आमिर खान के भांजे इमरान खान को भारत छोड़ने का अल्टीमेटम, राजनीतिक प्रदर्शन के बाद क्यों हुई यह बड़ी कार्रवाई ?

By Defence Detective

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Imran Khan at a protest in Mumbai against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होना बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के लिए बड़ा कानूनी विवाद बन गया है। अमेरिकी नागरिकता रखने वाले अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का सख्त अल्टीमेटम (लीव इंडिया नोटिस) दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव तेज है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर विपक्षी दलों तथा युवा संगठनों के सवालों के बीच विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

अभिनेता आमिर खान के भांजे इमरान खान का नाम आमतौर पर फिल्मों और मनोरंजन की दुनिया से जुड़ा रहा है। लेकिन इस बार मामला उनकी किसी फिल्म या बयान का नहीं, बल्कि भारत में उनकी कानूनी स्थिति और राजनीतिक प्रदर्शन में भागीदारी का है।

एक राजनीतिक प्रदर्शन में उनकी भागीदारी के बाद हुई इस कार्रवाई ने विदेशी नागरिकों के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने और भारत के आव्रजन नियमों की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है। क्या विदेशी नागरिक और OCI कार्डधारक भारत में राजनीतिक आंदोलनों में हिस्सा ले सकते हैं? और क्या ऐसा करने पर उन्हें देश छोड़ने का निर्देश दिया जा सकता है?

इमरान पर किसने और किन कानूनी बेस पर की कार्रवाई ?

अभिनेता इमरान खान के प्रदर्शन और हिरासत के बाद उनकी नागरिकता और भारत में रहने की कानूनी स्थिति चर्चा में आ गई। इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक के रूप में रह रहे हैं।

  • प्रदर्शनों में उनके हिस्सा लेने के बाद फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) और मुंबई पुलिस ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया है।
  • FRRO भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs—MHA) के अधीन आव्रजन व्यवस्था का हिस्सा है। यह विदेशी नागरिकों के पंजीकरण, वीजा और भारत में रहने से जुड़े आव्रजन मामलों को संभालता है।
  • पुलिस के मुताबिक इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई Immigration and Foreigners Act, 2025 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत की गई है।

इस एक्ट के अधीन कार्रवाई के प्रमुख कानूनी प्रावधान-

  • धारा 7 — आदेश और निर्देश जारी करने की शक्ति: इस धारा के तहत केंद्र सरकार विदेशियों के भारत में प्रवेश, देश से प्रस्थान और भारत में उनकी मौजूदगी को नियंत्रित या प्रतिबंधित करने के लिए आदेश जारी कर सकती है। इसमें किसी विदेशी के आचरण को नियंत्रित करने संबंधी प्रावधान भी शामिल हैं।
  • धारा 29 — भारत से हटाने की शक्ति: इस धारा के तहत कानून, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या आदेशों के उल्लंघन अथवा प्रतिकूल सुरक्षा रिपोर्ट के आधार पर किसी विदेशी को भारत से हटाने का निर्देश दिया जा सकता है। हालांकि, किसी विशेष व्यक्ति के मामले में इस धारा का लागू होना संबंधित आदेश और उसके कानूनी आधार पर निर्भर करेगा।

OCI कार्डधारकों के अधिकार और राजनीतिक गतिविधियों पर नियम–

OCI कार्डधारक भारतीय नहीं, बल्कि विदेशी नागरिक होते हैं। उन्हें आजीवन बहु-प्रवेश वीजा जैसी सुविधाएं मिलती हैं, कृषि भूमि, फार्महाउस तथा प्लांटेशन संपत्ति को छोड़कर निर्धारित नियमों के अधीन अचल संपत्ति खरीद सकते हैं। लेकिन मतदान और संसद या विधानमंडल का सदस्य बनने का अधिकार नहीं है।

गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों में कुछ गतिविधियों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है, हालांकि राजनीतिक प्रदर्शन में भाग लेने पर सार्वभौमिक प्रतिबंध स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध नहीं है। इसलिए इमरान खान के मामले में कार्रवाई का कानूनी आधार संबंधित नोटिस और लागू नियमों से तय होगा।

FRRO तक कैसे पहुंचा मामला ?

इस मामले में प्रशासनिक और पुलिसिया कार्रवाई तब और तेज हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन में अभिनेता के खिलाफ एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस से सवाल किया कि विदेशी नागरिकता रखने वाले इमरान खान राजनीतिक प्रदर्शन में किस आधार पर शामिल हुए। उन्होंने अभिनेता के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन ने शिकायत को विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों की सक्षम संस्था, फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO), तक पहुंचाया।

अब इमरान खान के पास क्या विकल्प हैं?

28 अक्टूबर 2026 की समयसीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, इमरान खान की कानूनी टीम के सामने विकल्प बेहद सीमित हैं:-

  1. बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील: इमरान खान इस ‘लीव इंडिया नोटिस’ के खिलाफ तुरंत बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर सकते हैं। वह अदालत से इस नोटिस पर अंतरिम रोक (Stay) लगाने की गुहार लगा सकते हैं।
  2. संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखना: वह नोटिस जारी करने वाले प्राधिकारी के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकते हैं और आदेश की समीक्षा का अनुरोध कर सकते हैं। गृह मंत्रालय से संपर्क करना भी एक विकल्प हो सकता है, लेकिन यह संबंधित कानूनी प्रक्रिया और प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र पर निर्भर करेगा।
  3. देश छोड़ना: यदि अदालत या मंत्रालय से कोई तात्कालिक राहत नहीं मिलती है, तो कानून के मुताबिक इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत की सीमा से बाहर जाना होगा। ऐसा न करने की सूरत में इमिग्रेशन अधिकारी उन्हें हिरासत में लेकर जबरन डिपोर्ट (Forced Deportation) करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

इमरान खान कब और कहां हुए थे प्रदर्शन में शामिल ?

10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के आसपास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party—CJP) के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा था। इमरान खान भी इसमें शामिल हुए। पुलिस ने अभिनेता सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

  • इस प्रदर्शन में अभिनेता इमरान खान अपनी पार्टनर और अभिनेत्री लेखा वाशिंगटन और अपनी चचेरी बहन ज़ैन मैरी खान के साथ शामिल हुए थे।
  • प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इमरान खान सहित लगभग 400 लोगों को हिरासत में ले लिया था।
  • हिरासत के दौरान इमरान खान ने पुलिस वैन के अंदर से अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसका कैप्शन था— “जाहिर है मैं लॉन्ग ड्राइव पर जा रहा हूँ”।  

इमरान खान ने प्रदर्शन के दौरान मीडिया से कहा था कि वह किसी राजनीतिक संगठन का प्रतिनिधित्व करने नहीं आए हैं, बल्कि मुंबई में रहने वाले व्यक्ति के तौर पर यह देखना चाहते हैं कि लोगों की आवाजाही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक क्यों लगाई जा रही है।

इमरान का आमिर से रिश्ता और फिल्मी सफर

दरअसल, इमरान की मां नुजहत खान, फिल्म निर्माता-निर्देशक नासिर हुसैन की बेटी और आमिर खान की चचेरी बहन हैं। नासिर हुसैन और आमिर खान के पिता ताहिर हुसैन सगे भाई थे। इस तरह इमरान खान रिश्ते में आमिर खान के भांजे लगते हैं।

इमरान ने बतौर बाल कलाकार कयामत से कयामत तक (1988) और जो जीता वही सिकंदर (1992) में काम किया था। दोनों फिल्मों में उन्होंने आमिर खान के बचपन का किरदार निभाया। बतौर मुख्य अभिनेता उनकी शुरुआत 2008 में फिल्म जाने तू… या जाने ना से हुई।

आमिर खान और मंसूर खान द्वारा निर्मित इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दिलाई और सर्वश्रेष्ठ नवोदित पुरुष अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद वह आई हेट लव स्टोरीज, डेल्ही बेली, मेरे ब्रदर की दुल्हन और एक मैं और एक तू जैसी फिल्मों में नजर आए।

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