पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर फिर की एयरस्ट्राइक, बिछी लाशें

By Defence Detective

Published On:

Date:

House destroyed after Pakistan airstrike in Afghanistan

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर हवाई हमलों तक पहुंच गया है। 21 सितंबर 2026 को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की है। पाकिस्तान दावे के मुताबिक उसने आतंकी ठिकानों पर हमले किए और इन हमलों में 28 आतंकवादी मारे गए

दूसरी तरफ अफगान अधिकारियों ने बताया कि हमलों में 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 लोग घायल हुए। इसके साथ लगभग तीन महीने की शांति के बाद इन दोनों देशों के बीच गंभीर संघर्ष फिर से भड़कने का खतरा बढ़ गया है।

पाकिस्तान ने इससे पहले 28 जून 2026 को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की थी।

अफगानिस्तान में यह ताजा हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों पर कई घातक हमले हुए हैं। इस्लामाबाद इन हमलों के पीछे पाकिस्तान तालिबान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकियों पर शक करता है और लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि उन्हें अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिल रहे हैं।

पाकिस्तान ने हमला क्यों किया?

पाकिस्तान के ताजा हमले को हाल के आतंकी हमलों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान के हंगू में 20 सितंबर को और कोहाट में 18 सितंबर को घातक हमले हुए। इन हमलों में कुल मिलाकर कम से कम 27 सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों की मौत हुई। किसी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन पाकिस्तान में शक TTP से जुड़े समूहों पर है।

इस्लामाबाद का आरोप है कि ऐसे आतंकियों को अफगानिस्तान में ठिकाने और समर्थन मिलता है। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर संदिग्ध आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

कौन से इलाके बने एयरस्ट्राइक का निशाना?

ताजा एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हुई। AP के मुताबिक हमले कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए। अफगानिस्तान के मुताबिक, कुनार में हुए हवाई हमले में एक घर निशाना बना, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग मारे गए।

वहीं पक्तिका में दो स्थानों पर बमबारी की गई, जिसमें एक घर और एक दुकान तबाह हो गई। फिलहाल यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

अफगानिस्तान ने क्या जवाब दिया?

अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक को अपनी sovereignty का Violation बताया है। अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान पर सैन्य कार्रवाई करने के बजाय बातचीत के जरिए विवाद सुलझाना चाहिए। काबुल लगातार इस आरोप को भी खारिज करता रहा है कि वह TTP को पाकिस्तान के खिलाफ हमले करने के लिए सुरक्षित ठिकाने देता है।

असली विवाद क्या है?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा टकराव की सबसे बड़ी वजह TTP की गतिविधियां हैं। इस्लामाबाद का कहना है कि पाकिस्तान में हमले करने वाले TTP लड़ाके अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों का इस्तेमाल करते हैं। पाकिस्तान चाहता है कि काबुल इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई करे।

हालांकि अफगान तालिबान इस आरोप को नहीं मानता है। उसका कहना है कि पाकिस्तान में होने वाली आतंकी घटनाओं के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

यही विवाद अब सिर्फ आतंकवाद विरोधी अभियान तक सीमित नहीं रहा। इसके साथ सीमा विवाद, सैन्य चौकियों पर गोलीबारी और हवाई हमले भी जुड़ गए हैं।

पिछली बड़ी लड़ाई कब हुई थी?

ताजा एयरस्ट्राइक से पहले दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकराव फरवरी-मार्च 2026 में हुआ था। फरवरी के अंत में लड़ाई इतनी बढ़ गई थी कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसे “open war” तक कह डाला था। पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए, जबकि अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया।

यह संकट अचानक पैदा नहीं हुआ था। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी दोनों देशों के बीच कई दिनों तक भीषण सीमा लड़ाई हुई थी। तुर्की और कतर की मध्यस्थता के बाद अस्थायी युद्धविराम हुआ था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

पाकिस्तान ने कब-कब की एयरस्ट्राइक ?

यहां एक सीधी संख्या देना मुश्किल है, क्योंकि अलग-अलग संस्थाएं clash, armed incident, border incident और airstrike को अलग-अलग तरीके से गिनती हैं। clash, armed incident, border incident की दर्जनों घटनाएं दर्ज हुई हैं। जबकि TTP विवाद के बीच अप्रैल 2022 से सितंबर 2026 तक कम-से-कम 8 बड़े एयरस्ट्राइक एपिसोड सामने आते हैं। हालांकि, इनमें कुछ एपिसोड कई दिनों तक चले और उनमें कई अलग-अलग हमले शामिल थे।

क्रमतारीखपाकिस्तान की कार्रवाई/इलाकापाकिस्तान का निशाना/दावाअफगानिस्तान में दर्ज नागरिक हताहत
116 अप्रैल 2022खोस्त और कुनारसंदिग्ध TTP ठिकाने47 मारे, 23 घायल — अफगान पक्ष के मुताबिक
218 मार्च 2024खोस्त और पक्तिकाहाफिज गुल बहादुर ग्रुप/आतंकी ठिकाने8 मारे — 5 महिलाएं, 3 बच्चे
324 दिसंबर 2024पक्तिका का बरमल जिलाTTP से जुड़े ठिकानेUNAMA (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) के मुताबिक 45 मारे, 8 घायल; अफगान तालिबान ने 46 मौतें बताईं
49 और 15 अक्टूबर 2025काबुल, पक्तिका, स्पिन बोल्डककथित आतंकी ठिकाने10–17 अक्टूबर के संघर्ष में UNAMA ने 47 नागरिक मारे, 456 घायल दर्ज किए; यह केवल एयरस्ट्राइक का अलग आंकड़ा नहीं, बल्कि हवाई हमले और सीमा संघर्ष दोनों का संयुक्त प्रभाव है
521–22 फरवरी 2026नंगरहार, पक्तिकाकथित TTP ठिकानेUNAMA की शुरुआती रिपोर्ट: 13 नागरिक मारे, 7 घायल
626 फरवरी–मार्च 2026पक्तिका, काबुल, कंधार, खोस्त आदिकथित आतंकी/सैन्य ढांचे26 फरवरी–5 मार्च में UNAMA ने 56 नागरिक मारे, 129 घायल दर्ज किए; इसमें हवाई हमले और indirect fire दोनों शामिल हैं
728 जून 2026पक्तिया, पक्तिका, कुनारपाकिस्तान के अनुसार आतंकियों के ठिकानेUNAMA: 28 नागरिक मारे, 49 घायल
821 सितंबर 2026कुनार और पक्तिकासंदिग्ध militant hideoutsअफगान अधिकारियों के अनुसार 3 मारे, 4 घायल; पाकिस्तान का दावा 28 आतंकवादी मारे गए

अब आगे क्या खतरा है?

सबसे बड़ा खतरा यह है कि पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के जवाब में अफगान तालिबान सीमा पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसके बाद पाकिस्तान फिर हवाई हमला कर सकता है और स्थिति दोबारा बड़े सीमा संघर्ष में बदल सकती है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच मूल विवाद वही है—पाकिस्तान TTP के खिलाफ अफगान कार्रवाई चाहता है, जबकि काबुल पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।

TTP और अफगान तालिबान में क्या फर्क है?

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के मौजूदा तनाव को समझने के लिए TTP और अफगान तालिबान के बीच अंतर समझना सबसे जरूरी है। दोनों के बीच वैचारिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, लेकिन दोनों का संगठन, नेतृत्व और मुख्य उद्देश्य अलग हैं। TTP का मुख्य निशाना पाकिस्तान की सरकार और सुरक्षा बल हैं, जबकि अफगान तालिबान 2021 में सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान की सरकार चला रहा है।

TTP का मुख्य निशाना पाकिस्तान की सरकार और सुरक्षा बल इसलिए हैं क्योंकि TTP का घोषित उद्देश्य ही पाकिस्तान की सरकार को हटाकर अपनी विचारधारा के मुताबिक शासन व्यवस्था स्थापित करना है और सेना को उस व्यवस्था की सबसे बड़ी बाधा मानता है।

विवरणTTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान)अफगान तालिबान
कब बना?20071990 के दशक की शुरुआत, 1994 में कंधार में तेजी से उभरा
कैसे बना?पाकिस्तान के अलग-अलग आतंकी/उग्रवादी गुटों का गठबंधनअफगान मुजाहिदीन और पश्तून धार्मिक छात्रों से बना आंदोलन
मुख्य संस्थापक/पहला प्रमुखबैतुल्लाह महसूदमुल्ला मोहम्मद उमर
मौजूदा प्रमुखनूर वली महसूदहिबतुल्लाह अखुंदजादा
मुख्य क्षेत्रपाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र; अफगानिस्तान में भी ठिकानों की मौजूदगी की रिपोर्टअफगानिस्तान
मुख्यालय/मुख्य केंद्रस्थायी राजधानी जैसा एक मुख्यालय नहीं; अफगानिस्तान के सीमा क्षेत्रों में नेतृत्व/ठिकानों की रिपोर्टकंधार सत्ता और नेतृत्व का प्रमुख केंद्र
मुख्य निशानापाकिस्तान सरकार, सेना और सुरक्षा बलअफगानिस्तान में सत्ता और शासन
पाकिस्तान से संबंधपाकिस्तान का विरोधी और सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए जिम्मेदार संगठनपाकिस्तान के साथ लंबे समय से जटिल संबंध; TTP पर कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद
अफगानिस्तान में स्थितिसशस्त्र संगठन2021 से सत्ता में
सदस्य संख्याUN के अनुसार कुछ अनुमानों में 30,000–35,000विश्वसनीय मौजूदा सदस्य संख्या स्पष्ट नहीं; अलग-अलग अनुमान हैं

Leave a Comment