हाल के युद्धों और सहयोगियों को सप्लाई के कारण तेजी से बढ़ी है, जबकि उनका उत्पादन बहुत धीमा है। इसलिए Pentagon को अब केवल खरीद बढ़ाने के बजाय पूरी उत्पादन क्षमता को कई गुना करना पड़ा है।
सबसे तत्काल कारण ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों की रक्षा है। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को रोकने के लिए Patriot और THAAD जैसे सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ।
दूसरा बड़ा दबाव यूक्रेन से आया है। रूस के बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन को अमेरिकी Patriot इंटरसेप्टरों की लगातार जरूरत है। Patriot और THAAD की मांग अमेरिका तक सीमित नहीं है। यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया में अमेरिकी सहयोगी भी एयर और मिसाइल डिफेंस मजबूत करना चाहते हैं।
अमेरिका के लिए यह सिर्फ अभी की समस्या नहीं है। अगर उसके इंटरसेप्टर स्टॉक कम हो जाते हैं तो प्रशांत क्षेत्र में चीन के खिलाफ संभावित बड़े संघर्ष के दौरान स्थिति गंभीर हो सकती है। अमेरिका को जापान, दक्षिण कोरिया, गुआम और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर चाहिए होंगे।
इसलिए अमेरिकी उत्पादन लाइन पर घरेलू जरूरत और सहयोगी देशों की जरूरत दोनों का दबाव है। Pentagon को डर है कि यदि इंटरसेप्टरों का उत्पादन अभी नहीं बढ़ाया गया तो किसी नए बड़े मिसाइल युद्ध में अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त Patriot PAC-3 और THAAD नहीं होंगे।
कौन-कौन से देश इस्तेमाल कर रहे THAAD और Patriot ?
THAAD और Patriot दोनों अमेरिकी सिस्टम हैं, लेकिन इनके ऑपरेटर देशों की सूची अलग है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार Patriot का इस्तेमाल काफी ज्यादा देशों द्वारा किया जा रहा है, जबकि THAAD अभी बहुत सीमित देशों के पास है।
| देश | THAAD की स्थिति |
| अमेरिका | अमेरिकी सेना की अपनी THAAD बैटरियां |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | 2 THAAD बैटरियां |
| सऊदी अरब | पहली THAAD बैटरी 2025 में operational हुई; अतिरिक्त बैटरियां भी खरीदी जा रही हैं |
| दक्षिण कोरिया | अमेरिकी THAAD बैटरी वहां तैनात है, लेकिन यह South Korean-owned सिस्टम नहीं, बल्कि अमेरिकी सेना की तैनाती है |
Patriot की पहुंच बहुत बड़ी है। Raytheon के अनुसार 19 देश Patriot का इस्तेमाल करते हैं । इनमें जर्मनी, नीदरलैंड, ग्रीस, स्पेन, दक्षिण कोरिया, कतर, बहरीन, कुवैत, जैसे देश शामिल हैं।
THAAD कितना महत्वपूर्ण ?
THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) अमेरिका का एक अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह intercept कर सकता है। THAAD अमेरिकी बहु-स्तरीय मिसाइल डिफेंस नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह खास तौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण में रोकने के लिए डिजाइन किया गया है और ऊंचाई पर इंटरसेप्शन करने की क्षमता के कारण इसे रणनीतिक महत्व प्राप्त है। THAAD की मांग केवल अमेरिकी सेना तक सीमित नहीं है। अमेरिका के कई सहयोगी और साझेदार भी उन्नत मिसाइल डिफेंस क्षमताओं की तलाश कर रहे हैं। मध्य पूर्व और यूरोप में मिसाइल खतरों को लेकर बढ़ती चिंता ने ऐसे सिस्टम की मांग को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
| खूबी | विवरण |
| मुख्य भूमिका | Short, Medium और Intermediate-range ballistic missiles को रोकना |
| Hit-to-Kill | इंटरसेप्टर सीधे दुश्मन मिसाइल से टकराकर उसे नष्ट करता है |
| Endo-atmospheric interception | वायुमंडल के अंदर मिसाइल को रोक सकता है |
| Exo-atmospheric interception | वायुमंडल के बाहर भी interception कर सकता है |
| ऊंचाई पर interception | लक्ष्य को बहुत ऊंचाई पर रोकने की क्षमता, जिससे उसके वारहेड को जमीन तक पहुंचने से पहले नष्ट किया जा सकता है |
| मोबाइल सिस्टम | ट्रक-माउंटेड लॉन्चर होने के कारण इसे अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से तैनात किया जा सकता है |
| लंबी engagement envelope | खुले स्रोतों में THAAD interceptor की engagement range लगभग 200 किमी बताई जाती है; वास्तविक प्रदर्शन लक्ष्य और engagement परिस्थितियों पर निर्भर करता है। |
| उन्नत रडार | THAAD बैटरी में AN/TPY-2 जैसे X-band radar का इस्तेमाल किया जाता है |
| नेटवर्क-केंद्रित क्षमता | बाहरी sensors और दूसरे missile-defense systems से मिलने वाले tracking data के साथ काम कर सकता है। |
| Layered Defence | Patriot PAC-3 MSE जैसे lower-tier systems के साथ मिलकर बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा बनाई जा सकती है। |
Patriot PAC-3 MSE की क्या हैं खूबियां ?
Patriot PAC-3 MSE को आसान भाषा में समझें तो यह Patriot एयर डिफेंस सिस्टम का उच्च-गति वाला hit-to-kill इंटरसेप्टर है। इसका मुख्य काम आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, विमानों और अन्य हवाई खतरों को रास्ते में रोकना है। समझौते का एक बड़ा हिस्सा Patriot Advanced Capability-3 Missile Segment Enhancement यानी PAC-3 MSE इंटरसेप्टर से जुड़ा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए Patriot लंबे समय से प्रमुख जमीन आधारित एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका PAC-3 MSE इंटरसेप्टर विशेष रूप से मिसाइल खतरों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है। मौजूदा दौर के युद्धों में बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य तेज गति वाले हवाई खतरों के खिलाफ इंटरसेप्टरों की मांग बढ़ने से PAC-3 MSE की उत्पादन क्षमता रणनीतिक महत्व हासिल कर चुकी है।
| खूबी | क्या फायदा है |
| Hit-to-Kill | विस्फोटक वारहेड से लक्ष्य को उड़ाने के बजाय मिसाइल सीधे लक्ष्य से टकराकर उसे नष्ट करती है। |
| दो-चरण वाला रॉकेट मोटर | Dual-pulse solid rocket motor जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त thrust देता है, जिससे रेंज और ऊंचाई में प्रदर्शन बेहतर होता है। |
| ज्यादा Maneuverability | बड़े control fins और upgraded actuators इसे तेज और ज्यादा फुर्ती से दिशा बदलने में मदद करते हैं। |
| बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा | Tactical ballistic missiles जैसे खतरों को intercept करने के लिए बनाया गया है। |
| क्रूज मिसाइल और विमान | यह केवल बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर नहीं है; cruise missiles और aircraft जैसे air-breathing threats के खिलाफ भी इस्तेमाल किया जाता है। |
| बेहतर Range/Altitude | मूल PAC-3 की तुलना में MSE का engagement battlespace बढ़ाया गया है। |
| उन्नत Seeker/Guidance | अत्यधिक सटीक guidance और seeker तकनीक लक्ष्य पर सीधा kinetic impact कराने में मदद करती है। |
| तेज प्रतिक्रिया | हाई-स्पीड interceptor और responsive airframe तेज गति वाले खतरों के खिलाफ उपयोगी हैं। |
| Patriot के साथ एकीकरण | मौजूदा Patriot infrastructure के साथ काम करता है और launcher में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। |
| Layered Defence | THAAD के साथ मिलकर अलग-अलग ऊंचाइयों पर missile defence की layered व्यवस्था बनाई जा सकती है। |
अमेरिका के लिए यह रणनीतिक बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?
अमेरिका के सामने एक चुनौती यह है कि आधुनिक युद्ध में मिसाइलों की खपत बहुत तेज हो सकती है। एक अत्याधुनिक इंटरसेप्टर को तैयार करने में समय और संसाधन लगते हैं, जबकि युद्ध के दौरान दुश्मन बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन एक साथ लॉन्च कर सकता है।
इस स्थिति में किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम की वास्तविक ताकत केवल उसकी तकनीकी क्षमता से नहीं, बल्कि उसके पास उपलब्ध इंटरसेप्टरों की संख्या और उन्हें तेजी से दोबारा बनाने की औद्योगिक क्षमता से तय होती है।
यही वजह है कि अमेरिका अब ‘magazine depth’ यानी बड़ी संख्या में उपलब्ध मिसाइलों और तेजी से उन्हें फिर से बनाने की क्षमता पर अधिक जोर दे रहा है।
इसका संबंध चीन और रूस जैसे बड़े सैन्य प्रतिद्वंद्वियों से भी है। लंबे समय तक चलने वाले उच्च-तीव्रता वाले संघर्ष में अमेरिकी सेना को बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर और अन्य प्रिसिजन म्यूनिशन की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना भविष्य की युद्ध तैयारी का भी हिस्सा है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन समझौतों की फंडिंग वार्षिक बजट आवंटन पर निर्भर करेगी। यानी सात साल का फ्रेमवर्क होने के बावजूद हर वर्ष आवश्यक धनराशि के लिए अमेरिकी बजट प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
इससे यह स्पष्ट होता है कि यह घोषणा सात साल के लिए एक स्थिर औद्योगिक ढांचा बनाने का प्रयास है, लेकिन वास्तविक खरीद और भुगतान अमेरिकी सरकार के वार्षिक appropriations पर निर्भर रहेंगे।








