चीनी हथियार कितने असरदार और भरोसेमंद होते हैं ? यमन के हूती विद्रोहियों ने ताइज़ प्रांत में सऊदी अरब का चीन निर्मित Wing Loong II ड्रोन मार गिराया है। यह पहली बार नहीं है कि इस कथित उन्नत और बहुचर्चित चीनी लड़ाकू ड्रोन को मलबे में तब्दील किया गया है। बल्कि हूती इस ड्रोन को लगातार मार गिरा रहे हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी के मुताबिक 4 नवंबर 2026 को तड़के ‘उपयुक्त हथियार’ के इस्तेमाल से चीन ड्रोन को खाक में मिलाया गया। उसी दिन उनके सैन्य मीडिया विंग ने पहाड़ी इलाके में ड्रोन के बिखरे मलबे का वीडियो भी जारी कर दिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इस सशस्त्र ड्रोन को एक पारंपरिक एंटी-एयरक्राफ्ट गन से गिराया गया। यह दावा ऐसे समय में आया है जब ताइज़ और अदन को जोड़ने वाले सड़क मार्ग के आसपास सैन्य दबाव बढ़ रहा है।
Wing Loong II लंबे समय तक निगरानी करने और जमीन पर सटीक हमला करने के लिए बनाया गया है।
हूतियों ने और क्या बताया ?
अंसारल्लाह यानी हूती आंदोलन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 4 नवंबर को बताया कि उनके एयर डिफेंस ने ताइज़ के हवाई क्षेत्र में एक सशस्त्र टोही ड्रोन को निशाना बनाया। जिसकी पहचान सऊदी अरब के Wing Loong II के तौर पर हुई।
उन्होंने कहा कि ड्रोन तड़के उस इलाके में ऐसी गतिविधि कर रहा था जिसे हूतियों ने शत्रुतापूर्ण बताया। बयान में यह नहीं बताया गया कि उस उड़ान में ड्रोन का लक्ष्य क्या था या उसने कोई हथियार दागा था।
हालांकि सऊदी अरब ने इस घटना में अपने किसी ड्रोन के नुकसान की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है।
मलबे के वीडियो में क्या दिखता है ?
हूती सैन्य मीडिया ने अपने एक्स अकाउंट से जो वीडियो जारी किया, उसमें पहाड़ी इलाके में विमान के पंख, पूंछ और मुख्य ढांचे के हिस्से बिखरे दिखाई देते हैं। कुछ हिस्से जलते दिखते हैं और कुछ लोगों को मलबे के पास देखा जा सकता है।
- वीडियो के साथ लिखे संदेश में हूती सैन्य मीडिया ने इसे सऊदी Wing Loong II का मलबा बताया गया है।
- इसी ताइज़ प्रांत में 26 अक्टूबर 2026 को भी हूतियों ने एक सऊदी Wing Loong II गिराने की बात कही थी।
- उस समय ईरानी प्रसारक प्रेस टीवी ने सरी के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि ड्रोन को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया।
कितना घातक है चीन का Wing Loong II ?
Wing Loong II को चीन की सरकारी विमानन कंपनी AVIC के तहत चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने डेवलप किया है। इसने 27 फरवरी 2017 को पहली उड़ान भरी थी।
- यह मध्यम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ने वाले ड्रोन की श्रेणी में आता है। इसे हवाई टोही, निगरानी और जमीन पर हमला करने के लिए बनाया गया है।
- इसकी युद्ध में लड़ाई क्षमता-मारक क्षमता का अहम पहलू यह है कि ऑपरेटर एक ही उड़ान में किसी इलाके पर घंटों नजर रख सकता है और उसी उड़ान में लक्ष्य मिलने पर मौका मिलते ही गाइडेड हथियार से हमला कर सकता है।
- इसके लिए Blue Arrow-7 जैसी लेजर-गाइडेड हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों और गाइडेड बमों का विकल्प है।
| स्पेसिफिकेशन | प्रकाशित जानकारी |
| श्रेणी | MALE UCAV। मध्यम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ने वाला सशस्त्र ड्रोन। |
| डेवलपर | चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, चीन की सरकारी कंपनी AVIC का हिस्सा। |
| पहली उड़ान | 27 फरवरी 2017 |
| लंबाई | 11 मीटर |
| विंगस्पैन (पंखों का फैलाव) | 20.5 मीटर |
| ऊंचाई | 4.1 मीटर |
| अधिकतम टेकऑफ वजन | 4,200 किलो |
| इंजन | एक टर्बोप्रॉप इंजन, पीछे लगा पुशर प्रोपेलर |
| अधिकतम स्पीड | पहली उड़ान की चीनी रिपोर्ट में 340 किमी/घंटा। बाद में चीन के सैन्य मीडिया और JAPCC ने 370 किमी/घंटा बताया। |
| अधिकतम उड़ान ऊंचाई | चीनी रिपोर्ट और JAPCC के मुताबिक 9,000 मीटर। ऑस्ट्रेलियाई सेना के संदर्भ कार्ड में 9,900 मीटर। |
| उड़ान अवधि | चीन की शुरुआती रिपोर्ट में निगरानी वाली उड़ान के लिए 20 घंटे। JAPCC के संदर्भ में 32 घंटे। पूरे हथियार लोड के साथ 32 घंटे की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। |
| डायरेक्ट कंट्रोल लिंक | करीब 200 किमी, जब ग्राउंड स्टेशन और ड्रोन के बीच सीधा रेडियो संपर्क हो। |
| सैटेलाइट कंट्रोल लिंक | संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में 2,000 किमी से अधिक। यह डेटा लिंक की पहुंच है। |
| कॉम्बैट रेंज | ऑस्ट्रेलियाई सेना के संदर्भ कार्ड में 1,500 किमी। यह किस हथियार लोड और उड़ान प्रोफाइल पर आधारित है, स्पष्ट नहीं है। |
| अधिकतम बाहरी पेलोड | 480 किलो |
| हथियार स्टेशन | 6 हार्डपॉइंट, हर पंख के नीचे 3। डुअल रैक पर कॉन्फ़िगरेशन के अनुसार 12 तक हथियार। |
| टेकऑफ और लैंडिंग | रनवे से ऑटोमैटिक टेकऑफ और लैंडिंग। एयरशो चाइना 2021 में प्रदर्शन किया गया। |
सेंसर, हथियार और ऑपरेशनल क्षमताएं–
| क्षमता | क्या कर सकता है |
| दिन-रात निगरानी | इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल कैमरा और इन्फ्रारेड सेंसर से दिन में और अंधेरे में लक्ष्य खोजना व ट्रैक करना। |
| लेजर टारगेटिंग | लेजर रेंजफाइंडर से लक्ष्य की दूरी मापना और लेजर डिजाइनेंटर से गाइडेड हथियार के लिए लक्ष्य चिह्नित करना। |
| SAR रडार | जमीन की रडार इमेज बनाना। बादल या कम दृश्यता में भी इलाके की मैपिंग और निगरानी में मदद। |
| स्थिर और चलते लक्ष्य पर हमला | AVIC के अनुसार 2017 के लाइव-फायर ट्रायल में स्थिर, चलते और कम समय के लिए दिखाई देने वाले लक्ष्यों को शामिल किया गया। |
| एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल | Blue Arrow-7 (BA-7/LJ-7) लेजर-गाइडेड मिसाइल। लीबिया में इस्तेमाल दर्ज है। AKD-10 एंटी-टैंक मिसाइल भी प्रकाशित हथियार सूची में है। |
| गाइडेड बम और रॉकेट | प्रकाशित विकल्पों में FT-10/25 (25 किलो), FT-9/50 और GB-7/50 (50 किलो), GB-4/100 (100 किलो), FT-7/130 ग्लाइड बम (130 किलो) और BRM1-90 गाइडेड रॉकेट शामिल हैं। |
| हमले के बाद आकलन | सेंसर से स्ट्राइक के बाद लक्ष्य पर हुए नुकसान का आकलन कर सकता है। |
| इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और वॉरफेयर | वैकल्पिक पेलोड के साथ रडार और संचार सिग्नल जुटाने तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की भूमिका। |
| कम्युनिकेशन रिले और राहत कार्य | अलग पेलोड के साथ संचार रिले और सर्च-एंड-रेस्क्यू में मदद। 2021 में चीन के हेनान में बाढ़ राहत के दौरान रेस्क्यू साइट और कमांड सेंटर के बीच लाइव ऑडियो-वीडियो लिंक दिया। |
एक ड्रोन की कितनी कीमत ?
अमेरिकी थिंक टैंक CSIS (Center for Strategic and International Studies) ने एक Wing Loong II की कीमत 10 से 20 लाख डॉलर आंकी है। ₹90 प्रति डॉलर की दर मानें तो यह करीब ₹9 से ₹18 करोड़ बैठती है। यह मॉडल की अनुमानित कीमत है।
ताइज़ में जिस ड्रोन के गिरने का दावा किया गया, उसके लिए सऊदी अरब ने कितनी रकम चुकाई थी, इसका सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
पाकिस्तान भी इस मॉडल का इस्तेमाल करता है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के मुताबिक, Wing Loong II पहली बार 2021 में पाकिस्तान के मियांवाली एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा था। चीन और पाकिस्तान के मिलकर 48 ड्रोन बनाने की खबर 2018 में आई थी।
हाल-फिलहाल में हूतियों ने मार गिराए हैं कितने Wing Loong II ?
3 जुलाई से 4 नवंबर 2026 तक, यानी करीब चार महीने। तस्नीम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में हूतियों ने कुल 28 ड्रोन गिराने का दावा किया, जिनमें 10 Wing Loong II बताए गए।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 4 नवंबर की ताइज़ वाली घटना को इस मॉडल का दसवाँ मामला बताया। यानी हूती Wing Loong II का जमकर ‘जनाज़ा’ निकाल रहे हैं।
Wing Loong II के कम से कम आठ देशों में इस्तेमाल या सैन्य बेड़े में शामिल होने के सार्वजनिक प्रमाण हैं।
| देश | Wing Loong II का रिकॉर्ड |
|---|---|
| चीन | चीनी वायुसेना इसे GJ-2 नाम से इस्तेमाल करती है। |
| पाकिस्तान | IISS ने 2021 में मियांवाली एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरों में इस मॉडल की पहचान की। |
| सऊदी अरब | IISS के रिकॉर्ड में इसकी खरीद और डिलीवरी दर्ज है। |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | IISS ने इसकी डिलीवरी दर्ज की है। संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया में इसकी तैनाती का भी दस्तावेजीकरण किया। |
| अल्जीरिया | अमेरिकी सेना के एक अध्ययन में इसे अल्जीरिया के ऑपरेशनल ड्रोन में गिना गया है। |
| मोरक्को | SIPRI के आंकड़ों पर आधारित अमेरिकी एयर यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में इसकी आपूर्ति दर्ज है। |
| नाइजीरिया | नाइजीरियाई वायुसेना ने चीन से मिले दो Wing Loong II की पुष्टि की थी। |
| कोट दिवार (आइवरी कोस्ट) | वहां के सशस्त्र बलों ने अगस्त 2026 में दो Wing Loong II का वीडियो जारी किया। |
मिस्र को Janes, Wing Loong II का ऑपरेटर बताता है, जबकि SIPRI पर आधारित निर्यात रिकॉर्ड में मिस्र के लिए Wing Loong I दर्ज है।








