26/11 हमले के साजिशकर्ता लश्कर आतंकी अब्दुल अजीज की तड़पकर मौत

By Defence Detective

Published On:

Date:

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से सामने आई एक रहस्यमयी घटना ने एक बार फिर लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क और उसके भीतर चल रही उथल-पुथल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ ऑपरेटिव कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि आठ अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी तड़पकर मौत हुई। बताया जा रहा है कि वह एक मस्जिद के गेट के पास अचानक गिर पड़ा और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल अजीज ने इस्लामाबाद में एक ऐसे रेस्टोरेंट में खाना खाया था, जिसे वह आम तौर पर इस्तेमाल नहीं करता था। इसके बाद वह नमाज के लिए क्यूबा मस्जिद पहुंचा। मस्जिद के प्रवेश द्वार के पास वह अचानक गिर पड़ा। वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। उसके खाना खाने और मस्जिद के पास अचानक जमीन पर गिरने के समय को देखते हुए जहर दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि कुछ जानकार मेडिकल इमरजेंसी की संभावना से भी इंकार नहीं कर रहे हैं।

कौन था कारी सईद अब्दुल अजीज ?

आतंकियों के परिवारों का जिम्मा था

कारी सईद अब्दुल अजीज संगठन में उस विभाग का काम संभालता था, जिसका काम जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए आतंकियों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना था। साथ ही उनसे संपर्क-संबंध बनाए रखना भी था। यानी उसकी भूमिका केवल हथियार उठाने वाले एक सामान्य आतंकवादी की नहीं थी, बल्कि लश्कर के सपोर्ट और वेलफेयर नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। आतंकी संगठन के लिए इस तरह का नेटवर्क महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि किसी आतंकी के मारे जाने के बाद उसके परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना संगठन के लिए भर्ती और कैडर के मनोबल को बनाए रखने का एक माध्यम हो सकता है। इसी वजह से अब्दुल अजीज की मौत को केवल एक व्यक्ति की मौत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। अब उसकी अचानक मौत ने क्षेत्रीय खुफिया जानकारों के कान खड़े कर दिए हैं। 

क्या यह जहर देकर हत्या हुई ?

अभी इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं है। न तो पाकिस्तान की ओर से सार्वजनिक रूप से यह बताया गया है कि उसकी मौत जहर से हुई, न ही किसी पोस्टमार्टम या टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है। इसलिए भोजन में जहर मिलाए जाने की आशंका फिलहाल सिर्फ एक संभावना/अटकल है। लेकिन परिस्थितियां सवाल जरूर पैदा करती हैं, क्योंकि वह एक अपरिचित जगह पर खाना खाता है। कुछ समय बाद मस्जिद पहुंचता है। अचानक गिर जाता है, उसकी मौत हो जाती है। मौत का तत्काल कारण भी स्पष्ट नहीं किया जाता। इसलिए अनुमान लगाया जा सकता है कि उसे ज़हर देकर मारा गया हो।

‘अज्ञात’ ने मारे 30 से ज्यादा आतंकी

अब्दुल अजीज की मौत ऐसे समय हुई है जब लश्कर के एक अन्य ऑपरेटिव रिजवान हनीफ का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने दावा किया था कि पिछले तीन-चार वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में लश्कर से जुड़े 30 से अधिक लोगों को अज्ञात हमलावरों ने मार दिया। उसने यह बात मानी थी कि पिछले 3-4 साल में पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में हमारे संगठन के अनेक लोग मारे गए हैं। पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद में लश्कर-ए-तैयबा के 30 से ज्यादा सदस्य अज्ञात हमलावर के हाथों मारे गए हैं।   

Leave a Comment