भारत के संवेदनशील सैन्य क्षेत्र और देश की सामरिक सीमाओं पर सतर्कता से सुरक्षा और खुफिया तंत्र को एक बड़ी सफलता मिली है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सेना के एक पूर्व जवान और एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
पूर्व जवान को पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी में गिरफ्तार किया है। जबकि चीनी नागरिक को भारतीय सीमा में अवैध रूप से घुसते हुए दबोचा गया है।
इन दोनों मामलों ने भारत के सैन्य ठिकानों की जासूसी और सीमा पर घुसपैठ के गंभीर खतरों को एक बार फिर रेखांकित किया है। उत्तर बंगाल क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में हुई इन गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी जवान और क्या है मामला ?
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में हासीमारा सैन्य क्षेत्र से गिरफ्तार आरोपी जवान की पहचान राजबीर सिंह के तौर पर हुई है। वह मूल रूप से पंजाब के तरनतारन जिले में रसूलपुर गाँव का रहने वाला है।
- उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आइएसआइ-इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस) को भारतीय सेना की गोपनीय जानकारियां देने का आरोप है।
- इसकी गिरफ्तारी 29 अक्टूबर 2026 को हुई और अगले दिन यानी 30 अक्टूबर को उसे सिलीगुड़ी की अदालत में पेश किया गया।
- पुलिस के मुताबिक राजबीर ने भारतीय सेना के प्रतिष्ठानों, सैन्य मूवमेंट और अन्य संवेदनशील सैन्य विषयों से जुड़ी गोपनीय जानकारियाँ ISI को दीं।
- टाइम्स ऑफ इंडिया ने सरकारी वकील के हवाले से बताया कि उस पर सेना में सेवा के दौरान इंटरनेट के जरिए जानकारी साझा करने का यह मामला है।
- कौन-कौन से दस्तावेज या सूचनाएँ भेजी गईं, उनका पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ है।
पंजाब का मामला पश्चिम बंगाल तक कैसे पहुंचा ?
इस गिरफ्तारी की शुरुआत पंजाब के फाजिल्का में दर्ज एक मामले से हुई, जहां 8 अक्टूबर को गुरनौर सिद्धू नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया गया था और Official Secrets Act के तहत मामला दर्ज हुआ था।। आरोप है कि वह पाकिस्तानी खुफिया हैंडलरों के संपर्क में थी और भारतीय सेना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उन तक पहुँचाती थी।
- इसी मामले की जांच के दौरान राजबीर सिंह और दिलप्रीत सिंह के नाम सामने आए।
- रिपोर्टों के मुताबिक दोनों महिला को सेना से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर रहे थे।
- पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों और उनसे जुड़े संपर्कों की तलाश शुरू की।
सरकारी वकील के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद से राजबीर फरार था। उसकी मौजूदगी हासीमारा में मिलने पर पंजाब पुलिस की टीम उत्तर बंगाल पहुँची। द स्टेट्समैन के अनुसार, गिरफ्तारी की कार्रवाई में बंगाल पुलिस के साथ समन्वय किया गया।
हालांकि, अभी एक और सैन्यकर्मी दिलप्रीत की गिरफ्तारी और उससे जुड़ी जानकारियां सामने नहीं आई है।
30 अक्टूबर को सिलीगुड़ी की अदालत ने क्या आदेश दिया?
सिलीगुड़ी की अदालत ने राजबीर सिंह को लेकर दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की, ताकि पंजाब पुलिस इस आरोपी को फाजिल्का ले जा सके। अदालत के निर्देश के मुताबिक, उसे 1 नवंबर को फाजिल्का के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है।
ट्रांजिट रिमांड का अर्थ आरोपी को गिरफ्तारी वाले स्थान से संबंधित दूसरे राज्य की अदालत तक ले जाने की अनुमति होती है। जासूसी मामले में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई पंजाब में होगी।
राजबीर सेवारत जवान या पूर्व सैनिक?
राजबीर की वर्तमान सैन्य सेवा स्थिति को लेकर खबरों में अलग-अलग जानकारी है। PTI ने उसे भारतीय सेना का जवान बताया है, जबकि टाइम्स ऑफ इंडिया और द स्टेट्समैन की रिपोर्टों में उसे पूर्व सैन्यकर्मी लिखा गया है।
- स्थानीय सिलीगुड़ी टाइम्स के अनुसार वह 15 JAK Rifles में तैनात था। हालांकि, उसकी यूनिट और वर्तमान सेवा स्थिति पर सभी रिपोर्टें एक जैसी नहीं हैं।
- ऐसे में उसे कब तक सेना में सेवा का अवसर मिला और गिरफ्तारी के समय उसकी स्थिति क्या थी, इस पर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
क्या है चीनी नागरिक को दबोचे जाने का मामला ?
उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाके में सशस्त्र सीमा बल (SSB) और खुफिया अधिकारियों ने 29 अक्टूबर की सुबह करीब पांच बजे नेपाल से बिना वैध दस्तावेजों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रहे एक चीनी नागरिक को पकड़ा। उसके साथ मौजूद नेपाली गाइड को भी हिरासत में लिया गया।
- चीनी नागरिक की पहचान युहास लियू—Yuhas Liu और नेपाली गाइड की पहचान दिनेश पुरी के तौर पर हुई है।
- पूछताछ में चीनी नागरिक पहले खुद को नेपाली बताता रहा। बाद में उसने अपनी चीनी नागरिकता-चीनी पहचान स्वीकार की।
- हिंदी या नेपाली नहीं बोल पाने पर उससे दुभाषिए की सहायता से पूछताछ हुई।
चीनी नागरिक और नेपाली गाइड घने कोहरे के बीच सीमा पार कर रहे थे। पूछताछ में इनके कंचनजंगा देखने की बात सामने आई। लेकिन बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करने और पहचान छिपाने से उसके इरादों पर सवाल उठते हैं। वह वास्तव में घूमने आया था या उसका कोई दूसरा उद्देश्य था, यह जांच से स्पष्ट होगा।
सामरिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है हासीमारा?
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में स्थित हासीमारा सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहाँ भारतीय वायुसेना का प्रमुख एयरबेस है। यह क्षेत्र पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है।
भूटान की सीमा और भारत–भूटान–चीन के डोकलाम क्षेत्र के निकट होने से इसका सामरिक महत्व बढ़ जाता है। ऐसे क्षेत्र के सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी गोपनीय जानकारी विरोधी खुफिया एजेंसियों तक पहुँचना सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।
पहले भी सामने आए सैन्यकर्मियों द्वारा पाकिस्तान के लिए जासूसी के मामले
हासीमारा में राजबीर सिंह की गिरफ्तारी से पहले भी सेवारत और पूर्व भारतीय सैन्यकर्मियों पर पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी देने के आरोप सामने आए हैं। वर्ष 2025–26 के प्रमुख मामलों में सैन्य दस्तावेजों, यूनिटों की तैनाती और अधिकारियों की आवाजाही से संबंधित सूचनाएँ साझा करने के आरोप लगे। कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं-
| तारीख | आरोपी और सैन्य स्थिति | स्थान और कार्रवाई करने वाली एजेंसी | क्या था आरोप? |
| 29 अक्टूबर 2026 | राजबीर सिंह—कुछ रिपोर्टों में पूर्व सैन्यकर्मी, जबकि PTI में जवान बताया गया | हासीमारा, पश्चिम बंगाल; पंजाब पुलिस | भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील सैन्य जानकारियों को ISI तक पहुँचाने का आरोप। फाजिल्का में 8 अक्टूबर को दर्ज मामले में गिरफ्तारी हुई। |
| 4 दिसंबर 2025 को खुलासा | अजयकुमार सुरेंद्रसिंह सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार | गोवा; गुजरात ATS | कथित पाकिस्तानी हैंडलर ‘अंकिता शर्मा’ को सैन्य यूनिटों की तैनाती, आवाजाही और अधिकारियों के स्थानांतरण की जानकारी देने का आरोप। इसी मामले में एक महिला भी गिरफ्तार हुई। |
| 14 जुलाई 2025 | देविंदर सिंह, सेवारत सैन्यकर्मी | उड़ी, बारामूला, जम्मू-कश्मीर; पंजाब पुलिस की SSOC | पूर्व सैन्यकर्मी गुरप्रीत सिंह की पूछताछ में नाम सामने आया। आरोप था कि उसने गोपनीय सैन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद की, जिन्हें ISI तक पहुँचाया गया। |
| 9 जुलाई 2025 | गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी उर्फ फौजी, पूर्व सैन्यकर्मी | पंजाब पुलिस की SSOC, SAS नगर | ISI के लिए जासूसी और सेना के गोपनीय दस्तावेज साझा करने का आरोप। इसी जांच में बाद में देविंदर सिंह की गिरफ्तारी हुई। |
| 22 जून 2025 को खुलासा | गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी फौजी, जम्मू में तैनात सेवारत जवान | अमृतसर ग्रामीण पुलिस, पंजाब | ISI के संपर्क में रहकर पेन ड्राइव और डिस्क के जरिए संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने का आरोप। उसके सहयोगी साहिल मसीह को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दुबई में मौजूद एक तस्कर के जरिए संपर्क बनने की बात कही। |








