बिहार की बेटी भावना कंठ जो बनीं हैं भारत की पहली महिला ‘टॉप गन’

By Defence Detective

Published On:

Date:

भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ वो मुकाम हासिल कर लिया है जो अब से पहले किसी भी भारतीय महिला फाइट जेट पायलट के पास नहीं थी। भावना ने हाल ही में ग्वालियर में टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL)  कोर्स को क्लियर कर लिया है। इसके साथ वह और IAF के एलीट ‘1% क्लब’  में शामिल हो गई हैं। महिलाओं के संदर्भ में यह भारतीय वायुसेना की गौरवशाली यात्रा का एक अहम मुकाम है।

यह एक ऐसी शानदार उपलब्धि है, जो गिने-चुने पायलटों को ही मिल पाती है। FCL के तहत चुनिंदा प्रोग्राम पायलटों को मुश्किल कॉम्बैट ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाता है। FCL (Fighter Combat Leader) भारतीय वायुसेना (IAF) का एक अत्यंत प्रतिष्ठित और उन्नत फाइटर पायलट प्रशिक्षण कोर्स है, जिसे पूरा करने वाले पायलटों को एयर कॉम्बैट (हवाई युद्ध) में विशेषज्ञ और फाइटर लीडर बनाया जाता है। यह कोर्स मुख्य रूप से TACDE (Tactics and Air Combat Development Establishment) में कराया जाता है।

इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा तो मौजूद नहीं कि अब तक इंडियन एयरफोर्स के कितने फाइटर पायलट TACDE को पास कर पाएं हों लेकिन एक अनुमान के मुताबिक 1971 से अब तक 1,000 से 1,500 तक हो सकती है। इस आंकड़े से शायद आपको हैरानी ना हो लेकिन यकीन मानिए ये अब तक के कुल पायलट्स का 1 या 2 प्रतिशत ही है। एक अनुमान के मुताबिक इस वक्त भारतीय वायुसेना में कुल फाइटर पायलट्स की संख्या 1,200 से 1,400 के बीच है। इनमें से करीब 1,250 पुरुष फाइटर पायलट होने का अनुमान है। तो ये कहा जा सकता है कि इस वक्त टॉप गन वाले पायलट की संख्या 10-15 के बीच हो सकती है।

क्या है TACDE ?

ग्वालियर स्थित यह संस्थान वायुसेना का प्रीमियर-एलीट एयर काम्बैट स्कूल है। इसकी बेहद समृद्ध और गौरवशाली विरासत है। 1971 में टैक्टिक्स एंड काम्बैट डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग स्क्वाड्रन के रूप में पंजाब के आदममपुर में इसकी स्थापना हुई। 1972 में इसका नाम TACDE कर दिया गया, जो अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर में है। अक्सर, इसकी तुलना अमेरिकी नेवी के स्ट्राइक फाइटर टैक्टिक्स इंस्ट्रक्टर प्रोग्राम से तुलना की जाती है, जो ‘टॉप गन’ के तौर पर जाना जाता है। इसी आधार पर TACDE को भारत का ‘टॉप गन’ कहा जाता है।

  • TACDE में वायुसेना के चुने हुए और अनुभवी लड़ाकू पायलट आते हैं।
  • यहां उन्हें Advanced Air Combat Tactics और युद्ध परिस्थितियों में नेतृत्व की ट्रेनिंग दी जाती है।
  • दुश्मन के फाइटर जेट, मिसाइल सिस्टम और युद्ध तकनीकों को ध्यान में रखकर नई रणनीतियां विकसित की जाती हैं।
  • BVR (Beyond Visual Range) Combat, डॉगफाइट और नेटवर्क आधारित युद्ध पर अभ्यास होता है।
  • Fighter Combat Leader (FCL) Course यह TACDE का सबसे प्रतिष्ठित कोर्स माना जाता है।
  • इसे पूरा करने वाले पायलट भविष्य में फाइटर स्क्वाड्रनों का नेतृत्व करने के लिए तैयार होते हैं।

भावना ने एक के बाद एक रचा इतिहास

33 साल की इस महिला जांबाज ने पहले तब इतिहास रचा था, जब 2016 में वह भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट के तौर पर शामिल होने वाली पहली तीन महिलाओं में से एक थीं। उनके साथ अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भी शामिल थीं। इसके बाद वह 2021 में भारत की गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं। भावना की यह नई उपलब्धि उनके आठ साल लंबे सफ़र का नतीजा है। इस कदम के साथ भारत के एविएशन इतिहास में पहली बार महिलाओं के लिए फाइटर कॉकपिट के दरवाज़े खुले। अब 2026 में देश की पहली महिला टॉप गन बनकर इतिहास रचा है।

भावना कंठ का निजी जीवन

देश की पहली महिला फाइटर पायलटों में से एक भावना का जन्म बिहार के दरभंगा में। पढ़ाई-लिखाई के बाद वायुसेना में शामिल हुईं। 2020 में, महिला दिवस के मौके पर राष्ट्रपति ने उन्हें ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया। 2024 में, वह रियाद में हुए ‘वर्ल्ड डिफ़ेंस शो’ में शामिल होने वाले भारत के महिला अधिकारियों के एक त्रि-सेवा (tri-service) प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं। वहाँ एक गेस्ट स्पीकर के तौर पर उन्होंने डिफ़ेंस फ़ोर्स में महिलाओं के लिए लीडरशिप और कमांड रोल समेत कई तरह के मौक़े बढ़ाने की अहमियत पर ज़ोर दिया। सोशल मीडिया पर वह ज़्यादा सक्रिय नहीं रहती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 11,000 फ़ॉलोअर्स हैं और उनका अकाउंट प्राइवेट है। उनके बायो से पता चलता है कि एविएशन के अलावा उन्हें खाने-पीने, फ़िटनेस और मौज-मस्ती में भी दिलचस्पी है।

Leave a Comment