सऊदी अरब पर हूतियों के ताबड़तोड़ हमले, एक भारतीय की मौत, हजारों जायरीन भी मुश्किल में

By Defence Detective

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Smoke billowing into the sky following an attack in Saudi Arabia.

यमन के हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर और तनावपूर्ण होती जा रही है। यहां एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर हमलों में भारतीय नागरिक भी चपेट में आ रहे हैं। दम्माम शहर के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 21 अक्टूबर की रात हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक भारतीय नागरिक शामिल है। आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो भारतीय हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने 22 अक्टूबर को भारतीय हताहतों की पुष्टि की।

21 अक्टूबर को ही इससे अलग शायबाह तेल क्षेत्र पर भी हमले के दौरान भी एक भारतीय घायल हुआ है। इस तरह दोनों घटनाओं में एक भारतीय की जान गई है और कुल तीन घायल हुए हैं।

हूती हमलों से बढ़ते तनाव का असर अब सऊदी अरब की हवाई सेवाओं, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर एक साथ दिखाई दे रहा है। भारतीयों के लिए संकट के दो पहलू हैं—हमलों की चपेट में आने का खतरा और उड़ानें रद्द होने से घर लौटने में पैदा हुई मुश्किलें।

सऊदी अरब के साथ भारत के मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। वहां 25 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं। दम्माम हमले में भारतीय नागरिक की मौत ने साफ कर दिया है कि इस संघर्ष की आंच अब भारतीयों की जान और भारत के हितों तक पहुंच चुकी है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में civilian and energy infrastructure पर हमले की कड़ी निंदा की है।

दम्माम एयरपोर्ट पर क्या हुआ ?

सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बुधवार शाम ड्रोन हमले से निशाना बनाया गया। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है। आठ घायलों में एक सऊदी नागरिक, दो-दो भारतीय, यमनी और बांग्लादेशी तथा एक नेपाली नागरिक शामिल हैं। मृतकों में एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय निवासी हैं।

भारतीय दूतावास ने बताया कि वह घटना की विस्तृत जानकारी जुटा रहा है और प्रभावित परिवारों से संपर्क कर रहा है। दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उसके बयान में मृतक और घायल भारतीयों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

दम्माम की घटना ऐसे समय हुई है, जब सऊदी एयरपोर्ट पहले से लगातार हमलों और परिचालन बाधाओं का सामना कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति की मौत बताई गई थी। बाद में सामने आई जानकारी में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई।

शायबाह में ड्रोन का मलबा कैसे बना जानलेवा ?

बुधवार को ही सऊदी अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाने की कोशिश हुई। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन को रोक लिया, लेकिन उसे मार गिराए जाने के बाद गिरे मलबे से एक ठेकेदार के वाहन में आग लग गई।

इस घटना में नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौत हुई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी घायल हुए। भारतीय दूतावास ने 21 अक्टूबर को बताया था कि वह सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है और घायल भारतीय को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि तेल क्षेत्र का परिचालन प्रभावित नहीं हुआ।

शायबाह की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग 10 लाख बैरल कच्चा तेल है। इसलिए इस प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की कोशिश ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है।

सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति कितनी गंभीर ?

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच का यह संघर्ष कोई नया नहीं है ताजा घटनाएं सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते टकराव के बैकग्राउंड में हुई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर से सऊदी ठिकानों पर हमलों की फ्रीक्वेंसी बढ़ी और अक्टूबर की शुरुआत में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बड़े सैन्य अभियान की घोषणा के बाद संघर्ष और तेज हुआ है।

हमलों की तीव्रता और उनके चयन ने यह साफ कर दिया है कि स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। दम्माम जैसे प्रमुख नागरिक हवाई अड्डे और शायबाह जैसे विशाल ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाना सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को सीधी चुनौती है।

रणनीतिक तौर पर एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठानों पर खतरा अलग-अलग क्षेत्रों में दबाव पैदा करता है। एयरपोर्ट प्रभावित होने पर यात्रियों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय संपर्क बाधित होते हैं। ऊर्जा ठिकानों पर हमले की कोशिश उत्पादन, कर्मचारियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की चुनौती बढ़ाती है।

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि हूती विद्रोहियों ने अपने हथियारों की मारक क्षमता और सटीकता में काफी इजाफा कर लिया है। वे अब लंबी दूरी के आत्मघाती ड्रोन (Kamikaze Drones) और बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करके सऊदी अरब के सुदूर पूर्वी हिस्सों तक वार कर रहे हैं।

सऊदी अरब पर सितंबर–अक्टूबर 2026 में हुए प्रमुख हमले-

तारीखनिशाना/स्थानहमले का विवरणहताहत और नुकसान
10–11 सितंबरईस्ट–वेस्ट तेल पाइपलाइन, रियाद और मदीना क्षेत्रइराक से आए ड्रोन से हमला, सऊदी सरकार ने इसकी जानकारी दी।पाइपलाइन बंद करनी पड़ी, तीन पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए।
24 सितंबरयानबू और ताइफसऊदी गठबंधन के अनुसार, हूतियों की छह बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं। हूतियों ने रियाद और यानबू के अरामको ठिकानों पर हमलों का दावा किया।मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले रोकने की जानकारी दी गई।
5 अक्टूबरकिंग अब्दुल्लाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जाजानएयरपोर्ट पर हमला।तीन घायल।
6 अक्टूबरनजरान एयरपोर्टएयरपोर्ट को निशाना बनाया गया।सऊदी गठबंधन के अनुसार, कोई हताहत नहीं।
6–7 अक्टूबरकिंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रियादएयरपोर्ट पर हमला; हूतियों ने जिम्मेदारी ली।एक की मौत, आठ घायल।
7 अक्टूबरअब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्टएयरपोर्ट की सुविधाओं पर हमला।दो महिलाओं की मौत, 28 घायल। मृतक महिलाएं मोरक्को और अल्जीरिया की थीं।
8 अक्टूबरकिंग खालिद एयरपोर्ट, रियाददो हमले—एक एयरपोर्ट की सुविधाओं पर और दूसरा सऊदिया के विमान पर।तीन सऊदी नागरिकों की मौत, पांच घायल; विमान को नुकसान।
10 अक्टूबरकिंग खालिद एयरपोर्ट का यात्री टर्मिनल, रियादभीषण हमला; टर्मिनल और वहां मौजूद यात्रियों-कर्मचारियों को नुकसान।शुरुआत में 12 मृतक, 309 घायल बताए गए। अगले दिन घायल भारतीय की मौत से मृतक संख्या 13 हुई।
10–11 अक्टूबरकिंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दम्मामएयरपोर्ट पर हमले; पास में प्रोजेक्टाइल गिरने की भी जानकारी।सऊदी गठबंधन के अनुसार, इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं।
11 अक्टूबरकिंग खालिद एयरपोर्ट, रियादघरेलू यात्री टर्मिनल परिसर पर फिर हमला।एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत, 11 घायल।
13 अक्टूबर की रातअरामको का प्रशासनिक भवन, धहरानमिसाइल हमले से भवन में आग लगी।सीमित आग और भवन को नुकसान; कोई हताहत नहीं।
14 अक्टूबर की रिपोर्टरियाद का रिहायशी इलाकादो क्रूज मिसाइलें रोके जाने के बाद उनका मलबा घरों पर गिरा।चार घायल, 15 मकान क्षतिग्रस्त।
15 अक्टूबरमदीना क्षेत्रसऊदी गठबंधन ने एक क्रूज मिसाइल मार गिराने की जानकारी दी। हूतियों ने संलिप्तता से इनकार किया।मिसाइल हवा में रोकी गई।
21 अक्टूबरमदीना और पूर्वी क्षेत्रसऊदी गठबंधन के अनुसार, पांच ड्रोन रोके गए। हूतियों ने उस दिन सऊदी अरब के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से इनकार किया।ड्रोन मार गिराने की जानकारी; इस रिपोर्ट में हताहतों का उल्लेख नहीं।
21 अक्टूबरशायबाह तेल क्षेत्रतेल प्रतिष्ठान की ओर आए ड्रोन को मार गिराया; मलबे से ठेकेदार के वाहन में आग लगी।दो की मौत, दो घायल। घायलों में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी; तेल परिचालन अप्रभावित।
21 अक्टूबर की रातकिंग फहद एयरपोर्ट, दम्मामएयरपोर्ट पर हमला; टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे ड्रोन हमला बताया।दो की मौत, आठ घायल। इनमें एक भारतीय मृतक और दो भारतीय घायल।

मक्का-मदीना में फंसे कितने भारतीय जायरीन ?

इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से सोशल मीडिया पर सामने आई एक अपील में मक्का और मदीना में लगभग 4,000 भारतीय जायरीनों के फंसे होने की बात कही गई है। अपील के मुताबिक, ये यात्री इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया से सऊदी अरब पहुंचे थे, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण वापस नहीं लौट पा रहे हैं।

अपील में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA से बड़े विमानों के संचालन की अनुमति देने या विशेष उड़ानें सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया है, ताकि यात्रियों को भारत लाया जा सके। 4,000 का आंकड़ा इसी अपील में दिया गया है। उपलब्ध दूतावास संबंधी रिपोर्टों में फंसे भारतीयों की यह कुल संख्या घोषित नहीं की गई है।

उड़ानों में व्यवधान की समस्या व्यापक है। गल्फ न्यूज की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद, जेद्दा और दम्माम से जुड़ी सेवाओं के रद्द या निलंबित होने से भारतीय यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रिपोर्ट में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की इन शहरों की उड़ानों का निलंबन 24 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है।

भारतीय यात्रियों की मदद के लिए मक्का में कंट्रोल रूम

उड़ानों में व्यवधान के बीच जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने मक्का के इंडियन हज पिलग्रिम्स ऑफिस में अतिरिक्त चौबीसों घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसका उद्देश्य प्रभावित भारतीय नागरिकों, खासकर उमराह यात्रियों की सहायता करना है।

महावाणिज्य दूतावास की सलाह में यात्रियों से एयरलाइंस, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और उमराह सेवा प्रदाताओं के संपर्क में रहने को कहा गया है। यह समन्वय उड़ान रद्द होने, नई बुकिंग, वैकल्पिक यात्रा और जरूरत पड़ने पर ठहरने की व्यवस्था से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए है।

बड़े विमान या विशेष उड़ान की मांग यात्रियों की वापसी का रास्ता तलाशने से जुड़ी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इस अपील के आधार पर किसी विशेष निकासी अभियान की घोषणा सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने भी कर्मचारियों को निकलने का आदेश दिया

बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-आपात सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिक एयरपोर्ट और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हूती हमलों, नागरिक हताहतों और गंभीर यात्रा व्यवधान का उल्लेख किया।

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