अमेरिका से एक ऐसी भयावह खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के हिंदू समुदाय और भारतीय प्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। अमेरिकी इलिनॉय (Illinois) प्रांत में नवरात्र के पहले दिन हिंदुओँ का भीषण नरसंहार होते-होते बचा है। 11 अक्टूबर, 2026 को पावन शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रांत के ऑरोरा ( Aurora) क्षेत्र स्थित एक मंदिर में जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु गरबा के लिए जुटे थे, अनेक भक्ति में लीन थे, तब भारतीयों के प्रति नफरत से अंधा एक ‘व्हाइट सुप्रीमिस्ट’ और नव-नाजी (Neo-Nazi) मंदिर में गोलीबारी कर कत्लेआम मचाने के इरादे से घुस आया।
उसने अंधाधुंध गोलीबारी के लिए राइफल का ट्रिगर भी दबाया, लेकिन गोली नहीं चली और वह मकसद में नाकाम हो गया। दरअसल ऐन वक्त पर उसकी राइफल ही जाम हो गई और एक भयानक संभावित नरसंहार चमत्कारिक रूप से टल गया। इसके बाद वह वहां से सुरक्षित भाग निकला। लेकिन उसकी इस कोशिश की सूचना पुलिस को मिल गई और उसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया।
मीडिया रिपोर्टों में हमलावर का निशाना बनने वाले मंदिर का नाम श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर बताया जा रहा है। यह घटना आपराधिक प्रयास नहीं है, बल्कि पश्चिमी देशों की धरती पर गहरे पैठ बना चुके ‘हिंदूफोबिया’ (Hinduphobia) और भारतीय मूल के लोगों के प्रति बढ़ते भू-राजनीतिक व नस्लीय खतरे का एक अत्यंत डरावना और खौफनाक दस्तावेज़ है। इसने पश्चिमी देशों में पैर पसार रहे ‘हिंदूफोबिया’ के डरावने चेहरे को फिर से गंभीरता के साथ उजागर किया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप बेहद चिंताजनक है।
कौन है हमलावर और कैसे हुई गिरफ्तारी ?
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) के रूप में हुई है। वह अमेरिका के इलिनॉय राज्य में शिकागो के पास स्थित पलाटाइन (Palatine) का निवासी है और लगभग सात महीने से अमेरिकी फास्ट-फूड रेस्तरां चेन टाको बेल (Taco Bell) के एक आउटलेट में कैशियर के रूप में काम कर रहा था।
गोलीबारी में नाकाम होने के बाद अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस जब भागा तो उसने अपने एक सहकर्मी को फोन करके हथियार खराब होने की बात बताई। सहकर्मियों को उसकी बातों और पहले साझा किए गए संदेशों पर संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और अमेरिकी अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया और मामला अदालत में है। फिर से हमले की संभावना को रोकने और हमलावर को पकड़वाने में सहकर्मियों का रोल सराहनीय है।
हमलावर के घर से बरामद चीजें कितनी भयावहता उजागर करती हैं?
इस हमले की गंभीरता को हमलावर के पास से बरामद हथियारों और लॉजिस्टिक्स और से समझा जा सकता है। हमलावर के घर से इस प्रकार की चीजें बरामद हुई हैं।
- हथियार और गोला-बारूद: हमलावर के पास एक मॉडिफाइड एआर-स्टाइल (AR-style) असॉल्ट राइफल थी। इसके साथ ही वह 300 राउंड जिंदा कारतूस लेकर आया था, जो कम से कम 10 मैगजीन को पूरी तरह लोड करने के लिए काफी थे।
- टैक्टिकल गियर: हमलावर पूरी तरह से “युद्ध के लिए तैयार” (Decked out for war) होकर आया था। उसने बॉडी आर्मर (टैक्टिकल वेस्ट) पहन रखा था।
- विनाश की अतिरिक्त योजना: उसके पास से पुलिस ने पेट्रोल के कैन (Gasoline Cans) भी बरामद किए हैं, जिसका स्पष्ट अर्थ था कि वह गोलीबारी करने के बाद शायद मंदिर को आग के हवाले करने की फिराक में था।
- नफरत के प्रतीक: उसके साजो-सामान पर नाजियों के प्रतीक चिह्न (Hakenkreuz/Swastika) और व्हाइट सुप्रीमेसी से जुड़े उग्रवादी पैच लगे हुए थे।
हमलावर के घर से मिला घोषणापत्र (Manifesto) में क्या है ?
पुलिस ने जब उसके घर की तलाशी ली, तो वहां से 8 पन्नों का एक खौफनाक घोषणापत्र (Manifesto) बरामद हुआ, जिसका शीर्षक था: “Why I Fought: A.K.A. (Aurora Shooter’s Manifesto)”। इस मैनिफेस्टो ने सुरक्षा विश्लेषकों के होश उड़ा दिए हैं। इसमें उसने लिखा:
- उसने खुद को एक “श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी विचारधारा (White Supremacist- Neo-Nazi) से प्रभावित व्यक्ति” बताया था। जो रोज सामूहिक नरसंहार के सपने देखता था।
- इस मैनिफेस्टो में उसने भारतीयों और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों को “उप-मानव” (Subhumans) कहकर संबोधित किया था और उनके प्रति चरम नफरत उगल रखी थी।
- उसने साफ लिखा था कि वह इस हमले की योजना पिछले 2 साल से बना रहा था और उसका मकसद “ज्यादा से ज्यादा हिंदुओं और भारतीयों को मारना” था।
- यहूदी और अश्वेत लोगों के खिलाफ भी घृणा से जुड़ी बातें थीं। दस्तावेज में सामूहिक हत्या से संबंधित विचारों का उल्लेख था।
यही पहलू इस घटना को सामान्य हथियार संबंधी अपराध से अधिक गंभीर बनाता है। अगर किसी धार्मिक स्थल या समुदाय को उसकी पहचान के कारण निशाना बनाया जाता है, तो मामला धार्मिक स्वतंत्रता और नस्लीय सुरक्षा से भी जुड़ जाता है।
अमेरिका में हिंदूफोबिया और मंदिरों पर हमले की घटनाएं
इस घटना में हिंदूफोबिया का पहलू महत्वपूर्ण है। इसका लक्ष्य एक हिंदू पूजा स्थल था और हमलावर के घर से बरामद दस्तावेजों में लिखी बातें भी हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर करती हैं। हिंदूफोबिया का अर्थ हिंदुओं के प्रति घृणा, पूर्वाग्रह या भेदभाव से है। वहीं, श्वेत वर्चस्ववाद ऐसी नस्लवादी विचारधारा है जो श्वेत लोगों को दूसरे नस्लीय समूहों से श्रेष्ठ मानती है।
- Telangana Today ने FBI के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि रिपोर्ट किए गए हिंदू-विरोधी घृणा अपराधों की संख्या 2024 में 25 थी, जो 2025 में बढ़कर 32 हो गई।
- 3 अक्टूबर 2026 को, ओहायो के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर में तोड़फोड़ की घटना हुई थी।

मैं इस बात से स्तब्ध हूँ कि एक ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ (white supremacist) ने ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर में भारतीय-अमेरिकियों का नरसंहार करने की कोशिश की। भारत-विरोधी नफरत और श्वेत वर्चस्ववाद का ज़हर किस हद तक जा सकता है, यह इसका एक उदाहरण है। हमें निर्दोष लोगों की मौत का इंतजार नहीं करना चाहिए, इसे अभी गंभीरता से लेने की ज़रूरत है। मैं उन साथियों का आभारी हूँ जिन्होंने समय रहते चेतावनी दी, और उन पुलिस अधिकारियों का भी जिन्होंने तुरंत कार्रवाई की।
Raja Krishnamoorthi, Congressman (अमेरिकी सांसद)
अमेरिका में मंदिरों पर हमले की कुछ प्रमुख घटनाएं-
| तारीख | स्थान | घटना का विवरण |
| 3 अगस्त 2022 | क्वींस, न्यूयॉर्क | श्री तुलसी मंदिर के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई। |
| 23 दिसंबर 2023 | नेवार्क, कैलिफोर्निया | स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर भारत-विरोधी नारे लिखे गए। |
| 5 जनवरी 2024 | हेवर्ड, कैलिफोर्निया | विजय के शेरावाली मंदिर पर आपत्तिजनक संदेश लिखे गए। |
| 17 सितंबर 2024 | मेलविल, न्यूयॉर्क | BAPS स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ और आपत्तिजनक संदेश लिखे जाने की घटना सामने आई। |
| 25 सितंबर 2024 | सैक्रामेंटो क्षेत्र, कैलिफोर्निया | BAPS मंदिर पर ‘Hindus Go Back’ जैसे हिंदू-विरोधी संदेश लिखे गए। |
| 10 अगस्त 2025 | ग्रीनवुड, इंडियाना | BAPS स्वामीनारायण मंदिर के साइनबोर्ड को नुकसान पहुंचाया गया। |
| अक्टूबर 2026 | ऑरोरा, इलिनॉय | पुलिस ने 19 वर्षीय आरोपी को हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश के मामले में गिरफ्तार किया। |
हमलावर को कितनी सजा हो सकती है और अब आगे क्या होगा?
14 अक्टूबर को न्यायाधीश ने उसे मुकदमे की सुनवाई तक हिरासत में रखने का आदेश दिया। उसकी अगली अदालत में पेशी 30 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित बताई गई है। पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आरोपों पर विचार किया जा सकता है।
हमलावर पर फिलहाल दो गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- Making a terrorist threat: आतंकवादी धमकी देने का आरोप, जिसे इलिनॉय में Class X felony के रूप में दर्ज किया गया है।
- Unlawful possession of weapons: अवैध रूप से हथियार रखने का आरोप, जिसमें 16 इंच से कम बैरल वाली राइफल का मामला शामिल है।
पूरी साजिश का घटनाक्रम क्या है ?
अमेरिकी मीडिया में सामने आए अभियोजन पक्ष के विवरण के अनुसार, घटनाक्रम कुछ इस तरह है।
- 10 अक्टूबर, को हमलावर ने अपने सहकर्मी से कहा था कि 11अक्टूबर एक “खास दिन” होने वाला है। उसने भारतीय लोगों को मारने और मंदिर को निशाना बनाने की बात भी कही थी।
- 11 अक्टूबर, रविवार: वह राइफल और सामरिक उपकरण लेकर ऑरोरा के मंदिर क्षेत्र में गया। उसने राइफल चलाने की कोशिश की, लेकिन हथियार जाम हो गया। इसके बाद वह वहां से भाग गया।
- घर लौटने के बाद उसने इंटरनेट पर राइफल की खराबी ठीक करने के तरीके खोजे और एक सहकर्मी को फोन करके बताया कि हथियार जाम हो गया था। वह खराबी ठीक कर फिर से हमला करने जाना चाहता था।
भारत सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत के महावाणिज्य दूतावास, शिकागो ने 14 अक्टूबर को कहा कि वह ऑरोरा में पूजा स्थल को निशाना बनाने की कथित साजिश से जुड़ी खबरों से अवगत है। उसने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समय पर कार्रवाई की सराहना की और बताया कि वह भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है तथा स्थिति पर नजर रख रहा है।
हिंदू संगठनों ने क्या कहा?
अमेरिका में सक्रिय कई हिंदू और भारतीय संगठनों ने कथित साजिश की निंदा की और मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। इन संगठनों ने खास तौर पर धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने पर जोर दिया।
- Hindu Mandir Empowerment Council (HMEC): मंदिरों और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने तथा संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील की।
- Foundation for India and Indian Diaspora Studies (FIIDS): संगठन ने कहा कि भारतीय-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरत वास्तविक दुनिया में भी खतरे में बदल सकती है।
- Coalition of Hindus of North America (CoHNA): अधिकारियों से मंदिरों की सुरक्षा मजबूत करने और हिंदू-विरोधी नफरत की स्पष्ट निंदा करने की अपील की।








