Flydubai की फ्लाइट को क्रैश से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर को लेकर एक बेहद अहम मेडिकल अपडेट सामने आया है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के कॉकपिट में हुए हमले में माछर को मामूली चोटें नहीं आई थीं। बल्कि सामने आई नई जानकारी बताती है कि उनकी चोटें शुरुआती रिपोर्टों से कहीं ज्यादा गंभीर थीं।
सिर पर हुए हमले में उनकी खोपड़ी में depressed skull fracture हुआ। सऊदी अरब में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें इमरजेंसी सर्जरी से गुजरना पड़ा। डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की क्षतिग्रस्त हड्डी को reconstruct किया, जिसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए 1 अक्टूबर को यूएई की राजधानी अबू धाबी ले जाया गया।
फिलहाल अभी कैप्टन स्मित का अबू धाबी में ही इलाज चल रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी रिकवरी अच्छी चल रही है और उनका मनोबल अच्छा है। हालांकि, सिर में गंभीर चोट और सर्जरी के बाद डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं।
भारतीय राजनयिक अधिकारियों ने भी उनसे मुलाकात की है। भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल ने कैप्टन मच्छर और उनके परिवार से मुलाकात के बाद उनकी स्थिति को लेकर सकारात्मक जानकारी दी थी।
कॉकपिट में किस चीज से हुआ था हमला ?
30 सितंबर को फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन कॉकपिट के अंदर अचानक हालात बदल गए।
ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में मौजूद crash axe यानी इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित माछर पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन माछर बुरी तरह घायल हो गए, उनके सिर में गंभीर चोटें आईँ।
सिर पर हमले में उन्हें depressed skull fracture हुआ था। डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की गंभीर चोट का इलाज किया और स्कल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की।
depressed skull fracture में खोपड़ी की टूटी हुई हड्डी का एक हिस्सा अपनी सामान्य स्थिति से अंदर की तरफ धंस जाता है। ऐसी चोट मस्तिष्क पर दबाव या चोट का कारण बन सकती है और कई मामलों में तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है।
एक समय लगा कि नहीं बचेंगे कैप्टन स्मित ?
कॉकपिट से बाहर आने के बाद भी कैप्टन स्मित मछार की जान पर खतरा बना हुआ था। विमान में मौजूद इजरायली डेंटिस्ट डॉ. शोटा मूसाएव ने तुरंत उनकी मदद शुरू की। उनके सिर और बाएं हाथ से भारी खून बह रहा था और घाव काफी गहरे थे। मूसाएव ने करीब 45 मिनट तक रक्तस्राव रोकने की कोशिश की।
इस दौरान मच्छर होश में थे और लगातार बात कर रहे थे। एक समय उनकी नब्ज काफी नीचे गिर गई, जिसके बाद मूसाएव ने उनके पैर ऊपर उठाए। इससे नब्ज फिर लौटी। बाद में उनके होंठ नीले पड़ने लगे तो डेंटिस्ट ने क्रू से विमान को जल्द उतारने को कहा। उनके मुताबिक उस समय मछार के पास ज्यादा समय नहीं था।
स्मित के शरीर में और कहां-कहां आई चोट ?
कैप्टन मच्छर की चोट सिर्फ सिर तक सीमित नहीं थी। रिपोर्टों के अनुसार उनके हाथ-पैर, सीने और पेट के ऊपरी हिस्से में भी चोटें आई थीं। उनके हाथों पर भी चोटें बताई गईं।
चोट की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें सिर की सर्जरी के साथ-साथ शरीर के दूसरे हिस्सों के लिए भी इलाज की जरूरत पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने विमान को बचाने की कोशिश नहीं छोड़ी।
कैप्टन के पिता भूपेंद्र मछार ने भी बताया था कि बेटे के सिर और दोनों हाथों में काफी चोट आई और सिर की सर्जरी हुई।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
कैप्टन मछार ने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में बताया था कि हमले के बाद वह नीचे गिर गए थे। लेकिन उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है।
उस समय उनके सामने सिर्फ अपनी चोटों का सवाल नहीं था। विमान में मौजूद लोगों की जान भी खतरे में थी। उन्होंने घायल अवस्था में उठकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
यही कोशिश निर्णायक साबित हुई। दरवाजा खुलने के बाद केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया जा सका।
इसके बाद विमान को संभालने की जिम्मेदारी दूसरे पायलटों ने ली और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। अगर कॉकपिट का दरवाजा नहीं खुलता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
हमले के बाद जांच भी हुई तेज
कैप्टन माछर की हालत में सुधार के साथ-साथ इस हमले की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। यूएई के अधिकारियों ने घटना को गंभीर आपराधिक मामले के तौर पर लिया है और हमले से जुड़े भौतिक तथा डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।
दूसरी तरफ, इस मामले की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल चुकी है। आरोपी के पूर्व विमानन प्रशिक्षण और उसकी गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
जल्द स्वस्थ हों fearless hero कैप्टन स्मित
सिर की गंभीर चोट और इमरजेंसी सर्जरी के बाद सबसे बड़ी कामना यही है कि कैप्टन स्मित मछार पूरी तरह स्वस्थ होकर जल्द अपने परिवार के पास लौटें।
उनकी कहानी सिर्फ एक विमान को बचाने की कहानी नहीं है, बल्कि उस पल की कहानी है जब गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को अपनी जान से ऊपर रखा।









1 thought on “खोपड़ी की हड्डी अंदर तक धंसी थी, फिर भी नहीं टूटा हौसला… हाईजैकिंग कांड के हीरो कैप्टन स्मित अब कैसे हैं?”