आमिर खान के भांजे इमरान खान ने बिना शर्त मांगी माफी, फिलहाल भारत में रहने की राहत

By Defence Detective

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File photo of actor Imran Khan, nephew of Aamir Khan.

मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर कटघरे में खड़े आमिर खान के भांजे इमरान खान फिलहाल डिपोर्टेशन से बच गए हैं। 2 नवंबर को सुनवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से उन्हें राहत तो मिली है, लेकिन कड़ी फटकार के साथ। अदालत ने कहा कि अमेरिकी नागरिक और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक इमरान भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकारों का दावा नहीं कर सकते।

कोर्ट ने सवाल किया कि भारतीय नागरिक नहीं होने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से सीधे प्रभावित नहीं होने के बावजूद इमरान इस प्रदर्शन में क्यों पहुंचे। अदालत ने उनकी लोकप्रियता और सार्वजनिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए बिना शर्त माफी तथा भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन मांगा।

10 अक्टूबर को प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिए जाने के बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया था, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती दी हुई है। OCI भारतीय नागरिकता या दोहरी नागरिकता नहीं है और इसके धारक को भारत में मतदान का अधिकार नहीं मिलता। इमरान के वकील ने कहा कि उनका प्रदर्शन के आयोजकों से कोई संबंध नहीं है।

इमरान की माफी पर कब तक राहत ?

अदालत की टिप्पणी के बाद इमरान ने बिना शर्त माफी और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में भाग नहीं लेने का आश्वासन दिया। हालांकि, अदालत ने FRRO की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से भारत में रह रहे व्यक्ति को देश छोड़ने का निर्देश देने से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।

हाईकोर्ट ने ‘लीव इंडिया नोटिस’ पर रोक 7 दिसंबर, 2026 की अगली सुनवाई तक जारी रखी है। इस बीच FRRO को उनका जवाब सुनकर निर्णय लेना है। फिलहाल उन्हें भारत में रहने की अंतरिम राहत मिली है। नोटिस रद्द नहीं हुआ है।

अदालत ने क्या-क्या की टिप्पणियां ?

बिना शर्त माफी और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों से इमरान के दूर रहने के आश्वासन के बाद उन्हें फिलहाल राहत तो मिली है। लेकिन अदालत ने उन्हें बेहद कड़ी तरह फटकारते हुए अनेक कठोर टिप्पणियां और सवाल किए।

  1. प्रदर्शन में मौजूदगी पर:
    “आप वहां किसलिए गए थे? भारतीय नागरिकों और OCI कार्डधारकों के अधिकारों में स्पष्ट अंतर है। आपको स्पष्ट करना होगा कि आप प्रदर्शन के लिए वहां थे या किसी दूसरे काम से।”
  2. SIR से संबंध पर:
    “प्रदर्शन SIR को लेकर था, जिससे आपका कोई सरोकार नहीं है। आपको स्पष्ट रूप से कहना होगा कि प्रदर्शन से आपका कोई संबंध नहीं था।”
  3. अमेरिका का उदाहरण देते हुए:
    “कल्पना कीजिए कि कोई भारतीय नागरिक आपके देश अमेरिका में ऐसा प्रदर्शन करे। उस भारतीय नागरिक को अगली ही उड़ान से वापस भेज दिया जाता।” यह अदालत की टिप्पणी थी।
  4. बिना शर्त माफी पर:
    “मान लीजिए आप अनजाने में शामिल हो गए थे, तब भी आपको माफी मांगनी होगी। बिना शर्त माफी के हम आपका आश्वासन स्वीकार नहीं करेंगे। आप SIR से दूर-दूर तक प्रभावित नहीं हैं। आपका वहां क्या काम था?”
  5. OCI की स्थिति पर:
    “आपको समझना होगा कि OCI कार्डधारक के रूप में आप भारतीय नागरिकों के बराबर नहीं हैं।”
  6. भारत में प्रदर्शन करने पर सबसे सख्त टिप्पणी:
    “अमेरिका जाइए और वहां प्रदर्शनों में भाग लीजिए। आप वहां मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन यहां आपका प्रदर्शन करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

केंद्र ने सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी उठाए सवाल

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने इमरान की याचिका का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता ने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और साक्षात्कारों के जरिए लोगों को उकसाने की कोशिश की।

सरकार ने दलील दी कि OCI कार्ड भारत में रहने का असीमित अधिकार नहीं देता और विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में सरकार को कार्रवाई की व्यापक शक्तियां प्राप्त हैं।

दूसरी ओर, इमरान के वकील ने प्रदर्शन के आयोजकों से संबंध होने से इनकार किया। इस तरह सुनवाई में सरकार के आरोपों और अभिनेता के बचाव, दोनों पर चर्चा हुई।

अगस्त क्रांति मैदान के प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद

मामले की शुरुआत 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास हुए प्रदर्शन से हुई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विरोध का मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी Special Intensive Revision—SIR में कथित अनियमितताएं थीं।

इसी दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को भी हिरासत में लिया था। प्रदर्शन स्थल पर उनकी मौजूदगी के बाद विवाद उनकी नागरिकता और OCI की शर्तों तक पहुंच गया।

प्रदर्शन के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने शिकायत की थी कि इमरान ने विदेशी नागरिक होते हुए राजनीतिक प्रदर्शन में भाग लेकर OCI और वीजा संबंधी शर्तों का उल्लंघन किया। अधिकारियों ने उनकी कथित भागीदारी के आधार पर आव्रजन कार्रवाई शुरू की।

पुलिस की ओर से मामला भेजे जाने के बाद मुंबई स्थित Foreigners Regional Registration Office यानी FRRO ने कार्रवाई की। FRRO ने 14 अक्टूबर को इमरान को ‘Leave India Notice’ जारी किया। इसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था।

अमेरिकी नागरिकता के कारण क्यों बढ़ी मुश्किल ?

इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और OCI कार्ड के आधार पर भारत में रहते हैं। इस मामले में उनकी यही स्थिति अदालत की सुनवाई का प्रमुख विषय बनी। केंद्र का पक्ष है कि विदेशी नागरिक होने के कारण वह भारत के नागरिकों जैसे राजनीतिक अधिकारों का दावा नहीं कर सकते। सुनवाई के दौरान अदालत ने भी भारतीय नागरिक और OCI कार्डधारक के अधिकारों के बीच अंतर रेखांकित किया।

पीठ ने सवाल किया कि जब इमरान भारतीय नागरिक नहीं हैं और SIR से उनका सीधा संबंध नहीं है, तो वह इस मुद्दे पर आयोजित प्रदर्शन में क्यों पहुंचे। अदालत की नाराजगी उनकी कथित भागीदारी और उससे जुड़े सार्वजनिक प्रभाव को लेकर थी।

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