केरल में ऐतिहासिक यहूदी प्रार्थनास्थल के पास आगजनी, किस ‘बॉस’ के इशारे पर हुआ कांड ?

By Defence Detective

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Suspect in Kerala synagogue arson case and smoke rising after fire near the historic Kadavumbagam Synagogue in Kochi

केरल में एर्नाकुलम जिले के कोच्चि में एक यहूदी पूजा स्थल (सिनागॉग) के पास आगजनी की गई है। ऐतिहासिक कडवुम्बागम सिनेगॉग के पास हमले की इस घटना ने ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। हमले के आरोपी को घटना के बाद शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी पहचान 32 साल के एबिन पी. पॉल के तौर पर हुई है।

यह मामला तब सामने आया जब सिनागॉग के बाहरी सुरक्षा घेरे के पास कुछ सामग्रियों में आग लगा दी गई। हालांकि, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

शुरुआती तौर पर इसे एक सामान्य आपराधिक हरकत माना जा रहा था, लेकिन जब सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स, मोबाइल फोन और मैसेजिंग ऐप्स को खंगाला, तो इस घटना के पीछे छिपी एक गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश की परतें खुलती चली गईं।

आरोपी से पूछताछ के दौरान अंतरराष्ट्रीय आतंकी संबंधों, पाकिस्तान लिंक, क्रिप्टोकरेंसी पेमेंट्स, संदिग्ध ऑनलाइन बातचीत और भारत के चार बड़े शहरों को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

यह घटना भारत के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य (Internal Security Landscape) में एक गंभीर अलार्म है, विशेष रूप से केरल में बढ़ रहे कट्टरपंथ और वैश्विक आतंकी संगठनों के प्रभाव के संदर्भ में।

कब और कैसे हुई आगजनी ?

घटना 12 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 2:30 बजे जिले के कोच्चि स्थित एर्नाकुलम मार्केट इलाके में हुई। यहां कडवुम्बागम सिनेगॉग के सामने एक प्लांट नर्सरी के बैनर और फ्लेक्स बोर्ड में आग लगा दी गई।

  • आरोपी नीले रंग की मारुति सुजुकी इग्निस कार से मौके पर पहुंचा। उसने गाड़ी को घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ा किया, ईंधन डालकर नर्सरी के बाहर मौजूद सामग्री में आग लगाई और फिर वहां से चला गया।
  • उसने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया और कहा जा रहा है कि वीडियो हैंडलर्स को भी भेजा

‘बॉस’ कौन है, पाकिस्तान लिंक क्या है, चार और कौन शहर थे निशाने पर ?  

आगजनी के मामले की जांच राज्य पुलिस कर रही है। विदेशी और आतंकी संपर्कों की पड़ताल के क्रम में IB, R&AW और NIA के अधिकारियों ने भी आरोपी से पूछताछ की है। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम ‘Boss’ (बॉस) नामक एक ऑनलाइन हैंडलर का आया है।

  • गिरफ्तार एबिन पी. पॉल के मोबाइल फोन में एक अज्ञात टेलीग्राम अकाउंट से संपर्क और निर्देश मिलने के संकेत सामने आए हैं।
  • जांच एजेंसियां ‘Boss’ नाम से पहचाने गए इस ऑनलाइन संपर्क की असली पहचान और आरोपी को निर्देश देने में उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
  • आरोपी के फोन से ऐसे डेटा मिले हैं जिससे पता चलता है कि कोच्चि के अलावा भारत के चार अन्य प्रमुख शहर भी आतंकियों के रडार पर थे।

रिपोर्टों में जिन चार शहरों का जिक्र है–

  • दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी
  • मुंबई- प्रमुख आर्थिक केंद्र
  • अमृतसर – पंजाब का प्रमुख शहर
  • उत्तर प्रदेश – राज्य का नाम; शहर स्पष्ट नहीं

इस मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच सबसे संवेदनशील पहलुओं में से एक है। केरल की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आरोपी के संपर्क पाकिस्तान-आधारित आतंकियों से जुड़े हो सकते हैं।

आरोपी के ठिकाने नशीले पदार्थों की कितनी बड़ी बरामदगी ?

जिले के पुथेनक्रूज कस्बे में आरोपी के किराये के आवास की तलाशी में पुलिस ने कई मादक पदार्थ बरामद किए। इनमें हेरोइन, फेंटानिल, ऑक्सीकोडोन, अल्प्राजोलम और केटामिन समेत अलग-अलग पदार्थों की मात्रा भी दी गई है। इस बरामदगी के बाद एनडीपीएस कानून के तहत अलग मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।  यह बरामदगी आरोपी की गतिविधियों और संपर्कों की जांच में एक अतिरिक्त पहलू जोड़ती है।

बरामद पदार्थरिपोर्ट में बताई गई मात्रा
केटामिन50.883 ग्राम
K-Rock20.675 ग्राम
अल्प्राजोलम20.171 ग्राम
फेंटानिल5.264 ग्राम
सफेद हेरोइन3.613 ग्राम
ब्राउन हेरोइन2.736 ग्राम
ऑक्सीकोडोन2.361 ग्राम

पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि क्या आगजनी का वीडियो भेजने के बदले आरोपी को पैसे दिए गए या देने का वादा किया गया था। संभावित भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल का कोण भी जांच के दायरे में है।

आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस ?

आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मदद मिली। रिपोर्टों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने घटनास्थल तथा आसपास उपलब्ध फुटेज की पड़ताल की और करीब 150 लोगों से जानकारी जुटाई। इसके बाद संदिग्ध वाहन की पहचान करने और उसके पंजीकरण विवरण तक पहुंचने की कोशिश की गई।

जांच की कड़ियां पुथेनक्रूज स्थित आरोपी के किराये के आवास तक पहुंचीं, जहां उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच से कथित विदेशी संपर्कों का पहलू सामने आया।

आरोपी ने पूछताछ के दौरान मार्च 2026 में मुवाट्टुपुझा कस्बे में पुराने वाहनों के शोरूम में आगजनी की घटना में अपनी भूमिका स्वीकारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई किसी तरह का कोई कनेक्शन तो नहीं था।  

केरल में हमास को मंच देने की राजनीतिक बहस और सुरक्षा का सवाल

एक्सपर्ट का मानना है कि केरल में हाल के समय में जो राजनीतिक और सामाजिक माहौल बना है, वह वैश्विक आतंकी एजेंडे के संदर्भ में चिंतित करने वाला है।  बीते समय में, केरल के कुछ राजनीतिक और धार्मिक समूहों द्वारा हमास (Hamas) जैसे घोषित आतंकी संगठनों के नेताओं को वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर संबोधित करने की अनुमति दी जा चुकी है।

इजरायल-हमास संघर्ष के बाद, राज्य में यहूदी प्रतीकों (Jewish Sites) और ठिकानों के खिलाफ एक खास नैरेटिव तैयार किया जा रहा है। ऐसे में यहूदी पूजा स्थल को निशाना बनाना सीधे तौर पर वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश है।

कडवुम्बागम सिनेगॉग कितना ऐतिहासिक ?

केरल पर्यटन विभाग के मुताबिक, इस सिनेगॉग की नींव 13वीं सदी में क्रैंगनोर (वर्तमान कोडुंगल्लूर) में रखे जाने की मान्यता है। बाद में इसे एर्नाकुलम में स्थानांतरित किया गया। हालांकि, इसकी शुरुआती तारीखों को लेकर ऐतिहासिक विवरण पूरी तरह एकमत नहीं हैं।

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