अमेरिका के सबसे चर्चित कॉम्बैट ड्रोन MQ-9 Reaper के बाद अब उसकी अगली जेनरेशन तैयार करने की कोशिश तेज हो गई है। इसकी पहली झलक General Atomics Aeronautical Systems (GA-ASI) ने अपने नए ‘Wildfire’ Unmanned Aerial System के रूप में दिखाई है। कंपनी ने 9 सितंबर को Wildfire का कंप्यूटर जेनरेटेड फर्स्ट लुक जारी किया।
Wildfire को सिर्फ Reaper का नया मॉडल बनाने के बजाय ऐसे ड्रोन के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसे कम कीमत पर बड़ी संख्या में बनाया जा सके और युद्ध में नुकसान होने के बावजूद अमेरिकी वायुसेना अपनी ड्रोन क्षमता बनाए रख सके।
यह अमेरिकी वायुसेना के Massed Modular Aircraft (MMA) कार्यक्रम की जरूरतों से जुड़ा है। कार्यक्रम का उद्देश्य MQ-9A Reaper की ISR यानी निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और स्ट्राइक क्षमता को एक ज्यादा किफायती और मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ाना है।
Wildfire क्यों बनाया जा रहा है?
MQ-9 Reaper कई वर्षों से अमेरिकी सेना के लिए निगरानी और सटीक हमलों का प्रमुख MALE (Medium Altitude Long Endurance) ड्रोन रहा है। लेकिन आधुनिक युद्ध में बड़े और महंगे ड्रोन को खोने का खतरा तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से अमेरिकी वायुसेना अब ऐसी मशीन चाहती है जिसे कम लागत में ज्यादा संख्या में तैनात किया जा सके।
अमेरिकी वायुसेना ने जुलाई 2026 में अपने अगले-generation unmanned aircraft के लिए उद्योग से प्रस्ताव मांगे थे। इसमें Massed Modular Aircraft को ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने की बात है जो:-
- MQ-9A जैसे ISR और स्ट्राइक मिशन कर सके
- कम कीमत पर बनाया जा सके
- तेजी से बड़ी संख्या में उत्पादन किया जा सके
- अलग-अलग सेंसर और हथियार लगाए जा सकें
- युद्ध के दौरान होने वाले नुकसान को स्वीकार करते हुए भी मिशन जारी रख सके
- भविष्य में नए सिस्टम आसानी से जोड़े जा सकें
अमेरिकी वायुसेना के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य के युद्ध में केवल बेहद महंगे और कम संख्या वाले प्लेटफॉर्म पर्याप्त नहीं होंगे। बल्कि ज्यादा mass, flexibility और affordability की जरूरत होगी।
Wildfire दिखता कैसा है?
पहली नजर में Wildfire का डिजाइन MQ-9 Reaper से काफी मिलता-जुलता है। इसमें भी:-
- लंबा धड़
- पीछे लगा pusher propeller
- लंबी सीधी पंख संरचना
- नाक के नीचे sensor turret
- और बड़े बाहरी हथियार ले जाने की क्षमता दिखाई देती है।
लेकिन एक बड़ा अंतर भी नजर आता है। Wildfire के आगे के हिस्से के ऊपर Reaper जैसा बड़ा SATCOM hump (ड्रोन के ऊपरी हिस्से पर बना उभरा हुआ गुंबदनुमा/उभार वाला हिस्सा, जिसके अंदर आमतौर पर Satellite Communications (SATCOM) एंटीना और उससे जुड़े उपकरण लगाए जाते हैं।) दिखाई नहीं देता।
General Atomics के अनुसार Wildfire में proliferated low-Earth-orbit यानी PLEO satellite networks के जरिए संचार की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे कम आकार के communication equipment के इस्तेमाल की संभावना बनती है।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि Wildfire शुरुआत से ही ज्यादा autonomous operation को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।
सबसे बड़ा बदलाव ?
Wildfire की असली ताकत केवल उसका एयरफ्रेम नहीं है। General Atomics इसे ऐसे सिस्टम के रूप में देख रही है जिसमें एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन नेटवर्क के जरिए काम कर सकें।
- Wildfire में शुरुआत से ही autonomy, AI और machine learning से जुड़ी क्षमताओं को शामिल करने की योजना है।
- इसका मतलब भविष्य में एक ऑपरेटर को हर ड्रोन को अलग-अलग पारंपरिक तरीके से नियंत्रित करने के बजाय कई Wildfire को एक साथ मिशन में लगाया जा सकता है।
यह अवधारणा अमेरिकी वायुसेना की उस जरूरत से मेल खाती है जिसमें एक ऑपरेटर से एक साथ कई aircraft नियंत्रित कराने और common interface के जरिए अलग-अलग कंपनियों के drones संचालित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
Wildfire की हथियार क्षमता ?
Wildfire की पहली तस्वीर में इसकी हथियार क्षमता ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। यह सिर्फ निगरानी करने वाला ड्रोन नहीं होगा। इसे लंबी दूरी के हथियारों के साथ एक तरह के flying weapons truck के रूप में इस्तेमाल करने की योजना दिखाई देती है।
- रेंडर में Wildfire के पंखों के नीचे चार Joint Strike Missile (JSM) दिखाई गई हैं।
- लेकिन General Atomics ने इससे भी ज्यादा बड़ी क्षमता का संकेत दिया है।
- Wildfire को दो AGM-158C LRASM ले जाने की क्षमता के साथ भी concept किया गया है।
यह क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे Wildfire को दुश्मन के बहुत करीब जाकर हमला करने की जरूरत कम हो सकती है।
| खासियत | Joint Strike Missile (JSM) | AGM-158C LRASM |
| पूरा नाम | Joint Strike Missile | Long Range Anti-Ship Missile |
| देश | नॉर्वे | अमेरिका |
| निर्माता | Kongsberg Defence & Aerospace | Lockheed Martin |
| प्रकार | हवा से छोड़ी जाने वाली स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक मिसाइल | हवा से छोड़ी जाने वाली लंबी दूरी की एंटी-शिप क्रूज मिसाइल |
| मुख्य रोल | समुद्री और जमीनी दोनों लक्ष्यों पर हमला | मुख्य रूप से युद्धपोत/समुद्री सतह के लक्ष्यों पर हमला |
| आधिकारिक रूप से प्रकाशित रेंज | >350 किमी | Lockheed Martin सार्वजनिक उत्पाद पेज पर सटीक अधिकतम रेंज नहीं बताता |
| गति | High-subsonic | Subsonic |
| वजन | 416 किग्रा | लगभग 1,000 किग्रा वर्ग |
| लंबाई | 4.0 मीटर | लगभग 4.27 मीटर |
| स्टील्थ | कम रडार सिग्नेचर के लिए डिजाइन | स्टील्थ/लो-ऑब्जर्वेबल डिजाइन |
| गाइडेंस/नेविगेशन | उन्नत नेविगेशन और टारगेट रिकग्निशन | मल्टी-मोड सेंसर, नेटवर्क/डेटा-लिंक और स्वायत्त/सेमी-ऑटोनॉमस लक्ष्य पहचान क्षमता |
| खास खूबी | F-35 के अंदरूनी हथियार बे में ले जाई जा सकती है | भारी defended surface combatants के खिलाफ लंबी दूरी से हमला |
| लॉन्च प्लेटफॉर्म | F-35A/B/C, F/A-18 और अन्य संगत विमान | B-1B, F/A-18E/F आदि; F-35 integration भी चल रहा है |
| वारहेड | सार्वजनिक आधिकारिक पेज पर विस्तृत आंकड़ा नहीं | लगभग 450 किग्रा वर्ग का penetrating/blast-fragmentation warhead बताया जाता है |
| मुख्य ताकत | कम आकार, स्टील्थ और समुद्र/जमीन दोनों के खिलाफ उपयोग | ज्यादा भारी मिसाइल, लंबी दूरी की anti-ship strike और advanced autonomous targeting |
कितनी दूर तक जा सकेगा Wildfire?
अमेरिकी वायुसेना ने MMA के लिए कम से कम 8,000 nautical miles की one-way self-deployment range का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा requirements में payload के साथ करीब 2,300 nautical miles combat radius, कम से कम 200 knots true airspeed और कम से कम 2,800 पाउंड payload capacity जैसे लक्ष्य शामिल हैं।
- Wildfire के लिए General Atomics ने कहा है कि उसकी ferry range MMA के 8,000 nautical miles के लक्ष्य से भी ज्यादा होगी।
- हालांकि Wildfire के सभी final performance आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
असली खेल कीमत का है
Wildfire की पूरी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी कीमत है। अमेरिकी वायुसेना MMA के लिए लगभग 10 मिलियन डॉलर प्रति aircraft का लक्ष्य देख रही है। यह कीमत पूरी तरह missionized aircraft की अंतिम कीमत नहीं है; sensors और कुछ अन्य systems इसमें शामिल नहीं माने जा रहे हैं।
इसके मुकाबले एक पूरी तरह equipped MQ-9 की कीमत काफी ज्यादा हो सकती है और अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ configurations के लिए करीब 50 मिलियन डॉलर तक का आंकड़ा भी इस्तेमाल किया है।
वायुसेना के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में कम से कम 180 MMA aircraft हासिल करना चाहती है। पहले कार्यक्रम के तहत 2031 तक शुरुआती 20 aircraft की operational capability का लक्ष्य था। लेकिन अब अमेरिकी वायुसेना इस समयसीमा को करीब दो साल तक आगे लाने की कोशिश कर रही है।
क्या है MQ-9 परिवार ?
अमेरिकी कंपनी General Atomics Aeronautical Systems (GA-ASI) द्वारा विकसित MQ-9 कोई एक ड्रोन का नाम नहीं, बल्कि एक पूरी Unmanned Aerial Vehicle /Remotely Piloted Aircraft System फैमिली है। इस ड्रोन परिवार का विकास MQ-1 प्रीडेटर की सफलता के बाद हुआ। इसके तीन मुख्य रूप हैं।
MQ-9A रीपर (Reaper)- combat-oriented MQ-9 variant
MQ-9B – नई generation, इसमें MQ-9B SkyGuardian- multi-mission/land-oriented configuration
और MQ-9B SeaGuardian- maritime-focused configuration
MQ-9 परिवार का भारत कनेक्शन ?
| सिस्टम | भारत से जुड़ाव कब हुआ? | खरीद/लीज | कितने? | कब मिले/मिलने शुरू होने हैं? |
| MQ-9A Reaper | 21 नवंबर 2020 से भारतीय नौसेना ने संचालन शुरू किया | Lease | 2 | इनका पहला भारतीय मिशन/maiden flight 21 नवंबर 2020 को हुआ। नवंबर 2022 तक इन दोनों MQ-9A ने मिलकर 10,000 उड़ान घंटे पूरे कर लिए थे। |
| MQ-9B SkyGuardian | 15 जून 2023 को DAC ने 31 MQ-9B की खरीद को AoN दिया; अक्टूबर 2024 में खरीद का अनुबंध हुआ | Purchase | 16 | पहले MQ-9B की डिलीवरी जनवरी 2029 से; पूरी खेप 2030 तक |
| MQ-9B SeaGuardian | 31 MQ-9B सौदे का हिस्सा; इसके बाद अलग से 17 अगस्त 2026 को 2 SeaGuardian का lease contract | 15 खरीद + 2 lease | 17 कुल | खरीदे गए 15 की डिलीवरी 2029 से; 2 leased aircraft तत्काल/30 महीने के लिए |
MQ-9A Reaper की खूबियां –
| पहलू | जानकारी |
| पूरा नाम | MQ-9A Reaper |
| निर्माता | General Atomics Aeronautical Systems, Inc. (GA-ASI) |
| प्रकार | Armed, multi-mission MALE remotely piloted aircraft |
| मुख्य भूमिका | ISR यानी खुफिया, निगरानी और टोही, साथ ही precision strike |
| अधिकतम उड़ान अवधि | 27 घंटे से ज्यादा |
| अधिकतम ऊंचाई | 50,000 फीट तक |
| अधिकतम गति | 240 KTAS यानी करीब 444 किमी/घंटा |
| कुल payload क्षमता | 3,850 lb / 1,746 किग्रा तक |
| बाहरी हथियार/स्टोर क्षमता | 3,000 lb / 1,361 किग्रा तक |
| हथियार | विभिन्न configurations में AGM-114 Hellfire सहित precision-guided weapons |
| मारक रेंज | कोई एक आधिकारिक fixed “strike range” नहीं; यह लगाए गए हथियार और मिशन पर निर्भर |
| सेंसर | EO/IR कैमरा, SAR/GMTI जैसे निगरानी सेंसर उपलब्ध |
| नियंत्रण | Ground Control Station से remotely piloted |
| संचार | Line-of-sight तथा Beyond-Line-of-Sight/SATCOM आधारित नियंत्रण क्षमता |
| इंजन | Honeywell TPE331-10 turboprop |
| पंख फैलाव | करीब 20 मीटर |
| लंबाई | करीब 11 मीटर |
| मुख्य ताकत | लंबे समय तक इलाके के ऊपर रहकर निगरानी और जरूरत पड़ने पर सटीक हमला |









1 thought on “Reaper से आगे बढ़ा अमेरिका, दिखाया फर्स्ट लुक, है कितना खतरनाक ?”