वेस्ट एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय कूटनीतिक और सैन्य संघर्ष-तनाव के बीच भारत के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। ओमान के तट के पास भारतीय कार्गो शिप (मालवाहक जहाज) पर हमला हुआ है। 02 नवंबर, 2026 की शाम को हुए हमले में जहाज पर सवार 14 भारतीय क्रू मेंबर्स में से एक नाविक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य को ओमान कोस्ट गार्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बचा लिया है।
भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज (Mechanised Sailing Vessel – MSV) ‘अल जुसुफी‘ (MSV AL JUSUFI) पर यह हमला अज्ञात हवाई वस्तु (Unidentified Aerial Object) से हुआ है। यह घटना खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों पर भारतीय नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग (Ports, Shipping and Waterways) मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 3 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटन की जानकारी दी।
फरवरी 2026 में अमेरिका–इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के आसपास व्यावसायिक जहाजों पर हमलों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक आवाजाही और नागरिक नाविकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा किया है।
ओमान के पास कहां हुई घटना?
सरकार ने घटनास्थल को ओमान के तट के पास बताया है। हालांकि, सटीक समुद्री निर्देशांक, नजदीकी पोर्ट या तट से दूरी सार्वजनिक बयान में नहीं दी गई है।
इस वजह से अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पोत ओमान के क्षेत्रीय समुद्र में था या उससे बाहर। इसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर हुई घटना बताने की भी उपलब्ध बयान से पुष्टि नहीं होती।
कौन है मृतक नाविक ?
हमले में जान गंवाने वाले नाविक की पहचान गंधार नाहिम अजीज (Gandhar Nahim Ajij) के रूप में हुई है। सर्बानंद सोनोवाल के मुताबिक, वह गुजरात के रहने वाले थे और घटना में लगी चोटों के कारण उनकी मृत्यु हुई।
भारतीय दूतावास और जहाजरानी मंत्रालय स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। प्राथमिकता जीवित बचे नाविकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और उनकी भारत वापसी की व्यवस्था करना है।
इसके साथ ही मृत नाविक का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने के लिए कोऑर्डिनेशन किया जा रहा है।
आखिर क्या टकराया जहाज से ?
सोनोवाल ने अपने बयान में “Unidentified Aerial Object”, यानी अज्ञात हवाई वस्तु, शब्द इस्तेमाल किया है। इससे यह साफ है कि पहचान स्पष्ट नहीं है कि वह ड्रोन था या मिसाइल।
ऐसे में अभी उसे निश्चित रूप से ड्रोन या मिसाइल बताना जल्दबाजी होगी। इस्तेमाल किए गए हथियार और उसे दागे जाने की जगह का पता चलने पर ही घटना का तरीका स्पष्ट हो सकेगा। इसे लेकर अभी आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है
क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ रहे सुरक्षा खतरों के बीच इस हमले को काफी संवेदनशील माना जा रहा है।
किसने किया हमला ?
सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल घटना के लिए जिम्मेदार पक्ष की पहचान है। मंत्री के सार्वजनिक बयान में किसी देश, संगठन या सशस्त्र समूह का नाम नहीं लिया गया है।
इसलिए इसे ईरान, हूती या किसी अन्य पक्ष से जोड़ने की फिलहाल पुष्टि नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि अल जुसुफी को जानबूझकर निशाना बनाया गया था या जहाज किसी दूसरे घटनाक्रम की चपेट में आया।
यानी हमलावर की पहचान और हमले का मकसद स्पष्ट होने के बाद ही पता चलेगा कि भारतीय जहाज को जानबूझकर निशाना बनाया गया या वह क्षेत्रीय संघर्ष की चपेट में आया।
जहाज का माल, यात्रा मार्ग और नुकसान कितना ?
अल जुसुफी किस बंदरगाह से रवाना हुआ था, कहां जा रहा था और उस पर क्या माल लदा था—इन सवालों का जवाब उपलब्ध सरकारी विवरण में नहीं दिया गया है।जहाज को पहुंचे नुकसान की सीमा भी स्पष्ट नहीं है।
उसके डूबने, पूरी तरह नष्ट होने या बचाकर बंदरगाह ले जाए जाने की पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं की गई है। चालक दल की स्थिति के बाद अब पोत की हालत और घटना की परिस्थितियों पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
पहली बार नहीं बना भारतीय जहाज निशाना
अल जुसुफी इस क्षेत्र में हमले की चपेट में आने वाला पहला भारतीय जहाज नहीं है। मई से अब तक भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर हमले की कम-से-कम तीन घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई हैं। विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविक भी मारे गए और लापता हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को पश्चिम एशिया संघर्ष में कुल 22 भारतीयों की मौत की जानकारी दी थी, जिनमें 14 नाविक शामिल थे। अल जुसुफी की घटना इसके बाद हुई है।
| तारीख | जहाज और घटना | भारतीयों पर असर |
| 13 मई 2026 | भारतीय ध्वज वाला व्यावसायिक जहाज, ओमान के पास हमला; संबंधित सरकारी विवरण में नाम नहीं बताया गया | सभी भारतीय चालक दल सदस्य सुरक्षित; ओमानी अधिकारियों ने बचाया। |
| 29 अक्टूबर 2026 | MSV QUBA, भारतीय ध्वज वाला जहाज; UAE से सोमालिया जाते समय ओमान के पास कथित हवाई हमला, आग में जहाज नष्ट | सभी 13 भारतीय नाविक बचाए गए; परिवार की ओर से जांच और मुआवजे की मांग। |
| 2 नवंबर 2026 | MSV AL JUSUFI, भारतीय ध्वज वाला जहाज; ओमान के पास अज्ञात हवाई वस्तु से टकराया | एक भारतीय की मौत, 13 बचाए गए। |
| 1 मार्च 2026 | MKD Vyom, मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला टैंकर; मस्कट के पास विस्फोट और आग | एक भारतीय नाविक की मौत। |
| जून 2026 | MT Settebello, पलाऊ के ध्वज वाला टैंकर; ओमान के पास हमला | तीन भारतीय नाविकों की मौत। |
| 12 जुलाई 2026 | GFS Galaxy, साइप्रस के ध्वज वाला जहाज; ओमान के पास हमला | 10 भारतीय बचाए गए, एक लापता बताया गया था। |
| 13 सितंबर 2026 | MT El Gaia, पनामा के ध्वज वाला जहाज; ओमान के पास हमला | 13 भारतीय बचाए गए, एक लापता; उस समय तलाश जारी थी। |
| 23 सितंबर 2026 | MV Cape Dao, ओमान के पास हमला | एक भारतीय की मौत, 19 भारतीय बचाए गए। मृतक उत्तर प्रदेश के देवरिया के सूरज यादव थे। |
| 11 अक्टूबर 2026 | MT Valthera और MT Petro Dolphin, क्रमशः मार्शल आइलैंड्स और निकारागुआ के ध्वज वाले टैंकर; हॉर्मुज क्षेत्र और सोहार एंकरेज पर अलग-अलग हमले | Valthera के सभी 11 भारतीय सुरक्षित; Petro Dolphin के नौ भारतीय बचाए गए और दो लापता बताए गए थे। |








