भारत की ड्रोन युद्धक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम सामने आया है। भारतीय सेना को स्वदेशी Shaurya Fixed-Wing VTOL UAV सौंप दिया गया है। यह जानकारी ‘Shaurya’ UAV को बनाने वाली एयरोस्पेस कंपनी Sarus Aerospace ने दी है।
कंपनी के मुताबिक Shaurya को operational evaluation और चुनौतीपूर्ण इलाकों में deployment के लिए दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पारंपरिक रनवे के बिना vertical take-off और landing कर सकता है।
इसके साथ fixed-wing configuration की वजह से इसे मल्टी-रोटर ड्रोन की तुलना में लंबे समय तक उड़ान भरने के लिए डिजाइन किया गया है।
बताया जा रहा है कि सेना को 12 ‘Shaurya’ UAV डिलीवर किए गए हैं।
Shaurya UAV आखिर क्या कर सकता है?
कर्नाटक के बेलगावी बेस्ड कंपनी Sarus Aerospace द्वारा बने Shaurya का सबसे महत्वपूर्ण डिजाइन फीचर इसका Fixed-Wing VTOL configuration है। यानी इसमें विमान जैसे स्थिर पंख हैं, लेकिन यह हेलिकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उठकर उड़ान भर और नीचे उतर भी सकता है।
इसे ऐसे समझें:
उड़ान भरते समय → हेलिकॉप्टर जैसा
⬆️ सीधे ऊपर उठता है
आसमान में उड़ते समय → विमान जैसा
✈️ अपने स्थिर पंखों की मदद से आगे उड़ता है
लैंडिंग के समय → फिर हेलिकॉप्टर जैसा
⬇️ सीधे नीचे उतर सकता है।
यानी इसे उड़ान भरने के लिए लंबा रनवे नहीं चाहिए। इस तरह की क्षमता सेना के लिए खास तौर पर उपयोगी है क्योंकि अग्रिम इलाकों में रनवे या बड़े launch/recovery क्षेत्र हमेशा उपलब्ध नहीं होते।
कंपनी के मुताबिक Shaurya का इस्तेमाल कई मिशनों में किया जा सकता है—
- Intelligence, Surveillance and Reconnaissance यानी ISR
- सीमा निगरानी
- Mapping और terrain survey
- Logistics तथा छोटे सामान की delivery
- Mission-specific payload delivery
- Inspection
- आवश्यकता के अनुसार expendable missions
इसका payload architecture modular है। यानी मिशन के अनुसार अलग-अलग सेंसर या उपकरण लगाए जा सकते हैं।
यहां Payload का मतलब है—ड्रोन अपने साथ जो अतिरिक्त उपकरण लेकर उड़ता है, जैसे:
- कैमरा
- थर्मल कैमरा
- निगरानी सेंसर
- मैपिंग उपकरण
- संचार उपकरण
- दूसरे मिशन-विशेष उपकरण
और Modular का मतलब है कि इन उपकरणों को एक ही स्थायी सेटअप में फिक्स नहीं किया गया है। जरूरत के मुताबिक अलग-अलग मॉड्यूल लगाए या बदले जा सकते हैं। उदाहरण से समझिए–
अगर सेना को दिन में सीमा की निगरानी करनी है → सामान्य कैमरा लगाया जा सकता है।
अगर रात में निगरानी करनी है → थर्मल/इन्फ्रारेड कैमरा लगाया जा सकता है।
अगर जमीन का नक्शा तैयार करना है → mapping sensor लगाया जा सकता है।
Shaurya का स्पेसिफिकेशन ?
Sarus के मुताबिक Shaurya की प्रमुख क्षमताएं इस प्रकार हैं-
| क्षमता | Shaurya |
| UAV प्रकार | Fixed-Wing VTOL |
| Payload | 5 किग्रा |
| Endurance | 2–3 घंटे |
| Cruise Speed | 18 m/s यानी करीब 65 km/h |
| घोषित मिशन क्षमता | 100 किलोमीटर से ज्यादा |
| Demonstrated Range | 110+ किमी |
| अधिकतम घोषित ऊंचाई | 4,500 मीटर |
| परीक्षण ऊंचाई | करीब 5,000 मीटर |
| तापमान परीक्षण | +55°C |
| Navigation परीक्षण | GNSS-denied |
| निर्माण | Carbon Fibre, Kevlar और Aerospace-grade Aluminium |
| Deployment | एक व्यक्ति द्वारा |
| Assembly | Tool-less, foldable |
| Indigenous Content | करीब 97% |
कंपनी ने दावा किया है कि Shaurya को लगभग 5,000 मीटर की ऊंचाई पर, +55°C तापमान में और GNSS-jamming परिस्थितियों में भी परीक्षण किया गया है।
Dronathon-2026 के दौरान प्लेटफॉर्म ने लगभग 82 किमी GNSS-denied operation तथा करीब 84 किमी GNSS jamming/spoofing conditions में प्रदर्शन किया था।
यह आंकड़ा खास है क्योंकि आधुनिक युद्धक्षेत्र में दुश्मन सिर्फ गोली या मिसाइल से नहीं, बल्कि electronic warfare और navigation disruption से भी ड्रोन को रोकने की कोशिश करता है।
सेना की क्षमता में क्या बदलेगा?
Shaurya का सबसे बड़ा महत्व किसी भारी हथियार को ले जाने में नहीं, बल्कि छोटे यूनिट स्तर पर लगातार निगरानी और battlefield awareness बढ़ाने में है।
उदाहरण के लिए किसी अग्रिम सैन्य यूनिट को दुश्मन की position, सड़क, वाहन movement या terrain की जानकारी चाहिए तो उसे हर बार बड़े UAV या मैन्ड aircraft पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।
VTOL क्षमता के कारण इसे छोटे और सीमित स्थान से operate किया जा सकता है। वहीं fixed-wing design इसे लंबे surveillance missions के लिए इस्तेमाल करने की सुविधा देता है।
इसका 5 किलो payload भी छोटे EO/IR कैमरा, surveillance sensor या दूसरे mission equipment के लिए पर्याप्त हो सकता है। इससे सैनिकों को दुश्मन के करीब भेजे बिना ऊपर से real-time information हासिल करने की क्षमता बढ़ती है।
सबसे बड़ा फायदा: ‘देखो पहले, कार्रवाई बाद में’
आधुनिक युद्ध में सेंसर से मिली जानकारी को कार्रवाई में बदलने में जितना कम समय लगे, उतना ही सैन्य बलों को फायदा होता है।
भारतीय सेना भी अलग-अलग combat arms में UAV और loitering munition capabilities को तेजी से शामिल कर रही है।
मार्च 2026 में Army की Shaurya Squadrons की अवधारणा सामने आई थी, जिन्हें armoured formations के साथ UAV-based surveillance और precision strike capability जोड़ने के लिए विकसित किया जा रहा है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह एक अलग organisational concept है और Sarus के Shaurya UAV को उसी कार्यक्रम का हिस्सा मानने की अभी सार्वजनिक पुष्टि नहीं है।
Shaurya बनाम चीन-पाकिस्तान के Fixed-Wing VTOL UAV
Fixed-Wing VTOL श्रेणी में भारत का Shaurya, चीन के JOUAV CW-15 और पाकिस्तान में उपलब्ध Great Shark 330 जैसे प्लेटफॉर्म से तुलना योग्य है। हालांकि इनकी भूमिका, निर्माण स्रोत और सैन्य उपयोग अलग-अलग हैं।
| क्षमता | Sarus Shaurya | JOUAV CW-15 | Great Shark 330 VTOL | Shahab VTOL |
| देश | भारत | चीन | चीनी कंपनी Foxtech का Great Shark 330 पाकिस्तान में उपलब्ध | पाकिस्तान |
| डिजाइन | Fixed-Wing VTOL | Fixed-Wing VTOL | Fixed-Wing VTOL | VTOL UAV |
| मुख्य भूमिका | ISR, निगरानी, मैपिंग, मिशन-विशेष कार्य | मैपिंग, निगरानी, सर्वे | निगरानी, मैपिंग, सर्वे | हवाई निगरानी |
| Payload | 5 किग्रा | 3 किग्रा | 5 किग्रा तक | Day/Night payload |
| Endurance | 2–3 घंटे | 3 घंटे तक | 3 घंटे तक खाली, 2 किग्रा payload पर 2.5 घंटे | 50 मिनट+ |
| Cruise Speed | 18 m/s (65 km/h) | 61 km/h | 22 m/s (79 km/h) | 40 km/h |
| घोषित ऊंचाई | 4,500 मीटर | 6,500 मीटर practical ceiling | करीब 3,000 मीटर | 500 m Above Ground Level |
| Range | 100+ किमी श्रेणी; 110+ किमी demonstrated | 50 किमी तक की सार्वजनिक घोषणा/वेरिएंट के अनुसार | मुख्यतः endurance पर जोर | 5 किमी |
| Take-off/Landing | VTOL | VTOL | VTOL | VTOL |
| Payload विकल्प | मिशन के अनुसार सेंसर/उपकरण | LiDAR, कैमरा, EO/IR, SAR आदि- LiDAR एक ऐसी तकनीक है जिसमें लेजर किरणों की मदद से जमीन, इमारत, पेड़ या दूसरी वस्तुओं की दूरी और ऊंचाई को बहुत सटीक तरीके से मापा जाता है। | कैमरा, mapping payload आदि | Day camera + thermal imager |
| खास बात | भारतीय tactical ISR के लिए स्वदेशी प्लेटफॉर्म | चीन का mature industrial VTOL platform | 5 किग्रा payload वाली VTOL श्रेणी | छोटे इलाके की निगरानी |
| स्रोत स्थिति | Sarus के घोषित आंकड़े | JOUAV के आधिकारिक आंकड़े | निर्माता के आंकड़े | पाकिस्तान सरकारी DEPO/Sysverve |








