पहली बार दिखी कैप्टन स्मित की गंभीर हेड इंजरी, UAE राष्ट्रपति ने लगाया गले और पूछा—कब ठीक होंगे ?

By Defence Detective

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UAE President Sheikh Mohamed bin Zayed embraces Captain Smit, alongside close-up views of surgical stitches on the pilot’s head.

सिर के पीछे टांकों की लंबी कतार, बाएं हाथ में पट्टी और बांह को सहारा देती स्लिंग। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार 27 अक्टूबर को अबूधाबी में जब सम्मान समारोह में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिले, तो इन तस्वीरों ने उड़ान के दौरान विमान के कॉकपिट में उन पर हुए हमले की गंभीरता सामने रख दी।

पहले अस्पताल में सिर पर पट्टियों के साथ नजर आए स्मित की चोट का ऐसा नजदीकी दृश्य अब लोगों के सामने आया है। राष्ट्रपति ने उन्हें आत्मीयता के साथ गले लगाकर बहादुरी को सैल्यूट किया और उनकी सेहत का हाल जाना।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति का ध्यान स्मित के सिर की चोट पर गया। उन्होंने पूछा—“कब ठीक होंगे?” भारतीय पायलट ने जवाब दिया कि शायद दो महीने। इसके बाद राष्ट्रपति ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि ठीक होने पर वह उनके साथ एक सेशन करेंगे और उन्हें लड़ना सिखाएंगे। सम्मान समारोह के वीडियो में दर्ज यह बातचीत अब खास ध्यान खींच रही है।

राष्ट्रपति के साथ दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने क्रू के साहस और पेशेवर रवैये की भरपूर सराहना की।

कैप्टन स्मित को यूएई ने किस सम्मान से नवाजा ?

सम्मान समारोह में कैप्टन स्मित मछार को यूएई के प्रतिष्ठित नागरिक अलंकरण ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया गया है। यूएई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान विशिष्ट सेवाओं और असाधारण योगदान की मान्यता है। ‘फर्स्ट क्लास’ इसकी प्रथम श्रेणी को दर्शाता है।

स्मित और उनके साथी फ्लाईदुबई क्रू को 30 सितंबर की उड़ान में हुए हमले के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिखाई गई बहादुरी और सूझबूझ के लिए यह सम्मान मिला। अबू धाबी में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की ओर से दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद ने पदक प्रदान किए। उन्होंने संकट के समय क्रू के जिम्मेदारी भरे व्यवहार की सराहना की।

राष्ट्रपति ने क्रू को दिया घर और परिवार का भरोसा

बातचीत के एक हिस्से में राष्ट्रपति ने दूसरे क्रू सदस्यों को भी अपने पास बुलाया। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि यूएई उनका अपना देश है और यहां उनके लिए घर तथा परिवार मौजूद है।

यह संदेश पूरे क्रू के लिए था। अलग-अलग राष्ट्रीयताओं के कर्मचारियों के सामने राष्ट्रपति ने उनके योगदान की अहमियत जताई। वीडियो में वह एक वर्दीधारी सदस्य से यह भी कहते दिखाई देते हैं कि उसका उनके साथ होना सौभाग्य की बात है। जवाब में कर्मचारी ने भी इस टीम का हिस्सा होने पर खुशी जताई।

दुबई के शासक ने भी स्मित को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। औपचारिक स्वागत के बीच हुई इन छोटी बातचीतों में घायल पायलट के प्रति नेतृत्व की चिंता और साथ खड़े रहने का भरोसा दिखाई दिया।

30 सितंबर को कॉकपिट में क्या हुआ था?

यह घटना बीते 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान के सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में होने के दौरान सह-पायलट ने स्मित पर कॉकपिट में रखी इमरजेंसी क्रैश ऐक्स से हमला किया। यह उपकरण विमान में आपात स्थिति के इस्तेमाल के लिए रखा जाता है।

लेकिन हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित द्वारा दिखाई गई बहादुरी और सूझबूझ से विमान क्रैश नहीं हुआ, सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई थी।

यूएई के अभियोजकों के मुताबिक, हमलावर विमान पर नियंत्रण करके उसे बेन गुरियन एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल से टकराना चाहता था। अधिकारियों ने इसे सामूहिक हताहत करने के इरादे से रची गई आत्मघाती हमले की योजना बताया।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर ओमान का नागरिक था। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद उसे यूएई स्थानांतरित किया गया। जांच में अभियोजकों ने उसकी योजना को अमेरिका में हुए 11 सितंबर के हमलों से प्रेरित बताया था।

इजरायल ने भी जताया आभार

स्मित की बहादुरी के लिए इजरायल ने भी उन्हें धन्यवाद दिया है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने 10 अक्टूबर को भेजे पत्र में यात्रियों को सुरक्षित बचाने में उनके साहस और दृढ़ता की प्रशंसा की थी। इजरायली राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, हर्जोग ने स्मित को स्वस्थ होने के बाद यरुशलम आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने भारतीय पायलट को ‘Presidential Award for Civilian Heroism’ प्रदान करने की इच्छा भी जताई।

फिलहाल स्मित की प्राथमिकता स्वास्थ्य लाभ है। हालांकि, द नेशनल से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस घटना के बाद भी विमानन के प्रति उनका लगाव कायम है और वह फिर कॉकपिट में लौटना चाहते हैं।

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