कुनार से हेलमंद तक पाकिस्तान ने की एयरस्ट्राइक, आबादी वाले इलाकों में बरस रहे बम

By Defence Detective

Published On:

Date:

Destroyed house surrounded by people after an airstrike in Afghanistan

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लड़ाई तेज होती जा रही है। 1 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांत में भीषण एयरस्ट्राइक की। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हमले में तीन रिहायशी मकान भी ध्वस्त हुए हैं।

अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तानी विमानों ने रात में कुनार के शेल्टन जिले के चोगाम इलाके और हेलमंद के गरमसिर जिले के सफर इलाके को निशाना बनाया। आरोप लगाया कि पाकिस्तान लगातार आबादी वाले इलाकों को निशाना बना रहा है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान का कहना है कि उसके फाइटर जेट ने आतंकवादी ठिकानों पर बमबारी की। शुरुआती रिपोर्टों में 22 आतंकवादियों के मारे जाने की बात कही गई है।

कुनार में पाकिस्तान ने कब किए हवाई हमले ?

अफगान पक्ष का कहना है कि कुनार के चोगाम में सुबह तीन बजे के लगभग हुए हवाई हमलों में दो पुरुषों और दो बच्चों सहित पांच लोग मारे गए,तीन घर तबाह हुए। एक बच्चे के अभी लापता होने की बात कही जा रही है।

इसके अलावा पांच लोग घायल भी हुए हैं, जिसमें कम से कम एक महिला और दो बच्चे हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

https://twitter.com/Zabehulah_M33/status/2105490893054828790

हेलमंद में कितनी तबाही ?

एक स्थानीय अफगान अधिकारी के अनुसार हेलमंद के सफर इलाके में हमला लगभग सुबह 3:30 बजे हुआ। यहां पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक ने दो रिहायशी मकानों को निशाना बनाया। इसमें कम से कम 4 लोग मारे गए तथा 6 घायल हुए। मारे गए और घायल हुए लोगों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं।

हालांकि, युद्ध क्षेत्र से आने वाली ऐसी शुरुआती सूचनाओं में आंकड़े बदल सकते हैं। इसलिए मृतकों की अंतिम संख्या और उनकी पहचान की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

आबादी वाले इलाकों में बरस रहे पाकिस्तानी बम

पाकिस्तान ने 2026 में अफगानिस्तान के भीतर कई बार हवाई हमले किए हैं। इनमें फरवरी, जून और सितंबर के हमले विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे। अफगानिस्तान का आरोप रहा कि कई हमलों में रिहायशी इलाकों और नागरिकों को नुकसान पहुंचा, जबकि पाकिस्तान लगातार कहता रहा है कि उसके निशाने TTP और दूसरे आतंकी संगठनों के ठिकाने हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी कुछ घटनाओं में नागरिक मौतों की स्वतंत्र पुष्टि की है।

तारीखपाकिस्तान ने कहां हमला कियाअफगान/UN के अनुसार नागरिक मौतमहिलाओं की मौतबच्चों की मौतघायलस्थिति
21–22 फरवरी 2026नंगरहार; पक्तिका13उपलब्ध स्रोत में सटीक संख्या नहींमहिलाएं-बच्चे शामिल7UNAMA ने नागरिक हताहत दर्ज किए
27 फरवरी 2026बरमल, पक्तिका1447 (2 लड़कियां + 5 लड़के)6UNAMA ने विस्तृत ब्रेकअप दिया
28 जून 2026पक्तिया, पक्तिका, कुनार28सटीक संख्या उपलब्ध नहींसटीक संख्या उपलब्ध नहीं; बच्चे शामिल49UNAMA ने पुष्टि की
10 जून 2026कुनार, खोस्त, पक्तिका1311114अफगान सरकार/मीडिया रिपोर्ट; पाकिस्तान ने 26 मिलिटेंट मारे जाने की बात कही
21 सितंबर 2026कुनार; पक्तिका311 लड़की4UNAMA ने पुष्टि की; तीसरा मृतक पुरुष था
1 अक्टूबर 2026कुनार और हेलमंद9 का अफगान दावासटीक संख्या नहींसटीक संख्या नहीं; अफगान पक्ष ने महिलाओं-बच्चों को शामिल बताया11आंकड़े अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं

महिलाओं और बच्चों की मौत का सवाल इतना गंभीर क्यों?

युद्ध में नागरिकों की मौत अपने आप में गंभीर मामला है, लेकिन महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी किसी सैन्य कार्रवाई की वैधता का सवाल और गंभीर बना देती है। International Humanitarian Law (अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून) का मूल सिद्धांत है कि लड़ाई में शामिल पक्षों को नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर करना होगा।

ऐसे में अफगानिस्तान में महिलाओं और बच्चों की मौत का मुद्दा इसलिए सिर्फ पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा विवाद नहीं है। यह उस अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की भी परीक्षा है, जो युद्ध के बीच भी नागरिकों की जान को सुरक्षा देने का दावा करती है। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति यानी ICRC के अनुसार-

  • युद्ध के दौरान नागरिकों को सीधे निशाना नहीं बनाया जा सकता।
  • युद्ध करने वाले पक्षों को नागरिक आबादी पर पड़ने वाले नुकसान को यथासंभव सीमित करना होता है।
  • बच्चों को नागरिक के रूप में सामान्य सुरक्षा के साथ-साथ विशेष संरक्षण भी मिलता है।

यही वजह है कि किसी हवाई हमले के बाद केवल यह कहना पर्याप्त नहीं होता कि निशाना आतंकवादी या सैन्य ठिकाना था। सवाल यह भी होता है कि क्या लक्ष्य वास्तव में सैन्य लक्ष्य था, क्या हमला करते समय नागरिकों को ध्यान में रखा गया और संभावित नागरिक नुकसान सैन्य लाभ की तुलना में अत्यधिक तो नहीं था।

UN के तीन नियम—Distinction, Proportionality और Precaution। यही तीन शब्द पाकिस्तान-अफगानिस्तान हवाई हमलों को समझने में सबसे महत्वपूर्ण हैं।

  • पहला—Distinction (भेद।) इसका मतलब है कि सैन्य बलों को सैन्य लक्ष्य और नागरिक आबादी के बीच अंतर करना होता है।
  • दूसरा—Proportionality (आनुपातिकता)। किसी वैध सैन्य लक्ष्य पर हमला करते समय भी यह देखना होता है कि अनुमानित नागरिक नुकसान सैन्य लाभ की तुलना में अत्यधिक तो नहीं होगा।
  • तीसरा—Precaution (सावधानी)। यानी हमला करने वाले पक्ष को नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए व्यावहारिक सावधानियां बरतनी होती हैं।

संयुक्त राष्ट्र का अफगानिस्तान में विशेष राजनीतिक मिशन UNAMA (United Nations Assistance Mission in Afghanistan) ने जून 2026  में पाकिस्तानी हवाई हमलों में 28 नागरिकों के मारे जाने और 49 के घायल होने की पुष्टि करते हुए इन्हीं तीन सिद्धांतों—precaution, distinction और proportionality—का पालन करने की अपील की थी। उस घटना में भी महिलाएं और बच्चे पीड़ितों में शामिल थे।

28–29 जून 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों—पक्तिया, पक्तिका और कुनार—में एयरस्ट्राइक की थी।

सितंबर से अब तक की पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक

करीब तीन महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर तीन प्रमुख एयरस्ट्राइक 21 सितंबर, 24 सितंबर और फिर 1 अक्टूबर को की हैं। पाकिस्तान का कहना रहा कि उसके निशाने पर आतंकी/मिलिटेंट ठिकाने थे, जबकि अफगान पक्ष ने नागरिक इलाकों में नुकसान और नागरिक मौतों की बात कही है।

तारीखपाकिस्तानी एयरस्ट्राइक कहांपाकिस्तान का दावानागरिक नुकसान/तबाहीस्थिति
21 सितंबर 2026कुनार का नुरगल जिला और पक्तिका का बरमल जिला28 मिलिटेंट मारे जाने का दावाUNAMA ने 3 नागरिकों की मौत और 4 घायलों की पुष्टि की; मृतकों में 1 पुरुष, 1 महिला और 1 लड़की शामिलनागरिक मौतों की UNAMA पुष्टि
24 सितंबर 2026कंधार, पक्तिया और खोस्त; कुल 10 स्थानों पर हमले का पाकिस्तान का दावापाकिस्तान ने कहा कि ठिकाने अफगानिस्तान से पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन के लॉन्च/स्टोरेज से जुड़े थेअफगान तालिबान सरकार के अनुसार 4 नागरिक मारे गएनागरिक मौतों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं
1 अक्टूबर 2026कुनार और हेलमंद22 मिलिटेंट मारे जाने और हथियार/गोला-बारूद के ठिकाने नष्ट करने का दावाअफगान सरकार के अनुसार 9 नागरिक मारे गए, 11 घायल और 3 मकान नष्ट; मृतकों में महिलाएं और बच्चे बताए गएदोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

तीन महीने की शांति के बाद फिर क्यों भड़का तनाव?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ समय में तेजी से खराब हुए हैं। इस्लामाबाद का मुख्य आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP और दूसरे सशस्त्र समूह पाकिस्तान के खिलाफ हमलों के लिए कर रहे हैं। अफगान तालिबान सरकार इन समूहों को रोकने में नाकाम रही है या उन्हें सुरक्षित पनाह मिल रही है।

अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है। उसका कहना है कि पाकिस्तान में होने वाली आतंकी गतिविधियां पाकिस्तान का अपना आंतरिक सुरक्षा मुद्दा हैं।

  • तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान पाकिस्तान में सक्रिय एक अलग आतंकवादी संगठन है।
  • इसका गठन 2007 में हुआ था और इसके कई गुटों के अफगान तालिबान के साथ ऐतिहासिक और वैचारिक संबंध रहे हैं।
  • पाकिस्तान का आरोप है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान की सीमा से पाकिस्तान में हमले करते हैं।

Reuters की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में पाकिस्तान के अंदर हुए घातक हमलों के बाद इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव फिर बढ़ा है।

Leave a Comment

Related News