ऑपरेशन सिंदूर में पिटने के बाद पाकिस्तान ने खरीदे नए एयर डिफेंस सिस्टम, क्या ब्रह्मोस को रोकना होगा मुमकिन ?

By Defence Detective

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HQ-17AE, KORKUT 150/35 और ŞAHİN 130/40GL एयर डिफेंस सिस्टम

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय हमलों के दौरान पाकिस्तान की एयर डिफेंस व्यवस्था को बड़ा झटका लगा था। भारत ने न केवल पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि उसके एयर डिफेंस रडार और सिस्टम पर भी कार्रवाई की। अब एक साल बाद पाकिस्तान एयर फोर्स ने अपनी नई शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस क्षमता की झलक दिखाकर संकेत दिया है कि वह अपनी निचली एयर डिफेंस परत को तेजी से मजबूत कर रहा है।

पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने अब अपनी नई शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस क्षमता की झलक दिखाई है। HQ-17AE, KORKUT और ŞAHİN एयर डिफेंस सिस्टम को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया है। इन तीनों के सामने आने से पाकिस्तान की नई short-range और counter-drone air-defence क्षमता की तस्वीर सामने आई है।

7 सितंबर को PAF की ओर से जारी किए गए एक प्रमोशनल वीडियो ‘Fizaon K Pasbaan’ में चीन का HQ-17AE, तुर्किये का KORKUT 150/35 और ŞAHİN 130/40GL दिखाई दिए। इन तीनों सिस्टम का एक साथ सामने आना बताता है कि पाकिस्तान अपनी एयर डिफेंस की निचली परत को मजबूत करने पर जोर दे रहा है—खासकर ड्रोन, लो-फ्लाइंग क्रूज मिसाइल, हेलिकॉप्टर और दूसरे कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों के खिलाफ।

हालांकि पाकिस्तान ने हर सिस्टम के लिए अलग से यह नहीं बताया कि कितनी संख्या खरीदी गई है, कब डिलीवरी हुई और किस यूनिट में तैनात किया गया है।

क्या है HQ-17AE ?  

HQ-17AE चीन का मोबाइल short-range surface-to-air missile system है। आसान भाषा में कहें तो यह जमीन से हवा में मिसाइल दागकर आने वाले हवाई लक्ष्य को नष्ट करने वाली मोबाइल एयर डिफेंस प्रणाली है।  PAF के वीडियो में करीब 28 सेकंड के आसपास एक छह पहियों वाला एयर डिफेंस वाहन दिखाई देता है। इसकी बनावट और रडार व्यवस्था को देखकर इसे HQ-17AE के रूप में पहचाना गया। पाकिस्तान ने वीडियो में इसका नाम नहीं बताया, लेकिन चीनी सरकारी मीडिया ने इसे HQ-17AE बताया और पाकिस्तान को इसका नया अंतरराष्ट्रीय यूजर बताया।

  • HQ-17AE को कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों से निपटने के लिए बनाया गया है।
  • इसमें रडार, मिसाइल लॉन्चर और कमांड सिस्टम मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाए गए हैं।
  • इसका फायदा यह है कि एयर डिफेंस यूनिट को किसी एक जगह स्थिर रहना जरूरी नहीं होता।
  • उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक लॉन्च वाहन पर 8 मिसाइलें लगी होती हैं।
  • इसकी अधिकतम प्रभावी engagement range लगभग 15 किलोमीटर बताई जाती है।
  • अलग-अलग लक्ष्य के अनुसार यह दूरी कम हो सकती है।

यानी HQ-17AE को लंबी दूरी की एयर डिफेंस मिसाइल समझना सही नहीं होगा। यह उस स्थिति के लिए है जब कोई हवाई खतरा पहले से मौजूद लंबी दूरी की सुरक्षा परतों को पार कर कम ऊंचाई पर आगे बढ़ रहा हो।

पाकिस्तान ने HQ-17AE क्यों अपनाया?

पाकिस्तान के पास पहले से लंबी और मध्यम दूरी की एयर डिफेंस प्रणालियां हैं। लेकिन आधुनिक युद्ध में केवल बड़ी मिसाइल प्रणालियां पर्याप्त नहीं होतीं। ड्रोन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। ऐसे में HQ-17AE जैसी मोबाइल missile system एक अतिरिक्त सुरक्षा परत देती है।

अगर कोई लक्ष्य लंबी दूरी की मिसाइलों से बच निकलता है और नीचे आ जाता है, तो short-range missile system उसे आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर सकता है। यही कारण है कि पाकिस्तान के लिए HQ-17AE का महत्व सिर्फ इसकी 15 किलोमीटर की रेंज में नहीं है, बल्कि उस खाली जगह को भरने में है जो लंबी दूरी की एयर डिफेंस और अंतिम point defence के बीच पैदा होती है।

अब जानिए KORKUT क्या है ?

PAF के वीडियो में दिखाई देने वाला दूसरा महत्वपूर्ण सिस्टम तुर्किये का ASELSAN KORKUT 150/35 है। यह मिसाइल सिस्टम नहीं है। लेकिन यह सिस्टम ड्रोन, loitering munitions, क्रूज मिसाइल और अन्य low-altitude targets के खिलाफ महत्वपूर्ण है।

  • KORKUT एक 35 मिमी self-propelled anti-aircraft gun system है।
  • यानी इसमें मिसाइल के बजाय ऑटोमैटिक तोप से हवाई लक्ष्य को निशाना बनाया जाता है।
  • इसमें दो 35 मिमी ऑटोमैटिक तोपें लगी हैं और दोनों मिलकर करीब 1,100 राउंड प्रति मिनट की अधिकतम firing rate हासिल कर सकती हैं।
  • सिस्टम को low-altitude targets के खिलाफ इस्तेमाल के लिए बनाया गया है।
  • लेकिन KORKUT की असली खासियत सिर्फ तेज firing नहीं है।
  • इसमें radar और electro-optical sensors लक्ष्य को खोजने और track करने में मदद करते हैं।
  • इसके साथ ATOM 35 airburst ammunition का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Airburst ammunition क्यों खास है?

  • सामान्य गोला लक्ष्य से टकराने पर फटता है। लेकिन airburst ammunition को इस तरह प्रोग्राम किया जाता है कि वह लक्ष्य के पास पहुंचकर हवा में ही फट जाए।
  • इससे बड़ी संख्या में fragments लक्ष्य की ओर फैलते हैं।
  • छोटे ड्रोन को सीधे एक गोली से hit करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन उसके आसपास airburst करने वाला गोला उसे नुकसान पहुंचाने की संभावना बढ़ा देता है।

ŞAHİN क्या करता है?

पाकिस्तान की नई short-range air-defence architecture का तीसरा सिस्टम है तुर्किये का ASELSAN ŞAHİN 130/40GL। यह KORKUT से भी ज्यादा नजदीकी सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसलिए इसे लंबी दूरी की एयर डिफेंस नहीं, बल्कि बहुत नजदीकी point-defence और counter-drone system के रूप में समझना चाहिए।

  • ŞAHİN में 40 मिमी automatic grenade launcher और ATOM 40 airburst ammunition का इस्तेमाल होता है।
  • इसका मुख्य काम छोटे UAV और दूसरे कम दूरी के हवाई खतरों को नष्ट करना है।
  • उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसकी effective engagement range लगभग 700 मीटर है

इसे ऐसे समझिए कि अगर कोई छोटा ड्रोन एयर डिफेंस की बाहरी परतों को पार करके किसी महत्वपूर्ण ठिकाने के बहुत करीब पहुंच जाए, तो ŞAHİN जैसी प्रणाली उसे अंतिम दूरी पर रोकने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

तीनों को एक साथ क्यों दिखाने का मतलब?

यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण सैन्य पहलू है। अगर इन तीनों प्रणालियों को उनकी भूमिका के हिसाब से देखें तो एक layered defence की तस्वीर बनती है।

HQ-17AE — लगभग 15 किमी तक:
मोबाइल missile layer। कम ऊंचाई के हवाई लक्ष्यों को अपेक्षाकृत दूर से रोकने के लिए।

KORKUT — लगभग 4 किमी:
35 मिमी automatic gun layer। Airburst ammunition के जरिए ड्रोन और दूसरे low-altitude targets के खिलाफ।

ŞAHİN — लगभग 700 मीटर:
बहुत नजदीकी counter-drone layer। छोटे UAV को अंतिम दूरी पर रोकने के लिए।

इसका मतलब यह हुआ कि किसी महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने के आसपास एक ही तरह के हथियार पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग दूरी पर अलग-अलग हथियार इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

एक और नया सिस्टम भी ?

इसमें एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। Quwa के मुताबिक PAF के नए short-range air-defence build-up में NORINCO LD-76 भी शामिल है। यानी तीन नहीं, बल्कि चार नए short-range systems—HQ-17AE, LD-76, KORKUT और ŞAHİN—सामने आए हैं।

NORINCO LD-76 क्या है ?

यह 76 मिमी की मोबाइल एंटी-एयरक्राफ्ट गन सिस्टम है। इसे चीन की NORINCO ने विकसित किया है और इसका उद्देश्य खास तौर पर ड्रोन, क्रूज मिसाइल, प्रिसिजन-गाइडेड हथियार और दूसरे कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों से निपटना है।

LD-76 में 76 मिमी की तोप को 6×6 मोबाइल ट्रक पर लगाया गया है। यानी यह किसी स्थायी एयर-डिफेंस गन की तरह एक जगह बंधी नहीं रहती, बल्कि ट्रक के साथ तेजी से दूसरी जगह ले जाई जा सकती है।

  • इसमें इस्तेमाल होने वाली 76 मिमी गन मूल रूप से चीन की H/PJ-26 नौसैनिक गन से जुड़ी है।
  • इसकी फायरिंग दर करीब 120 राउंड प्रति मिनट
  • अधिकतम फायरिंग रेंज लगभग 10 किमी बताई गई है।

भारत के पास इनके मुकाबले क्या है?

पाकिस्तान में दिखा सिस्टमक्या हैभारत में सबसे करीब का विकल्पस्थिति/भूमिका
HQ-17AEमोबाइल Short-Range Air Defense System QRSAM, AkashQRSAM ज्यादा नजदीकी भूमिका; Akash की रेंज ज्यादा
KORKUT35 मिमी self-propelled anti-aircraft gunL-70, आगामी ADGSL-70 पुरानी लेकिन मॉडर्नाइज्ड; नई स्वदेशी ADGS इसका replacement
ŞAHİN40 मिमी counter-drone gun/airburst systemBhargavastra, L-70, अन्य C-UAS सिस्टमरोल के हिसाब से Bhargavastra ज्यादा नजदीकी, लेकिन तकनीक अलग
NORINCO LD-7676 मिमी मोबाइल anti-aircraft gunसीधा operational equivalent नहींभारत के पास इसी configuration की 76 मिमी mobile AA gun नहीं

QRSAM-  यानी Quick Reaction Surface-to-Air Missile DRDO का मोबाइल शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है। इसे खास तौर पर चलती सैन्य टुकड़ियों और महत्वपूर्ण ठिकानों को विमान, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और दूसरे हवाई खतरों से बचाने के लिए बनाया गया है। प्रभावी मारक क्षमता लगभग 30 किमी है।

भारत के पास Akash भी है, लेकिन Akash को HQ-17AE का बिल्कुल सीधा प्रतिद्वंद्वी कहना ठीक नहीं होगा। BDL के अनुसार मौजूदा Akash की operational range 4.5–25 किमी है और यह UAV, हेलिकॉप्टर और फाइटर जैसे लक्ष्यों को engage कर सकता है।

भारत का L-70- यह 40 मिमी anti-aircraft guns हैं। भारतीय सेना ने इन्हें आधुनिक targeting/radar integration के साथ ड्रोन के खिलाफ भी इस्तेमाल किया है। प्रभावी मारक रेंज 3-4 किलोमीटर। हालांकि KORKUT ज्यादा आधुनिक, self-propelled और networked architecture के साथ बनाया गया है। भारत इसी कमी को दूर करने के लिए Next-Generation Air Defence Gun System (ADGS) पर आगे बढ़ रहा है।

Bhargavastra- यह छोटे ड्रोन और drone swarms को रोकने के लिए micro-missile आधारित mobile counter-UAS system है। परीक्षणों में 2.5 किमी दूरी पर हवाई लक्ष्य को engage करने की क्षमता प्रदर्शित।

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