चीन के तीसरे पड़ोसी की नजर फ्रांसीसी राफेल पर!

By Defence Detective

Updated On:

Date:

French Air Force Rafale fighter jet flying

भारत और इंडोनेशिया के बाद अब वियतनाम भी फ्रांस के Rafale लड़ाकू विमान को अपने एयर फोर्स के आधुनिकीकरण के लिए विकल्प के तौर पर देख रहा है। अगर वियतनाम ने राफेल को चुना, तो यह सिर्फ एक नए फाइटर जेट की खरीद नहीं होगी, बल्कि उसकी दशकों पुरानी रूसी सैन्य निर्भरता में बड़ा बदलाव माना जाएगा।

IDRW के मुताबिक वियतनाम, दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते हवाई दबदबे के बीच Rafale पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके साथ ही उसका यह कदम रूसी मूल के लड़ाकू विमानों Su-22  और Su-27 निर्भरता कम करने के तौर पर भी देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि वियतनामी पायलट फ्रांसीसी फाइटर प्लेन टेस्ट के तौर पर उड़ा भी चुके हैं यानी कदम रणनीतिक बातों से आगे बढ़ चुके हैं।

फ्रांस और वियतनाम के संबंध अक्टूबर 2024 में Comprehensive Strategic Partnership तक पहुंच चुके हैं। फ्रांस के विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक संवाद की संस्थागत व्यवस्था पहले से मौजूद है और रक्षा सहयोग 2009 से एक तकनीकी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ रहा है। दिसंबर 2025 में दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की थी।

चीनी J-16 का जवाब होगा राफेल?

वियतनाम के लिए लड़ाकू विमान का सवाल केवल आधुनिकीकरण का नहीं है। इसके पीछे सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती चीन है। दोनों देशों के बीच दक्षिण चीन सागर में समुद्री क्षेत्र और द्वीपों को लेकर लंबे समय से विवाद है। 1979 में चीन और वियतनाम के बीच युद्ध भी हो चुका है। आज दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने की स्थिति से बचते हुए भी दक्षिण चीन सागर में लगातार रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में हैं।

ऐसे माहौल में वियतनाम को ऐसा फाइटर चाहिए जो केवल हवाई युद्ध ही नहीं, बल्कि समुद्री निगरानी, लंबी दूरी के स्ट्राइक मिशन, एयर डिफेंस और सटीक हमले जैसे कई काम कर सके। यहीं Rafale आकर्षक विकल्प बनता है। जिसे वियतनाम, चीन के J-16 के मुकाबले अपनाना चाहता है।

क्षमताDassault RafaleShenyang J-16वियतनाम के लिए मायने
देशफ्रांसचीनसंभावित पश्चिमी विकल्प बनाम चीन का स्वदेशी फाइटर
पीढ़ी4.5 Generation4.5 Generationदोनों आधुनिक non-stealth fighters
भूमिकाOmnirole: Air-to-Air, Air-to-Ground, Reconnaissance, Anti-ShipHeavy Multirole: Air-to-Air, Strike, Anti-ShipRafale बहु-भूमिका; J-16 भारी प्लेटफॉर्म
इंजन2 × Safran M882 × AL-31/WS-10 परिवार, संस्करण के अनुसारदोनों twin-engine
अधिकतम गतिMach 1.8लगभग Mach 2गति में J-16 को बढ़त
Service ceiling50,000 ftलगभग 60,000 ft*ऊंचाई में J-16 को संभावित बढ़त
MTOW24.5 टनलगभग 34–35 टन*J-16 काफी भारी
External payload9.5 टनलगभग 12 टन*भारी हथियार लोड में J-16 को बढ़त
Hardpoints14लगभग 12*Rafale अधिक weapon stations देता है
RadarRBE2 AESAAESA radarदोनों में आधुनिक AESA क्षमता
IRST/Optical sensorsFSOIRST/EO प्रणालीदोनों passive detection दे सकते हैं
Electronic WarfareSPECTRA integrated EW/self-protectionIntegrated EW/ECMRafale की SPECTRA इसकी प्रमुख ताकत
BVR मिसाइलMeteor, MICAPL-12, PL-15 परिवारदोनों लंबी दूरी की air-to-air लड़ाई के लिए सक्षम
WVR/Close combatMICA IRPL-10दोनों high-agility short-range missile विकल्प रखते हैं
Anti-ShipAM39 Exocet, configuration पर निर्भरChinese anti-ship missile परिवारदक्षिण चीन सागर में महत्वपूर्ण क्षमता
Strike weaponsSCALP/Storm Shadow, AASM आदि, ग्राहक कॉन्फिगरेशन पर निर्भरChinese precision-guided weaponsदोनों land-attack भूमिका निभा सकते हैं
Stealthपूर्ण stealth aircraft नहीं; कम observable design + EWपूर्ण stealth aircraft नहींदोनों को stealth fighter नहीं माना जाता
Sensor Fusionउन्नत integrated sensor fusionआधुनिक sensor fusion/networkingsituational awareness में दोनों सक्षम
Network-centric क्षमतामजबूत datalink/networkingPLA integrated network से जुड़ाववास्तविक क्षमता नेटवर्क/AWACS पर भी निर्भर
Carrier Operationहाँ, Rafale MनहींRafale M वियतनाम के लिए नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना जैसे carrier users के लिए प्रासंगिक
Combat Experienceहाँसार्वजनिक रूप से वास्तविक युद्ध अनुभव सीमितRafale को operational combat experience का लाभ
मुख्य ताकतSensors + EW + BVR + Omnirole flexibilityबड़ा airframe + payload + heavy-fighter capabilityRafale sophistication, J-16 mass/payload
वियतनाम के लिए आकर्षणपश्चिमी weapons/sensors और चीन के विरुद्ध modern multirole capabilityचीन की frontline heavy-fighter capabilityRafale चीन से अलग defence ecosystem देता है
मुख्य चुनौतीमहंगा प्लेटफॉर्म और संभावित delivery constraintsबड़ा/भारी प्लेटफॉर्म; कई performance आंकड़े सार्वजनिक नहींवियतनाम को लागत, लॉजिस्टिक्स और हथियार ecosystem देखना होगा

वियतनाम का झुकाव रूस से फ्रांस क्यों?

वियतनाम की वायुसेना लंबे समय से रूसी और सोवियत मूल के लड़ाकू विमानों पर निर्भर रही है। उसके प्रमुख लड़ाकू विमानों में Su-22, Su-27 और Su-30 परिवार के विमान शामिल रहे हैं। इसके साथ ही रूस से जुड़े अन्य सैन्य सिस्टम भी वियतनाम की रक्षा संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

यही वजह है कि अगर हनोई Rafale खरीदता है, तो यह उसके लिए सामान्य फाइटर खरीद नहीं होगी। उसे नए विमान के साथ नई ट्रेनिंग, लॉजिस्टिक्स, हथियार, रखरखाव और सपोर्ट इकोसिस्टम भी खड़ा करना पड़ेगा।

लेकिन दूसरी तरफ रूस के रक्षा उद्योग पर यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़े दबाव और पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूसी सैन्य उपकरणों की सप्लाई और भविष्य की उपलब्धता को लेकर कई देशों को वैकल्पिक स्रोतों पर सोचने के लिए मजबूर किया है।

वियतनाम भी अपने पुराने लड़ाकू विमानों को धीरे-धीरे आधुनिक प्लेटफॉर्म से बदलने की जरूरत महसूस कर रहा है।

विशेषता🇷🇺 Su-22 (Su-22M3/M4)🇷🇺 Su-27 (Su-27SK/UBK)वियतनाम में स्थिति/महत्व
मूल भूमिकाFighter-bomber / Ground-attackAir-superiority fighterSu-22 मुख्यतः जमीनी/समुद्री स्ट्राइक; Su-27 हवाई श्रेष्ठता के लिए
मूल डिजाइन काल1960s–70s1970sदोनों Soviet-era designs हैं
वियतनाम में आगमन1970s–80s में Su-22 परिवार; बाद में 1980s–2000s में अलग-अलग संस्करण/used aircraftपहली खेप 1995 मेंSu-22 वियतनाम के पुराने strike fleet का हिस्सा; Su-27 ने बाद में air-superiority capability दी
इंजन1 × Lyulka AL-21F-32 × Saturn/Lyulka AL-31FSu-27 में twin-engine configuration
अधिकतम गतिलगभग Mach 1.7लगभग Mach 2.35तेज गति में Su-27 स्पष्ट रूप से आगे
Service ceilingलगभग 17,000 mलगभग 18,500 mSu-27 ऊंचाई पर भी बेहतर
MTOWलगभग 19.4 टनलगभग 30.5 टनSu-27 काफी बड़ा और भारी
Combat roleGround attack, battlefield strike, maritime strikeAir-to-air combat, air superiorityदोनों की भूमिकाएं अलग हैं
मुख्य हथियार क्षमताBombs, rockets, Kh-25/Kh-28/Kh-29 जैसे air-to-surface weaponsR-27 BVR और R-73 short-range AAMSu-27 ज्यादा air-combat oriented
Radarपुराने युग की सीमित radar/avionicsN001 family pulse-Doppler radarSu-27 का radar air-to-air combat के लिए बनाया गया
IRSTसीमित/पुरानी प्रणालीIRST/OLS-27Su-27 passive target detection में बेहतर
Electronic Warfareपुरानी/सीमित क्षमतापुराने-generation EW/self-protection systemsआधुनिक fighters के मुकाबले दोनों की avionics पुरानी
BVR क्षमतासीमितहाँ — R-27Su-27 का बड़ा फायदा
Close CombatसीमितR-73dogfight में Su-27 ज्यादा सक्षम
Wing designVariable-sweep wingFixed swept wingSu-22 की विशिष्ट तकनीकी पहचान
Payloadलगभग 4 टन वर्गलगभग 6 टन वर्गSu-27 भारी weapons load ले सकता है
मुख्य खासियतमजबूत low-level strike platform, variable-sweep wingलंबी range, high speed, maneuverability और air-superiority designअपने-अपने समय में दोनों प्रभावी Soviet platforms
आज की प्रमुख सीमाबहुत पुरानी avionics, sensors और survivabilityपुरानी radar/EW architecture और आधुनिक BVR युद्ध की सीमाएंयही कारण है कि वियतनाम को नई-generation fighter ca

वियतनाम को  क्यों पसंद आ सकता है Rafale?

राफेल को Dassault Aviation ने एक omnirole multirole fighter के रूप में विकसित किया है। इसका मतलब है कि एक ही प्लेटफॉर्म से air-to-air combat, air-to-ground strike, reconnaissance और maritime missions जैसे अलग-अलग कार्य किए जा सकते हैं।

इसकी एक बड़ी ताकत इसका आधुनिक sensor और electronic warfare architecture है। Rafale के अलग-अलग standards लगातार विकसित किए जा रहे हैं। फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार Rafale को नए खतरों के हिसाब से लगातार अपग्रेड किया जा रहा है और F4 standard में connectivity तथा self-protection क्षमताओं को मजबूत किया गया है। आगे F5 standard भी विकसित किया जा रहा है।

यानी वियतनाम के लिए Rafale खरीदने का मतलब सिर्फ नया विमान हासिल करना नहीं होगा। वह एक ऐसे प्लेटफॉर्म में प्रवेश करेगा जिसका विकास आने वाले वर्षों तक जारी रहने वाला है।

Su-57 अभी खेल से बाहर?

वियतनाम के सामने विकल्प केवल Rafale तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार हनोई ने रूसी Su-57 में भी रुचि दिखाई है।

यह विकल्प वियतनाम के लिए स्वाभाविक भी है। रूस दशकों से उसका प्रमुख सैन्य साझेदार रहा है और वियतनाम पहले से ही रूसी लड़ाकू विमानों तथा अन्य हथियार प्रणालियों को संचालित करता है। इसलिए Su-57 को शामिल करने में प्रशिक्षण और मौजूदा रूसी इकोसिस्टम के साथ तालमेल का लाभ मिल सकता है।

Su-57 का सबसे बड़ा आकर्षण उसकी low-observable/stealth-oriented design और पांचवीं पीढ़ी की लड़ाकू क्षमताएं हैं। चीन के पास J-20 जैसे stealth fighter मौजूद हैं, इसलिए वियतनाम के लिए भविष्य की हवाई चुनौती को देखते हुए यह क्षमता महत्वपूर्ण हो सकती है।

लेकिन रूस के सामने उत्पादन, डिलीवरी और प्रतिबंधों से जुड़े सवाल भी हैं। यही वह क्षेत्र है जहां Rafale वियतनाम को अलग रास्ता देता है।

क्षमताSu-57 की खासियत
पीढ़ी5वीं पीढ़ी
भूमिकाAir superiority + multirole strike
इंजन2 × Saturn AL-41F1; भविष्य के विमान/अपग्रेड में Product 30
अधिकतम गतिलगभग Mach 2
Supercruiseआफ्टरबर्नर के बिना सुपरसोनिक क्रूज की क्षमता बताई जाती है
Combat radiusलगभग 1,500 किमी के आसपास प्रकाशित अनुमान
Service ceilingलगभग 20,000 मीटर (65,600 ft)
StealthRadar cross-section कम करने के लिए shaping, internal weapon bays और radar-absorbing materials
RadarN036 Byelka AESA radar system — nose और अन्य antenna arrays के साथ
IRST/EO101KS Atoll electro-optical/IRST suite
Electronic WarfareIntegrated electronic-warfare/self-protection systems
Weapons baysInternal weapon bays + external hardpoints
BVR missilesR-77 परिवार और आधुनिक long-range AAMs; रूस द्वारा विकसित नए weapons के साथ integration
Close combatR-74M2 जैसे short-range missile परिवार
Air-to-groundGuided bombs और air-to-surface missiles
Anti-shipविभिन्न रूसी anti-ship weapons के साथ integration की क्षमता
Sensor fusionRadar, IRST और अन्य sensors से integrated tactical picture
Data networkingअन्य aircraft/ground systems के साथ networked operations के लिए डिजाइन
ManeuverabilityThrust-vectoring सहित high-agility design
Combat experienceरूस ने इसे यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि की है; वास्तविक combat employment की विस्तृत जानकारी सीमित है
मुख्य ताकतStealth + sensors + long-range weapons + high maneuverability

भारत और इंडोनेशिया ने पहले ही रास्ता बनाया

Rafale के लिए वियतनाम की संभावित दिलचस्पी को समझने के लिए भारत और इंडोनेशिया को देखना जरूरी है।

  • भारत के पास अभी 36 राफेल हैं। भारतीय नौसेना के लिए 26 Rafale-M का अनुबंध 2025 में किया। 2026 में भारत ने वायुसेना के लिए 114 अतिरिक्त Rafale की खरीद की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाई है।  
  • इंडोनेशिया ने भी 42 Rafale का सौदा किया है और इसकी पहली खेप 2026 की शुरुआत में इंडोनेशियाई वायुसेना को दी जा चुकी है।
  • इसका मतलब यह है कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में Rafale की मौजूदगी तेजी से बढ़ रही है।

अगर वियतनाम भी इसे चुनता है, तो चीन के आसपास के क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया-वियतनाम जैसे तीन देशों के पास यह फ्रांसीसी फाइटर प्लेटफॉर्म होगा।

क्या यह चीन के खिलाफ नया संदेश होगा?

अगर यह सौदा वास्तव में होता है, तो इसका रणनीतिक संदेश काफी बड़ा होगा। वियतनाम सीधे चीन के साथ सैन्य गठबंधन बनाने की नीति नहीं अपनाता। उसकी विदेश नीति पारंपरिक रूप से रणनीतिक स्वायत्तता और संतुलन पर जोर देती है। इसलिए Rafale की खरीद को केवल “चीन विरोधी कदम” कहना सही नहीं होगा। लेकिन सैन्य दृष्टि से तस्वीर साफ है—दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती हवाई और नौसैनिक क्षमता के सामने वियतनाम अपनी air power को अधिक आधुनिक बनाना चाहता है।

Leave a Comment