पंजाब में पाकिस्तान के लिए जासूसी में पति-पत्नी गिरफ्तार, हनीट्रैप में निशाने पर थे सेना के जवान

By Defence Detective

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AI-generated illustration of a couple being escorted by police, representing the Ferozepur ISI espionage case.

पंजाब में भारतीय सेना की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को लीक करने का अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। फिरोजपुर जिले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी में एक दंपती को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि पति-पत्नी सैन्य ठिकानों के नक्शे, हथियार और गोला-बारूद डिपो तथा सेना की सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी जुटाने और उसे पाकिस्तानी हैंडलरों को भेजने के नेटवर्क में शामिल थे।

Babushahi.com की 23 अक्टूबर 2026 की इस रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की भूमिका अहम रूप से सवालों के घरे में है। जांच के तार पाकिस्तान के अलावा मलेशिया में सक्रिय संदिग्ध हैंडलरों तक भी पहुँच रहे हैं। फिलहाल इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके इस नेवटर्क का खुलासा आर्मी इंटेलिजेंस और फिरोजपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुआ। कार्रवाई से पहले खुफिया सूचनाएँ मिली थीं, जिनका सत्यापन किए जाने के बाद दोनों को पकड़ा गया।

कौन हैं आरोपी पति-पत्नी  ?

गिरफ्तार किया गया यह जोड़ा पंजाब के फिरोजपुर जिले के कालू वाला गांव का निवासी है, लेकिन इनकी पहचान अभी सामने नहीं आई है। भौगोलिक दृष्टि से यह गांव भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल मुहाने पर स्थित है, जिसके ठीक बाद पाकिस्तानी सीमा शुरू हो जाती है।

मामला केवल सीमा क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने के आरोप तक सीमित नहीं है। पुलिस केस के अनुसार, दंपती का संबंध एक ऐसे संदिग्ध नेटवर्क से था, जिसके जरिए भारतीय सेना से संबंधित संवेदनशील जानकारी विदेशी हैंडलरों तक पहुँचाई जा रही थी।

महिला कैसे जुटाती थी जानकारियाँ?

इस पूरी तफ्तीश में गिरफ्तार महिला आरोपी की भूमिका ने सुरक्षा अधिकारियों को सबसे ज्यादा चौंकाया है। FIR के मुताबिक, महिला स्वयं को एक पुलिस अधिकारी (Police Official) के रूप में पेश करती थी। उसने इंस्टाग्राम (Instagram) और स्नैपचैट (Snapchat) जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी और आकर्षक प्रोफाइल बना रखी थीं।

इन प्रोफाइल्स के जरिए वह भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों को टारगेट कर संपर्क साधती। आरोप है कि वह सैन्यकर्मियों को प्रेम संबंधों में फँसाकर उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करती थी। इस तरीके को ‘हनीट्रैप’ कहा जाता है।

फिलहाल महिला ने किन सैन्यकर्मियों से संपर्क किया और उनके जरिए कौन-सी जानकारी हासिल की, इसकी पड़ताल जारी है।

पति की भूमिका क्या थी ?

पुलिस केस में पति-पत्नी दोनों पर संवेदनशील जानकारी जुटाने और उसे आगे पहुँचाने में शामिल होने का आरोप है। महिला के कथित सोशल मीडिया संपर्कों और हनीट्रैप के तरीके का विवरण दिया गया है, लेकिन पति की अलग जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं की गई है।

उपलब्ध रिपोर्ट यह नहीं बताती कि पति सैन्य जानकारी जुटाता था, विदेशी हैंडलरों से संपर्क करता था या नेटवर्क में किसी अन्य तरह की भूमिका निभाता था। आगे की जाँच में दोनों की व्यक्तिगत भूमिका, उनके बीच जिम्मेदारियों के बँटवारे और अन्य संपर्कों की पहचान स्पष्ट होने की उम्मीद है।

कहाँ भेजी जा रही थी जानकारियां ?

जाँचकर्ताओं को संदेह है कि जुटाई गई जानकारी पाकिस्तान और मलेशिया में सक्रिय ISI से जुड़े हैंडलरों तक पहुँचाई जा रही थी। इस वजह से जाँच दंपती के स्थानीय संपर्कों के साथ उसके विदेशी संपर्कों पर भी केंद्रित है।

अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि आरोपियों का इन हैंडलरों से संपर्क कैसे स्थापित हुआ और जानकारी किन माध्यमों से साझा की जाती थी। उपलब्ध रिपोर्ट में संदिग्ध हैंडलरों के नाम, उनकी पहचान या संपर्क स्थापित होने की समयसीमा नहीं बताई गई है।

पाकिस्तानी तस्करों को भी दी जानकारियां ?

गिरफ्तार दंपती ने पाकिस्तानी तस्करों को सीमावर्ती इलाके से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी दी थीं। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें संभवतः संवेदनशील सामग्री मौजूद है। जांचकर्ता बरामद किए गए डेटा की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर कौन सी जानकारी किसे भेजी गई थी।

FIR के मुताबिक आरोपियों ने भारतीय सेना के प्रतिष्ठानों, सैन्य छावनी क्षेत्रों से संबंधित विवरण और सैन्य तैयारियों से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारी जुटाई और आगे भेजी। हालाँकि, रिपोर्ट में किसी खास सैन्य प्रतिष्ठान या डिपो का नाम नहीं दिया गया है।

कौन-सी सामग्री वास्तव में जुटाई गई और उसका कितना हिस्सा आगे भेजा गया, यह जाँच का विषय है।

किन धाराओं में मामला हुआ दर्ज ?

दंपती के खिलाफ Official Secrets Act, 1923 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में सैन्य जानकारी जुटाने, उसे साझा करने और विदेशी हैंडलरों से संदिग्ध संपर्कों के आरोपों को पुलिस केस का आधार बताया गया है।

धारा 3: जासूसी और संवेदनशील जानकारी जुटाना या साझा करना

देश की सुरक्षा या हितों को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित सैन्य स्थानों की निगरानी करना, उनके नक्शे बनाना या ऐसी गोपनीय जानकारी जुटाना, दर्ज करना अथवा साझा करना जो दुश्मन के काम आ सकती हो—इस धारा के दायरे में आता है।

धारा 4: विदेशी एजेंट से संपर्क को सबूत मानना

धारा 3 के मामले में आरोपी का विदेशी एजेंट से संपर्क या संपर्क करने का प्रयास जासूसी का उद्देश्य साबित करने के लिए प्रासंगिक साक्ष्य हो सकता है। यह धारा अपने आप में अलग सजा तय नहीं करती; यह साक्ष्य से संबंधित प्रावधान है।

फिलहाल मामले का केंद्र दंपती द्वारा जासूसी, महिला का हनीट्रैप संपर्क और पाकिस्तान-मलेशिया में सक्रिय हैंडलरों से संभावित संबंध हैं। पूरी जाँच से ही नेटवर्क के विस्तार और साझा की गई जानकारी की वास्तविक सीमा स्पष्ट होगी।

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