चीन से आए पुराने टैंक पर भरोसा बांग्लादेशी सैनिकों पर भारी पड़ गया! बांग्लादेश में सेना के लाइव-फायर अभ्यास के दौरान चीनी मूल के एक टैंक में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में टैंक के अंदर मौजूद दो सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना ने बांग्लादेश की सेना में इस्तेमाल हो रहे पुराने चीनी बख्तरबंद हथियारों की सुरक्षा, रखरखाव और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल बांग्लादेश ने टैंक विस्फोट की वजह को सार्वजनिक नहीं किया है। दुर्घटना की जांच जारी है।
कब और कैसे हुई यह दुर्घटना ?
हादसा 9 सितंबर 2026 को चट्टोग्राम के हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ। बांग्लादेशी सेना के अभ्यास के दौरान एक टैंक से फायरिंग की जा रही थी और अचानक दुर्घटना हो गई। हादसे में घायल अधिकारी को बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से ढाका स्थित Combined Military Hospital ले जाया गया।
बांग्लादेश की आधिकारिक जानकारी में फिलहाल यह नहीं बताया गया है कि टैंक के अंदर किस प्रणाली में खराबी आई या विस्फोट की शुरुआत कैसे हुई।
फटने वाला टैंक कितना पुराना ?
दुर्घटना का शिकार हुए टैंक को कई रिपोर्टों में चीनी मूल का Type 59 बताया गया है।
Type 59 कोई नया चीनी टैंक नहीं है। इसका विकास चीन ने सोवियत T-54A के आधार पर किया था। चीन में इसका उत्पादन 1950 के दशक के आखिर में शुरू हुआ और 1959 में इसे चीनी सेना की सेवा में शामिल किया गया। यानी मूल Type 59 डिजाइन आज करीब सात दशक पुराना है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बांग्लादेश के पास मौजूद हर Type 59 उसी पुराने रूप में है। पुराने टैंकों को समय-समय पर अपग्रेड किया गया है।
Type 59 कितना ‘दुर्जय’ ?
बांग्लादेश ने अपने पुराने Type 59 टैंकों को पूरी तरह हटाने के बजाय उन्हें आधुनिक बनाने का रास्ता अपनाया। इनमें से कई टैंकों को Type 59G Durjoy मानक तक अपग्रेड किया गया। यानी टैंकों को बड़े पैमाने पर अपग्रेड करके एक ज्यादा आधुनिक कॉन्फिगरेशन में बदल दिया है। इस अपग्रेड में पुराने टैंक के ढांचे के साथ आधुनिक हथियार और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां जोड़ी गईं।
Durjoy की प्रमुख खूबियां—
- 125 मिमी मुख्य तोप
- आधुनिक फायर-कंट्रोल सिस्टम
- थर्मल इमेजिंग क्षमता
- रिएक्टिव आर्मर
- बेहतर इंजन
- लेजर चेतावनी प्रणाली
- NBC सुरक्षा
- फायर-सप्रेशन सिस्टम
- एंटी-टैंक मिसाइल दागने की क्षमता
यानी बांग्लादेश ने पुराने चीनी टैंक को आधुनिक बनाकर उसकी जिंदगी बढ़ाने की कोशिश की है। उपलब्ध ऑपरेटर आंकड़ों में बांग्लादेश के पास Type 59/Type 59G Durjoy परिवार के करीब 174 टैंक बताए गए हैं।
यही वजह है कि मौजूदा हादसे की जांच सिर्फ दुर्घटना का कारण पता करने तक सीमित नहीं रहेगी। इससे यह भी सवाल उठेगा कि इतने पुराने प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करने के बाद उसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता कितनी बनी हुई है।
कितने देश यूज कर रहे Type 59 ?
Type 59 चीन के सबसे बड़े एक्सपोर्ट किए गए पुराने टैंक डिजाइनों में से एक रहा है। आज भी उपलब्ध खुले आंकड़ों में इसके ऑपरेटर के रूप में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, कंबोडिया, चाड, सूडान, तंजानिया, वियतनाम, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देश दिखाई देते हैं। कुछ देशों में पुराने Type 59 को आधुनिक वर्जन में बदला गया है और कुछ जगहों पर इनकी वास्तविक operational स्थिति स्पष्ट नहीं है।
| देश | स्थिति/संस्करण |
| चीन | मूल Type 59 और इसके ZTZ-59/59-II/59D संस्करण |
| बांग्लादेश | Type 59 और आधुनिक Type 59G Durjoy |
| कंबोडिया | Type 59; 2026 में Type 59D की नई डिलीवरी भी रिपोर्ट हुई है |
| चाड | Type 59G |
| कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) | सीमित संख्या; कुछ टैंक serviceable न होने की संभावना |
| कांगो गणराज्य | लगभग 15 Type 59 |
| ईरान | Type 59 आधारित/चीनी मूल के टैंक बेड़े का इस्तेमाल |
| म्यांमार | Type 59 और इससे जुड़े चीनी टैंक परिवार के प्लेटफॉर्म |
| उत्तर कोरिया | Type 59/चीनी डिजाइन पर आधारित टैंक |
| पाकिस्तान | बड़ी संख्या में Type 59; बाद में इन्हें Al-Zarrar जैसे आधुनिक संस्करणों में अपग्रेड किया गया |
| सूडान | Type 59 परिवार के टैंक |
| वियतनाम | लगभग 350 Type 59 |
| जाम्बिया | लगभग 20 Type 59 |
| जिम्बाब्वे | लगभग 30 Type 59 बताए जाते हैं, हालांकि सभी operational हैं या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है |
पाकिस्तान का Type 59 में क्या अपग्रेड ?
पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में चीन से Type 59 हासिल किए थे। बाद में इनमें से कई को Al-Zarrar मानक तक अपग्रेड किया गया। इसमें 125 मिमी गन, बेहतर फायर-कंट्रोल, इंजन और सुरक्षा जैसी प्रणालियां जोड़ी गईं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान के पास 2024 में करीब 600 ZTZ-59 सेवा में बताए गए थे।
इससे साफ है कि Type 59 का मूल डिजाइन पुराना होने के बावजूद कई देशों ने उसे अपग्रेड करके इस्तेमाल जारी रखा है।
चीनी हथियारों पर कब-कब उठे हैं सवाल ?
बांग्लादेश चीन का एक महत्वपूर्ण रक्षा ग्राहक है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से सैन्य उपकरणों की खरीद और रक्षा सहयोग चलता रहा है। ऐसे में चीनी मूल के टैंक से जुड़ा घातक हादसा चीन के हथियारों की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर बहस को फिर से तेज कर सकता है। चीनी हथियारों पर पहले भी सवाल उठे हैं।
| हथियार/देश | क्या हुआ? | इससे क्या संकेत मिलता है? | प्रमाण/स्थिति |
| Type 59 – बांग्लादेश | 9 सितंबर 2026 को लाइव फायरिंग के दौरान टैंक में विस्फोट; 2 सैनिकों की मौत, 1 अधिकारी घायल | टैंक की सुरक्षा/तकनीकी स्थिति पर सवाल | वजह अभी अज्ञात; जांच जारी |
| VT-4 – थाईलैंड | 2025 में यूज के दौरान 125 मिमी गन बैरल फटने और इंजन/पावरपैक संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट | लगातार high-intensity operations में reliability पर सवाल | थाई सेना ने तकनीकी समीक्षा की; कारणों पर अंतिम रिजल्ट अलग-अलग रिपोर्टों में पूरी तरह स्थापित नहीं |
| CH-4B ड्रोन – इराक | अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के 2019 आकलन में 10 से अधिक CH-4 में केवल 1 fully mission capable बताया गया; बाकी maintenance/contractual समस्याओं के कारण grounded बताए गए | रखरखाव और serviceability बड़ी चुनौती | Coalition assessment + बाद में Iraqi MoD ने 2026 में एक CH-4 फिर service में लौटाया |
| CH-4B – अल्जीरिया | शुरुआती संचालन अवधि में 3 CH-4B खोने की रिपोर्ट | दुर्घटना/विश्वसनीयता पर सवाल | CNA के मुताबिक अल्जीरिया ने CH-4B ड्रोन ऑपरेशन के शुरुआती महीनों में तीन UAV खो दिए थे |
| CH-4B – जॉर्डन | जॉर्डन ने अपेक्षाकृत कम समय इस्तेमाल के बाद अपने CH-4B बेचने की कोशिश की | operational/sustainment संतुष्टि पर सवाल | अमेरिकी थिंक टैंक Center for Naval Analyses (CNA) के मुताबिक जॉर्डन ने अपने CH-4B ड्रोन खरीदने के दो साल से भी कम समय बाद उन्हें बिक्री के लिए रख दिया था |
| Zulfiquar-class frigates – पाकिस्तान | ORF के अध्ययन में SR60 radar में defect/EMC-EMI समस्या; इससे SAM और surface-to-surface missile employment प्रभावित होने की बात कही गई | चीनी/चीनी-निर्मित combat subsystems की reliability पर सवाल | ORF के मुताबिक Zulfiquar-class (F-22P) फ्रिगेटों में इस्तेमाल SR60 मुख्य रडार में electromagnetic compatibility/interference की समस्याएं सामने आई थीं |
| JF-17 – पाकिस्तान | 2026 Takshashila अध्ययन ने कुछ aircraft में airframe deformities और radar reporting discrepancies संबंधी concerns दर्ज किए | structural/software reliability पर चिंता | JF-17 विमानों से जुड़े एयरफ्रेम और रडार संबंधी तकनीकी concerns का उल्लेख |
| S26T submarine programme – थाईलैंड | जर्मन MTU इंजन उपलब्ध न होने पर चीन ने CHD620 विकल्प दिया; इंजन की maturity और reliability को लेकर थाई पक्ष में चिंता रही | propulsion/support ecosystem पर सवाल | 2026 Takshashila अध्ययन ने contract में 1,217 दिन की delivery extension और इंजन विवाद दर्ज किया |








