रूस और यूक्रेन की जंग में कीव एक बार फिर बड़े हवाई हमले की चपेट में है। 28 सितंबर को रूस के जेट-पावर्ड ड्रोन ने यूक्रेन की राजधानी कीव में National Academy of Sciences की इमारत को निशाना बनाया, जहां आग लगने से लोग खिड़कियों से बाहर निकलकर जान बचाते दिखे। इसमें दो लोगों की मौत हुई और 26 लोग घायल हुए।
इस हमले के कुछ ही घंटे बाद 29 सितंबर की तड़के कीव में फिर विस्फोट सुनाई दिए और यूक्रेनी अधिकारियों ने मिसाइल मलबे के गिरने तथा इमारत में आग लगने की जानकारी दी। यानी मामला सिर्फ एक ड्रोन हमले तक सीमित नहीं रहा। रूस की हवाई मुहिम में ड्रोन के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों का दबाव भी दिखाई दे रहा है।
साइंस अकादमी पर हमला इतना अहम क्यों ?
National Academy of Sciences कोई सामान्य सरकारी कार्यालय नहीं है। यह यूक्रेन की प्रमुख वैज्ञानिक संस्था है और कीव के ऐतिहासिक केंद्र में स्थित है। यह इमारत कीव के बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इलाके में है। इसके आसपास सरकारी इमारतें, National Opera, St. Volodymyr’s Cathedral और जर्मन दूतावास जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।
अकादमी की इमारत के सामने Central Rada की इमारत और आसपास अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल हैं। इसी वजह से इस हमले ने केवल सैन्य नुकसान का सवाल नहीं उठाया, बल्कि युद्ध में शहरी और नागरिक ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।
28 सितंबर के हमले में यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चिंता ?
साइंस अकादमी पर हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उस दिन रूस ने बड़े पैमाने पर Shahed ड्रोन का इस्तेमाल किया।
- रूस ने 28 सितंबर को पूरे यूक्रेन में 120 से ज्यादा Shahed ड्रोन भेजे, जिनमें करीब 90 जेट-पावर्ड ड्रोन थे।
- इसी अभियान के दौरान कीव में National Academy of Sciences की इमारत पर जेट-पावर्ड Shahed लगा।
- यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक उस दिन देशभर में 9 लोगों की मौत और 80 से ज्यादा घायल हुए।
जेट-पावर्ड Shahed की प्रमुख स्पेसिफिकेशन
| पैरामीटर | जेट-पावर्ड Shahed-238 / Geran-3 |
| प्रकार | One-way attack UAV / Loitering munition |
| इंजन | Turbojet / Jet engine |
| गति | लगभग 300–600 km/h |
| रेंज | लगभग 1,000–2,000 km; कुछ रूसी Geran-3 दावों में ~2,500 km |
| अधिकतम ऊंचाई | लगभग 9,000–9,100 मीटर |
| लंबाई | लगभग 3.5 मीटर |
| Wingspan | लगभग 3 मीटर |
| कुल वजन | लगभग 250–370 kg |
| Warhead/Payload | लगभग 50 kg, कुछ रूसी वेरिएंट में 90 kg तक |
| मुख्य भूमिका | लंबी दूरी का हमला / एयर-डिफेंस को saturate करना |
| रूसी नाम | Geran-3 |
Shahed-238 को Shahed-136 का जेट-प्रोपल्शन वाला डेवलपमेंट माना जाता है। इसकी रिपोर्टेड गति करीब 300–600 km/h है, जबकि वेरिएंट के अनुसार रेंज और payload बदलते हैं।
यूक्रेन की एयर डिफेंस के सामने नई मुश्किल
रूस के लिए सस्ते और बड़ी संख्या में लॉन्च किए जा सकने वाले ड्रोन पहले ही यूक्रेन की एयर डिफेंस को लगातार व्यस्त रखते रहे हैं। अब अगर उन्हीं हमलावर तरंगों में तेज रफ्तार वाले जेट ड्रोन की संख्या बढ़ती है तो एयर डिफेंस के पास लक्ष्य पहचानने, ट्रैक करने और इंटरसेप्टर दागने के लिए समय कम हो जाता है।
Reuters के मुताबिक जेलेंस्की ने कहा है कि पुराने प्रोपेलर ड्रोन की तुलना में यूक्रेन इन तेज जेट ड्रोन में केवल लगभग आधे से कुछ ज्यादा को ही इंटरसेप्ट कर पा रहा है।
अब दिन में बड़े ड्रोन हमले ?
यूक्रेन युद्ध के शुरुआती वर्षों में बड़े ड्रोन-मिसाइल हमलों का एक पैटर्न रात के समय देखने को मिलता था। लेकिन हाल के हमलों में दिन के समय भी बड़े ड्रोन पैकेज भेजे जा रहे हैं।
28 सितंबर को कीव पर हुआ हमला इसका स्पष्ट उदाहरण बना। यूक्रेनी वायुसेना ने बताया कि सुबह से ही बड़ी संख्या में UAV यूक्रेन के एयरस्पेस में मौजूद थे और उनमें बड़ी संख्या कीव की दिशा में जा रही थी।
इसका सैन्य अर्थ यह है कि एयर डिफेंस को सिर्फ रात के हमले के लिए नहीं, बल्कि पूरे दिन लगातार तैयार रहना पड़ रहा है। इससे कर्मियों, इंटरसेप्टर मिसाइलों, रडार नेटवर्क और मोबाइल एयर डिफेंस यूनिट पर लगातार दबाव पड़ता है।
फिर 29 सितंबर को भी कीव को नहीं मिली राहत
28 सितंबर का दिन खत्म होने के बाद भी कीव को राहत नहीं मिली। 29 सितंबर को तड़के राजधानी में फिर धमाकों की आवाज गूंजी, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति घायल हुआ। छह मंजिला एक रिहायशी इमारत, दो निजी मकान, एक शैक्षणिक संस्थान और गैर-रिहायशी इमारतें भी इन हमलों में क्षतिग्रस्त हुईं।
यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक इस बार रूस ने एक Zircon/Oniks एंटी-शिप मिसाइल, दो Iskander-M/S-400 बैलिस्टिक मिसाइल और 152 Shahed, जेट-पावर्ड Shahed तथा Gerbera UAV भेजे।
रूस के Drone War में क्या बदल रहा है?
इस पूरे हमले को तीन बदलावों के संदर्भ में देखा जा सकता है।
पहला—जेट ड्रोन की संख्या बढ़ना।
रूस पुराने Shahed-type सिस्टम के साथ तेज जेट-पावर्ड संस्करणों का इस्तेमाल बढ़ा रहा है।
दूसरा—दिन में बड़े हमले।
28 सितंबर का हमला बताता है कि बड़े UAV पैकेज अब केवल रात तक सीमित नहीं हैं।
तीसरा—ड्रोन के साथ मिसाइलों का दबाव।
28 सितंबर की बड़ी ड्रोन लहर के बाद 29 सितंबर को फिर कीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए। इससे एयर डिफेंस को लगातार अलग-अलग तरह के खतरे झेलने पड़ रहे हैं
यानी यहां रूस की हवाई रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है। अगर एयर डिफेंस को बड़ी संख्या में ड्रोन की लहर का सामना करना पड़ रहा है। उसी दौरान बैलिस्टिक मिसाइलें भी आने लगें तो खतरा कई गुना जटिल हो जाता है।
क्योंकि दोनों लक्ष्यों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्शन की जरूरत अलग हो सकती है। ड्रोन हमला, एयर डिफेंस को लगातार व्यस्त रख सकता है, जबकि तेज और ऊंची गति से आने वाली मिसाइलें अलग स्तर की चुनौती पैदा करती हैं।
रूस के जेट-पावर्ड Shahed के खिलाफ यूक्रेन के पास क्या ?
रूस के जेट-पावर्ड Shahed के तेज होने से यूक्रेन के लिए पुरानीCounter-UAS व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। 28 सितंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि उस दिन इस्तेमाल किए गए जेट-पावर्ड Shahed को रोकने की दर लगभग 57% रही, जबकि सामान्य और जेट-पावर्ड दोनों Shahed को मिलाकर कुल ड्रोन इंटरसेप्शन रेट करीब 70% था। इसका मतलब है कि पुराने प्रोपेलर वाले Shahed की तुलना में जेट वेरिएंट को रोकना अभी भी कठिन है।
| इंटरसेप्टर | अधिकतम गति | खास क्षमता | स्थिति |
| P1-SUN Jetkiller | लगभग 370 km/h | जेट-Shahed को पकड़ने के लिए तेज संस्करण; combat-tested | इस्तेमाल/टेस्टिंग |
| STING | लगभग 280 km/h | करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई तक; jet-Shahed interception के लिए | यूक्रेनी बलों द्वारा इस्तेमाल |
| ZIRKA | लगभग 340 km/h | automated target detection और guidance | परीक्षण/तैनाती |
| Alexa Spatium | जेट इंजन वाला | Geran-3, Geran-4 और Geran-5 जैसे जेट UAV को निशाना बनाने के लिए | यूक्रेनी arsenal में शामिल |
| Zorelit v5 | 416 km/h | 47 km तक रेंज, 300–600 ग्राम warhead, AI-based tracking विकल्प | टेस्ट पूरा, सैन्य उपयोग के लिए तैयार |








